
रायपुर । बीज निगम में भर्राशाही कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माइक्रो न्यूट्रिएंट्स सप्लाई का ऑर्डरमें अनियमितता का मामला सामने आया है। दिसंबर 2018 में आरसी-22 के तहत अनुबंधित कंपनी दुर्ग की कंपनी एसआरटी एग्रो साइंस प्रायवेट लिमिटेड को अनियमितता पाए जाने पर दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। ठीक सात माह बाद ही जुलाई 2019 में आरसी- 23 में उसी कंपनी को फिर से काउंटर ऑफर दिया है।
जबकि कोर्ट ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश को खारिज कर दोबारा से जांच करने की छूट बीज निगम को दी थी। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने बिना दोबारा से परीक्षण किए ही कंपनी को उपयोगी खाद समेत सूक्ष्म पोषक तत्वों की वर्ष भर सप्लाई की जिम्मेदारी सौंप दी है। जबकि शिकायत के बाद कंपनी को निगम ने ही ब्लैकलिस्ट किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो पहले दुर्भावनावश कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया गया था, या फिर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी दोबारा परीक्षण की जहमत नहीं उठाई गई है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम में सूक्ष्म पोषक (माइक्रो न्यूट्रिएंट) की सप्लाई के लिए बुलाई गई निविदा आरसी-23 (2019-20) में बड़ी अनियमितता की बू आ रही है। निगम के जिम्मेदारों ने हाईकोर्ट की दोबारा से जांच के आदेश के बावजूद बिना परीक्षण के ही कंपनी को काम दे दिया है।
दूसरी कंपनी को लाइसेंस नहीं होने के बावजूद ऑफर दे दिया : बीज निगम के जिम्मेदारों ने जिंक सल्फेट 21 प्रशितऔर बोरान 10.5 प्रतिशत के लिए मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस मांगा था, जो कि इन ऑर्गेनिक उत्पाद हैं। वहीं, जानकारों के अनुसार इस तरह के उत्पादों के लिए मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। इसी बीच निगम ने एक फर्म को लाइसेंस नहीं होने की वजह से बाहर कर दिया, जबकि दूसरी कंपनी को लाइसेंस नहीं होने के बावजूद ऑफर दे दिया।
इसलिए किया ब्लैकलिस्टेड : उक्त कंपनी को आरसी-22 में कीटनाशक एवं बायोपेस्टीसाइड सप्लाई करने के लिए अनुबंधित किया गया था। जिसमें कंपनी ने बिना मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस के ही ट्राइकोडर्मा समेत कई उत्पादों की सप्लाई की थी। जिस पर दुर्ग के ही सियाराम साहू नामक एक व्यक्ति ने शिकायत की थी, जिसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था।
कोर्ट ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश को खारिज कर दिया था, इसके बाद लीगल सेक्टर से भी सलाह ली गई और आदेश जारी किया गया। कुछ न कुछ खामियां रही होंगी, तभी एक कंपनी को बाहर किया गया होगा। इसकी पूरी फाइल मेरे टेबल में है वर्किंग-डे में बता पाउंगा।
-नरेंद्र दुग्गा, प्रबंध संचालक, बीज निगम
