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*प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि पर हुआ राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन का आयोजन*

रायपुर । छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विगत रात्रि आयोजित राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य और संस्कृति की धरा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास ने इसी धरती पर मेघदूत जैसे अमर काव्य की रचना की, वहीं गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे यशस्वी साहित्यकारों ने इसी मिट्टी से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र रायगढ़ के सुप्रसिद्ध संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग का यह अभिनव प्रयास प्रदेश की कला, साहित्य और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहन देने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा साहित्यकारों, रचनाकारों और कलाकारों को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित तीनों विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से युवा कवियों को देश के ख्यातिलब्ध कवियों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे उनके रचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी।

*छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है : उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि यह सम्मेलन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा कवियों के लिए सीखने और सृजन की प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति आरंभ से ही समृद्ध रही है — यहाँ मनुष्य के जीवन से लेकर मृत्यु तक हर अवसर पर गीत गाए जाते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब खेतों में बुआई का समय आता है, तो पूरे वातावरण में ददरिया की मधुर ध्वनि गूंजती है। यहाँ विविध वाद्य, गीत, नृत्य और लोककलाओं की अनूठी परंपरा रही है। श्री साव ने कहा कि यह प्रदेश संतों, महात्माओं और कवियों की कर्मभूमि रहा है, जहाँ से समाज को सदैव नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रदेशभर से आए युवा कवियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।

*प्रख्यात कवियों का मनमोहक काव्यपाठ*

सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि श्री शशिकांत यादव, श्री दिनेश बावरा, श्री नीलोत्पल मृणाल, सुश्री कविता तिवारी और सुश्री मनु वैशाली ने अपनी ओजपूर्ण एवं भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

*प्रदेश की प्रतिभाओं को मिला सम्मान*

राज्य स्तरीय युवा कवि प्रतियोगिता में बिलासपुर जिले की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, मीरा मृदु ने द्वितीय स्थान तथा कोरिया जिले की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर सहित विभिन्न आयोग एवं मण्डल के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, कवि एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।

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रायपुर ।शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।

उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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रायपुर, 05 अक्टूबर 2025/खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।

छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।

वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।

संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।

खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।

गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।

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 panchayattantra24.-रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल 
आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है। श्री शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है। 
 गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे। श्री शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं। श्री शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें। श्री शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है। 
अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें। श्री शाह ने साथ ही चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। 
अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है। 
अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी। श्री शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। 
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की माताओं-बहनों को 395 वस्तुओं पर जीएसटी में भारी छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। खाने-पीने की लगभग सभी चीजों को कर-मुक्त कर दिया गया है, और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं पर केवल पाँच प्रतिशत कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में इतनी बड़ी कर कटौती पहले कभी नहीं हुई, जितनी मोदी जी ने की है। इसके साथ ही, यदि हम स्वदेशी के संस्कारों को अपनाते हैं, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव में 300 से अधिक स्वदेशी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वॉकथॉन स्वदेशी भावना को नई पहचान देने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। आज देशभर में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को और गति मिल रही है। अमित शाह ने कहा कि श्रावण अमावस्या से अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तक चलने वाला बस्तर का 75 दिनों का दशहरा हम सभी के लिए गौरव, पहचान और अभिमान का विषय है। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई रथ यात्रा ने इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की। श्री शाह ने कहा कि माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा में 66 आदिवासी और कई गैर-आदिवासी समूह भाग लेते हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं। 
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के सम्मान में अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समुदाय की बेटी द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर गौरवपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी विश्व के राष्ट्राध्यक्षों से मिलती हैं, तो न केवल आदिवासी समाज, बल्कि हम सभी का हृदय गर्व से भर जाता है। लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर ओडिशा के एक गरीब परिवार की बेटी का महामहिम के रूप में आसीन होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनकी जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया गया। बस्तर संभाग के सातों जिलों में नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करने वाले व्यक्तियों और नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है। अमित शाह ने कहा कि नारायणपुर जिले के पंडी राम मंडावी और हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 70 लाख छत्तीसगढ़ी माताओं को 607 करोड़ रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बस्तर और सरगुजा संभागों में लागू की गई है और इसके तहत 250 गाँव समाहित किए गए हैं।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
 

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panchayattantra24.-जगदलपुर। जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, माँ दंतेश्वरी से प्रार्थना है कि सुरक्षा बलों को इतनी शक्ति दें कि 31 मार्च 2026 तक पूरा बस्तर क्षेत्र लाल आतंक से मुक्त हो सके। विश्व में सबसे लंबा चलने वाले 75 दिन के बस्तर दशहरे के मेले में आज मैं यहां आया हूँ। यह बस्तर दशहरा न केवल आदिवासी समाज के लिए, न केवल बस्तर के लिए, न केवल छत्तीसगढ़ और भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व में सांस्कृतिक रूप से अपने आप में सबसे महत्वपूर्ण मेला है। इसके लिए मैं बस्तरवासियों को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूँ। मैं पीएम मोदी की ओर से आप सभी बस्तरवासियों को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी न तो आपके विकास को रोक पाएंगे और न ही आपके अधिकारों से वंचित कर पाएंगे। 
छत्तीसगढ़ शासन ने भारत की सबसे अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है। सिर्फ एक महीने में 500 से अधिक नक्सलवादियों ने सरेंडर भी किया है। मैं बचे हुए सभी नक्सलवादियों से भी अपील करता हूँ कि वे सरेंडर करें। मैं सभी गाँव की जनता से भी कहना चाहता हूँ कि सभी नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए प्रेरित करें। जैसे ही आपका गाँव नक्सलमुक्त होगा, छत्तीसगढ़ शासन आपके गाँव के विकास के लिए एक करोड़ रुपये देगा। आज ‘मुरिया दरबार’, जहाँ बस्तर संभाग के सभी मुखिया उपस्थित थे, वहां जाकर मन आनंदित हो गया। 1874 से लेकर आज तक इस प्रकार की सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को बचाने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा वास्तव में एक वैश्विक धरोहर है।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। बागेश्वर धाम के गुरुजी पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का रायपुर आगमन पर सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ द्वारा स्वागत किया गया। गुढियारी इलाके में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिव्य दरबार लगाएंगे। वो हनुमंत कथा भी सुनाएंगे। इसमें लाखों भक्त शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। इस कार्यक्रम में किसी भी तरह का विवाद ना हो, इसलिए पुलिस के अलावा 5 हजार बाउंसर्स भी तैनात रहेंगे। 
यह आयोजन 4 अक्टूबर से शुरू होगा और 8 अक्टूबर तक चलेगा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हनुमंत कथा कार्यक्रम के लिए आयोजकों की तरफ से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। अनुमान है कि इस दिव्य दरबार में प्रदेशभर से भारी संख्या में लोग पहुंचेंगे। समाजसेवी चंदन-बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में ‘स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन’ के देखरेख में यह आयोजन किया जा रहा है। पिछले दिनों 14 सितंबर को कार्यक्रम स्थल का पूजन-अर्चन के साथ शुभारंभ किया गया।
 

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panchayattantra24.-जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर हैं। शाह लालबाग मैदान में सभा को संबोधित कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री बस सेवा की शुरुआत की। 250 गांव कवर होंगे। इसके लिए 34 रूट का चयन किया गया है। इससे पहले शाह ने सिरहासार भवन में बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित मुरिया दरबार की पारंपरिक रस्म निभाई। यहां वे मंत्री मांझी, चालकी, मेंबर और मेंबरीन समुदायों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर और उनकी समस्याएं सुनीं। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव के अनुसार, अमित शाह देश के पहले ऐसे गृहमंत्री हैं, जो मुरिया दरबार में शामिल हुए। अब तक इस रस्म में केवल राज्य के मुख्यमंत्री ही शामिल होते थे। 
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुरिया दरबार में मांझी, चालकी, मेंबर और मेंबरीन समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने नक्सलवाद को समाप्त करने की जिम्मेदारी उठाई है और विश्वास जताया कि आगामी छह महीनों में इसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस मुस्तैदी से हमारे सुरक्षा बल लड़ रहे हैं और जिस तरह कई बड़े नक्सली मारे गए हैं, उससे साफ है कि अब बस्तर में विकास की गंगा बहेगी। 
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खातों में 606 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री बस योजना के अंतर्गत 34 रूटों का चयन किया गया है। यदि इस योजना में किसी को लाभ की कमी महसूस होती है तो उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के तहत 606.94 करोड़ की राशि 64.94 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किया। यह योजना 1 मार्च 2024 से शुरू हुई थी, जिसमें हर विवाहित महिला को 1,000 प्रति माह मिलते हैं। अब तक महिलाओं को कुल 12,983.13 करोड़ की सहायता मिल चुकी है।
 

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panchayattantra24.-बस्तर। मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज महल गए। यहां बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव समेत परिवार से मुलाकात की।जगदलपुर में शाह की सभा में लोगों की भीड़ जुट गई है। थोड़ी देर बाद शाह मुरिया दरबार में शामिल होंगे। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव के अनुसार, अमित शाह देश के पहले गृहमंत्री हैं, जो बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शिरकत कर रहे हैं। इससे पहले केवल राज्य के मुख्यमंत्री ही इस परंपरा में शामिल होते थे। मुरिया दरबार में केंद्रीय मंत्री मांझी, चालकी, मेंबर और मेंबरीन समुदायों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। 
 दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर अमित शाह का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने स्वागत किया था। इस दौरान वहां मंत्री केदार कश्यप और लता उसेंडी भी मौजूद रहे।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग को लेकर धरना देने पर अड़े पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को मनाने की कोशिशें भी चल रही हैं। खबर है कि सीएम विष्णु देव साय ने शुक्रवार की रात कंवर से चर्चा की है। साय ने कंवर को बताया कि उनके लिखे पत्र पर बिलासपुर कमिश्नर से जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। सीएम ने कंवर को धरना नहीं देने की सलाह दी है। 
इस पूरे मामले कंवर से चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। यह भी बताया कि कंवर अब भी कोरबा कलेक्टर की हटाने की मांग को लेकर धरना देने पर अड़े हुए हैं। कंवर रायपुर एम्स के नजदीक भवन में रूके हुए हैं। कंवर के कई रिश्तेदार भी उनसे चर्चा कर रहे हैं। भाजपा के कई नेता भी वहां पहुंच गए हैं। समाचार लिखे जाने तक कंवर धरना देने के लिए नहीं निकल पाए हैं।
 

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