panchayattantra24.-दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई, 2026 को अबू धाबी पहुंचे, जहां से उनके पांच देशों के महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरे की शुरुआत हुई। यह दौरा 20 मई तक चलेगा और इस दौरान वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। अबू धाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इस दौरान भारत और UAE के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का भी स्पष्ट संकेत देखने को मिला।
यात्रा के दौरान एक विशेष प्रतीकात्मक दृश्य भी सामने आया, जब UAE वायुसेना के F-16 लड़ाकू विमानों ने प्रधानमंत्री के विमान को देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद एस्कॉर्ट किया। यह कदम दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा और कूटनीतिक संबंधों का संकेत माना जा रहा है।
यह दौरा भारत की विदेश नीति के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, तकनीक, नवाचार और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करना है। इसके साथ ही यह यात्रा भारत और यूरोप तथा खाड़ी देशों के बीच बढ़ते जुड़ाव को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरे से भारत को न केवल आर्थिक सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में संबंधित देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होने की संभावना है, जिनमें द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह दौरा भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा, निवेश आकर्षण और तकनीकी साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आ सकता है।
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