panchayattantra24.-रायपुर. शहर के पंडरी क्षेत्र के तरुण नगर में मासूम बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है. आरोप है कि सौतेले पिता राजा दीप ने बच्चों के साथ छोटी-छोटी बातों पर बेरहमी से मारपीट की और उन्हें सिगरेट से भी दागा. एक बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर, चेहरे और आंखों के आसपास गंभीर चोटें आई हैं. मामले में सौतेले पिता राजा दीप और सगी मां अन्नू देवी पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पातल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली. वहीं संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा और देखभाल के लिए निर्देश दिए हैं.
दरअसल, लोधीपारा के तरुण नगर में अन्नू अपने पति राजा के साथ किराए के मकान में रहने आई थी. अन्नू के पहले पति से तीन बच्चे हैं—3 वर्षीय रोहित, 6 वर्षीय लक्ष्मी और 8 वर्षीय समीर. आरोप है कि सौतेला पिता राजा रोहित और समीर के साथ बेरहमी से मारपीट करता था. 13 अक्टूबर की रात भी राजा ने दोनों भाइयों की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की. इस दौरान 3 वर्षीय रोहित का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया. उसकी दोनों आंखों के आसपास गंभीर चोटें आईं. वहीं, समीर की आंखों में भी गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है.
मारपीट के दौरान दोनों भाइयों की 6 वर्षीय बहन लक्ष्मी डरकर पड़ोसियों के घर पहुंची. उसने पड़ोसियों को अपने भाइयों के साथ हो रही मारपीट की जानकारी दी. इसके बाद पड़ोसियों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई. सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल रोहित को उपचार के लिए आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया.
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष अस्पताल पहुंचीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने रविवार को मेकाहारा अस्पताल पहुंचकर बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने बाल गृह जाकर दूसरे बच्चे की सुरक्षा और देखभाल की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
चाइल्ड हेल्पलाइन से मिली थी सूचना
15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों के साथ मारपीट की सूचना आई थी. मामले में तीन वर्षीय और आठ वर्षीय बालकों के साथ हिंसा की जानकारी सामने आई. गंभीर चोट लगने के बाद तीन वर्षीय बच्चे को 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया. दूसरे बालक को बाल गृह और छह वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है.
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने 15 अक्टूबर को ही मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी थी. बच्चों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग देने के लिए उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है. अस्पताल में भर्ती बच्चे का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक बताया जा रहा है.
बच्चों की सुरक्षा के लिए अध्यक्ष ने दिए निर्देश
अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम मिलने की बात भी कही. इसके माध्यम से बच्चों के साथ हिंसा और प्रताड़ना की घटनाओं की सूचना समय पर मिलने से त्वरित कार्रवाई में मदद मिल रही है.
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