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Author: admin
panchayattantra24.-जगदलपुर। केंद्रीय मंत्री अमित शाह जगदलपुर रवाना हुए। वे सिरहासार भवन में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होंगे। इसके बाद लाल बाग मैदान में स्वदेशी मेला कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यहां आम जनता को संबोधित करेंगे। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव के मुताबिक, अमित शाह देश के पहले ऐसे गृहमंत्री हैं, जो बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शिरकत करने यहां आ रहे हैं। हालांकि, इससे पहले तक राज्य के मुख्यमंत्री पहुंचते थे। इस रस्म में अमित शाह मांझी, चालकी, मेंबर, मेंबरीन समेत अन्य समुदाय से सीधे संवाद करेंगे। उनकी समस्या को सुनेंगे।
बस्तर में जब राजशाही का दौर था, उस समय बस्तर दशहरा के बाद राजा लोगों की समस्या सुनने दरबार लगाते थे, इसे ही मुरिया दरबार कहा जाता है। कमलचंद भंजदेव का कहना है कि, इस मुरिया दरबार में जनता की समस्या सुनी जाती है। समस्याओं का तुरंत निराकरण भी होता है। दरअसल, पहले राजा समस्या सुनकर निराकरण करते थे। लेकिन, अब लोकतांत्रिक व्यवस्था में CM या फिर उनसे बड़े और कोई भी मंत्री, नेता सुन सकते हैं। उनकी समस्या का निवारण कर सकते हैं।
panchayattantra24.- दंतेवाड़ा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। इसके बाद वे सिरहासार भवन में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होंगे। फिर लाल बाग मैदान में स्वदेशी मेला कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यहां आम जनता को संबोधित करेंगे। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव के मुताबिक, अमित शाह देश के पहले ऐसे गृहमंत्री हैं, जो बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शिरकत करने यहां आ रहे हैं। हालांकि, इससे पहले तक राज्य के मुख्यमंत्री पहुंचते थे। इस रस्म में अमित शाह मांझी, चालकी, मेंबर, मेंबरीन समेत अन्य समुदाय से सीधे संवाद करेंगे। उनकी समस्या को सुनेंगे।
बस्तर में जब राजशाही का दौर था, उस समय बस्तर दशहरा के बाद राजा लोगों की समस्या सुनने दरबार लगाते थे, इसे ही मुरिया दरबार कहा जाता है। कमलचंद भंजदेव का कहना है कि, इस मुरिया दरबार में जनता की समस्या सुनी जाती है। समस्याओं का तुरंत निराकरण भी होता है। दरअसल, पहले राजा समस्या सुनकर निराकरण करते थे। लेकिन, अब लोकतांत्रिक व्यवस्था में CM या फिर उनसे बड़े और कोई भी मंत्री, नेता सुन सकते हैं। उनकी समस्या का निवारण कर सकते हैं।
panchayattantra24.-रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले के कलेक्टर अजीत वसंत को जिले से हटाने की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व गृहमंत्री कंवर लगातार कलेक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं और इसी मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने की बात भी उन्होंने कही थी। वहीं ननकीराम कंवर सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठने के लिए रायपुर भी पहुंच चुके हैं, लेकिन उनके रायपुर पहुँचते ही हलचल शुरू हो गई।
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर जैसे ही रायपुर पहुंचे पुलिस ने उन्हें रोककर घेराबंदी कर ली। इस दौरान पुलिस के बड़े अधिकारी, SDM और कई जवान मौजूद है। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर को एम्स अस्पताल के पास एक भवन में घेराबंदी कर के रखा गया है। भाजपा के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता ननकीराम कंवर को मनाने के लिए पहुंचे हुए हैं। इतना ही पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप कंवर भी अपने पिता को मानाने के लिए पहुंचे हैं और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं।
panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित आईआईएम में पहली बार अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन 28-30 नवंबर के बीच होगा. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान, आतंकवाद विरोधी प्रयास, ड्रग्स नियंत्रण व साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस सम्मलेन का शुभारंभ करेंगे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समापन सत्र में शामिल होने की संभावना है.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ सहित देशभर से नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. इस दिशा में राज्य व केंद्रीय सुरक्षा बलों को संयुक्त रणनीति के तहत मिल रही सफलताओं को भी सम्मेलन में रेखांकित किया जाएगा. हाल ही के कुछ महीनों के भीतर कई बड़े नक्सली मारे गए हैं. साथ ही बड़ी संख्या में नक्सली सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं. वहीं, नक्सलवाद खत्म होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, 60वीं डीजीपी-आईजी कांफ्रेंस में इस बार नक्सल प्रभावित इलाकों पर खास फोकस रहेगा. छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हाल के समय में पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त रणनीति से उल्लेखनीय सफलता मिली है. सम्मेलन में इस दिशा में आगे की योजनाओं पर भी मंथन होगा. महत्वपूर्ण यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो महीने के भीतर दूसरी बार छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. पीएम मोदी 31 अक्टूबर की शाम रायपुर आएंगे, रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन यानी 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में शामिल होंगे. इसके बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में वो फिर रायपुर पहुंचेंगे और डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी इस कांफ्रेंस को लेकर शुरू से काफी गंभीर रहे हैं. पिछले साल भुवनेश्वर में हुई कांफ्रेंस में भी उन्होंने हिस्सा लिया था.
panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ की महतारियों को आज एक बार फिर बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी करेंगे। 65 लाख महिलाओं के खातों में कुल 606.94 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। वे कल रात 8 बजे रायपुर पहुंचे। आज वे बस्तर दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। रायपुर एयरपोर्ट पर अमित शाह का CM विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, गृहमंत्री विजय शर्मा, डिप्टी CM अरुण साव समेत मंत्री और विधायकों ने स्वागत किया। कई बीजेपी नेता भी मौजूद रहे।
अमित शाह दोपहर 12:00 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे। यहां मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वे अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास को ध्यान में रखते हुए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। पूरे बस्तर संभाग में सभी थानों, पुलिस चौकियों एवं फ़ॉरवर्ड बेस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा जिन स्थानों पर केंद्रीय गृहमंत्री का कार्यक्रम निर्धारित है वहां तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकाबंदी के साथ ही सघन जांच भी की जा रही है।
panchayattantra24.-रायपुर। महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। तकनीक ने पूरी दुनिया के उत्पादों को फिंगरटिप्स पर ला दिया है और अब डिजिटल माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँचना संभव हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहान की दीदियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पॉलिसी वॉच द्वारा आयोजित बिहान दीदियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमारी संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान और पूजन का प्रतीक है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं इतिहास रच रही हैं। बिहान की बहनों की कामयाबी हमें गर्व से भर देती है। छत्तीसगढ़ की दीदियां अब आत्मनिर्भरता की ब्रांड एम्बेसडर बन रही हैं। लखपति दीदियां सपनों को नए पंख दे रही हैं और आज उन्हें डिजिटली सक्षम बनाकर उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि हम संकल्प लेकर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। वर्ष 2027 तक देशभर में 3 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर जैसे जिलों में महुआ आधारित उत्पाद तैयार हो रहे हैं, जिन्हें ‘जशप्योर’ ब्रांड के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। कोरोना काल में महुआ से सैनिटाइज़र बनाकर महिलाओं ने अपनी क्षमता और नवाचार का परिचय दिया था।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली है। आत्मनिर्भरता का मार्ग संकल्प और प्रयास से ही संभव है। महिला स्व-सहायता समूहों के नवाचार और परिश्रम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। महिलाओं ने साझा किया लखपति बनने का शानदार सफर इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी बनने की प्रेरक कहानियाँ सुनीं। बलरामपुर जिले के तारकेश्वरपुर की श्रीमती पूनम गुप्ता ने बताया कि सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। प्रशासन के सहयोग से किराना दुकान खोली, आटा चक्की स्थापित की और अब पिकअप व ट्रैक्टर खरीदकर व्यवसाय को विस्तार दिया है। गरियाबंद की हेमिन साहू ने बताया कि एक समय सब्जी खरीदने तक में कठिनाई होती थी। बिहान से लोन लेकर आचार-पापड़ का व्यवसाय शुरू किया, जो अब राजिम में दुकान तक पहुँच चुका है। आज उन्हें प्रतिदिन लगभग 4 हजार रुपए की आय हो रही है। हाल ही दिल्ली के सरस मेले में उन्होंने 2 लाख 31 हजार रुपए की बिक्री की।
गीता वैष्णव ने भावुक होकर कहा कि पहले उन्हें 10 रुपए के लिए हाथ फैलाना पड़ता था। लेकिन बिहान के माध्यम से मां वैभवलक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आचार-पापड़ व्यवसाय शुरू किया। अब वे अपनी कमाई से बेटे को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाने का सपना पूरा कर रही हैं। रायपुर की गीता वर्मा ने बताया कि वैभव स्व-सहायता समूह से जुड़कर हल्दी-मसाले का व्यवसाय शुरू किया और आज हर महीने 15 से 20 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लखपति दीदी बनाने के संकल्प ने उनकी और लाखों बहनों की जिंदगी बदल दी है।
मुख्यमंत्री ने बिहान दीदियों के स्टॉलों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहीद स्मारक भवन परिसर में पॉलिसी वॉच इंडिया फाउंडेशन द्वारा लगाए गए बिहान दीदियों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा कर उनके उत्पादों और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने भारत माता संकुल, डोंगरगांव की महिलाओं से साहीवाल और गिर गाय के A2 मिल्क से निर्मित घी की खरीदारी की। समूह की दिनेश्वरी साहू ने बताया कि उनके पास 25 से 30 गाएं हैं, जिनसे डेयरी उत्पाद तैयार कर महिलाएं अच्छी आय कमा रही हैं। जालाग्राम संगठन, सेरीखेड़ी की खिलेश्वरी मधुकर ने बताया कि उनके समूह की महिलाएं फिनायल, धूपबत्ती, मोमबत्ती, कुकीज़ और ग्लिसरीन सोप बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
वहीं जय माँ भवानी स्व-सहायता समूह, मुंदगांव (डोंगरगढ़) की लक्ष्मी गंधर्व ने मुख्यमंत्री को अगरवुड का पौधा भेंट किया और बताया कि अगरवुड से बनने वाले तेल की कीमत लाखों रुपए होती है। इसका उपयोग अगरबत्ती, परफ्यूम और एसेंशियल ऑयल निर्माण में किया जाता है। राष्ट्रीय पहचान की ओर बिहान की दीदियां उल्लेखनीय है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और पॉलिसी वॉच के संयुक्त तत्वाधान में बिहान की दीदियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। इसके अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर बेच सकेंगी। उन्हें प्रोडक्ट की ब्रांडिंग, कास्टिंग और पैकेजिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
panchayattantra24.-सुकमा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई।
युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे।
panchayattantra24.-रायपुर। श्री प्रयास दशहरा उत्सव समिति द्वारा धूमधाम से दशहरा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण के सम्मानित विधायक सुनील सोनी, भठागांव मंडल अध्यक्ष विजय अग्रवाल, अभिषेक तिवारी, वार्ड पार्षद रमेश सपहा, युवा नेता राज गायकवाड़ और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उत्सव के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक सुनील सोनी ने श्री प्रयास एजुकेशन सोसायटी द्वारा जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सुधार लाने और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर बच्चों की शिक्षा के लिए भवन और श्री प्रयास मैदान के संरक्षण हेतु प्रत्येक जनप्रतिनिधि ने 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस सहयोग के लिए श्री प्रयास परिवार ने विशेष आभार व्यक्त किया। दशहरा उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में समाज में व्याप्त नशे के खिलाफ संदेश देने हेतु नशे रूपी रावण का निर्माण किया गया। इस रावण का दहन महिलाओं ने किया। आयोजन में भाग लेने वाली महिलाओं ने अपने मन की पीड़ा व्यक्त करते हुए नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का संकल्प लिया।
नशा मुक्ति के इस प्रयास को जनता और महिलाओं ने सराहा और आयोजन को भरपूर आर्शीवाद और प्रशंसा दी। उत्सव के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और बच्चों के हित में किए जाने वाले प्रयासों को भी दर्शाता है। श्री प्रयास एजुकेशन सोसायटी का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। संस्था के माध्यम से पुलिस परिवार और अन्य समाजसेवी लगातार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों को शिक्षा के अवसर मिलते हैं बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और नशे जैसी बुराइयों के खिलाफ भी जागरूकता फैलती है। इस दशहरा उत्सव ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। बच्चों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उत्सव का यह आयोजन रायपुर में सामाजिक एकता और सहयोग का प्रतीक बनकर उभरा। इसे देखकर यह स्पष्ट हुआ कि धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों का सही उपयोग समाज को नशा मुक्ति और बच्चों के कल्याण जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों से जोड़ सकता है।
panchayattantra24.-आरंग। भंडारपुरीधाम में गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला का आयोजन हुआ, जिसमें CM साय शामिल हुए। अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व विजयादशमी : मुख्यमंत्री साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय श्रीराम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु श्रीराम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।
panchayattantra24.-रायपुर। राजधानी रायपुर में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारे गर्माए हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैन ने अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि अमित शाह रायपुर आएंगे और फिर बस्तर जाएंगे लेकिन उनकी असली मंशा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बढ़े असंतोष और गुटबाजी को काबू में करना है। दीपक बैन ने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई वरिष्ठ विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज हैं और इस असंतोष के चलते सरकार पर कहीं ना कहीं खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। ऐसे में अमित शाह की यह यात्रा डैमेज कंट्रोल करने के लिए है, जबकि बस्तर जाना सिर्फ एक बहाना है।
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार रात 8:10 बजे रायपुर पहुंचेंगे। यहां वे नया रायपुर में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद शनिवार को दोपहर 12 बजे वे विशेष विमान से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर में दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। दंतेश्वरी मंदिर में पूजा के बाद गृहमंत्री शाह बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार में शामिल होंगे जो आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख आयोजन माना जाता है।