panchayattantra24.-गरियाबंद। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक इलाके में स्कूली बच्चों के अधूरे बने पुल से नदी पार करने के खतरों की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। लगभग छह साल से बन रहा यह पुल अभी भी अधूरा है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले के मैनपुर ब्लॉक इलाके में खंभाथा और आस-पास की बस्तियों के दर्जनों बच्चों को स्कूल जाने के लिए पैरी नदी पार करनी पड़ती है। इसके लिए उन्हें एक अधूरे पुल से जुड़ी संकरी और फिसलन भरी लोहे की सीढ़ी पर चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बताया गया है कि मॉनसून के दौरान यह उथली नदी तेज़ बहाव वाली नदी में बदल जाती है।
आयोग ने पाया है कि अगर मीडिया रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए, आयोग ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ़्ते के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
3 सितंबर को आई रिपोर्ट के अनुसार, मैनपुर ब्लॉक में देहारगुडा और खंभाथा के बीच लगभग 300 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य पिछले छह साल से चल रहा है। अधिकारियों ने लगभग एक साल पहले ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि यह पुल छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
