रायपुर। ग्लेजिंग यूनिट के माध्यम से आर्थिक आय बढ़ाने और अपने हुनर को निखारकर बाजार तक पहुंचने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले के कुम्हारों को बड़ी मदद मिलेगी। यह बात कुम्हाररास में ग्लेजिंग यूनिट के लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही। उन्होंने पूरे परिसर का अवलोकन किया। यहां ग्लेजिंग यूनिट के लिए स्थापित की गई मशीनों को देखा और यहां कुम्हारों द्वारा उत्पादित किये गये उत्पादों का डिस्प्ले भी देखा। कुम्हारों ने उन्हें अपने हाथों से बनी गजराज की प्रतिमा भी भेंट की। चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोककला में बड़ी संभावनाएं हैं और इनके पूर्ण दोहन के लिए माटीकला बोर्ड के माध्यम से ग्लेजिंग यूनिटों को प्रोत्साहित करने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। ग्लेजिंग यूनिट में लगी आधुनिक मशीनों की मदद से कुम्हार कम समय में मिट्टी की सुंदर सामग्री तैयार कर पाएंगे। एक स्थान में ऐसा डिस्प्ले यूनिट होने से उन्हें बाजार तक पहुंचने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी ने उन्हें विस्तार से कुम्हाररास ग्लेजिंग यूनिट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां बाल मिल, ब्लेंजर, एजिटेटर, फिल्टर प्रेस आदि मशीनें रखी गई हैं जिनके माध्यम से माटीकला का कार्य सहज हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का बहुत महत्व है इससे कला को निखारने में मदद मिलती है और इससे व्यावसायिक संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। दंतेवाड़ा में ग्लेजिंग यूनिट आरंभ हो जाने से अब माटीकला को बड़ा विस्तार मिल पाएगा।
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