
रायपुर (जसेरि)। नवा रायपुर में सीएम-मंत्री बंगलों और सिविल लाइंस के लिए प्रस्तावित जगह के निरीक्षण के बाद सीएम भूपेश ने मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम रमन सिंह पर तीखे आरोप लगाए। बघेल ने कहा कि नवा रायपुर में रमन सिंह ने संसाधनों को लुटवाने का काम किया है। पौंता चेरिया में हुए शिलान्यास की जमीन आईआईएम को दे दी। जमीन की बंदरबांट के कई और मामले इसी तरह के हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 24 में मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के आवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मो.अकबर, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चैबे और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलम एक्का ने सेक्टर 24 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए जल्द डी.पी.आर. तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन आवासों के नजदीक मंत्रीगणों के स्टाफ के लिए ट्रांजिट हास्टल बनाने भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य साल भर के भीतर पूर्ण करने के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार कर ली जाए। आवासों के नजदीक जरूरी जन सुविधाओं के लिए नजदीक में मार्केट विकसित किया जाए। यहां मनोरंजन के लिए पार्क, सिनेमा गृह आदि बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के आवास निर्माण से यहां बसाहट बढ़ेगी।
भूपेश-रमन के बीच शिलान्यास पत्थर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप

सीएम भूपेश बघेल मंगलवार को नवा रायपुर का दौरा किया। वे यहां सेक्टर-24 में बनने वाले सीएम आवास, राजभवन की जगह का जायजा लने पहुंचे थे। बता दें पिछले दिनों चार मंत्रियों ने भी इस इलाके का दौरा कर निरीक्षण किया था। नवा रायपुर के दौरे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उस शिलान्यास पत्थर को देखने पहुंचे जिस पर पूर्व सीएम रमन सिंह ने दुर्भावना का आरोप लगाया था। सीएम भूपेश बघेल ने कहा जिस जगह सोनिया गांधी के हाथों से लोकार्पण पत्थर लगाया गया उस जगह को भी रमन सिंह ने संस्था को आवंटित कर दिया ।
इस गलती को कैसे सुधारा जा सकता है, इसे देख रहे हैं । सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नवा रायपुर लेक के बगल की जमीन प्राइवेट बिल्डरों को रमन सिंह ने सौंप दी है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि 5 सालों तक बंदरबांट चलता रहा है। सीएम बघेल ने नवा रायपुर को बसाने की ठानी है। नवा रायपुर में लोगों की बसाहट बढ़े इसलिए सबसे पहले उन्होंने विधायकों और मंत्रियों को नवा रायपुर में बसाने का ऐलान किया है। सीएम के मुताबिक विधायक और मंत्रियों के बसने से वहां लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। धीरे-धीरे लोग भी वहां बसना शुरू करेंगे। नवा रायपुर में हाउसिंग बोर्ड के मकान बनकर तैयार है।
वहां कुछ मकान ही बिके हैं, जबकि कई मकान और प्लॉट खाली पड़े हैं। रायुपर से दूरी और सूनसान होने की वजह से कोई वहां रहना पसंद नहीं कर रहा। इसलिए सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है। इसकी गंभीरता को देखते हुए सीएम बघेल ने विधायकों और मंत्रियों को नवा रायपुर में सबसे पहले बसाने का ऐलान किए हैं।
पूर्व सीईओ बजाज निलंबत
2003 में सोनिया गांधी द्वारा पौंता चेरिया में रखे गए नया रायपुर के फाउंडेशन स्टोन वाले इलाके को आईआईएम को आवंटित करने के पिछले सरकार के फैसले की निंदा करते हुए भूपेश कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया। इसके लिए जिम्मेदार सीनियर आईएफएस अफसर एसएस बजाज को कैबिनेट ने निलंबित कर दिया है। बजाज एनआरडीए के सीईओ के रूप में यह जमीन आवंटित की थी। कैबिनेट का कहना था कि पूरा नया रायपुर 7 हजार 500 हेक्टेयर का प्लान है। आईआईएम को कहीं भी जमीन दे सकते थे, लेकिन उक्त अफसर ने बदनीयती से इसे आवंटित कर दिया। इसके लिए प्राइमरी रूप से अफसर को जिम्मेदार माना गया है।
