panchayattantra24.- रायपुर। कभी सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से होती थी। बर्तन लेकर हैंडपंप तक पहुंचना, अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना और फिर पानी ढोकर घर लाना रोज की मजबूरी थी। गर्मियों में हैंडपंप खराब हो जाता तो एक बाल्टी पानी जुटाना भी चुनौती बन जाता। अब उन्हीं घरों में नल से पानी भर रहा है। न हैंडपंप तक दौड़ लगानी पड़ रही है, न कतार में घंटों गंवाने पड़ रहे हैं। यह गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के बारीउमराव गांव की नई तस्वीर है, जहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लगाया गया है।
घर पर ही पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। सबसे बड़ा फर्क उस समय और मेहनत का है, जो पहले सिर्फ पानी जुटाने में खर्च हो जाते थे। बारीउमराव के करमदास पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतार लगती थी। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। अब घर में ही नियमित पानी मिलने से यह परेशानी दूर हो गई है।
महिलाओं और बुजुर्गों की मशक्कत हुई कम
करमदास कहते हैं, “पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है, न लाइन लगानी पड़ती है। बचा हुआ समय दूसरे कामों में लगा पाते हैं। पूरा परिवार खुश है।”
बारीउमराव में जल जीवन मिशन से सभी घरों में नल लगने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के बर्तन लेकर हैंडपंप तक आना-जाना पड़ता था। घर में ही पानी मिलने से अब दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त मिलने लगा है। करमदास जैसे ग्रामीणों के लिए इस बदलाव की अहमियत सिर्फ नल लगने तक सीमित नहीं है। उनके लिए असली राहत पानी जुटाने की रोज की भागदौड़ से छुटकारा और अपने कीमती समय को अपने हिसाब से उपयोग करने की है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
