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कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी अपनी गाथा गाए बिना पांच मिनट भी नहीं रह सकते हैं.
राहुल ने कहा कि पुलवामा में हमले के बाद मैंने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा था कि इस वक़्त एकता दिखानी है और हमें सरकार की आलोचना नहीं करनी है
राहुल ने कहा कि इसके बाद सरकार की ज़िम्मेदारी थी कि संकट की घड़ी में एकजुटता को आगे बढ़ाए.
राहुल ने कहा, ”भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद राजनीतिक हमले हो सकते थे लेकिन प्रधानमंत्री के पास इतना सब्र कहां था. मोदी वॉर मेमोरियल की उद्घाटन के मौक़े पर कांग्रेस को निशाने पर लेने लगे. इस देश के प्रधानमंत्री अपने प्रचार के बिना पांच मिनट भी नहीं रह सकते. यही उनमें और कांग्रेस में फ़र्क़ है.
ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की बैठक में भारत को बुलाए जाने पर पाकिस्तान ने इस बैठक का बहिष्कार करने का फ़ैसला किया है.
पाकिस्तान में नेशनल असेंबली के संयुक्त अधिवेशन में शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद क़ुरैशी ने कहा कि अबू-धाबी में आयोजित ओआईसी सम्मेलन को भारत-पाकिस्तान में तनाव को देखते हुए रोक देना चाहिए.
पाकिस्तान की कड़ी आपत्ति के बावजूद भारत को इस सम्मेलन में अतिथि के तौर पर बुलाया गया है. क़ुरैशी ने कहा कि भारत के बुलाने के विरोध में पाकिस्तान इस सम्मेलन में शामिल नहीं होगा.
क़ुरैशी ने कहा कि भारत को आमंत्रण पाकिस्तान से संपर्क किए बिना भेजा गया था. क़ुरैशी ने कहा कि भारत ओआईसी का सदस्य नहीं है फिर से उसे बुलाया गया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने दावा किया ओआईसी के इस रुख़ से तुर्की और ईरान भी ख़ुश नहीं हैं.
ओआईसी में सुषमा स्वराज
भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि चरमपंथ का मुक़ाबला सिर्फ़ सेना और शासन से नहीं किया जा सकता.
बिलासपुर । खजिन के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरूद्ध सघन अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही करें। जिससे कि अनावश्यक पर्यावरण की क्षति न हो। कमिश्नर श्री टी.सी.महावर ने 1 मार्च को खनिज विभाग के समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिये। बैठक में संभाग के सभी जिले के खनिज अधिकारी मौजूद थे।
संभागायुक्त ने खनिज रायल्टी एवं रायल्टी क्लीयरेंस की भी जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज परिवहन के 157 गाडियां, अवैध उत्खनन के 10, बिलासपुर में जिले में 350 परिवहन, 27 अवैध उत्खनन, मुंगेली जिले में अवैध परिवहन के 104 वाहन एवं रायगढ़ में 114 वाहन जप्त कर कार्यवाही की गई है। इसके अलावा गौण खनिज से प्राप्त राजस्व की भी समीक्षा की गई। तत्पश्चात पंजीयन विभाग की समीक्षा की गई।
पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में अपना एयरस्पेस चार मार्च तक बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि कि पंजाब प्रांत का एयरस्पेस पहले से ही बंद है लेकिन अब 4 मार्च तक बंद रहेगा।
पाकिस्तान ने एयरस्पेस का फैसला अतंरराष्ट्रीय सीमा रेखा और एलओसी पर जारी तनाव को देखते हुए लिया गया है।
खबर है कि पाकिस्तानी बॉर्डर में सियालकोट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं, हालांकि बॉर्डर पर फायरिंग की वजह से किसी तरह के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
भोपाल । पिछली मध्यप्रदेश सरकार ने 22 महीने पहले अगस्त 2018 से सरकारी प्लांटों से पोषण आहार सप्लाई शुरू करने का वादा किया था, लेकिन सरकार इस वादे को पूरा नहीं कर पाई। वहीं अब वर्तमान सरकार 38 जिलों में ठेकेदारों से आहार लेने की तैयारी कर रही है।
जिसके चलते महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया है और 5 मार्च को होने वाली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखेगी। बता दें विभाग इस शर्त के साथ छह माह के लिए टेंडर जारी कर रहा है कि जैसे-जैसे सरकारी प्लांटों से सप्लाई शुरू होगी, उस क्षेत्र में ठेकेदारों से आहार लेना बंद कर दिया जाएगा।
गौरतलब है पिछली भाजपा सरकार ने 22 माह पहले स्व-सहायता समूहों से पोषण आहार तैयार कराकर आंगनबाड़ियों में सप्लाई कराने का फैसला लिया था, जिसे वह पूरा नहीं कर पाई। तत्कालीन सरकार ने पिछले साल प्रदेश में आठ (रीवा, सागर, मंडला, धार, होशंगाबाद, देवास, शिवपुरी) सरकारी प्लांट तैयार करने की शुरूआत की है और इसकी जिम्मेदारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई थी।
विभाग ने भी अगस्त 2018 से प्लांटों में पोषण आहार तैयार कर सप्लाई शुरू करने का दावा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिसके बाद सरकार आखिर पोषण आहार की व्यवस्था एक बार फिर ठेकेदारों के हाथों में सौंपने की तैयारी में है।
बता दें प्रदेश की आंगनबाड़ियों में पोषण आहार सप्लाई करने वाली कंपनियों के खिलाफ अक्टूबर 2016 में आयकर विभाग छापामार कार्रवाई की थी। जिसमें आहार सप्लाई में बड़ी गड़बड़ी पकड़ में आई थी। इसके बाद मंत्रियों की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी गठित की गई।
कमेटी ने 27 दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिसमें पोषण आहार का उत्पादन स्व-सहायता समूह, वनोपज संघ और छोटे कंपनियों से कराने की सिफारिश की थी। विभाग ने इस सिफारिश पर ध्यान नहीं दिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी अप्रैल 2017 से स्व-सहायता समूहों से काम कराने को कहा था, लेकिन कंपनियों के दबाव में ऐसा भी नहीं हो सका।
मार्च 2018 में हाईकोर्ट जबलपुर ने शॉर्ट टर्म टेंडर बुलाकर कंपनियों से अगस्त 2018 तक पोषण आहार लेने और इस बीच प्लांट तैयार कर खुद उत्पादन शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्लांट तैयार करने और उनमें मशीनों का इन्स्टालेशन और फिर उत्पादन शुरू करने में पांच माह लग गए।
देवास का सरकारी पोषण आहार प्लांट फरवरी में सप्लाई शुरू नहीं कर पाया। मप्र राज्य आजीविका मिशन ने दिसंबर 2018 में ही इस प्लांट से सप्लाई शुरू करने का दावा किया था। इस आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने 1300 से 1600 मीट्रिक टन पोषण आहार सप्लाई का ठेका आजीविका मिशन को देते हुए फरवरी से सप्लाई मांगी थी, लेकिन मिशन सप्लाई नहीं दे पाया। हालांकि मार्च से नियमित सप्लाई का वादा किया गया है।
आजीविका मिशन के अफसरों का कहना है कि मार्च अंत तक होशंगाबाद प्लांट से सप्लाई शुरू हो जाएगी और अगले माह धार प्लांट भी उत्पादन शुरू कर देगा। जबकि अन्य पांच प्लांट मई तक उत्पादन और सप्लाई शुरू कर देंगे।
शार्ट टर्म टेंडर की अवधि बढ़ाई जाना है
देवास प्लांट से सप्लाई मिलने लगी है। इसलिए देवास प्लांट से संबद्ध नौ और भोपाल संभाग के पांच जिलों को छोड़कर शेष जिलों के लिए शाॅर्ट टर्म टेंडर की अवधि बढ़ाई जाना है। इसका प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा है। – जेएन कंसोटिया, प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग
रायपुर । प्रदेश मुखिया भूपेश बघेल आज सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर कैबिनेट की अहम बैठक लेंगे । बैठक में सीएम भूपेश की अध्यक्षता में कई अहम विषयों पर चर्चा होगी ।
बता दें विधानसत्र के पहले यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है इसमें कुछ अहम फैसले होंगे जिसका सदन के दौरान ऐलान किया जाएगा । वैसे तो कैबिनेट बैठक विधानसभा में होनी थी, लेकिन आज छुट्टी की वजह से कैबिनेट CM हाउस में हो रही है।
गौरतलब है पिछले हफ्ते में भूपेश में की यह चौंथी कैबिनेट बैठक है और हर बैठक में प्रदेश सरकार ने कई अहम फैसले भी लिए हैं इस लिहाज से इस बैठक को भी अहम माना जा रहा है। किसानों और आदिवासी क्षेत्रों के साथ साथ कुछ विधेयकों को लेकर भी सरकार आज कैबिनेट में मुहर लगाएगी ।
कैबिनेट के बाद CM भूपेश बघेल दुर्ग और रायपुर में आयोजित अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे । मुख्यमंत्री रायपुर से दोपहर 12.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर एक बजे दुर्ग के धमधा नाका पहुंचेंगे और राजपूत क्षत्रिय महासभा के अधिवेशन में शामिल होंगे।
यूपी के मीरजापुर के हथियाबांध गांव में चाय की दुकान पर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे घटनाक्रम की चर्चा के दौरान ससुराल में आया एक युवक पाकिस्तान की तारीफ करने लगा।
लोगों ने उसे काफी समझाया पर वह युवक पाकिस्तान की तारीफ करता रहा । इससे गुस्साए ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया ।
हालांकि माफी मांगने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। प्रयागराज के भारतगंज निवासी एक युवक मीरजापुर के लालगंज थानाक्षेत्र स्थित हथियाबांध स्थित अपनी ससुराल में ही रहता है।
रायपुर । प्रदेश के 46 लाख बिजली उपभोक्ताओं की अब डबल चांदी होने वाली है। नए टैरिफ के साथ बिजली बिल हॉफ के प्रदेश सरकार के फैसले के कारण 400 यूनिट की खपत पर हर उपभोक्ता को अप्रैल से हर माह 1024 रुपए की बचत होने वाली है। मार्च में यह बचत 960 रुपए होगी। कम खपत करने वालों को कम बचत होगी।
प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र में बिजली बिल हॉफ करने का वादा किया था। इसे पूरा करते हुए एक मार्च से बिजली बिल हॉफ करने का ऐलान किया गया है। अब अप्रैल में मार्च का जो बिल आएगा, उसमें बिजली बिल 400 यूनिट तक हॉफ हो जाएगा।
इससे ज्यादा की खपत पर 400 यूनिट के बाद के यूनिटों का बिल वर्तमान टैरिफ से लगेगा। इधर पावर कंपनी की याचिका को अमान्य करते हुए बिजली नियामक आयोग ने नए टैरिफ में कमी कर दी है। इसका भी लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
यह है फायदे का गणित
बिजली बिल हॉफ में मार्च माह का जो गणित है, उसमें 400 यूनिट का बिल टैरिफ और करों को मिलाकर 1920 रुपए होता है। ऐसे में इस माह 960 रुपए की बचत होगी। लेकिन अगले माह से नए टैरिफ के कारण यह बचत बढ़ जाएगी। सरकार ने बिजली बिल हॉफ करने का ऐलान किया है, ऐसे में पावर कंपनी टैरिफ के साथ करों को भी आधा कर रही है। टैरिफ के अलावा ऊर्जा प्रभार पर 8 फीसदी कर लगता है।
इसके अलावा प्रति यूनिट शेष कर एक पैसे और वीसीए चार पैसा है। इन तीनो को मिलाकर वर्तमान टैरिफ के हिसाब से मार्च में 104 रुपए होते हैं। इसमें से आधा 52 रुपए कम होंगे। इसी तरह से टैरिफ के 1816 में से 908 रुपए कम होंगे। नए टैरिफ में ऊर्जा प्रभार में भी बदलाव हुआ है। ऐसे में अप्रैल से यह 43 रुपए हो जाएगा। 56 रुपए वीसीए और शेष कर के होंगे।
कुल मिलाकर अप्रैल से तीनों करों को मिलाकर 96 रुपए होंगे। नए टैरिफ में चार सौ यूनिट का बिल 1680 रुपए होगा। अगर पूरा बिल और करों को मिलाया जाए तो 400 यूनिट का बिल 1776 होता है। इसका आधा ही लगेगा यानी 888 रुपए। नए टैरिफ में 400 यूनिट पर 136 रुपए की बचत अलग से होगी। कुल मिलाकर यह बचत 1024 हो जाएगी।
देश को गौरवान्वित करने वाले विंग कमांडर अभिनंदन को पाक से भारत छोड़ने और लाने वालों में भिलाई का बेटा भी शामिल रहा। इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन टी जॉय कुरियन अभिनंदन को लेकर भारत पहुंचे। भिलाई निवासी जॉय कुरियन इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन के रूप में पाकिस्तान एंबेसी में पदस्थ हैं।
जाय की मां ए कुरियन ने कहा कि उन्हें गर्व है अपने बेटे पर, जिसे इतना बड़ा कार्य करने का अवसर मिला। कुरियन ने कहा कि वे टी जॉय कुरियन की तरह ही सभी को अपना बेटा मानती हैं। आपकों बता दें, कुरियन हुडको भिलाई में रहती हैं। वे सन 1965 से भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर 10 इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षिका रही हैं।
कुरियन ने कहा कि वे अपने बेटे पर गर्व करती हैं कि उसके द्वारा पाकिस्तान से अभिनंदन को भारत लाया गया। कुरियन ने बताया कि उनका बेटा टी जॉय कुरियन इंडियन एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन के रूप में पाकिस्तान एंबेसी में पदस्थ हैं।
इधर टी जॉय कुरियन के साथ पढ़े लिखे स्मृति नगर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष राजीव चौबे ने अपने साथियों के साथ टी जॉय कुरियन के घर हुडको जाकर उनकी मां का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। श्री चौबे ने टी जॉय कुरियन के बारे में बताया कि हमेशा से ही टी जॉय कुरियन देश के लिए समर्पित रहे हैं।
एयर शो का नेतृत्व भी कर चुके
भिलाई में हुए एयर शो का नेतृत्व भी जॉय कुरियन कर चुके हैं। जॉय के सहपाठी रहे डॉ. विवेकानंद पिल्ले, डॉ. सुनील नेमा, डा मेनक देव सिकदर, भिलाई इस्पात संयंत्र में डीजीएम मंजू हरिदास ,एजीएम शिखा दुबे ,एजीएम सय्यद जाकिर हुसैन ,एजीएम शेखर तिवारी ने कहा कि जॉय ने जो कार्य किया है उससे उनका मान बढ़ा है।
इन सभी लोगों ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर 10 स्थित इंग्लिश मीडियम स्कूल में जाॅय के साथ पढ़ते थे। इसी दौरान जब वे कक्षा ग्यारहवीं में थे, तभी जॉय का सिलेक्शन एनडीए में हो गया।तब से जॉय देश की सेवा में लगे हुए हैं।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्काईवॉक निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों, आमजनों और व्यापारियों से सुझाव लेने के बाद ही स्काईवॉक के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा लोक निर्माण एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में विधायकों और अधिकारियों से सुझाव मांगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है और इसके संबंध में जनप्रतिनिधियों ने विधानसभा में अनेक बार प्रश्न उठाए हैं तथा ध्यानाकर्षण आदि के माध्यम से भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। इस संबंध में अलग-अलग विचार प्राप्त हुए हैं। स्काईवॉक ब्रिज के संबंध में अनेक आशंकाएं व्यक्त की गई हैं, जिनका समाधान किया जाना जरूरी है।
विचार-विमर्श के पहले लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने बताया कि वर्ष 2016-17 में स्काईवॉक ब्रिज के संबंध में सर्वेक्षण कराया गया था तथा इसके कंसलटेंट एस.एन. भोबे एसोसिएट्स मुम्बई ने अपने रिपोर्ट में बताया गया था कि शास्त्री चौक में प्रतिदिन 27 हजार यात्री और मेकाहारा चौक पर 14 हजार पैदल यात्रियों का आना-जाना होता है। इसके आधार पर स्काईवॉक निर्माण की निविदा वर्ष 2016-17 में आमंत्रित की गई। निविदा में मेसर्स जी.एस.एक्सप्रेस लखनऊ को 42.55 करोड़ स्वीकृत किया गया। यह निर्माण आठ माह में पूरा किया जाना था। इसकी कुल लम्बाई रोटरी सहित 1470 मीटर है तथा इसमें 10 स्थानों पर सीढ़ी, आठ जगह एस्केलेटर और दो जगह लिफ्ट का प्रावधान किया गया। बाद में इसकी पुनरीक्षित लागत राशि बढ़कर 77 करोड़ हो गई। वर्तमान में इसका लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
बैठक में विचार-विमर्श के दौरान अनेक सदस्यों ने कहा कि स्काईवॉक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय के पहले जनप्रतिनिधियों या नागरिकों से जो सुझाव लिया जाना था, वह नहीं लिया गया। उन्होंने शंका जाहिर की धूल आदि के कारण एस्केलेटर का संचालन सही तरीके से नहीं हो सकेगा या बार-बार बंद होगा। स्काईवॉक के शास्त्री चौक के रोटरी के ठीक नीचे रेड लाइट सिग्नल होने के कारण गाड़ियां खड़ी होंगी और इससे नागरिकों एवं वीआईपी सुरक्षा पर खतरे की संभावना है। यह भी आशंका व्यक्त की गयी कि रात्रि के समय यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो सकता है।
सदस्यों ने कहा कि रायपुर शहर के हीरापुर में दो फुट ओव्हर ब्रिज एवं कबीरनगर में एक फुट ओव्हर ब्रिज पहले से बना है, लेकिन दिन भर में मुश्किल से दर्जन लोग उसका उपयोग करते हैं। यह भी कहा कि शास्त्री चौक में 27 हजार पैदल नागरिकों के आवागमन का आंकड़ा अतिरंजित लग रहा है। इसी तरह तहसील कार्यालय के भीतर सीढ़ियां बना दी गई है, जिससे कार्यालय के जरूरी रिकार्ड एवं सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ के गरम वातावरण में यात्रियों को ब्रिज के अंदर असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी बताया कि मुम्बई सहित बड़े शहरों में अब ओव्हरब्रिज उपयोगिता के अभाव में तोड़े जा रहे हैं। यह भी सुझाव दिया गया कि स्काईवॉक के पोलों आदि का उपयोग विज्ञापन बोर्ड आदि के रूप में किया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने सुझाव दिया कि स्काईवॉक योजना में जनता का कीमती पैसा लगा है और किसी भी निर्णय लेने के पहले यह जरूरी है कि शहर के नागरिकों की राय एवं सुझाव लिया जाए ।
महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि स्काईवॉक बनने के पहले इस स्थान पर दो फ्लाई ओव्हर का प्रस्ताव था, जो महत्वपूर्ण चौराहों के साथ-साथ शहर के रेल्वे स्टेशन से लेकर टाटीबंध और तेलीबांधा आदि को जोड़ते थे। उन्होंने कहा कि स्काईवॉक के संबंध में तकनीकी परीक्षण किए जाने की आवश्यकता है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रात्रि काल में स्काईवॉक की सुरक्षा को देखते हुए यहां आवागमन पर भी रोक लगानी पड़ेगी।
लोक निर्माण एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह रायपुर शहर की महत्वपूर्ण योजना है और जैसा सुझाव यहां की जनता के अलावा जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और इंजीनियरों आदि से प्राप्त होगा, उस पर अमल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्कॉइवाक निर्माण में यातायात को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्काईवॉक निर्माण के संबंध में विभागीय जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लालगंगा, पुराना बॉम्बे मार्केट, जयस्तंभ चौक जैसे क्षेत्रों के व्यापारियों की राय लिया जाना उचित होगा, जिससे उनका जमा-जमाया व्यापार नहीं उजड़े। उन्होंने कहा कि निर्मित हो चुके स्ट्रक्चरों के वैकल्पिक उपयोगिताओं पर भी विचार-विमर्श लिया जाए और माननीय मंत्री, विधायक तथा संबंधित अधिकारी स्काईवॉक ब्रिज का व्यक्तिगत रूप से स्थल निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर आम जनता और विशेषज्ञ इसे जन-उपयोगी या औचित्यहीने मानते हैं, तो क्या इसे शहर एवं आम हित में तोड़ा जा सकता है ? या इसका अन्य वैकल्पिक उपयोग संभव है ?
बैठक में आम सहमति से निर्णय लिया गया कि स्कॉइवाक ब्रिज के संबंध में अंतिम निर्णय लिये जाने तक निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा इसे बनाने, नहीं बनाने या तोड़े जाने या वैकल्पिक उपयोग के संबंध में निर्णय लेने के लिए आम जनता, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, तकनीकी विशेषज्ञों से राय एवं सुझाव प्राप्त किया जाए।
बैठक में रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, रायपुर जिले के निर्वाचित विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, अनिता शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष शारदा वर्मा, अपर मुख्य सचिव (लोक निर्माण विभाग) अमिताभ जैन, कमिश्नर रायपुर संभाग जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर आर. बसवराजु, पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, नगर निगम के अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों प्रमुख अभियंता डी.के. अग्रवाल मौजूद थे.