Browsing: बिलासपुर

बिलासपुर । हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की तरफ से गठित एसआईटी को मजबूत अपवाद बताया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपियों के इशारे के पर गठित एसआईटी को मजबूत अपवाद बताया है। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता और राज्य सरकार से पूरे रिकॉर्ड की मांग की है। कोर्ट ने आज तीन बजे तक सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। बता दें कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने कई मामलों को लेकर एसआईटी का गठन किया है। जिसको लेकर बीजेपी बदलापुर की राजनीति का आरोप लगाती रही है।
जानकारी के मुताबिक एसीबी के डीएसपी आर.के. दुबे की याचिका पर आज सुनवाई होगी। जिसको लेकर कोर्ट ने राज्य शासन से केस संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे के बाद सुनवाई होगी।

कोरबा । दर्री थाना के इंदिरानगर में रहने वाले एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी सफीक खान (65) के सूने मकान में धावा बोलकर चोरो ने लाखों रुपये का माल पार कर दिया है। चोरों ने सूनेपन का फायदा उठाकर घर की आलमारी में रखे 2 लाख 10 हजार नकदी और जेवरात समेत कुल 5 लाख 97 हजार के की चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
दर्री पुलिस को जैसे ही चोरी की खबर मिली सिटी एसपी पुष्पेंद्र बघेल प्रभारी रघुनन्दन शर्मा के साथ सदल बल मौके के लिए रवाना हो गए। चोरी के इस बड़ी वारदात की सूचना तत्काल पुलिस के आला अफसरों को दी गई जिसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की मदद से घर की बारीकी से छानबीन की गई।
पुलिस को इस छानबीन से कई अहम सुराग हाथ लगने की बात कही जा रही है। पड़ोस के लोगों से भी पुलिस जरूरी पूछताछ कर रही है। मूलतः करतला इलाके के रामपुर के रहने वाले सफीक खान एनटीपीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
उन्होंने दर्री थाना के इन्दिरानगर में आवास का निर्माण कराया है जहां वह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। सफीक खान बीते 27 फरवरी को सपत्नीक एक सगाई समारोह में हिस्सा लेने रायगढ़ जिले में छाल के उडुकेला गांव गए हुए थे। उन्होंने इस बात की सूचना अपने किरायेदारों को भी दी थी।
28 फरवरी को रात 8 बजे जब वह पत्नी के साथ घर पहुंचे और भीतर दाखिल हुए तो टूटी हुई आलमारी और अस्त व्यस्त सामान देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने जब अपने जेवर गहने और नकद रकम की जानकारी जुटाई तो टूटे आलमारी से 2 लाख 10 हजार नकद और 3 लाख 87 हजार के गहने जेवरात गायब मिले। पीड़ित सफीक ने फौरन इसकी सूचना दर्री थाने में दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला कायम करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की याचिका पर सुनवाई टल गई है। बता दें कि हाईकोर्ट चीफ़ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पी.पी. साहू के डिवीजन बैंच में सुनवाई होनी थी। याचिकाकर्ता धरमलाल कौशिक ने नॉन घोटाले में गठित SIT को लेकर जनहित याचिका दायर किया है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राज्य सरकार के SIT गठन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।

बिलासपुर । कुंभ मेला के दौरान प्रयागराज में ही पांच सफाई कर्मियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों से पैर धोए। उनमें एक महिला सफाई कर्मी ज्योति उर्फ अंजू (25) छत्तीसगढ़ के कोरबा के गेरवाघाट बस्ती की रहने वाली है।
उसका कहना है कि यह सम्मान पाकर वह अभिभूत है और उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका प्रधानमंत्री ऐस सम्मान करेंगे।
ज्योति ने बताया कि वह और उसका पति बबलू पिछले पांच माह से प्रयागराज में हैं और यहां रह कर सफाई कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हमारे काम की सराहना करते हुए कहा कि आपने अच्छा काम किया। मेला स्वच्छ रहा, कहीं गंदगी नहीं मिली। ज्योति का कहना है कि हमारा इतना बड़ा सम्मान होगा, हम इतना गर्व महसूस करेंगे, इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। सब कुछ मानो एक सपना सा रहा। गेरवाघाट के घर कोई नहीं है, ताला लगा है।
ज्योति का मायका इलाहाबाद में है। यही वजह से है कि वह अपने पति बबलू व देवर शनि के साथ के साथ कुछ माह से वहीं है। बबलू पिता रामप्रसाद का मूल घर रीवा है, पर कोरबा में लंबे अरसे से निवास कर मुड़ापार में एक ठेकेदार के अधीन कार्यरत है।
ज्योति यहां पर गृहणी के रूप में थी, पर कुंभ के मेले में इन दिनों वह अपने परिवार के साथ मिल कर सफाई कार्य में हाथ बंटा रही है। बबलू का बड़ा भाई राजू डीएवी स्कूल कोरबा में कार्यरत है। राजू एवं चाचा फूलचंद ने बताया कि यह खबर हमने भी आज अखबार में पढ़ी। हमें इस बात की खुशी है कि हमारे कार्य को सम्मान मिला है।

बिलासपुर। लगातार पांचवे साल भी इस बार फिर से जमीन का सरकारी रेट नहीं बढ़ेगा। जिले में जमीन के कलेक्टर गाइडलाइन रेट की वजह से लोगों पर रिजिस्ट्री के दौरान पड़ने वाले बोझ को कम करने तथा सरकारी और बाजार भाव के अंतर को खत्म करने के लिए गाइडलाइन रेट नहीं बढ़ाए जाने के आसार हैं।
हालांकि पिछले कुछ सालों में शहर के सभी 66 वार्डों में जमीन की कीमत बढ़ाने के बजाय केवल वहीं गाइडलाइन रेट बढ़ाए जा रहे हैं जहां अंतर ज्यादा था और विकास भी हुआ। साल बीत रहा है तो नया वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से लागू हो जाएंगे। तमाम कवायदों के बीच जमीन रजिस्ट्री शुल्क के साथ सरकारी कीमतों पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि जानकारों और विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस साल भी सरकारी कीमतें नहीं बढ़ने के आसार हैं। हालांकि प्रशासन इस बार भी ऐसे वार्डो की पहचान में जुटा है।
जहां अधिक बिक्री वहां 10 फीसदी बढ़ोत्तरी
सर्वे रिपोर्ट में इस बात का भी खास ख्याल रखा जा रहा है कि उनके वार्डों में पिछले साल जमीन की खरीदी बिक्री का आंकड़ा कितना रहा। हालांकि यह तय हो गया है कि जन जगहों पर जमीन की खरीदी बिक्री कम हुई है, वहां किसी कभी परिस्थिति में जमीन की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि ऐसे वार्डों की भी पहचान की जा रही है जहां सबसे ज्यादा मकान और फ्लैट या जमीन की बिक्री हुई है। इन वार्र्डो में जमीन की कीमत 5 से 10 फीसदी तक बढ़ाई जा सकती है।

नहीं बढ़ेगी फ्लैट और मकानों की कीमत
लगातार पांचवें साल भी जमीन की सरकारी कीमत नहीं बढ़ती है तो जिले में बने फ्लैट और मकानों की कीमत भी नहीं बढ़ेगी। इसका फायदा उन लोगों को होगा जो मकान, फ्लैट या जीमन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें पुरानी कीमत ममें भी प्रॉपटी मिलेगी। बिल्डरों ने भी साफ कर दिया है कि कलेक्टर गाइड लाइन में इजाफा नहीं होने पर प्रोजेक्ट महंगे नहीं होंगे। इसके अलावास सरकार एजेंसियां भी पहले ही तय कर चुकी हैं कि एक बार मकानों कीकीमत तय होन के बादउसे नहीं बढ़ाया जाएगा। लोगों को फिक्स रेट पर ही मकान दिए जाएंगे।
प्रदेश में नहीं मंगवाई जाती आपत्ति
मध्यप्रदेश राजस्थान समेत कई राज्यों में कलेक्टर गाइडलाइन तय करने से पहले लोगों से दावा आपत्ति भी मंगाई जाती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह सिस्टम नहीं है।  पड़ोसी राज्यों में पहले सभी जगहों की जमीन की कीमत फरवरी में ही तय कर दी जाती है। इसक बाद उस पर आपत्तियां मंगाई जाती है। इन आपत्तियों के निराकरण और सुझावों के बादनए सिरे से जमीन की कीमत तय की जाती है। इससे आम लोग सीधे अपनी राय दे सकते हैं। छत्तीसगढत्र में कही भी ऐसा सिस्टम नहीं है। आरआई और पटवारियों की सर्वे रिवोर्ट के आधार पर ही जमीन की सरीकारी कीमत तय कर दी जाती है।
अंत खत्म करना होगा
सरकार की ओार से कीमते नहीं बढ़ाने के संदेश मिे हैं। क्रेडाई के प्रस्ताव में कहा यगा है कि जमीन के बाजार भाव और सरकारी कीमत में अभी भी थोड़ा अंतर है, इसे खत्म करना होगा।  – एसपी चतुर्वेदीए सदस्य क्रेडाई
निर्देश के हिसाब से कीमतें
रजिस्ट्री शुल्क के साथ सरकारी कीमतों पर चर्चा राज्य स्तर पर जारी है। अभी तक कुछ तय नहीं हो सका है। स्टांप डायरेक्टर के माध्यम से जो भी निर्देश मिलेंगे उसी हिसाब से कीमतें लागू होगी।  – जेएस आर्मो, जिला पंजीयक
क्रेडाई ने लिखा ​सरकार को पत्र
गाइडलाइन रेट इस साल भी नहीं बढ़ाने के लिए बिल्डरों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई ने स्टांप कलेक्टर को इस बारे में प्रस्ताव देने के साथ ही मांग भी की हैं क्रेडाई के सदस्य एसपी चतुर्वेदी के मुताबिक सरकार की ओर से कीमतें नहीं बढ़ाने के संदेश मिले हैं।
श्री चतुर्वेदी के मुताबिक क्रेडाई की ओर से दिए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि जमीन के बाजार भाव और सरकारी कीमत में अभी भी थोड़ा अंतर है, खासतौर पर आउटर में। इस अंतर को पूरी तरह से खत्म करने के लिए ही इस साल भी जमीन की सरकारी कीमत में इजाफा नहीं करना चाहिए। रियल इस्टेट के कारोबार को बढ़ाने के लिए जमीन की सरकारी कीमत स्थिर रखनी होगी। 

रायपुर, । प्रदेश में राजस्थान के रास्ते आ रहे ऊपरी हवा के चक्रवात का असर दिखने लगा है। गुरुवार शाम से बादलों ने प्रदेश में डेरा जमाना शुरू कर दिया था और रात तक पूरी तरह से बादल छा गए थे। शुक्रवार को पूरे दिन बादल रहेंगे। दिन का पारा कम होगा और रात का तापमान बढ़ेगा। गुरुवार को भी यही स्थिति रही। दिन का पारा घटा और रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। रायपुर में दिन का अधिकतम पारा शून्य दशमलव तीन डिग्री गिरा, जबकि न्यूनतम दो डिग्री चढ़ गया।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा का कहना है कि समूचे प्रदेश में बादल, रहेंगे लेकिन बारिश बिलासपुर से सरगुजा संभाग में होगी। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बस्तर संभाग में ऊपरी हवा के इस चक्रवात का असर दिखाई पड़ सकता है। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग में ओला वृष्टि का पूर्वानुमान जारी किया है।
नौ से फिर लौटेगी ठंड
प्रदेश में ठंड की वापसी के लिए तैयार हो जाएं। जैसे ही बादल छंटेंगे, बारिश रुकेगी और फिर एक बार ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पारा चार से पांच डिग्री तक गिरेगा। यानी अभी पारा 17 डिग्री है तो यह 12 डिग्री तक पहुंच सकता है।

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जल संसाधन विभाग के ईई स्व.वीके श्रीवास्तव के निवास से परिजनों से मिलकर बाहर निकल रहे थे उसी वक्त मुंगेली जिले के तीरथ राम यादव उनके आने का इंतजार करते खड़े थे। उसे देखते ही सीएम पास पहुंचे और आने का कारण पूछा। तीरथ राम ने बताया कि 10 फरवरी को उनके गांव में रावत नाच का आयोजन है। इतना कहने के साथ ही वे हाथ जोड़कर बोले कि उनसे अनुमति लिए बगैर मुख्यअतिथि के रूप में उनका(सीएम भूपेश बघेल) का नाम छपवाकर निमंत्रण पत्र भी बांट दिया है।
तीरथ ने विश्वास के साथ कहा कि मुझे भरोसा था आप आएंगे इसलिए आपसे पूछा बगैर मैंने आमंत्रण प़त्र छपवाकर बांट दिया है। इतना कहने के साथ ही उसने सिर पर पहनी पगड़ी उतारी और सीएम के पैर में रख दी और कहा कि मेरी इज्जत आपके हाथ में है। सीएम ने पगड़ी ली और तीरथ के सिर पर रख दिया। तीरथ के सिर पर पगड़ी रखने के साथ ही उसे गले भी लगा लिया और कहा कि 8 फरवरी से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। इसलिए मैं नहीं आ पाऊंगा पर हां किसी न किसी मंत्री को रावत नाच महोत्सव में जरूर भेजूंगा।
सीएम का आश्वासन पाकर तीरथ गदगद हो गया। इस दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद थे। सीएम की सादगी देखकर कांग्रेसियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं आला अफसर हतप्रभ रह गए।

कोरबा । कुसमुंडा थाना के धरमपुर इलाके में उस वक़्त लोगों में अफरातफरी मच गई जब हरदीबाजार की तरफ से आ रही तेज रफ्तार ट्रेलर सड़क किनारे मौजूद एक घर में जा घुसा। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नही हुआ, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेलर की ठोकर इतनी जोरदार थी कि घर के दीवार से टकराने के बाद ट्रेलर का ट्राला और इंजन अलग हो गए।
करीब 10:30 बजे हरदीबाजार से खाली लौट रहा ट्रेलर (सीजी 12 एयू 4966) धरमपुर इलाके के सड़क किनारे रामप्रसाद के मकान में जा घुसा। हादसे की आवाज से सभी अपने घर से बाहर आ गए, उन्होंने आनन-फानन में ट्रेलर के ड्राइवर को बाहर निकालकर अस्पताल रवाना किया और घटना की जानकारी कुसमुंडा थाने को दी।
इस टक्कर से मकान मालिक का दुकान भी जद में आ गया और ढह गया। कुछ माह पहले एक साइकिल सवार अधेड़ भी इसी जगह पर एक ट्रेलर की चपेट में आया था और उसकी भी मौत हो गयी थी,और उसके बाद यह नया मामला है। बता दे कि यह मकान दुबराज का है जबकि उसके पिता रामप्रसाद लकवाग्रस्त है। बेटे ने बड़े अरमान से मकान से लगी एक दुकान शुरू की थी। ट्रेलर की ठोकर से दोनो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

बिलासपुर। सीपत स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया है। एनटीपीसी के यूनिट क्रमांक 4 में आधा दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान जोरदार विस्फोट हो गया। तेज धमाके से हुए विस्फोट के कारण काम कर रहे मजदूर चिमनी से नीचे गिर गए। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को एनटीपीसी के अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराया गया है।
इस घटना में घायल दो श्रमिकों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। एनटीपीसी प्रबंधन की लापरवाही से घटी घटना को लेकर मजदूरों में आक्रोश है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अफसर घटना स्थल के लिए रवाना हो गए है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त 5 श्रमिक और एक डिप्टी जनरल मैनेजर 17 मीटर ऊंची चिमनी के प्लेटफार्म पर काम कर रहे थे। इस प्लांट में शटडाउन चल रहा है। मैन्टेनेंस के दौरान विष्फोट हुआ और इसी की दहशत से सभी कामगार प्लेटफार्म से गिर पड़े।

बिलासपुर । सिम्स में आगजनी की घटना के बाद 18 साल से जमे सात डॉक्टरों का प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में तबादला कर दिया गया है। इनमें से छह एचओडी हैं। वहीं इनकी जगह एक प्राध्यापक व दो सहायक प्राध्यापक को भेजा गया है।
सिम्स में 22 जनवरी को आगजनी की घटना के बाद एनआइसीयू में गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को हटना पड़ा था। बाद में इसमें से पांच की मौत हो गई। घटना में सिम्स की अव्यवस्था सबसे सामने आ गई। मंत्री से लेकर अधिकारियों के निरीक्षण में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को घटना का प्रमुख कारण माना गया। इसके बाद मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सिम्स के सात डॉक्टरों का तबादला आदेश जारी कर दिया। इसमें से चार सीनियर डॉक्टर सालों से यहां जमे हुए हैं। इनमें पास सिम्स के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. रमणेश मूर्ति, अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीपी सिंह, मेडिसीन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. लखन सिंह और दंत रोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. भूपेंद्र कश्यप शामिल हैं।
इसके अलावा एनस्थीसिया डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. मधुमिता मूर्ति, रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. अर्चना सिंह और कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. हेमलता ठाकुर का नाम शामिल है। इनके स्थान पर जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. अविनाश मेश्राम, रायपुर मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. उल्लास गोन्नाडे और सहायक प्राध्यापक डॉ. रेखा बारापात्रे को सिम्स भेजा गया है।
कहां भेजे गए डॉक्टर
– डॉ. रमणेश मूर्ति अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. मधुमिता मूर्ति अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. बीपी सिंह जगदलपुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. अर्चना सिंह जगदलपुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. लखन सिंह अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. हेमलता सिंह अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज
– डॉ. भूपेंद्र कश्यप जगदलपुर मेडिकल कॉलेज
ये भी है वजह
– व्यवस्था संभालने में जिम्मेदार अधिकारी नाकाम रहे।
– तमाम संसाधन के बाद भी लोगों का उपचार से वंचित होना।
– शासन को आए दिन सिम्स प्रबंधन की शिकायत मिल रही थी।
– सिम्स में गुटबाजी के कारण कामकाज प्रभावित होना।
– लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई न करना।
– शिकायतों की जांच के नाम पर खानापूर्ति।
हाईकोर्ट के निर्देश का भी पालन नहीं किया गया।
प्रशासनिक कार्यों के साथ इलाज पर पड़ा असर
इस तबादले का सिम्स के प्रशासन के साथ चिकित्सकीय व्यवस्था पर असर पड़ेगा। ट्रांसफर सूची में शहर के कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों का नाम शामिल है। इन्हें सालों का अनुभव है। इनके जाने से मेडिकल कॉलेज में अध्यापन कार्य और पैथोलाजी व माइक्रोबायोलाजी का काम प्रभावित होगा। वहीं डॉ. लखन सिंह के जाने का सीधा असर मरीजों पर पड़ेगा। अब मेडिसीन डिपार्टमेंट का पूरा जिम्मा डॉ. पंकज टेम्भुर्णीकर पर आएगा। दोनों डॉक्टर ओपीडी में हर दिन 300 से 400 मरीजों को देखते थे।