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panchayattantra24.com-जगदलपुर। मनरेगा मद से स्वीकृत आवर्ती चराई विकास कार्य किया गया। वनमण्डलाधिकारी बस्तर वनमण्डल के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा मद से स्वीकृत आवर्ती चराई विकास कार्य धनियालूर कक्ष क्र पी 1202 रकबा 100.000 हेक्टेयर परिक्षेत्र माचकोट में किया गया है। आवर्ती चराई विकास कार्य के तहत् पशु अवरोधक खंती निर्माण कार्य 6500 रकबा मीटर में कराया गया है जिसमें कुल स्वीकृत राशि 7.60 लाख के विरूद्ध 6.89 लाख रूपए का व्यय किया गया है। क्षेत्र में नए पशु अवरोधक खंती का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के तहत् स्वीकृत कार्य में मजदूरी कार्य संबंधित ग्राम पंचायत अंतर्गत पंजीकृत जॉबकार्डधारी श्रमिकों को ही मजदूरी कार्य में संलग्न कर कराया है, तत्पश्चात मस्टर रोल का एमआईएस एंट्री कर वनमण्डल स्तर पर एफटीओ के माध्यम से भुगतान का कार्य किया गया है।
वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा धनियालूर आवर्ती चराई केंद्र में जिला खनिज संस्थान न्यास डीएमएफटी मद से स्वीकृत नलकूप खनन कार्य कराया गया है। नलकूप खनन का कार्य वनमण्डल स्तर पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में नलकूप खनन कार्य हेतु टेण्डर में सफल निविदाकार फर्म से ही कराया गया है। नलकूप खनन कार्य हेतु स्वीकृत राशि 1.20 लाख में से विमुक्त राशि 0.60 लाख का भुगतान किया है।

नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव, अब 10घंटे का रहेगा नाइट कर्फ्यू
 panchayattantra24.com,बस्तर जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है, पिछले 48 घंटों में 400 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है, इनमें 70 फीसदी से ज्यादा लोग एंटीजन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, वहीं 48 घंटे में इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन के अधिकारी भी अब सतर्कता बरतते हुए नाइट कर्फ्यू के समय में बदलाव करने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब 10 घंटे का नाइट कर्फ्यू रहेगा।
दरअसल पिछले सप्ताह भर से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. वर्तमान में कोरोना की तीसरी लहर से जिले में 700 से अधिक एक्टिव केस हैं और इसमें से केवल 48 घंटों में ही 400 संक्रमित मरीजों की मिलने की पुष्टि हुई है, वहीं अब तक तीसरी लहर से 4 लोगों की जान जा चुकी है. प्रशासन द्वारा धीरे-धीरे कोरोना जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही हर तीसरे मरीज की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ रही है, इधर बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 20 से भी अधिक स्थानों को कंटेनमेंट जोन बनाया है, बावजूद इसके इसका कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है, और दिन-ब-दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
 

panchayattantra24.com,बस्तर। जगदलपुर शहर के लागू नर्सिंग होम  में डिलवरी के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है, परिजनों ने आरोप लगाया है कि लागू नर्सिंग होम  में डॉक्टर स्टाफ की लापरवाही के चलते पेट में ही बच्चे की मौत हो गई और 12 घंटे से ज्यादा वक्त तक मरीज के पेट से बच्चे को नहीं निकाला गया था. जिस वजह से मरीज में इंफेक्शन का खतरा बना हुआ था. वहीं परिजन आरोप लगा रहे हैं कि डॉक्टर और स्टाफ मरीज को हाथ भी नहीं लगा रहे हैं उनका कहना है कि पहले ही स्टाफ की लापरवाही के चलते बच्चे की मौत हो गई है, वहीं दूसरी तरफ गंभीर हालत में भर्ती मरीज की जान लेने में भी हॉस्पिटल प्रबंधन तुले हुए है. हालांकि परिजनों के हंगामें के बाद मृत बच्चे को गर्भ से निकाल लिया गया है।
शहर के प्रतापगंज पारा निवासी पंकज साव ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती होने के बाद लगातार पिछले 6 महीनों से लागू नर्सिंग होम  में उनकी पत्नी का चेकअप चल रहा था और इस दौरान डॉक्टर के द्वारा चेकअप के नाम पर हर बार 25 से 30 हजार रुपये वसूली जा रही थी जब उनकी पत्नी 6 महीने की गर्भवती हुई तब भी डॉक्टर के द्वारा मां और बच्चा दोनों स्वस्थ होने की बात कही गयी थी, डिलीवरी के 1 दिन पहले तक बच्चा स्वस्थ होने की बात कहते हुए डिलीवरी शुरू की गई और एन वक्त पर सीजर ऑपरेशन करने की बात डॉक्टर के द्वारा कही गई और इसके लिए वे भी राजी हो गए, लेकिन सुबह 8 बजे डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया और इसकी वजह बच्चे का काफी कमजोर होना बताया.
 

प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण की दी मंजूरी
panchayattantra24.com-जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बस्तर संभाग के नये भवन निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री आज अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने उपस्थित पत्रकारों के साथ चर्चा की।
 पत्रकारों द्वारा इस अवसर प्रेस क्लब के नये भवन की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पत्रकारों द्वारा प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण हेतु जमीन का पट्टा देने तथा पत्रकारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं वेब पोर्टल के अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।

मुख्यमंत्री से पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों ने की मुलाकात
panchayattantra24.com-जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने प्रवास के दूसरे दिन बकावण्ड विकासखण्ड के गिरोला में पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों से मुलाकात कर चर्चा की। मुख्यमंत्री के गिरोला आगमन पर वहां के पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
 मुख्यमंत्री ने माता हिंगलाजिन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क, स्कूल और भवन बनाना तो सभी सरकारों का काम है। लेकिन हमारी सरकार का उद्देश्य सड़क, स्कूल और भवन बनाने के साथ-साथ व्यक्ति का विकास करना है। हमने सुपोषण और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के साथ ही यहां के बन्द पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने की शुरुआत की है। गरीब से गरीब लोगों को अनाज देने की व्यवस्था हमने की है। इसके साथ ही धान खरीदी, वनोपज खरीदी, गोबर खरीदी एवं तेंदूपत्ता खरीदी के माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार सुधारी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत भूमिहीनों को सालाना 6 हजार रुपये भी देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बकावंड तहसील मुख्यालय में महीने में 15 दिन एसडीएम कार्यालय संचालित करने और स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।
  मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किए बिना उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए किसी आदिवासी को उसकी जमीन से नहीं हटाया जाएगा। कारखाने और फैक्ट्रीज शासकीय भूमि में लगाए जाएंगे। इनमें 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में अब बस्तर की नई पहचान बन रही है। सुकमा में इमली से इमली कैंडी बन रही है, दंतेवाड़ा के डेनेक्स ब्रांड के कपड़े दूसरे राज्यों तक पहुँच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से चर्चा में कहा कि बस्तर के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
   कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसदद्वय दीपक बैज और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चन्दन कश्यप, विधायक राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., मुख्य वन संरक्षक मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर रजत बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हिंगलाजिन मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

मुरिया दरबार में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
panchayattantra24.com,जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुरिया दरबार को विश्वसनीय दरबार बताते हुए कहा कि इस दरबार में की गई मांगे पूरी होती हैं। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के तहत सिरहासार में आज आयोजित मुरिया दरबार में मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने टेम्पल कमेटी के लिए एक लिपिक और एक भृत्य की भर्ती की घोषणा करने के साथ ही यहां स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय का नामकरण वीर झाड़ा सिरहा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने दंतेश्वरी मंदिर में आधुनिक ज्योति कक्ष के निर्माण की घोषणा भी की।
मुरिया दरबार में शामिल हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 
आज मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए सिरहासार पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत मांझी-चालकियों द्वारा पारंपरिक पगड़ी पहनाकर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, दंतेवाड़ा विधायक श्रीमती देवती कर्मा, बस्तर के माटी पुजारी कमलचंद भंजदेव, क्रेडा अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एमआर निषाद, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण, मांझी, चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन, नाईक-पाईक, जोगी-पुजारी सहित बस्तर दशहरा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
सिरहासार पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का स्वागत 
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर विश्व में सबसे ज्यादा दिनों तक चलने वाले बस्तर के दशहरे का इस साल भी मिलकर किए गए संचालन को बहुत सुंदर बताते हुए इसके लिए बस्तर दशहरा समिति के सभी सदस्यों और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरे की कई विशेषताएं हैं,  जिसके कारण देश-विदेश के लोग हर साल इसमें शामिल होने के लिए बस्तर आते हैं। शासन-प्रशासन और पूरे बस्तर संभाग के लोग जिस तरह एकजुटता और आपसी सहयोग के साथ 75 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को सफल बनाते हैं, वह भी बस्तर दशहरे की विशेषता है। उन्होंने लोगों को एकजूट रखने के लिए इस संस्कृति और परंपराओं को आवश्यक बताते हुए इसे सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पीछे अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने की चिंता भी एक बड़ा कारण थी। आज हम लोग इसी दिशा में प्राथमिकता के साथ काम कर रहे हैं।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि मिलेगी राज्य स्थापना दिवस पर
बस्तर के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने के लिए बीते तीन वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पहले तीजा-पोरा, कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पर्व जैसे लोक त्यौहारों में सरकारी छुट्टी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार ने छुट्टियां शुरु की, ताकि छत्तीसगढ़ के लोग अपने त्यौहारों का ठीक तरह से आनंद ले सकें। इन्हीं त्यौहारों के माध्यम से हमारे संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते है। बस्तर में देवी-देवताओं को मानने की संस्कृति को विशिष्ट बताते हुए कहा कि बस्तर इकलौता स्थान है, जहां देवी-देवताओं की आराधना करने के साथ ही उनके साथ अपना संपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। वे अपने देवताओं के साथ खाते हैं, गाते हैं, नाचते हैं और देवताओं से रुष्ट भी होते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की इस संस्कृति के बारे में देश-दुनिया को जानने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए ही बस्तर संभाग में देवगुड़ियों और गोटुलों का संरक्षण किया जा रहा है। देवगुड़ियों के विकास और सौंदर्यीकरण के काम में पैसों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।  बस्तर और बस्तर की आदिम संस्कृति की चर्चा तो पूरी दुनिया में होती है, लेकिन लोग आज भी इसके बारे में अच्छी तरह नहीं जानते हैं। यहां की आदिवासी संस्कृति से पूरी दुनिया को परिचित कराने के लिए ही हम लोगों ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन शुरु किया है। सन् 2019 में रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया था। इसमें देश के 25 राज्यों के 2500 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। साथ ही साथ बांग्लादेश, श्रीलंकाए बेलारूस, मालदीव, थाईलैंड और युगांडा के कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया था। यह आयोजन तीन दिनों तक चला था। सन् 2020 में कोरोना.संकट के कारण यह आयोजन नहीं हो पाया था। लेकिन अब स्थिति बेहतर है, इसलिए इस साल भी राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी है। हमारे जनप्रतिनिधि पूरे देश में यात्रा करके न्योता बांट रहे हैं। इस बार राष्ट्रीय जनजातीय नृत्य महोत्सव 28 से 30 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होगा। देशभर के आदिवासी कलाकार इस बार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इस अवसर सभी को आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने का न्यौता भी दिया।
श्री बघेल ने कहा कि मुरिया दरबार का अपना शानदार इतिहास रहा है। इसमें शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह मुरिया दरबार हमारी संस्कृति की लोकतांत्रिक परंपराओं का सुंदर उदाहरण है। इस मुरिया दरबार में राजाए प्रजाए अधिकारी-कर्मचारी सब मिल-बैठकर बात करते हैं। गांव-समाज की समस्याओं पर बात करते हैं। अब तक जो विकास हुआ है, उस पर बात करते हैं और भविष्य में किस तरह विकास करना है इसकी योजना भी बनाते हैं। आज मैं इस दरबार में आप लोगों को विश्वास दिलाता हूंए विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति पर चलते हुए हमने जिस सुंदर, सुखद और समृद्ध बस्तर के निर्माण का वादा आपसे किया हैं, उस दिशा में इसी तरह ईमानदारी से काम करते रहेंगे।
 इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बस्तर की लोक संस्कृति को संरक्षित करने के लिए गांवों में देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख रुपए और गोटुल निर्माण के लिए 10 लाख रुपए प्रदान करने के आभार व्यक्त किया। उन्होंने बस्तर दशहरा को सफल बनाने के लिए के लिए कड़ी मेहनत करने वाले मांझी-चालकी, मेम्बरिन सहित अन्य सदस्यों के मानदेय बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पहले  बस्तर दशहरा समिति से जुड़े सदस्यों के मानदेय नहीं मिलने या कम मिलने जैसी समस्याएं थीं, जिसे वर्तमान सरकार ने दूर किया है। इससे सदस्यों में खुशी है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा के लिए रथ निर्माण हेतु होने वाली पेड़ों की कटाई की भरपाई नए पौधे लगाने की परंपरा की शुरुआत हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रथ निर्माण के लिए 53 वृक्ष काटे गए थे, जिसके एवज में साल के 500 पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मांझी चालकी भवन के लिए भी 15 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। संसदीय सचिव रेखचंद जैन और कलेक्टर रजत बंसल ने इस अवसर पर संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांझी-चालकी, कार्यकारिणी सदस्यों को मानदेय राशि का वितरण भी किया।

panchayattantra24.com,बस्तर। छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ के इनामी नक्सली नेता की मौत हो गई है. नक्सलियों ने आरके उर्फ रामकृष्ण के अंतिम संस्कार की तस्वीरें जारी की है. तेलंगाना सीमा क्षेत्र में RK का अंतिम संस्कार किया गया है. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में नक्सली शामिल हुए थे. मिली जानकारी के मुताबिक पाल्मेडु-कोंडापल्ली सीमावर्ती इलाकों में आरके का अंतिम संस्कार किया गया है. कल दोपहर 2 बजे अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में नक्लली शामिल हुए थे. माओवादी औपचारिकताओं के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. नक्सलियों ने आरके के शरीर पर लाल झंडा लगाकर श्रद्धांजलि दी।
 

panchayattantra24.com-जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की तैयारी के लिए 8 सितम्बर को बस्तर दशहरा समिति द्वारा जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में दोपहर 12 बजे बैठक रखी गई है। उक्त बैठक में संभाग के सातों जिलों के मांझी-चालकियों को शामिल करवाने हेतु संबंधित जिला के नोडल अधिकारी को अवगत कराया गया है।

panchayattantra24.com,नारायणपुर। अपनी जमीन का मालिकाना हक पाने का सपना हर व्यक्ति का होता है। जब यह सपना पूरा हो जाता है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों के जल, जंगल एवं जमीन के अधिकार को सुरक्षित रखकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा करने की कटिबद्धता के फलस्वरुप जिले में अब तक 5 हजार 767 हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे प्रदाय किया गया है। इन हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे प्रदाय सहित भूमि समतलीकरण एवं मेड़ बंधान के लिए सहायता प्रदान करने के फलस्वरुप खेती-किसानी को बढ़ावा मिला है। वहीं डबरी निर्माण के जरिये हितग्राही मछलीपालन एवं साग-सब्जी उत्पादन कर आय संवृद्धि कर रहे हैं। ज्ञातव्य है कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत् 13 दिसम्बर 2005 के पूर्व वन भूमि में काबिज हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सर्वाेच्च प्राथमिकता वनवासियों के अधिकारों की रक्षा एवं वनों का प्रबंधन स्थानीय समुदाय को सौंपने का है। मुख्यमंत्री श्री बघेल की इसी मंशा के अनुरुप जिले में वनाधिकार मान्यता पत्रों के प्रदाय में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। जिले में कुल 4 हजार 920 व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्रों के माध्यम से अधिकार प्रदान किया गया है। व्यक्तिगत वनाधिकार में कृषि भूमि, बाड़ी, आवासीय सुविधा एवं जीवन-यापन को उन्नत करने हेतु अन्य प्रयोजन की भूमि सम्मिलित है।
राज्य सरकार की मंशानुसार जिले में अब तक 847 सामुदायिक वनाधिकार पत्रों का वितरण किया गया है। इसके तहत् गौण वनोत्पाद, जलाशय, चारागाह, जैव विविधता इत्यादि प्रयोजन हेतु भूमि का अधिकार ग्राम सभाओं के माध्यम से वनवासी समुदाय को प्रदान किया गया है। इसके साथ ही वनवासियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने हेतु अब तक उपेक्षित प्रावधान को प्राथमिकता देने के फलस्वरूप जिले में समुदाय को ग्राम सभाओं के माध्यम से 847 सामुदायिक वन अधिकार पहली बार प्रदान किये गये हैं, जिसके तहत मूल निवासियों को जल, जंगल एवं जमीन के संपूर्ण प्रबंधन उपयोग सहित संरक्षण एवं पुर्नजीवन हेतु संपूर्ण अधिकार पहली बार प्रदान किया गया है।

panchayattantra24.com-जगदलपुर। शादी का झांसा देकर भगाने और रेप करने वाले आरोपी को चार माह बाद ओडिशा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी युवक के साथ नाबालिग को ओडिशा से बरामद किया गया, जहां उसके साथ जबरन युवक द्वारा रेप करने की बात बताई, जहां युवक के खिलाफ पुलिस ने अनाचार का मामला भी दर्ज किया है।
 थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि 16 अप्रैल को पुलिस थाना कोतवाली में प्रार्थी ने आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनकी नाबालिक पुत्री जो 15 अप्रैल को गोल बाजार स्थित एक स्कूल में एसांईमेंट पेपर जमा करने आयी थी, उसके बाद घर वापस ही नहीं आई, आवेदक के रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 363 दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया। 
4 माह बाद पुलिस को नाबालिक के बारे में सूचना मिली, जिसके बाद एक टीम बनाया गया। टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिक का पता तलाश हेतु आसपास के लोगों व रिश्तेदारों व मोबाईल लोकेशन के आधार पर पता तलाश किया गया। पता तलाश दौरान अपृहता/संदेही का लोकशन जैयपुर के पास आमागुड़ा ओडिशा में मिलने पर टीम को ओडिशा भेजा गया। जहां पुलिस पहुंचकर टीम द्वारा लोकेशन पर लगातार अपृहता/संदेही का पता तलाश कर 29 अगस्त को जैयपुर ओडिशा से टीम के द्वारा मौके पर गुम बालिका को आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया गया।
 नाबालिग से पूछताछ पर बताया कि आरोपी शिव कुमार यादव (19) अटल आवास जगदलपुर के द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले जाकर जबरन इच्छा के विरूद्व शारीरिक शोषण किया है। जिस पर आरोपी के खिलाफ अपराध धारा 363,366,376, भादवि 6 पाक्सो एक्ट दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।