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 बिलासपुर । बिलासपुर बाल सम्प्रेषण गृह में नाबालिग की संदिग्ध मौत के मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य शासन, गृह सचिव, बिलासपुर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सरकंडा थाना प्रभारी और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ।
जुलाई में चोरी के आरोप में नाबालिग को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था. नाबालिग की मां के हस्तक्षेप के बाद उसे सरकंडा बाल सम्प्रेषण गृह भेजा गया, जहां कुछ दिन बाद उसकी लाश संदिग्ध हालत में मिली. बेटे की संदिग्ध मौत को लेकर मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जस्टिस संजय के अग्रवाल के सिंगल बेंच ने याचिका की सुनवाई करते हुए संबंधितों को नोटिस भेज जवाब मांगा है ।
 

 
कोटा । शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया गया है और इनकी शिक्षा से ही छात्रों का भविष्य बनता है, लेकिन बेलगहना स्कूल में इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा विभाग और शिक्षकों की शिक्षा पर सवाल खड़े कर दिया है. मामला बेलगहना के शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला का है, जहां एक शिक्षिका ने 14 वर्षीय आठवीं कक्षा के नाबालिग छात्र को सिर्फ इसलिए डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दिया क्योंकि उसने खाली क्लास में सीटी बजाई थी. शिक्षिका की पिटाई से छात्र के पीठ पर लोरे के निशान साफ दिख रहे हैं । 
मामले में प्रभारी प्राचार्य मुड़त सिंह का कहना कि घटना के दौरान स्कूल के प्रधान पाठक कोटा मीटिंग में गये हुए थे. हाई स्कूल के प्रिंसिपल को शिकायत मिलने पर शिक्षिका को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है । 
जबकि पीड़ित छात्र ने बताया कि एक छात्र बीही ले लो चिल्ला रहा था तब मैंने सीटी बजाई उस बीच एक महिला आई और मुझसे पूछा कि सीटी किसने बजाई है, तो मैंने कहा कि मैंने बजाई है. तब स्कूल की गुप्ता मेडम ने किरण मेडम से कहा कि इसे बीस लाठी (डंडा मारो) फिर किरण मेडम ने मुझे पीठ पर बीस लाठी मारा । 
इस घटना का दूसरा पहलू भी बड़ा दिलचस्प है. घटना के बाद विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए स्कूल को हाई स्कूल के प्राचार्य पर डाल दिया. प्राचार्य ने भी इस शर्मनाक घटना पर मेडम को फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण मांग अपनी जवाबदेही पूरी कर, घटना से उच्च अधिकारियों को अवगत कराना जरूरी नहीं समझा । 
जब पीड़ित छात्र के परिजन छात्र को लेकर स्कूल में गए तो मेडम किरण परिजनों से माफ़ी मंगती रही, लेकिन सवाल ये भी उठता है कि इस तरह बेरहमी से मारने के बाद माफी मांगने वाले किरण मेडम पर क्या कार्रवाई होती है. सवाल ये भी है कि नाबालिग ने स्कूल की खाली क्लास में सीटी बजा दी, तो मेडम ने छात्र को डांट कर समझाने के बजाय बीस डंडे मार कर सजा दी । 
वहीं इस मामले में पूरा का पूरा स्कूल प्रबंधन मेडम को बचाने और छात्र के परिजनों को दबाव डालकर मामले को दबाने की फिराक में जुट गया है. देखना है कि मामले शिक्षा का अधिकार कानून और बाल सुरक्षा कानून छात्र और उसके परिजनों को न्याय दिलाने सामने आता है या फिर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है । 

 
 बिलासपुर। ट्रेन के टॉयलेट में लाश मिलने की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह लाश मिली है। सफाई के दौरान कर्माचारियों ने लाश को देखा जिसके बाद जीआरपी को सूचना दी गई। यात्री के शव की पहचान नहीं हो पायी है। यात्री की मौत बीमारी की वजह से हुई है ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है। घटना छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की बोगी नबंर 6 की है। फिलहाल जीआरपी मामले की जांच कर रही है।

 
 बिलासपुर । विधायक भीमा मंडावी की हत्या के मामले में हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की रिट पीटिशन को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के जांच की जिम्मा एनआईए को दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा है । 
आपको बता दें कि जस्टिस आरसी सामंत की सिंगल बेंच ने पहले ही मामले की जांच के दस्तावेज एनआईए को सौंपने के दिये थे. इस फैसले के खिलाफ शासन ने रिट याचिका दायर की थी. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में बुधवार को मामले की सुनवाई हुई. दरअसल, भीमा मंडावी हत्याकांड की राज्य सरकार ने न्यायिक जांच का निर्णय लिया था, वहीं केंद्र सरकार ने एनआईए जांच का आदेश देते हुए अधिसूचना जारी की थी । 
इस अधिसूचना में एनआईए एक्ट और अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पुलिस जांच रोकने और मामले के दस्तावेज एनआईए को सौंपने को कहा गया था. एनआईए ने इसके बाद राज्य पुलिस की ओर से घटना से संबंधित जानकारी नही दिए जाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुड़ी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की थी. जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जांच से जुड़े सभी दस्तावेज एनआईए को सौंपने का आदेश जारी किया था. उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ शासन की ओर से हाईकोर्ट की डबल बेंच में रिट याचिका लगाई गई थी, जिस पर कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि मामले की जांच एनआईए ही करेगी । 

 
बिलासपुर । बिलासपुर बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने चोरी की 13 बाइक जब्त कर लिया है. मामले में 10 आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई है. मुख्य आरोपी हीरादास सोनवानी ने 9 बाइक बेच चुका था. डॉयल 112 की मदद से सिरगिट्टी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में गिरोह के मास्टर माइंड हीरादास सोनवानी ने बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है. शहर एडिशनल एसपी ओपी शर्मा व सिरगिट्टी थाना प्रभारी शांत कुमार साहू ने मामले का खुलासा किया । 

 K. W. N. S. – बिलासपुर। आदिवासी समाज प्रकृति की पूजा करते हैं। पेड़-पौधे उनके देवता हैं। उनकी हर गतिविधि में प्रकृति की छाप दिखती है। उनके कारण ही जंगल बचा है। प्रकृति के साथ संतुलन बनाने के लिये आदिवासी विभिन्न पर्व मनाते हैं। यह किसी अन्य समाज में नहीं होता। प्रकृति प्रेम आदिवासी समाज में कूट-कूटकर भरा है। ऐसा कहना है छत्तीसगढ़ प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उईके का।

उन्होंने आज गोंडवाना समाज के नवाखाई कार्यक्रम एवं सामाजिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किया। तोरवा के सिंधु भवन में आयोजित गोंड़वाना समाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति सरलता, स्वाभिमान और भोलापन है। इसी प्रकृति के कारण उन्हें शोषण का शिकार बनाया जाता है। वे अपने अधिकारों से वंचित हैं। आदिवासियों के दर्द और तकलीफ को देखकर ही उन्होंने नौकरी छोड़ी और राजनीति में आकर उनकी सेवा के लिये तत्पर हैं। जो विश्वास और उम्मीद उनसे की गई है, वे उन्हें पूरा करने की कोशिश करेंगी।

 
 
 बिलासपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई एक दिन के लिए आगे बढ़ गई है. मामले की सुनवाई अब गुरुवार को होगी. मामले की जस्टिस आरसी सामंत की एकलपीठ में सुनवाई होगी । 
बता दें कि आदिवासी विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह की अध्यक्षता में बनी हाई पावर कमेटी का आदेश में है, जिसमें जोगी को आदिवासी नहीं माना गया है. जोगी ने इसी रिपोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है । 
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर विवाद करीबन दो दशक पुराना है. बिलासपुर निवासी संतकुमार नेताम की राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग से शिकायत करने के बाद शुरू हुआ सिलसिला अब तक चल रहा है । 

 
 बिलासपुर । . छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सड़क हादसे में एक मजदूर की जान चली गई। घटना सोमवार की सुबह सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंधी में हुई। घर से काम पर, बिलासपुर के लिए निकले मजदूर गफ्फार खान को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रेलर ने कुचल दिया। सड़क पर खूल से लथपथ गफ्फार ने दम तोड़ दिया।  दुर्घटना की खबर लगते ही आस-पास के ग्रामीण भीड़ की शक्ल में जमा हो गए। लोगों ने मुआवजे की मांग के साथ चक्काजाम कर दिया । 

 
 बिलासपुर । छत्तीसगढ़ पुलिस ने सिमी के फरार आतंकी अजहरूद्दीन उर्फ अजहर को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। सिमी आतंकी को पुलिस हैदराबाद से रायपुर लेकर आई थी। वहीं सोमवार को सिमी आतंकी को बिलासपुर में स्थित NIA कोर्ट में पेश किया गया । NIA कोर्ट में पुलिस ने रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए सिमी के आतंकी की रिमांड कोर्ट ने मंजूर की है। कोर्ट ने 24 अक्टूबर तक आतंकी अजहरूद्दीन उर्फ अजहर की न्यायिक रिमांड की मंजूरी की है।

 
 
 बिलासपुर । शहर के 16 राशन दुकानों में लाखों रुपए के चावल घोटाले की जांच पूरी हो गई है। इन दुकान संचालकों के यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल की कमी पाई गई है। इस मामले को लेकर इनके संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करके सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। खाद्य संचालनालय के आदेश पर शहर के 16 राशन दुकानों की जांच शुरू की गई थी। जांच का कार्य खाद्य निरीक्षक द्वय अजय कुमार मौर्य, वसुधा राजपूत ने संयुक्त रूप जांच की । इस जांच में 16 दुकानों मेंं चावल कम पाया गया है। जांच रिपोर्ट प्रभारी खाद्य नियंत्रक को सौंप दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर शहर के राशन दुकान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन दुकानों की जांच हुई : शहर के जिन राशन दुकानों की जांच की गई है इनमें प्रार्थना प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, नवोदय प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, श्रीगणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, बिलासा प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, इंडिया प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, आदर्श प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, सत्या महिला स्व सहायता समूह, अरपा प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, जय भवानी प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, भगवती प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, आदर्श प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, मां सतबहनिया महिला साख सहकारी समिति मर्यादित, सुषमा प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, रामकृष्ण प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, बजरंग प्राथमिक सहाकरी उपभोक्ता भंडार एवं महामाया प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार शामिल हैं।
सैकड़ों क्विंटल चावल का हिसाब-किताब नहीं : राशन दुकानों की जांच मेंं सैकड़ों क्विंटल चावल की कमी पााई गई है। इस मामले में खाद्य विभाग की तरफ से सभी दुकान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें सात दिनों के भीतर दुकान संचालकों से जवाब मांगा गया है। इन दुकान संचालकों के जवाब आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।