जम्मू। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिह ने कहा कि जितने आतंकियों को मारो, पाकिस्तान उतने और भेज देता है। कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद है और पाकिस्तान ही आतंकियों को भेजता है। हमारा बल उन आतंकियों से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कश्मीर में 260 से 300 आतंकी सक्रिय हैं। 2018 में सुरक्षाबलों ने 260 आतंकियों को मौत के घाट उतार कर कश्मीर में पनप रहे आतंकवाद को करारी चोट पहुंचाई है। वहीं इस दौरान 91 सुरक्षाकर्मी भी आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए।
पुलिस मुख्यालय जम्मू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद के रास्ते पर चल रहे युवकों को भी मुख्यधारा से जोड़ने में पुलिस काफी हद तक सफल रही है। पुलिस व अन्य सुरक्षा बल आतंकियों को उनके मुकाम तक पहुंचाने में लगे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि सीमाओं को इस तरह से सील किया जाए कि आतंकी घुसपैठ ही न कर पाएं।
पुलिस पूछताछ नहीं करेगी तो जांच कैसे होगी
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आरोपों पर डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अगर पुलिस पूछताछ नहीं करेगी तो जांच कैसे होगी। महबूबा ने रविवार को आतंकियों के परिवार से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस पर आरोप लगाया था कि पुलिस उनके परिवारों को बिना वजह तंग करती है। डीजीपी ने कहा कि कई बार परिवार के सदस्यों से पूछताछ करना जरूरी होता है, लेकिन पूछताछ का मतलब किसी को प्रताड़ित करना नहीं है।
उन्होंने पूछताछ को जांच का हिस्सा बताया। एक आतंकी की बहन के उन आरोपों को भी डीजीपी ने नकार दिया जिसमें आतंकी की बहन ने उसके साथ पुलिस द्वारा मारपीट का आरोप लगाया था। डीजीपी ने कश्मीर के युवाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर आतंकवाद का साथ ने दें।
उन्होंने कश्मीर को फिर जन्नत बनाने के लिए युवाओं से शांति का मार्ग अपनाने की अपील की। डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद के साथ लोहा लेने के अलावा बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं।
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