Close Menu
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

टाउन हॉल में सात दिन सजी छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा, इतिहास से सुशासन तक की यात्रा ने जीता लोगों का मन

August 22, 2026

पावस प्रसंग में सुर, ताल और भावों से जीवंत हुई वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक छटा

August 22, 2026

विकसित भारत-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी के निर्देश

August 22, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, August 22
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
Home » पावस प्रसंग में सुर, ताल और भावों से जीवंत हुई वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक छटा
रायपुर

पावस प्रसंग में सुर, ताल और भावों से जीवंत हुई वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक छटा

Author AuthorBy Author AuthorAugust 22, 2026Updated:August 22, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v80), quality = 90
Share
WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम और कथक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
डॉ. आरती सिंह ने 10 विद्यार्थियों के साथ प्रस्तुत किया कथक, ‘शिव पंचाक्षर स्तोत्र’ और वर्षा ऋतु की भावाभिव्यक्ति ने बांधा समां

CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v80), quality = 90

panchayattantra24.-रायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभागीय आयोजन-2026 के अंतर्गत राजधानी रायपुर में ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया गया। महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में वर्षा ऋतु की भावभूमि को शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम और कथक समूह की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।
‘पावस प्रसंग’ के प्रथम दिवस की पहली प्रस्तुति सुश्री अलका कुर्रे ने शास्त्रीय गायन के माध्यम से दी। कक्षा आठवीं की विद्यार्थी सुश्री अलका कुर्रे ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम की सांगीतिक शुरुआत की। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय संगीत की सुरमयी एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली।
इसके बाद श्री होरित गौर ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य की लय, भाव और सौंदर्य को प्रभावी ढंग से सामने रखा। भरतनाट्यम की मुद्राओं और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
*डॉ. आरती सिंह के निर्देशन में 10 विद्यार्थियों ने दी कथक की प्रस्तुति*
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डॉ. आरती सिंह एवं उनके 10 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कथक रहा। प्रस्तुति में ‘शिव पंचाक्षर स्तोत्र’ सहित वर्षा ऋतु की भावभूमि को कथक की लय, ताल, मुद्राओं और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। सामूहिक प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने अनुशासित एवं प्रभावशाली नृत्य संयोजन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
डॉ. आरती सिंह लखनऊ एवं रायगढ़ घराने से प्रशिक्षित कथक कलाकार हैं और उन्हें तीन दशकों से अधिक समय से कथक साधना एवं प्रशिक्षण का अनुभव है। वे दूरदर्शन की मान्यता प्राप्त कलाकार हैं तथा आईसीसी से भी चयनित रही हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। आगामी माह तिरुपति में भी उनकी प्रस्तुति प्रस्तावित है, जहां वे ‘सियाराम’ की प्रस्तुति लेकर जाएंगी।
डॉ. आरती सिंह ने कथक में विभिन्न विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियां एवं नृत्य संयोजन तैयार किए हैं। इनमें ‘सियाराम’, ‘फर्स्ट नायिका’ तथा ‘दिव्य ज्योति’ प्रमुख हैं। ‘दिव्य ज्योति’ स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका है, जो उनके जीवन, विचारों और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त करती है।
*युवा प्रतिभाओं ने भी दिखाई शास्त्रीय कला के प्रति रुचि*
कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं की सहभागिता भी विशेष आकर्षण रही। निधि टंडन, जो वर्तमान में भिलाई में कक्षा दसवीं की विद्यार्थी हैं, ने भी कथक की प्रस्तुति में सहभागिता की। वे गुरु श्रीमती अमृता सान्याल के सानिध्य में पिछले लगभग पांच वर्षों से कथक का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कक्षा पांचवीं से ही कथक सीखना प्रारंभ किया और निरंतर अभ्यास के माध्यम से इस शास्त्रीय नृत्य विधा में अपनी प्रतिभा विकसित की है।
‘पावस प्रसंग’ की प्रस्तुतियों में वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव और युवा प्रतिभाओं के उत्साह का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय शास्त्रीय कलाओं की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में नियमित प्रशिक्षण, साधना और नई पीढ़ी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
*वर्षा ऋतु की भावभूमि और भारतीय शास्त्रीय कला का सुंदर संगम*
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु को केवल प्राकृतिक परिवर्तन के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय संगीत और नृत्य परंपरा में निहित भावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया। शास्त्रीय गायन और नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति, भक्ति, उल्लास और संवेदना जैसे विविध भावों को मंच पर अभिव्यक्ति मिली।
मुक्ताकाशी मंच पर उपस्थित कला एवं संस्कृति प्रेमियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम की प्रस्तुतियों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा, उसकी विविधता और भावप्रधानता को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शास्त्रीय कलाओं को आमजन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को इन समृद्ध परंपराओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। ‘पावस प्रसंग’ की यह सांस्कृतिक संध्या वर्षा ऋतु की संवेदनाओं और भारतीय शास्त्रीय कलाओं के सुंदर संगम के रूप में यादगार रही।

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Copy Link Telegram Email
Author Author
  • Website

Related Posts

टाउन हॉल में सात दिन सजी छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा, इतिहास से सुशासन तक की यात्रा ने जीता लोगों का मन

August 22, 2026

विकसित भारत-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी के निर्देश

August 22, 2026

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सौजन्य भेंट

August 22, 2026
Advertisement
× Popup Image


RO No. 13728/1

Recent Posts

  • टाउन हॉल में सात दिन सजी छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा, इतिहास से सुशासन तक की यात्रा ने जीता लोगों का मन
  • पावस प्रसंग में सुर, ताल और भावों से जीवंत हुई वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक छटा
  • विकसित भारत-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी के निर्देश
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की सौजन्य भेंट
  • नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक बढ़त के बाद बस्तर में विकास की नई रफ्तार, सड़क से रोजगार तक बदल रही तस्वीर

Recent Comments

No comments to show.

 

Panchayat Tantra 24

panchayattantra24.com एक ऐसा न्यूज बेबसाईट है, जिसके माध्यम से विभिन्न दैनिक समाचार पत्र एवं अन्य पत्रिका को समाचार एवं फोटो फीचर की सेवायें न्यूनतम शुल्क में प्रदान किया जाता है। साथ ही लिंक के द्वारा भी अन्य पाठकों को फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब व अन्य संचार माध्यम से प्रतिदिन समय-समय पर न्यूज भेजा जाता है।

Email Us: panchayattantra24@gmail.com
Contact: +91 7000291426

Categories

  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • दिल्ली
  • दुर्ग
  • धर्म आध्यात्म
  • बस्तर
  • बिज़नेस
  • बिलासपुर
  • मध्य प्रदेश
  • रायपुर
  • राष्ट्रीय
  • संपादकीय
  • सरगुजा

Contact Details

Owner and Editor
Kanya Kumari pandey

Mobile No.
7000291426

Address
Subhas Nagar Near Jal Vihar Colony Raipur Chhatisgarh

© 2026 Designed by RT Internet Services.
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.