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K.W.N.S.-बस्तर। छत्तीसगढ-ओड़िशा बॉर्डर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते ट्राली बैग में लाखों रूपए का गांजा बरामद किया है. दरअसल अवैध गांजा तस्करी पर कार्यवाही करने में बस्तर पुलिस को एक बार पुनः सफलता मिली है। ज्ञात हो कि थाना नगरनार को सूचना प्राप्त हुआ था कि किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से गांजा की तस्करी उडीसा से छत्तीसगढ की ओर किया जा रहा है। सूचना पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल शर्मा के मार्गदर्शन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी नगरनार बुधराम नाग के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम गठित कर रवाना किया गया था। उक्त टीम के द्वारा छत्तीसगढ-उडीसा के सीमाक्षेत्र धनपुंजी में चेकपोस्ट लगाकर वाहनों की चेकिंग किया जा रहा था, इस दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति मिले, जिससे पूछताछ करने पर अपना-अपना नाम राहुल साहू एवं कृष्णा सेन दोनो निवासी मध्य प्रदेश का होना बताये। जिनके सामान की तलाशी लेने पर 24 किलोग्राम गांजा मिला। संदेही राहुल साहू एवं कृष्णा सेन का उक्त कृत्य एन.डी.पी.एस. एक्ट की परिधी में आने पर आरोपी कृष्णा सेन , राहुल साहू के विरूद्ध थाना नगरनार में 20(बी) एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से 24 किलोग्राम गांजा, 03 मोबाईल, नगद 2500/-रूपये एवं अन्य कागजात जप्त किया गया है। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। जप्तशुदा गांजा की अनुमानित कीमत 01 लाख 20 हजार रूपये आंकी गई है।
 

 K.W.N.S.-सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश के चलते नदियां लबालब है। उफनते नदियों के कारण कई इलाकों में बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। सीआरपीएफ, छात्रवास समेत कई मकान बाढ़ की चपेट में है। कई गांव टापू बन गए हैं। तेलंगाना में गोदावरी का जलस्तर 2006 के बाद 67 फिट से उपर पहुंच चुका है। इसके कारण सुकमा जिले के कोंटा इलाके में तेजी से बाढ़ का पानी बढ़ रहा है। CRPF 212 वीं बटालियन के मुख्यालय में 4 फिट तक पानी घुस गया है। जवानों की ओर से मुख्यालय को खाली किया जा रहा है। वहीं छठवें दिन भी नेशनल हाइवे 30 में वाहनों का आवागमन बंद रहा। कोंटा नगर का सभी मार्गों से सम्पर्क कट गया है।
 

 K.W.N.S.-बस्तर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने आज कलेक्टोरेट परिसर में स्थित संयुक्त जिला कार्यालय भवन में लेखा प्रशिक्षण शाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महापौर सफीरा साहू, नगर निगम सभापति कविता साहू, कोष, लेखा एवं पेंशन के संचालक नीलकंठ टीकाम, बस्तर कलेक्टर रजत बंसल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास उपस्थित थे। इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आजादी के बाद 75वें वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर अंचलवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य कर रही है। इसी कड़ी में बस्तर संभाग के लिपिकीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए यह शाला प्रारंभ की गई है। श्री लखमा ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुरानी पेंशन लागू करने के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ शासन की कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है।उन्होंने कहा कि पूर्व में कर्मचारियों को चार माह के इस प्रशिक्षण के लिए रायपुर और बिलासपुर जाना पड़ता था, जो कर्मचारियों के लिए काफी तकलीफदायक था। प्रशिक्षण से कार्य की गुणवत्ता बढ़ने के साथ ही गति भी बढ़ेगी। कोष, लेखा एवं पेंशन के संचालक श्री नीलकंठ टीकाम ने कहा कि बस्तर संभाग में लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी पदस्थ हैं, जबकि पूरे प्रदेश में कर्मचारियों की संख्या लगभग साढ़े चार लाख है। उन्होंने बताया कि बिना लेखा प्रशिक्षण के एकाउंटेंट का कार्य नहीं कर सकता। लेखा प्रशिक्षण के पश्चात एक वेतन वृद्धि मिलने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि यहां शासकीय के साथ ही अर्द्ध शासकीय कार्यालयों के लिपिकों को शासन के नियमानुसार कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त लेनदेन ऑनलाइन माध्यम से किए जाने के संबंध में भी उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इससे सहूलियत बढ़ी है।
 

K.W.N.S.-जगदलपुर। बस्तर पुलिस को शनिवार एक बार फिर से सफलता मिली है. पुलिस ने लाखों रुपयों के गांजे के तस्करी करने वाले एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, नगरनार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति सफेद रंग की कार में संदिग्ध सामान लेकर ओडिशा से जगदलपुर की तरफ जा रहा है. सूचना मिलते ही बस्तर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश पर नगरनार टीआई बुधराम नाग के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. पुलिस की टीम ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बॉर्डर क्षेत्र में स्थित धनपुंजी में नाकेबंदी करते हुए गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेना शुरू कर दिया।
पुलिस ने ओडिशा की तरफ से आ रही एक सफेद रंग की कार को तलाशी लेने के लिए रोक लिया. कार चालक से पूछताछ करते हुए वाहन की तलाशी लेना शुरू किया. तलाशी में पुलिस ने कार से 50 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए बताई गई है. कड़ी पूछताछ में हरियाणा निवासी आरोपी कार चालक संदीप जाट ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह यह गांजा लेकर हरियाणा बेचने जा रहा था. फिलहाल, पुलिस ने एनडीपीएस की धारा 20 (ख) के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया है।
 

 
K.W.N.S.-बस्तर। भैंसगांव गौठान में मुख्यमंत्री का स्वागत स्थानीय ग्रामीणों ने करगी के फूल की माला पहनाकर किया, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गेंडी भी चढ़े. जिसके बाद ग्राम बकावण्ड पहुंचे, इस दौरान तिलक-आरती कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान किया गया. रोती हुई बेटी को मुख्यमंत्री ने पास बुलाया,सिर पर हाथ फेरा और पानी पिलाया बस्तर विधानसभा का भैंसगांव ग्राम पंचायत, हजारों की भीड़ में से लोग अपनी अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने रख रहे हैं. इस भीड़ में एक बेटी सुबक रही है, आंखों से आंसू बह रहे हैं,कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है.लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पारखी नजरों ने भीड़ में भी रोती हुई बेटी को देख लिया. लोकेश्वरी नाम की बिटिया को मुख्यमंत्री ने अपने पास बुलाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और उसे पानी पिलाया. लोकेश्वरी अब शांत थी उसने मुख्यमंत्री से बात की और बताया कि उसके पिता की 15 साल पहले मौत हो चुकी है. घर ना होने की वजह से अपनी विधवा मां और भाई के साथ अपने मामा के यहां रहने को मजबूर है. आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वो और उसका भाई पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि घरेलू कार्यों में मां की मदद करनी पड़ती है। 
रोती हुई लोकेश्वरी के आंसुओं को पोंछते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल उसकी मदद की. मदद के लिए आवेदन की आवश्यकता थी तो बस्तर जिले के प्रभारी सचिव डॉ. अयाज भाई तंबोली ने उसका आवेदन अपने हाथों से लिखा और मुख्यमंत्री को दिया. बाल मन की संवेदनाओं को बेहतर समझने वाले मुख्यमंत्री ने इस आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करते हुए लोकेश्वरी को 3 लाख रूपए की आर्थिक मदद स्वीकृत कर दी. रोती हुई लोकेश्वरी अपने चेहरे पर मुस्कान और आंखों में विश्वास की चमक लेकर वापस लौटी क्योंकि यही है तो है छत्तीसगढ़ सरकार का मूलमंत्र, विकास विश्वास और सुरक्षा.
 

K.W.N.S.-बस्तर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर विधानसभा के ग्राम भैंसगांव में 16 करोड़ 83 लाख के कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर विकास कार्यों की सौगात दी। इससे पहले भूपेश बघेल ने भैंसगांव स्थित रूपशिला माता मंदिर में देवगुड़ी मरम्मत कार्य का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने देवगुड़ी में विधि विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की और देवगुड़ी स्थल पर कदम्ब के पौधे का रोपण भी किया।
वही मुख्यमंत्री ने भैंसगांव गौठान का निरीक्षण कर यहां कामकाज देखा।यह गौठान 1240 पशुओं के साथ संचालित है। जहां 4 महिला स्व-सहायता समूह गौठान की जिम्मेदारी उठाती हैं। इस गौठान से 506 परिवारों को लाभ हो रहा है। दो साल में गौठान से लगभग 2 लाख 73 हजार रूपए की आय हुई है।
 

रायपुर। ग्लेजिंग यूनिट के माध्यम से आर्थिक आय बढ़ाने और अपने हुनर को निखारकर बाजार तक पहुंचने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले के कुम्हारों को  बड़ी मदद मिलेगी। यह बात कुम्हाररास में ग्लेजिंग यूनिट के लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही। उन्होंने पूरे परिसर का अवलोकन किया। यहां ग्लेजिंग यूनिट के लिए स्थापित की गई मशीनों को देखा और यहां कुम्हारों द्वारा उत्पादित किये गये उत्पादों का डिस्प्ले भी देखा। कुम्हारों ने उन्हें अपने हाथों से बनी गजराज की प्रतिमा भी भेंट की। चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोककला में बड़ी संभावनाएं हैं और इनके पूर्ण दोहन के लिए माटीकला बोर्ड के माध्यम से ग्लेजिंग यूनिटों को प्रोत्साहित करने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। ग्लेजिंग यूनिट में लगी आधुनिक मशीनों की मदद से कुम्हार कम समय में मिट्टी की सुंदर सामग्री तैयार कर पाएंगे। एक स्थान में ऐसा डिस्प्ले यूनिट होने से उन्हें बाजार तक पहुंचने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी ने उन्हें विस्तार से कुम्हाररास ग्लेजिंग यूनिट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां बाल मिल, ब्लेंजर, एजिटेटर, फिल्टर प्रेस आदि मशीनें रखी गई हैं जिनके माध्यम से माटीकला का कार्य सहज हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का बहुत महत्व है इससे कला को निखारने में मदद मिलती है और इससे व्यावसायिक संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। दंतेवाड़ा में ग्लेजिंग यूनिट आरंभ हो जाने से अब माटीकला को बड़ा विस्तार मिल पाएगा।

दन्तेवाड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दन्तेवाड़ा जिले में 97 करोड़ 29 लाख के कुल 307 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद बस्तर लोकसभा दीपक बैज , दन्तेवाड़ा विधायक देवती महेन्द्र कर्मा, ,मुख्य सचिव अमिताभ जैन मौजूद थे।
दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी का दर्शन कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें ग्यारह किमी लंबी चुनरी ओढ़ाई और इस तरह से दंतेवाड़ा की डेनेक्स की बहनों का नाम विश्व रिकार्ड में दर्ज हो गया। इससे पहले नर्मदा मैया को मंदसौर में 8 किमी लंबी चुनरी ओढ़ाई गई थी। डेनेक्स की 300 महिलाओं ने केवल 7 दिनों में अपने हुनर से यह कार्य कर लिया। जब मुख्यमंत्री अपने हाथों से चुनरी अर्पित करने पहुंचे तो पूरे दंतेवाड़ा शहर में उत्सव सा माहौल था। पूरा शहर इस सुंदर दृश्य को देखने उमड़ आया था। ग्यारह किमी लंबी इस चुनरी के साथ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नागरिकों के गहरे उत्साह की जो झलक मिल रही थी। वो अपने आप में अद्भुत है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मावली माता और भैरव जी के दर्शन भी किये। इस दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सुमधुर ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया था। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि डेनेक्स की महिलाओं ने जो चुनरी बनाई है उससे उनके हुनर को पूरे देश में जगह मिलेगी और इससे उनके काम की ख्याति दुनिया भर में फैलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि हम प्रदेशवासी बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमें माईं दंतेश्वरी का निरंतर आशीर्वाद और उनकी छत्रछाया मिल रही है।

दंतेवाड़ा। होल सेल की देश की सबसे बड़ी यूनिट में से एक है अपने टैक्सटाइल यूनिट की वजह से देश भर में चर्चित दंतेवाड़ा के नवाचार डेनेक्स की नई यूनिट का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कटेकल्याण में किया। यहां 100 महिलाएं गारमेंट्स बनाएंगी। इसी के साथ डेनेक्स के पांचवे यूनिट छिंदनार का एमओयू हुआ। यह एमओयू डेनेक्स एफपीओ और एक्सपोर्ट हाउस तिरपुर के बीच हुआ जो तमिलनाडू के कोयंबटूर में होल सेल की देश की सबसे बड़ी यूनिट में से एक है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि दंतेवाड़ा में आप लोगों का नवाचार देश भर में विख्यात है और अब कटेकल्याण यूनिट के माध्यम से भी इसका कार्य आगे बढ़ेगा। इस मौके पर अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर उनसे आटोग्राफ भी महिलाओं ने चाहा, मुख्यमंत्री ने जैसे ही आटोग्राफ दिये, यूनिट की महिलाओं में खुशी छा गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सांसद दीपक बैज को डेनेक्स की बनी शर्ट भी गिफ्ट की।
उल्लेखनीय है कि डेनेक्स के माध्यम से दंतेवाड़ा वस्त्र व्यवसाय के एक नये केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। यहां के कपड़ों की गुणवत्ता की वजह से देश भर में इनकी माँग बढ़ी है और देश भर की व्यापारिक संस्थाएं इनसे एप्रोच कर रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि अब तक डेनेक्स के चार यूनिट हारम, बारसूर, कारली, कटेकल्याण में आरंभ हो चुके हैं और पांचवे यूनिट छिंदनार के लिए एमओयू हुआ है। डेनेक्स की यूनिटों के तेजी से प्रसारित होने की वजह से न केवल महिलाओं को रोजगार मिला है अपितु देश भर में संस्थान के कपड़ों की डिमांड होने से अपने कौशल संवर्धन का कार्य भी हो रहा है। उल्लेखनीय यह भी है डेनेक्स की महिलाओं ने ग्यारह किमी लंबी चुनरी का निर्माण भी किया है। जिसे मुख्यमंत्री दंतेश्वरी माई जी को अर्पित करेंगे।
 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर  ढेंकी चावल की ली जानकारी, परंपरागत साधनों को बढ़ावा देने पर जताई खुशी- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ढेंकी चावल भी देखा। जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पुराने समय में परंपरागत रूप से ढेंकी से ही चावल निकाला जाता था जिससे चावल के पौष्टिक गुण बचे रहते थे। मुख्यमंत्री ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि जैविक खेती के जो प्रयोग प्रदेश भर में हो रहे हैं उनमें दंतेवाड़ा जैसी जगहों के लिए और भी अच्छे अवसर हैं क्योंकि यहां की जमीन पहले ही वन भूमि होने की वजह से काफी ऊर्वर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा में जो नवाचार हो रहे हैं वे इस क्षेत्र के प्राकृतिक परिवेश के अनुकूल हैं।

सुकमा। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कमर टूटने लगी है। नक्सल संगठन लगातार बैकफुट दिखाई दे रहे हैं। नक्सली अब मुख्यधारा में लौटने लगे हैं और बेहतर जीवन की तलाश में नक्सल गतिविधियों से अपना नाता तोड़ रहे हैं। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी मुख्यधारा में लौट आए हैं।
इसी कड़ी में जिले के दो अलग-अलग जगहों पर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दो महिला समेत 9 नक्सलियों ने हथियार डाल दिया है। एक पर एक लाख का इनाम घोषित था। दो महिला समेत 9 नक्सलियों ने पुना नर्कोम अभियान और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है। इस दौरान सभी को प्रोत्साहन राशि दी गई है। शासन की योजनायों का लाभ भी दिया जाएगा।