panchayattantra24.-जांजगीर। कोटवार और अधिवक्ता के बीच मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में लिखित आवेदन देकर अधिवक्ताओं ने मालखरौदा थाने व बार रूम अधिवक्ता संघ से कार्रवाई की मांग की है। उनके शिकायत पत्र के अनुसार हाईकोर्ट अधिवक्ता जयकुमार देवांगन निवासी ग्राम सकर्रा ने 10 जून को अपील मामले में एसडीएम कार्यालय में अपने पक्षकार की पैरवी करने आया था। जिस पर परिसीमा के लिए अंतिम आदेश नियत था। अधिवक्ता का आरोप है कि कोर्ट में उपस्थित होने के बावजूद ऑर्डर सीट में एसडीएम ने अधिवक्ता अनुपस्थित व अपील निरस्त करने का आदेश दिया। इस विषय पर जब उनसे चर्चा करना चाहा तो चर्चा नहीं किए बल्कि कार्यालय से बाहर निकलने कहा।
कार्यालय में कोटवार रतनलाल ने पहले एक पक्षीय आदेश करने के लिए राशि मांगी थी, जिसकी शिकायत मौखिक रूप से एसडीएम से की तो उन्होंने केबिन में बुलाकर किसी से ऐसी बात ना बताने और बताने से छवि खराब होने की बात कही। जब इसका विरोध किया तो एसडीएम ने उक्त कोटवार को निर्देश दिया जिस पर कोटवार उग्र होकर गाली गलौज पर उतारू हो गया। अधिवक्ता का यह भी आरोप है कि जब मारपीट का मुलाहिजा कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया तो वहां एक्स-रे मशीन नहीं होने के कारण कुछ भी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
उसके बाद थाने में दिए गए आवेदन को रिसीव भी नहीं दिया जा सका है। इसके संबंध में अधिवक्ता संघ को अवगत कराया गया है। मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रूपेंद्र पटेल का कहना है कि अधिवक्ता ने आवक-जावक केबिन में घुसकर कोटवार से मारपीट की है। इसकी शिकायत हमने अधिवक्ता संघ व थाने में की है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश यादव का कहना है कि लिखित में आवेदन दोनों पक्ष से आया है,जिसपर विचार विमर्श किया जाएगा।
