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Author: admin
रायपुर । छत्तीसगढ़ के निजी और सरकारी स्कूलों के बच्चों ने छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से प्रकाशित 11वीं-12वीं की पुस्तकों को नकार दिया है। किताबें सस्ती होने के बाद भी वे नहीं खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि निगम बच्चों को किताबें उपलब्ध ही नहीं करा पा रहा है11वीं में 31 विषयों में और 12वीं में 13 विषयों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जा रही हैं।
पिछले साल 11वीं की किताबें नहीं बिकने के कारण पाठ्यपुस्तक निगम ने कुछ किताबों को नहीं छापने का निर्णय लिया था । इसके बाद भी किताबें नहीं बिकीं। 11वीं- 12वीं का सत्र बीतने को है और करोड़ों की किताबें बुक डिपो में डंप हैं। आने वाले सत्र में अगर एनसीईआरटी की किताबें बदल गईं तो ये किताबें रद्दी के भाव बिकेंगी।
किताबें नहीं बिकने के बता रहे कई कारण
शिक्षकों का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें बच्चों को समझ में नहीं आ रही हैं। दूसरी इनकी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं है, जितनी निजी प्रकाशकों की किताबों की है। सरकारी तंत्र का कहना है कि कमीशन के खेल में निगम की किताबें पिछड़ रही हैं। कुछ प्रकाशक और बुक सेलर की मिलीभगत से किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच पा रही हैं और वे मजबूरी में महंगी किताबें खरीद रहे हैं।
एक लाख विद्यार्थी, पुस्तक बिकी सिर्फ 5 हजार
11वीं-12वीं में पांच लाख से अधिक विद्यार्थी हैं।अकेले 11वीं में ही साइंस स्ट्रीम के एक लाख विद्यार्थी हैं। पिछले साल की बची 11वीं की रसायन भाग एक की कुल 43 हजार 832 किताबों में से सिर्फ 5 हजार 137 किताबें ही बिक पाईं। रसायन भाग दो की 43 हजार 684 किताबों में से सिर्फ 4 हजार 576 बिकीं।
पिछले साल से ही किताबों के प्रति बच्चों का रुझान कमजोर होने के कारण पाठ्यपुस्तक निगम ने 11वीं में सिर्फ हिन्दी, अंग्रेजी की किताबें ही प्रकाशित की।
पिछले साल की किताबें अभी तक नहीं बिक पाई हैं। ऐसे में घाटे से बचने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम ने निर्णय लिया है कि लोक शिक्षण संचालनालय के मार्फत स्कूलों से आने वाली डिमांड पर ही किताबें छापी जाएंगी।
पिछले साल 11वीं में एनसीईआरटी के 13 विषय लागू किए गए थे। ये सभी किताबें पाठ्यपुस्तक निगम ने प्रकाशित की थीं, लेकिन बच्चों ने ज्यादातर विषयों की किताबें नहीं खरीदी। निजी प्रकाशकों की किताबों की अधिक डिमांड रही। 11वीं में इस साल पुरानी 13 किताबों समेत नई 18 किताबों को मिलाकर कुल 31 विषय एनसीईआरटी के लागू हैं। 12वीं में 13 विषय एनसीईआरटी के लागू हैं।
किताबों के बिक्री नहीं होने की वजह को तलाशेंगे इसके बाद रणनीति तय की जाएगी कि अधिक से अधिक बच्चों को एनसीईआरटी की किताबें मिल सके। हमने ऑनलाइन किताबें लेने का सिस्टम भी रखा है। – एस प्रकाश, प्रबंधक, पाठ्यपुस्तक निगम
बच्चों का मानना है कि सरकारी किताबों में गलतियां अधिक रहती हैं। पेपर भी ठीक नहीं रहता है। किताबें समय पर मिल भी नहीं पातीं। कई कारणों की वजह से वे निजी प्रकाशकों की किताबें ही खरीद रहे हैं। – बीडी द्विवेदी, शिक्षाविद एवं अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ एजुकेशनल सोसायटीज
जोधपुर। जोधपुर में हिरण शिकार के मामले में फंसे अभिनेता सलमान खान की याचिका की सुनवाई जोधपुर सेशन कोर्ट में आज, 20 फरवरी को होगी। सीजेएम के द्वारा सुनाई गई 5 साल की सजा के आदेश के खिलाफ सलमान ने जिला एवं सेशन न्यायालय जिला जोधपुर में अपील की थी। इस घटना के दौरान सलमान हथियार रखने के मामले में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट जोधपुर ने बरी कर दिया था।
सीजेएम ग्रामीण कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सरकार ने जिला एवं सत्र न्यायालय जिला जोधपुर में अपील की थी। अब इन दोनों अपीलों पर आज सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि इस मामले में कोर्ट ने फिल्म अभिनेता सलमान खान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं ‘की शूटिग के दौरान जोधपुर के निकट कांकाणी गांव की सरहद में 1 अक्टूबर, 1998 की रात सलमान खान पर दो काले हिरण का शिकार करने का आरोप लगा था। मामले के अनुसार जिस रात सलमान ने हिरण का शिकार किया, उस समय उनके साथ जिप्सी में सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेन्द्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिह भी थे।
इस मामले में जोधपुर सेशन कोर्ट ने सैफ अली खान, नीलम, तब्बू व सोनाली सह आरोपी थे। कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया था, लेकिन सभी सह आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान दो दिन जोधपुर सेंट्रल जेल में रहे। दो दिन बाद जमानत पर रिहा हो गए। उन्होंने इस सजा के खिलाफ अपील कर दी थी।
भोपाल। वित्त मंत्री तरुण भनोत बुधवार को विधानसभा में एक अप्रैल से 31 जुलाई 2019 तक खर्च चलाने के लिए 77 हजार 186 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेखानुदान प्रस्तुत करेंगे। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष की बची हुई अवधि के लिए 72 करोड़ रुपए से ज्यादा का तृतीय अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत होगा। इसके अलावा आधार विधेयक, पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम और नगर पालिका संशोधन विधेयक रखे जाएंगे।
18 फरवरी से शुरू हुए विधानसभा सत्र में बुधवार को पहले दिन शासकीय काम होगा। सोमवार को निधन उल्लेख के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई थी। अब सत्र के दो दिन ही बाकी हैं। इन दिनों में सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता लेखानुदान और तृतीय अनुपूरक अनुमान पारित कराने की होगी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार बजट जुलाई में प्रस्तावित मानसून सत्र में लाएगी, लेकिन तब तक जरूरी खर्च चलाने के लिए 77 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का लेखानुदान प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष के लिए विभागीय जरूरतों को देखते हुए 72 करोड़ रुपए से ज्यादा का तृतीय अनुपूरक अनुमान पेश किया जाएगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री वर्ष 2004-05 में स्वीकृत बजट से 83 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च को नियमित करने के लिए प्रस्ताव रखेंगे।
इसके अलावा प्रदेश में वित्तीय, प्रमुख सुविधाओं के साथ सेवाओं को आधार से जोड़ने के लिए आधार कानून लागू करने का निर्णय किया गया है। इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पीसी शर्मा मध्यप्रदेश आधार विधेयक प्रस्तुत करेंगे।
पाले को लेकर शिवराज-नरोत्तम ने मांगी चर्चा
भाजपा की ओर से विधानसभा में फसलों को पाले से हुए नुकसान के बावजूद सरकार द्वारा सर्वे कराकर मुआवजा न देने को लेकर चर्चा मांगी गई है। नियम 139 के तहत अविलंबनीय लोक महत्व का विषय बताते हुए प्रस्ताव दिया गया है। इसमें फसलों का उचित मूल्य और भावांतर भुगतान न करने से पैदा हो रहे हालात का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
वहीं, हरदा विधायक कमल पटेल हरदा और होशंगाबाद सहकारी बैंक द्वारा किसानों के नाम पर फर्जी कर्ज निकालने, हर्ष गेहलोत मंदसौर में गोलीचालन के आरोपियों पर प्रकरण दर्ज न किए जाने, बहादुर सिंह चौहान महिदपुर तहसील में अवैध उत्खनन और संजय यादव रेत खदानों में पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थानीय समितियों का गठन नहीं करने का मुद्दा ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे।
रायपुर । उच्च शिक्षा में आउट सोर्सिंग के मुद्दे पर विपक्ष ने मंत्री उमेश पटेल को घेरा। विधायक इंदु बंजारे ने सवाल किया कि प्राध्यापकों के 595 पद स्वीकृत है और इतने ही पद रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने पहल क्यों नहीं की इस पर मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि यह मेरी जानकारी में नहीं है। हमने पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार ने आउटसोर्सिंग बंद करने का नीतिगत फैसला लिया है। इस पर विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा- मंत्री यह बताएं कि उच्च शिक्षा में आउटसोर्सिंग से कौन-कौन से पद भरे गये। मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विपक्ष ने सदस्यों ने जमकर हंगामा किया।
अजय चंद्राकर ने पूछा कि गैर पीएससी के पोस्ट की नियुक्ति कब तक होगी पिछली सरकार ने कौन-कौन से पद में आउटसोर्सिंग की थी इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा, यह तो लम्बी लिस्ट होगी। मंत्री आपको निकलवाकर दे देंगे।
विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर राजनीति होती रही है। मंत्री बताये कि कितने पदों पर की गई आउटसोर्सिंग के नाम पर पिछली सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई। इस पर विधायक अमरजीत भगत ने कहा कि पिछली पूरी सरकार ही आउटसोर्सिंग वाली थी ।
जवाब नहीं आने पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पॉइंटेड सवाल है, लेकिन मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे है। उनका जवाब आना चाहिए। प्रश्नकाल में जवाब नहीं आएगा, तो सदस्यों को कब जवाब मिलेगा।
भर्ती में स्थानीय लोगों को फायदा देने बढ़ाई गई उम्र सीमा
विधायक अजीत जोगी ने पूछा कि सीधी भर्तियों में कोई ऐसा प्रावधान है कि हमारे ही प्रदेश के लोग ही इसमें भाग ले सकेंगे विज्ञापन देकर लगता है कि बाहरी राज्यों के लोग भी इस भर्ती में शामिल हो सकते हैं। उमेश पटेल ने कहा कि सामान्य ज्ञान का सिलेबस सिर्फ छत्तीसगढ़ी पर आधारित है।
इसका फायदा राज्य को मिलेगा। जोगी ने कहा इससे कोई बड़ा फायदा नहीं होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने नियम बनाया है कि किसी भी भर्ती में 70 फीसदी पद राज्य के लोगों के लिए होगा क्या ऐसी व्यवस्था यहां भी होगी? इसके जवाब में उमेश पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों को आयु सीमा में छूट दी गई है। बहुत से पद खाली रह जाते है, इसलिए बाहरी प्रतिभागियों को भी शामिल किया जाता है।
इस्लामाबाद । पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। इस बीच, पाक पीएम इमरान खान ने भी भारत को खुली धमकी दी है। दरअसल, पुलवामा हमले के बाद इमरान पहली बार मीडिया के सामने आए थे और मंगलवार को बयान जारी किया था कि इस आतंकी साजिश में पाकिस्तान का हाथ नहीं है और वह आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ बातचीत को तैयार है। हालांकि अब इमरान ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिख भारत को खुली धमकी दी है।
इमरान ने लिखा है – ‘हमसे ना टकराना।’ इस पोस्ट में इमरान खान के पीछे पाकिस्तानी झंडा नजर आ रहा है। साथ ही पुलवामा हमले के संबंध में जारी उनके वीडियो संदेश की कुछ बातें लिखी हैं। जैसे – ‘यदि भारत सोचता है कि वो पाकिस्तान पर हमले करेगा तो जवाब देने में हम विचार भी नहीं करेंगे।’ ‘हम सब जानते हैं कि जंग शुरू करना आसान है, लेकिन उसे खत्म करना मुश्किल है।’
इससे पहले दी थी यह गीदड़ भभकी
– जंग छेड़ना आसान है, लेकिन उसे खत्म करना मुश्किल।
– भारत सुबूत दे, हम कार्रवाई करेंगे। बदले की कार्रवाई की तो जवाब देंगे।
– कश्मीर में इस तरह की घटना क्यों हो रही है। इस पर सोचने की जरूरत है।
– युद्ध करना आसान है लेकिन उसे खत्म करना इंसान के बस की बात नहीं है। एक बार युद्ध शुरू होने के बाद अल्लाह जानता है कि क्या अंजाम होगा।
– पाकिस्तान इस पूरे में क्षेत्र में स्थायित्व चाहता है। हम यह हमला क्यों कराएंगे। हमें इससे फायदा क्या होगा।
– भारत में अभी चुनाव होने वाले हैं और पाकिस्तान पर दोष लगाने से वोट मिल जाएंगे।
– हम आतंक पर बात करने के लिए तैयार हैं। आतंकवाद से सबसे ज्यादा नुकसान पाकिस्तान को हुआ है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया था यह जवाब
– सुबूत मांगने की आदत पुरानी है। पठानकोट हमले और मुंबई हमले में तमाम सुबूत देने के बावजूद इन मामलों में कोई प्रगति नहीं हुई है।
– आतंकी संगठनों से रिश्ता नहीं होने का पाक का दावा भी काफी पुराना है।
– हद तो यह कि इमरान ने पुलवामा में शहीद हुए सैन्यकर्मियों पर कुछ नहीं कहा।
– हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जैश एक मुहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अजहर पाक में ही रहता है। यही उचित कार्रवाई के लिए पर्याप्त सुबूत है।
– जिस ‘नए पाकिस्तान’ का दावा किया जा रहा है उसमें कैबिनेट मंत्री हाफिज सईद जैसे आतंकी के साथ सार्वजनिक सभा करते हैं।
– वह आतंकवाद से पीड़ित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया जाती है कि पाक वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है।
– इसलिए वह बरगलाने की कोशिश के बजाय आतंकियों के खिलाफ सख्त व विश्वसनीय कार्रवाई करे।
रायपुर. विधानसभा सत्र के आज आठवें दिन स्वास्थ्य विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सरकार पर कई आरोप लगाये. कौशिक ने कहा कि स्वास्थ विभाग के बजट में ही कटौती कर दी गई है. इससे विभाग के प्रति गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. हजारों की संख्या में पद रिक्त है. उसे भरने की दिशा में कोई कारगर पहल नजर नहीं आता.
आप भवन बना सकते हैं पर बगैर डाक्टरों की उसकी कोई उपयोगिता नहीं है. सभी को त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के भरोसे छोड़ दिया गया है. एक ब्लाॅक में 8-10 स्वास्थ्य केंद्र हैं, इसे बढ़ाने की आवश्यकता है. उपकरणों को भी बढ़ाने की भी जरूरत है.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे ब्लड टेस्ट की सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए. अस्पतालों के परिसरों में ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है. इससे मरीजों को राहत मिलेगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को हम जितना मदद करेंगे उससे मरीजों को समुचित उपचार मिलेगा. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मजबूत करने की आवश्यकता है इस से आने वाले समय में जिला और बड़े अस्पतालों को राहत मिलेगी.
आयुष्मान योजना को बंद करने के बात हो रही है और छत्तीसगढ़ से लेकर पूरे देश में ऐसे गरीब परिवार जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन कराना पड़े ऐसे गरीब लोगों को इसमें शामिल किया गया था. इस प्रदेश में भी 4000000 परिवार समाहित होने की संभावना रखते थे. जिन्हें इस योजना का लाभ मिलता पर इसको बंद करना चाहते हैं. उससे बेहतर योजना उपलब्ध कराने की आवश्यकता है. इसे बंद करने को लेकर भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है स्मार्ट कार्ड में ₹50000 तक जो इलाज कराते थे वह अब प्रभावित हो रहे हैं.
बता दें कि इससे पहले विधानसभा में स्वास्थ्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की चर्चा के दौरान कोई भी मंत्री मौजूद नहीं था. इसलिए विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से सदन स्थगित करने का आग्रह किया. जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने 5 मिनट के लिए सदन की कार्रवाई स्थगित की. विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तापक्ष के सदस्य विधानसभा को लेकर गंभीर नहीं हैं. सदन की कार्रवाई 5 मिनट बाद फिर प्रारंभ हुई. आधा दर्जन मंत्री सदन में पहुंचे.
बालोद । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद पहुंचे। सीएम ने यहां गौरय्या मंदिर में ज्योति कलश भवन का लोकार्पण किया। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सभी खुशहाल है। 18 साल बाद किसानों को खुशहाली मिली है। सीएम ने कहा कि सभी किसानों के कर्ज माफ किया गया है।
इसके साथ ही सीएम ने पहले की रमन सरकार पर भी निशाना साधा। सीएम बघेल ने कहा कि हमने सरकार बनाने के साथ ही राज्य में कमीशनखोरी को बंद कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने रमन मोबाइल योजना में कमीशनखोरी का आरोप लगाया। सीएम ने आदिवासियों के जमीन को वापस करने को लेकर कहा कि यह सरकार की उपलब्धी है। हमने दो महीने के भीतर यह काम किया ।
महासमुंद। छत्तीसगढ़ ओर ओडिसा की सीमा पर पुलिस ने मंगलवार को एक कार में छिपाकर रखे करोड़ों स्र्पये जब्त किए। यह रकम कार की सीट में खांचे बनाकर वहां छिपाई गई थी, जिसे 4 लोग आगरा से कटक ले जा रहे थे। बताया जा रहा है कि यह रकम 11 करोड़ के आस-पास है। पुलिस को अनुमान है कि रकम इससे भी ज्यादा हो सकती है।
फिलहाल थाने में नोट गिनने की मशीन लगाकर इसे गिना जा रहा है। जिनसे रकम जब्त हुई है।
खल्लारी थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी ने बताया कि मुखबीर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी रकम लेकर कटक से आगरा की ओर जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर जांच की गई।
एक कार को रोका गया जिसमें तीन पुस्र्ष और एक महिला सवार थे। रकम के साथ पकड़े गए लोगों के नाम बनवारी सिंह, प्रहलाद बघेल, मोहम्मद इब्राहिम और नजमा खान बताए गए हैं। यह सभी आगरा के रहने वाले बताए गए हैं। इस कार की प्रारंभिक रूप से तलाशी लेने पर किसी भी प्रकार की कोई रकम नहीं मिली, लेकिन मुखबिर की सूचना पुख्ता थी, इसलिए कार को थाने लाया गया। यहां बारीकी से जांच करने पर पाया गया कि कार की सीटों को काट कर उनमें खांचे बनाए गए हैं और उन्हीं के अंदर रकम छिपाकर रखी गई है।
पकड़े गए लोगों के अनुसार यह करीब 10 करोड़ 90 लाख स्र्पये है। थाने में नोट गिनने की मशीन लगाकर इन्हें गिना जा रहा है। जिनसे पैसे जब्त हुए हैं उन्होंने पूछताछ में बताया कि 17 फरवरी को वे यह रकम लेकर आगरा से कटक के लिए रवाना हुए थे।
उन्होंने बताया कि यह रकम कटक निवासी अवधेश अग्रवाल की है, जिसका आगरा में भी सराफा का कारोबार है। इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम लेकर यह चारों कटक क्यों जा रहे थे। जिसका पैसा बताया जा रहा है उसके पास रकम के संबंध में कोई पुख्ता दस्तावेज हैं या नहीं इस बात की भी जांच की जा रही है।
नई दिल्ली। भारतीय खुफिया एजेंसियों को कुछ ऐसे सूत्र हाथ लगे हैं जिससे इस बात के सबूत मिले हैं कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे पाक सेना के अधिकारी का हाथ है। खुफिया सूत्रों को मिली जानकारी के मुताबिक पाक सेना के अधिकारी मूसा ने साजिश को रचा था।
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पुलवामा आतंकी हमले की योजना 31 अक्टूबर 2018 को त्राल में आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भतीजे उस्मान हैदर की हत्या के बाद बनाई गई थी। खुफिया सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का भतीजा उस्मान हैदर कश्मीर के स्थानीय आतंकवादियों के साथ मिलकर जम्मू में भी फिदाईन हमला करने की तैयारी कर रहा था। लेकिन खुफिया एजेंसियों ने पिछले साल 30 अक्टूबर को उसे एक अन्य आतंकवादी के साथ त्राल के चंकीतार इलाके में मार गिराया था।
पाक आर्मी के पूर्व अफसर की भूमिका
खुफिया सूत्रों के मुताबिक जैश ए मोहम्मद का एक विदेशी आतंकी खुबैब, पाकिस्तानी आर्मी का पूर्व अधिकारी मूसा और चार अन्य आतंकवादी पिछले साल दिसंबर में उत्तरी कश्मीर से दक्षिणी कश्मीर गए थे। ये सब आतंकवादी यहां त्राल अवंतीपुरा के लाम इलाके में आदिल अहमद से मिले थे उस मुलाकात के दौरान आदिल अहमद ने ही खुबैब और उसके साथियों को पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले अली अहमद डार से मिलवाया था।
सूत्रों के मुताबिक विदेशी आतंकवादी खुबैब को जैश ए मोहम्मद के आतंकी यासिर के साथ त्राल के अरीपाल इलाके में देखा गया था। खुबैब लगातार एक जगह से दूसरे जगह मूव कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक दोनों त्राल के मिदूरा के रहने वाले स्थानीय आतंकवादी मुदस्सर खान के साथ घूम रहे थे।
लगातार मूव कर रहे थे आतंकी
सूत्रों के मुताबिक मसूद अजहर के भतीजे और जैश ए मोहम्मद के विदेशी आतंकवादी उस्मान हैदर को खुबैब और जहूर ही उत्तरी कश्मीर से दक्षिणी कश्मीर लेकर गया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस वक्त खुबैब शोपियां या पुलवामा इलाके में छिपा हुआ है। खुबैब जम्मू में एक और फिदाईन अटैक करने की तैयारी में है, लेकिन मौसम खराब होने और लगातार भूस्खलन की वजह से हाईवे बंद होने के कारण वो उसे अंजाम नहीं दे पा रहा है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक जम्मू में फिदाईन हमले की जिम्मेदारी तीन-तीन आतंकवादियो वाली दो अलग-अलग टीमों को दी गई है। एक टीम में जैश ए मोहम्मद के स्थानीय आतंकवादी मुदस्सिर खान और दो अन्य स्थानीय आतंकवादी हैं। मुदस्सिर खान मिदुरा इलाके का रहने वाला है।
वॉट्सऐप नंबर की जानकारी मिली
खुफिया एजेंसियों को मुदस्सिर खान का वॉट्सऐप नंबर का पता चला है। मुदस्सिर इसी वॉट्सऐप नंबर पर सक्रिय है। खुफिया एजेंसियां इस नंबर के संपर्क में रहने वाले लोगों की छानबीन कर रही हैं।
नई दिल्ली। रियल इस्टेट कंपनियों का संगठन क्रेडाई पुलवामा हमले में मारे गए सभी सीआरपीएफ जवानों के परिजनों को टू-बीएचके का फ्लैट देगा। वहीं स्टेट बैंक आफ इंडिया ने उन सभी 23 जवानों के बकाया लोन को तत्काल प्रभाव से माफ करने का एलान किया है, जिन्होंने उसके यहां से कर्ज लिया था।
रियल इस्टेट की शीर्ष संस्था द कन्फेडरेशन ऑफ रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष जैक्स शाह ने सोमवार को एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, “हमले में मारे गए जवानों के दुखी परिवारों की सहायता के तौर पर क्रेडाई उनके राज्य के शहर या कस्बे में एक टू-बीएचके का फ्लैट देने का प्रस्ताव करता है।”
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के सभी 12,500 सदस्य दुख की इस घड़ी और असमय हुए नुकसान के लिए प्रार्थना करते हैं। बता दें कि क्रेडाई भारत में निजी रियल इस्टेट डेवलपर्स की शीर्ष संस्था है। 23 राज्यों और 203 चैप्टरों के माध्यम से यह 12,000 से अधिक डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है।
जल्द मिलेगी 30 लाख रुपये बीमे की राशि
स्टेट बैंक आफ इंडिया द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “23 सीआरपीएफ जवानों ने हमारे यहां से लोन लिया था। बैंक ने तत्काल प्रभाव से उनके सभी बकाया माफ करने का फैसला किया है।” बयान में कहा गया है कि रक्षा वेतन पैकेज के तहत सभी सीआरपीएफ जवानों का वेतन बैंक में आता था इसलिए बैंक प्रत्येक जवान को 30 लाख रुपये का बीमा प्रदान करता है।
बैंक ने कहा कि शहीदों के परिजनों को बीमे की राशि जल्द मिल सके, इसके लिए भी वह कदम उठा रहा है। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, “हमले में मारे गए शहीदों के परिजनों के लिए यह अपूरणीय क्षति है। उम्मीद है कि बैंक द्वारा की गई इस पहल से उन्हें राहत मिलेगी।” बैंक ने “भारत के वीर” नामक एक यूपीआइ बनाया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति शहीदों के परिजनों को आर्थिक मदद दे सकता है।