रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और वसूली के कुख्यात आरोपी तोमर ब्रदर्स—वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर—अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। जून 2025 में इनके खिलाफ कुल 7 मामले दर्ज होने के बाद से 90 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाई फरार हैं और संभवतः मध्य प्रदेश में छिपे हुए हैं, जहां से वे अपने परिजनों के संपर्क में बने हुए हैं। इस बीच, पुलिस ने इनके लगभग 150 से ज्यादा फोन नंबरों की जांच की है, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। शहर की पुलिस, जो खुद को सबसे हाईटेक और स्मार्ट मानती है, इनकी फरारी के सामने बेबस नजर आ रही है, जबकि हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र से ड्रग तस्करों, साइबर ठगों और अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर 380 से ज्यादा आरोपियों को जेल भेजा है।
मामलों का विस्तृत ब्योरा: जून 2025 से शुरू हुई कार्रवाई
तोमर ब्रदर्स का काला कारोबार जून 2025 की शुरुआत में उजागर हुआ, जब रायपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर ने रोहित तोमर पर मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने इनके भाठागांव स्थित साईं विला आवास पर छापेमारी की, जहां से करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई। जब्त सामान में शामिल हैं:
नकद राशि: 37 लाख रुपये
सोना: 734 ग्राम (मूल्य लगभग 50 लाख रुपये से ज्यादा)
चांदी: 125 ग्राम
लग्जरी वाहन: बीएमडब्ल्यू, फॉर्च्यूनर, थार और ब्रेजा (कुल मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये)
अवैध हथियार: पिस्टल और चाकू
अन्य सामान: नकली दस्तावेज, नोट गिनने की मशीनें, और संपत्ति के कागजात जो जबरन रजिस्ट्री कराए गए थे
पुलिस के अनुसार, तोमर ब्रदर्स ने 10% तक की ब्याज दर पर कर्ज देकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले। एक पीड़ित करन सोनी ने बताया कि उन्होंने 10 लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन ब्रदर्स ने उनसे 1 करोड़ 30 लाख रुपये वसूल लिए और फिर भी धमकियां दीं। पीड़ितों ने पुलिस को धमकी भरे ऑडियो टेप भी सौंपे हैं। कुल 7 मामलों में शामिल हैं: 3 मारपीट, 2 वसूली, 1 ब्लैकमेलिंग और 1 सूदखोरी। इनमें से कुछ मामलों में पीड़ितों ने बताया कि ब्रदर्स ने चेक, ब्लैंक स्टैंप पेपर और धमकी से जमीनें औने-पौने दामों में रजिस्ट्री कराईं।
पुलिस की कार्रवाई: इनाम, वारंट और कुर्की, लेकिन गिरफ्तारी शून्य
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए 5-5 हजार रुपये (कुल 10 हजार) का इनाम घोषित किया है। कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, जबकि लोअर कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। वर्तमान में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका विचाराधीन है। अगस्त 2025 में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इनकी संपत्ति कुर्क की, जिसमें भाठागांव स्थित साईं विला के 1500-1500 वर्ग फुट हिस्से शामिल हैं। पुलिस की टीम ने भारी बल के साथ यह कार्रवाई की, और अब अन्य संपत्तियों पर भी कुर्की की तैयारी है। इसके अलावा, आयकर विभाग और रायपुर नगर निगम ने इनकी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है, जहां निर्माण अनुमतियां और कर संबंधी अनियमितताएं पाई गई हैं।
राजनीतिक संरक्षण की चर्चाएं और पुलिस की नाकामी
शहर में चर्चा है कि तोमर ब्रदर्स को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस की कार्रवाई कमजोर पड़ रही है। एक बार सब्जी बेचने और ऑटो चलाने वाले ये भाई अब करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, जो उनके काले कारोबार की गहराई दर्शाता है। पुलिस ने रेड के दौरान पाया कि इनका सिंडिकेट 30-40 युवकों का था, जो हथियारों से लैस रहते थे। फिर भी, छत्तीसगढ़ पुलिस की हालिया सफलताओं—जैसे 380 से ज्यादा अपराधियों की गिरफ्तारी अन्य राज्यों से—के बावजूद ये दोनों हाईटेक तरीकों से फरार हैं। पुलिस को आशंका है कि वे बड़े अपराध की योजना बना सकते हैं।