panchayattantra24.- नई दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह ने भारत के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा मंगलवार को तुर्की से ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में ड्रग माफिया और नार्को सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लगातार जारी है और इस दिशा में एजेंसियां मजबूती से काम कर रही हैं।
अमित शाह ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया, “भारत के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आज तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को वापस लाने में एक बड़ी सफलता हासिल की है। मोदी सरकार के ड्रग कार्टेल को पूरी तरह से खत्म करने के मिशन के तहत हमारी नार्को रोधी एजेंसियों ने वैश्विक एजेंसियों के एक मजबूत नेटवर्क के जरिए सीमाओं के पार भी अपनी पकड़ बना ली है। अब वे कहीं भी छिप जाएं, ड्रग सरगनाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।”
ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े बड़े नामों में शामिल सलीम डोला को मंगलवार को आखिरकार भारत लाया गया। माना जाता है कि वह दाऊद इब्राहिम का करीबी रहा है और लंबे समय से ड्रग तस्करी के धंधे में सक्रिय था। सलीम को दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किया गया, जहां से खुफिया एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई भारतीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर किए गए एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा थी। सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल में स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों ने गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई, जिसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर जारी किया गया था।
बताया जा रहा है कि सलीम डोला को एक विशेष विमान से दिल्ली लाया गया और फिलहाल उससे यहीं पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। आगे की प्रक्रिया के तहत उसे मुंबई स्थित एनसीबी को सौंपा जा सकता है, जहां उससे जुड़े कई मामलों में गहराई से पूछताछ होगी। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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