रायपुर । सर्दी का असर आप पर सीधे तौर पर हो या न हो, लेकिन रेल की पटरियों पर हो रहा है। सर्दी के कारण पटरियों की संरचना में बदलाव आता है। इसके चलते पटरियों में दरार आने से घटनाएं बढ़ रही हैं। शुक्रवार को बिलासपुर रेलवे मंडल के चांपा स्थित पटरी के क्रेक होने की वजह से मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे मुंबई हावड़ा रूट की अपलाइन में लोकल ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे ने सोमवार को भी आधा दर्जन ट्रेनें रद कर दी हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस रविवार की जगह सोमवार की सुबह रायपुर स्टेशन पहुंचीं। ट्रेनों के विलंब होने की वजह से स्टेशन पर भीड़ देखने को मिली। रायपुर रेलवे मंडल रेल पटरियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर रेल की पटरियों पर भी पड़ता है, इसलिए रात में कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाती है।
ज्ञात हो कि रायपुर मंडल में पिछले एक साल में करीब एक दर्जन से अधिक बार पटरी क्रेक होने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी वजह है कि पटरियां ठंड में सिकुड़ती हैं और गर्मियों में फैलती हैं। ये सिकुड़न व फैलाव हादसे की वजह बन सकते हैं। पटरियों को जोड़ने (लंबाई में) के लिए दो पटरियों के बीच 10 मिलीमीटर तक का गैप रखा जाता है, ताकि गर्मी में पटरियां फैलने के लिए थोड़ा स्थान मिले। ठंड में यह गैप बढ़ जाता है। इसलिए पटरियों के टूटने का खतरा बना रहता है। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आई है। मौसम बदलने का प्रभाव मैटल पर भी पड़ता है। पटरियां सिकुड़ने लगती हैं, तो कमजोर भाग में दरार आ जाती है।
नाइट गैंग पटरियों की करता है जांच
मुंबई-हावड़ा रूट दक्षिणपूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत ठंड शुरू होते ही नाइट गैंग को तैनात किया जाता है, क्योंकि आधी रात से भोर के समय पटरियों के अधिक चटकने की संभावना को देखते हुए पेट्रोलिंग की जाती है। इसके लिए जोन के प्रत्येक रेलवे लाइन के तीन किलोमीटर की दूरी तक बीट बनाई जाती है। प्रत्येक बीट में दो गैंगमैन तैनाती की जाती है। दोनों गैंग मैन अपनी बीट में पूरी रात घुमकर पटरियों पर नजर ऱखते हैं। गैंग मैन को जैसे ही कुछ पटरियों में थोड़ा भी गैप दिखाई देता है वह तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को देते हैं। गैंग मैन को रात दस बजे से सुबह छह बजे तक पटरियों पर विशेष ध्यान देने तथा किसी की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है।
सोमवार को इतनी गाड़ियां हुईं प्रभावित
रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक चांपा यार्ड में मालगाड़ी के दुर्घटना ग्रस्त होने की वजह से हवाड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेनें एक दिन बाद रायपुर स्टेशन पहुंच रही हैं, जिसमें रविवार की शाम 4.10 बजे आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सोमवार की सुबह 06:45 बजे रायपुर पहुंची। ठीक इसी तरह कोरबा विशाखापट्टनम (लिंक एक्सप्रेस) को रविवार की रात 8:10 बजे रायपुर पहुंचना था, लेकिन वह सोमवार की सुबह छह बजे रायपुर पहुंची। हावड़ा से सीएसटी जाने वाली हावड़ा मुंबई मेल रायपुर सुबह 09: 10 बजे पहुंचती है लेकिन आज वह 03. 15 बजे रायपुर पहुंची।
अंतोदय एक्सप्रेस सुबह 06.25 को रायपुर पहुंचती है, लेकिन वह दोपहर 3:20 पर पहुंची। गीतांजलि एक्सप्रेस 02:15 बजे रायपुर पहुंचती है, लेकिन वह 12.54 को पहुंची, हावड़ा कुर्ला एक्सप्रेस सुबह 6:35 ना आकर वह 14:05 को पहुंची, गोंडवाना एक्सप्रेस 07:15 पर ना आकर 14:15 बजे पहुंची, आजाद हिंद अपने निर्धारित समय 11 बजे ना पहुंचकर 03:20 को पहुंची। ट्रेनों के विलंब होने से स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को इनती ट्रेनें रद
– 04 फरवरी को 58212 बिलासपुर- गेवरा पैसेंजर रद्द, वहीं शिवनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर से रवाना होगी यह गाड़ी गेवरा-बिलासपुर के बीच रद, कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस रद, बिलासपुर-रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद, टीटलागढ़- बिलासपुर पैसेंजर रद, टाटानगर इतवारी पैसेंजर झारसुगड़ा व बिलासपुर के बीच रद है। इसके साथ ही 5 फरवरी को बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद और इतवारी-टाटानगर पैसेंजर रद रहेगी।
स्टेशन पर हेल्प डेस्क
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क बनाया गया है। हेल्प डेस्क से यात्रियों को ट्रेन के आवागमन की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों को टिकट वापसी कर उनको सौ प्रतिशत रिफंड दिया जा रहा है। लेकिन ऐसे यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है, जो स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंच रहे हैं, तब उनको पता चल रहा है कि शाम को आने वाली ट्रेन सुबह आएगी।
ठंड में पटरियों में सिकुड़न आ जाती है, इसलिए बीट के हिसाब से प्रत्येक तीन किलोमीटर के दायरे में बीट बनाई गई है। प्रत्येक बीट में दो गैंग मैन की ड्यूटी लगाई गई है। गैंगमैन रात भर अपनी बीट में पटरियों का निरीक्षण करते हैं, यदि उनको जरा पटरियों के क्रेक होने आभास होता है तो वह तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को देते है। उसके बाद तत्काल कार्रवाई की जाती है। – कौशल किशोर, डीआरएम, रेलवे मंडल, रायपुर
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