Browsing: बिलासपुर

 
  बिलासपुर । ट्रेनों में यात्री बनकर सफर के दौरान अन्य यात्रियों का सामान चोरी करने वाली महिला को आरपीएफ की टॉस्क टीम ने हिरासत में लेक र जीआरपी को सुपुर्द किया है। महिला से पूछताछ में चोरी के अन्य मामलों का खुलासा होने की उम्मीद जीआरपी को है।
रेलवे सुरक्षा बल की जानकारी के अनुसार चंदिया रोड़ से चिरमिरी तक चलने वाली ट्रेन नं. 58222 चिरमिरी पैसेंजर में कटनी बड़वारा निवासी रज्जू केवट पति सुनील केवट (25) सफर कर रही थी। ट्रेन अनूपपुर से छूटी। इस दौरान रज्जू बाई का लेडिज पर्स गायब मिला। काफी तलाश के बाद जब बैग नहीं मिला तो रज्जू को बंगल में बैठी महिला पर शंका हुई। रज्जू केवट ने ट्रेन में गश्त कर रहे जवानों से बैग चोरी की शिकायत की व बगल में बैठी महिला पर शंका जाहिर की। महिला की शिकायत टॉस्क टीम में मौजूद नैना सिंह व अन्य आरपीएफ महिला आरक्षक ने संदेही महिला की तलाशी ली तो लेडिस पर्स महिला ने साड़ी के अंदर छिपा कर रखा था। लेडिस पर्स बरामद होने के बाद आरपीएफ ने संदिग्ध महिला बुधनी बाई को हिरासत में लेकर जीआरपी शहडोल के हवाले कर दिया। महिला के ऊपर अपराध दर्ज कर शहडोल जीआरपी पूछताछ कर रही है।

 
 
 
 
 
 
 बिलासपुर । टाटा नगपुर एक्सप्रेस में रायगढ़ से रायपुर दोस्त के साथ सफर कर रहे युवक का गतौरा के पास एक युवक पर्स व मोबाइल चोरी कर भागते हुए ट्रेन से कूद गया। इस दौरान युवक भी ट्रेन से कूद कर चोर के पीछे भागने लगा। लगभग डेढ़ किलो मीटर तक पीछा करने के बाद युवक ने चोर को पकड़ लिया। प्रार्थी चोर के लेकर जीआरपी बिलासपुर पहुंचा और जीआरपी के सुपुर्द किया है। पुलिस धारा 379 के तहत आरोपी पर कार्रवाई कर रही है ।
जीआरपी के अनुसार अजय पिता विजय केशरवानी (33) अपने दोस्त के साथ टाटानगर नागपुर एक्सप्रेस के कोच एस-2 में बर्थ 44, 47 में सफर कर रहा था। ट्रेन जयराम नगर पहुंची इस दौरान एक युवक उसकी जेब से मोबाइल व पर्स चोरी कर रहा था। जेब से कुछ निकलने का आभास होने पर अजय ने युवक देखा तो चोरी कर भागने लगा। अजय ने फिल्मी स्टाईल में चोर का पीछा करना शुरु किया। ट्रेन के अंदर भाग रहा युवक काफी देर तक अजय व अन्य को छेकाता रहा और ट्रेन की रफ्तार कम हुई तो चोर कुद कर भागने लगा ।
अजय भी उसके पीछे ट्रेन से कूद गया। लगभग डेढ़ किलो मीटर तक पीछा करने के बाद अजय ने आरोपी चोर को पकड़ लिया। पीडि़त ने 182 में फोन किया सूचना दी। सूचना पर आरपीएफ की टीम भी तत्काल गतौरा स्टेशन पहुंच गई। रेलवे सुरक्षा बल के साथ अजय ने अपना मोबाइल खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन मोबाइल नहीं मिला ।

 
 
 
 
 बिलासपुर । हाइकोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बड़ी राहत मिली है. सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी गई है. जस्टिस आर सी सामन्त की बेंच से उन्हें ज़मानत मिली है. जूनियर जोगी करीब एक महीने बाद जेल से बाहर आएंगे । 
हाईकोर्ट में अमित जोगी की ओर से जबलपुर के अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह और विवेक शर्मा ने की पैरवी की. बहस के दौरान अमित जोगी के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि मामला पूरी तरह दस्तावेज पर आधारित है. इसलिए जेल में रखने की आवश्यकता नहीं है । 
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को पुलिस ने चुनावी हलफनामें में जन्म स्थान को लेकर गलत सूचना देने के लिए गिरफ्तार किया था. अमित जोगी की गिरफ्तारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मारवाही निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार समीरा पैकरा की शिकायत के बाद की गई थी. व्यवहार न्यायालय पेंड्रा में अमित जोगी की जमानत याचिका खारिज हो गई थी. जिसके बाद अमित जोगी न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था. गौरेला के गोरखपुर जेल में अमित जोगी को रखा गया था । 
जेल में रहने के दौरान अमित जोगी की तबियत भी बिगड़ी थी. तबियत को लेकर अमित को पेंड्रा, बिलासपुर और रायपुर तक इलाज के लिए लाया गया था. इलाज के दौरान अमित जोगी ने भूपेश बघेल पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे. अमित की याचिका को लेकर कई बार सुनवाई भी हुई, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली थी. आज जाकर जोगी को हाईकोर्ट से जमानत मिली है । 

 
बिलासपुर । खूंटाघाट बांध में जलभराव और बढ़ गया है। पाली क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण ऐसे हालात बने हैं। बांध पूरा भर जाने के कारण अतिरिक्त पानी वेस्ट वियर के जरिए सीधे खारंग नदी में गिर रहा है। इससे नदी किनारे के गांव में पानी भरने की समस्या खड़ी हो रही है। सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने कहा है। पाली क्षेत्र में होने वाली बारिश का पूरा पानी खूंटाघाट बांध में आता है। बांध पहले ही पूरा भर चुका है। ऐसे में अब जितना भी पानी आ रहा है वह वेस्ट वियर और नहरों में बहाया जा रहा है। नहर का पानी अंतिम छोर लोहर्सी, जोंधरा के किसान सिंचाई में उपयोग कर रहे हैं। वेस्ट वियर से बहता पानी समस्या बनी हुई है। इसका पानी छोटी खारंग नदी में आ रही है।
जितना पानी ऊपर से आ रहा है उसे डिस्चार्ज करने की क्षमता इस नदी में नहीं है। नतीजतन खारंग नदी का पानी अपना तटबंध तोड़कर आसपास के गांवों में घुस रहा है। इससे समस्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत खारंग नदी के आसपास की जगहों की है। यहां का पूरा पानी खूंटाघाट में रुक जाता है।
इसके कारण नदी में पानी का बहाव आमतौर पर कम रहता है। इस बार वेस्ट वियर से बड़े पैमाने पर पानी नदी में आ रहा है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसी तरह खूंटाघाट तक पानी लेकर जाने वाले नाले भी उफान पर हैं। असल में ज्यादा पानी आने के कारण फसल बचाने किसानों ने अपने खेत के मेड़ को फोड़ दिए हैं।
इससे खेतों में मौजूद पानी भी नाले में आकर समस्या को बढ़ा रही है। ऐसे ही एक नाले ने रतनपुर से पाली जाने वाले मुख्य मार्ग के पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे सड़क जाम लग रही है। यही हाल नदी किनारे के गांवों का भी है। कोटा में भी घोंघा बांध का जलस्तर बढ़ गया है।
यहां भी अतिरिक्त पानी ओवरफ्लो के जरिए बाहर गिर रहा है। यहां बांध के आसपास गांववालों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अरपा-भैंसाझार बैराज में पानी रोककर उसे नियंत्रित तरीके से नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके कारण बाढ़ वाले हालात नहीं बने। इसके बाद भी अधिकारी सकते में है। अगर पानी बड़े पैमाने पर आया तो समस्या खड़ी हो सकती है।
सेलर और उरतुम पुल के ऊपर से बह रहा पानी
खारंग नदी में पानी की ज्यादा आवक के कारण सेलर और उरतुम पुल डूबान में आ गया था। दोनों ही पुल के ऊपर दो फीट तक पानी चल रहा है। लोग यहां जान खतरे में डालकर आना-जाना कर रहे हैं। लोगों को समझाइश देने के लिए मौके पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
बांध में पानी की आवक ज्यादा है। अधिक पानी ओवरफ्लो के जरिए बह रहा है। अधिक पानी डिस्चार्ज न हो इसलिए नहर में भी पानी छोड़ रहे हैं ताकि सिंचाई भी हो सके।
आरपी शुक्ला
कार्यपालन अभियंता, खारंग डिवीजन

 बिलासपुर ।शहर में एक बार फिर से लेट नाइट नशे का कारोबार शुरू हो गया है। कहीं बार में जाम छलक रहे हैं तो कहीं हुक्के का धुआं उड़ाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में पुलिस कभी-कभार पहुंच रही है और बिना कार्रवाई किए चेतावनी का चम्मच बार संचालकों को पकड़ा कर वापस आ जा रही है। इस बात का प्रमाण तीन दिन पहले की हुई पुलिस की जांच से मिल रहा है। रामा मैग्नेटो मॉल में कुछ महिने पहले खुले भूगोल बार में जब पुलिस की टीम पहुंची थी तो बार निर्धारित समय के बाद भी खुला था। बार में विदेशी महिला डीजे चला रही थी और युवाओं की भीड़ नाच रही थी। पुलिस वहां पहुंची और हिदायत देकर वापस आ गई। ऐसी ही स्थिति शहर के हुक्का बारों की भी दिख रही है। यहां भी देर रात तक कश लगावाए जा रहे हैं।
3 साल पहले इसी मॉल के टीडीएस बार में गौरांग बोबड़े को अधिक शराब पिलाने के बाद उसी के साथियों ने मिलकर मौत के घाट उतारा था। घटना के बाद राज्य शासन के आदेश पर बार का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। कुछ दिन पहले की जांच में भूगोल बार में जो हालात मिले वो 3 साल पहले की घटना की याद ताजा कर रहा है। पुलिस ने सोमवार 23 सितंबर को शहर के सभी बार में जांच की थी। हुक्का बार की तलाश में की गई कार्रवाई में पुलिस जब बार में पहुंची तो विदेशी महिला डीजे की धुन पर युवाओं को नचा रही थी। जिसे देखकर पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी हैरान रह गए। ये नजारा तीन साल पहले हुए टीडीएस बार कांड को प्रदर्शित कर रहा था।
3 साल पहले हुआ था गौरांग बोबड़े हत्याकांड
मैग्नेटो मॉल में 22 जुलाई 2016 को टीडीएस बार में गौरांग बोबड़े को साथियों ने शराब पिलाई थी। देर रात निकलते समय गौरांग को सीढिय़ों से धकेल दिया था। सीसीटीवी कैमरे की रिकर्डिंग में आरोपी, गौरांग को धकेलते हुए दिखाई दिए थे। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामले में गौरांग के परिजनों की याचिका पर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।
साढ़े 10 बजे के बाद भी चलता है बार
आबकारी विभाग ने शहर के सभी बार को रात साढ़े 10 बजे तक चलाने की अनुमति दी है, लेकिन भूगोल बार एकमात्र ऐसा बार है, जहां देर रात तक शराब पिलाई जा रही है। आबकारी विभाग ने भूगोल बार के संचालक को बार व रेस्टोरेंट दोनों का लाइसेंस जारी किया है, जिसमें बार रात साढ़े 10 बजे और रेस्टोरेंट को साढ़े 11 बजे की अनुमति दी गई है, लेकिन बार व रेस्टोरेंट संचालक देर रात तक शराब पिलाने का काम कर रहे हैं।
3 महीने में हो चुकी है कई बार मारपीट
की घटना
भूगोल बार को खुले 3 महीने बीत चुके हैं। इन तीन महीनों में बार में कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। बार देर रात खुले रहने के कारण अधिकांश मारपीट कर वारदतें हुई हैं। बार में बाउंसर भी नियुक्त किए गए हैं, जो शराब अधिक पीने वाले युवकों की पिटाई भी करते हैं।

 
 
 बिलासपुर । ट्रेनों में चोरी करने वाले पश्चिम बंगाल गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे 18 हज़ार नगद, 93 हज़ार कीमती सोने का चेन बरामद हुआ है। जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
जीआरपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, बीते 22 सितंबर को भिलाई निवासी महिला यात्री उषा शर्मा, बिलासपुर से अकलतरा लिंक एक्सप्रेस में सफर के लिए ट्रेन में चढ़ने के दौरान सोने की चेन चोरी हो गई थी। मामले की शिकायत के बाद हरकत में आई जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें संदेहियों के सुराग के आधार पर जीआरपी की टीम ने अन्तर्राजीय गिरोह के 8 सदस्यीय टीम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी ने चोरी करना स्वीकार किया।
पकड़े गए सभी आरोपी 24 परगना पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। गिरोह महिला यात्रियों को टार्गेट कर ट्रेन में चढ़ने के दौरान चोरी का शिकार बनाता था। इतना ही नहीं चोरी के बाद शातिर अंदाज में आरोपी चोरी के गहनों को टूथपेस्ट के ट्यूब में छिपाकर रखते थे।

 
 
 
बिलासपुर । सहारनपुर रेलवे स्टेशन के करीब 18478 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में उस समय भगदड़ मच गई जब लोगों को ट्रेन में बम होने की जानकारी मिली। ट्रेन में बम होने की बात सुनते ही रेलवे अधिकारी भी सकते में आ गए और ट्रेन को टपरी जंक्शन में रोकर जांच की गई। बम न मिलने पर ट्रेन को रवाना किया गया था। ट्रेन जब बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची तो रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने ट्रेन की जांच के बाद आगे बढ़ाया।
आतंकी संगठन के स्टेशनों को बम से उड़ाने धमकी भरा खत मिलने के बाद से रेलवे ने देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को हाईअलर्ट पर रखा है। चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दौरान ट्रेनों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी रेलवे कर ही रहा था कि रविवार को हरिद्वार से छूटी 18478 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस रुड़की रेलवे स्टेशन को पार कर सहारनपुर रेलवे स्टेशन के करीब पहुंची थी इस दौरान कुछ लोगों ने ट्रेन बम होने की अफवाह फैला दी।
ट्रेन में बम होने की अफवाह से हडकम्प मच गया। टीटीई व अन्य स्टाफ यात्रियों को अफवाह होने की बात कहता रहा लेकिन यात्री मानने को तैयार नहीं हुए। ट्रेन में हंगामें के आसार बनता देख अधिकारियों ने रुड़की रेलवे स्टेशन में ट्रेन को रोक कर जांच का हवाला दिया।
ट्रेन रविवार सुबह 7.28 को निर्धारित समय पर रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंची, तब तक रेलवे सुरक्षा बल का बम निरोधी दस्ता व अन्य संसाधन के साथ रेलवे अधिकारी भी पहुंच चुके थे। ट्रेन की 2.30 घंटे तक पूरी तरह तलाशी लेने के बाद जब अधिकारी व आरपीएफ जवान निश्चित हो गए तब जाकर ट्रेन को रवाना किया गया।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन में हुई जांच : बम की अफवाह फैलने के बाद रेलवे का पूरा अमल ट्रेन को लेकर काफी संतर्क रहा। ट्रेन जब बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची तो बिलासपुर पोस्ट प्रभारी डी बस्तिया व अन्य स्टाफ ने ट्रेने की जांच की और पुरी के लिए रवाना किया।

 
 
 
 
 
बिलासपुर ।  अनमोल इंडिया चिटफंड कंपनी के धोखाधड़ी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद अभिषेक सिंह की याचिका पर आज सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. सांसद अभिषेक सिंह ने अनमोल इंडिया चिटफंड मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने याचिका लगाई थी. मामले में अलग-अलग 6 याचिकाएं लगी थी. आज हाईकोर्ट में जस्टिस आर.सी.एस. सामन्त की कोर्ट में सुनवाई हुई. बता दें कि चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया ने पूर्व सांसद अभिषेक सिंह को अपना स्टार प्रचारक बनाया था. बाद में लाखों रुपए का धोखाधड़ी कर काम बंद कर दिया. अभिषेक सिंह के खिलाफ राजनांदगांव में एफआईआर दर्ज हुई थी । 

 
 बिलासपुर । कटघोरा से बिलासपुर जाने वाले सड़क मार्ग के खस्ताहाल होने के कारण परेशान शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में कनकी के पास ही करीब 3 किलोमीटर का हिस्सा नहर पर नए पुल निर्माण के इंतजार में अटका है। इस नई सड़क से शहर से बिलासपुर की दूरी 20 किलोमीटर कम हो गई है। ऐसे में शार्टकट व चकाचक होने की वजह से अपने वाहन से शहरी-उपनगरीय क्षेत्र से कटघोरा-पाली होकर बिलासपुर जाने वाले राहगीर अब रूट बदलकर उरगा-बलौदा-सीपत सड़क से आवाजाही करने लगे हैं और ट्रैफिक बढ़ने लगा है। इसी तरह कोरबा-चांपा सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे होने से परेशान ज्यादातर लोग चांपा जाने के लिए उरगा से रूट डाइवर्ट करके पंतोरा-नैला होते सफर कर रहे हैं। बिलासपुर से सीपत तक पहले ही डबल लेन सड़क बन चुकी थी। इसलिए सीपत से उरगा तक पुराने बने पुराने सड़क को नए सिरे से डबल लेन सड़क बनाया गया है।

 
बिलासपुर । नगर निगम प्रशासन ने पुराने बस स्टैंड को ढहाकर यहां स्मार्ट सिटी की तर्ज पर तीन मंजिला व्यवसायिक काम्पलेक्स बनाने की तैयारी में है। इसके लिए बैठक आयोजित कर व्यापारियों से राय मांगी गई। व्यापारियों ने इसमें असहमति जताई है और कुछ ने तो ये भी कहा कि इसे बिलासपुर ही रहने दें दिल्ली न बनाएं। इस बात का खुलास तब हुआ जब यहां के कारोबारियों को तलब कर पूरी प्लानिंग बताई गई। व्यापारियों ने सड़क की दुकानों को छोड़कर अंदर जाने और पहले से ही कर्ज में लदे होने के कारण फंड देने में असमर्थता जाहिर कर असहमति जता दी। उपायुक्त के दुबारा समझाने के बाद व्यापारियों ने संघ के सदस्यों से चर्चा करने के बाद इस संबंध में कुछ भी कहने की बात कही है।
नगर निगम प्रशासन ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पुराने बस स्टैंड परिसर की दुकानों और पुराने स्ट्रक्चर को ढहाकर यहां तीन मंजिला व्यवसायिक काम्पलेक्स की योजना तय की है। इस काम्पलेक्स का निर्माण राजीव प्लाजा की तर्ज पर निजी निर्माण कंपनी से कराया जाएगा जो यहां काम्पलेक्स का निर्माण कराने के बाद दुकानों को बेचेगा और इसके बाद निगम को यहां से मासिक आमदनी मिलेगी। निगम प्रशासन की सूचना पर पुराने बस स्टैंड के व्यापारी गुरुवार को निगम कार्यालय विकास भवन के दृष्टि सभा कक्ष पहुंचे। उपायुक्त खजांची कुम्हार और बाजार विभाग के प्रभारी अनिल सिंह ने उन्हें प्रोजेक्टर के माध्यम से पूरी प्लानिंग दिखाई और इस बारे में कारोबारियों से राय मांगी। कारोबारियों ने कहा कि उनकी दुकान सड़क किनारे है इसलिए उन्हें सड़क से लगी दुकान चाहिए तो किसी ने यह कहकर आपत्ति जताई कि बस स्टैंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने के बाद वैसे भी उनका कारोबार पूरी तरह से बैठ गया है। वे कर्जे पर हैड्ड दुकान खरीदने के लिए वे भारी भरकम रकम कहां से लाएंगे।
निगम प्रशासन के बुलावे पर आए हैं, यहां आने के बाद पुराने बस स्टैंड परिसर के दुकानों को ढहाकर यहां नया तीनमंजिला व्यवसायिक काम्पलेक्स बनाने की बात कही गई और पूरी योजना का डेमोस्ट्रेशन दिखाया गया जिस पर व्यापारियों ने असहमति जताई है। निगम प्रशासन के समक्ष व्यापारियों ने भी अपनी बात रखी और एक सप्ताह बाद संघ के पदाधिकारियों से चर्चा कर अवगत कराने की बात कही है।
-विक्की आहूजा, अध्यक्ष पुराना बस स्टैंड व्यापारी संघ