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नई दिल्ली। अगर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों को हाई रकम वाले चेक के समाशोधन के लिए एक दिन पहले ही जानकारी देने होगी। बैंक ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने इस संबंध में पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) तैयार की थी। इसके तहत एक उच्च मूल्य का चेक जारी करने वाले ग्राहकों को चेक नंबर, चेक राशि, तिथि और लाभार्थी के नाम की फिर से पुष्टि करनी होती है।
चार अप्रैल को लागू किया गया था नियम
पीएनबी ने 10 लाख रुपये और उससे अधिक मूल्य वाले चेक के लिए पीपीएस प्रणाली को चार अप्रैल, 2022 को लागू किया था। बैंक के मुताबिक, यदि ग्राहक बैंक ब्रांच या डिजिटल चैनल के जरिए ₹10 लाख और उससे ऊपर चेक जारी करते हैं तो PPS कंफर्मेशन अनिवार्य होगा। ग्राहकों को अकाउंट नंबर, चेक नंबर, चेक अल्फा, चेक डेट, चेक अमाउंट और लाभार्थी का नाम देना पड़ेगा।”
एक दिन पहले देनी होगी जानकारी
बैंक ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्राहकों को सुचारू वेरिफिकेशन प्रोसेस और चेक की वापसी से बचने के लिए समाशोधन से कम से कम एक कार्य दिवस पहले अपने चेक की जानकारी देनी होगी।’’
क्या है पॉजिटिव पे सिस्टम?
पॉजिटिव पे सिस्टम एक प्रकार से फ्रॉड को पकड़ने वाला टूल है। इस सिस्टम के तहत कोई भी जब चेक जारी करेगा तो उसे अपने बैंक को पूरी डिटेल देनी होगी। इसमें चेक जारी करने वाले को SMS, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या मोबाइल बैंकिंग के जरिए इलेक्ट्रॉनिकली चेक की डेट, बेनेफिशियरी का नाम, अकाउंट नंबर, कुल अमाउंट और अन्य जरूरी जानकारी बैंक को देनी होगी। इस सिस्टम से चेक से पेमेंट जहां सुरक्षित होगा, वहीं क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। इसमें जारी किए गए फिजिकल चेक को एक जगह से दूसरी जगह घूमना नहीं पड़ता है। यह काफी आसान और सुरक्षित प्रोसेस है।

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्थिति के कारण दुनिया के बाजारों में खाने के सामान के दाम अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव बना रह सकता है। यानी आगे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
बिना किसी तय कार्यक्रम के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की दो-चार मई को हुई बैठक के बाद आरबीआई ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो को तत्काल प्रभाव से बढ़ाने की घोषणा की। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इस साल अप्रैल में मौद्रिक नीति समीक्षा में मुद्रास्फीति को लेकर जो अनुमान जताया था, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई दर 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति मार्च महीने में बढ़कर करीब सात प्रतिशत पर पहुंच गयी। मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि लगातार ऊंची मुद्रास्फीति से बचत, निवेश और प्रतिस्पर्धी क्षमता तथा उत्पादन वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ता है। ऊंची मुद्रास्फीति से सबसे ज्यादा गरीब लोगों पर असर पड़ता है क्योंकि इससे उनकी क्रय शक्ति प्रभावित होती है।
दास ने कहा, वैश्विक स्तर पर गेहूं की कमी से घरेलू कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। कुछ प्रमुख उत्पादक देशों के निर्यात पर पाबंदियों और युद्ध के कारण सूरजमुखी तेल के उत्पादन में कमी से खाद्य तेल के दाम मजबूत बने रह सकते हैं। पशु चारे की लागत बढ़ने से पॉल्ट्री, दूध और डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं।’दास ने अपने बयान में कहा, ”कीमतों के बारे में जानकारी देने वाले उच्च आवृत्ति के संकेतक खाद्य पदार्थों के दाम को लेकर दबाव बने रहने का संकेत देते हैं। साथ ही मार्च के दूसरे पखवाड़े से घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते दाम मुख्य मुद्रास्फीति को बढ़ा रहे हैं तथा अप्रैल में इसके और तेज होने की आशंका है। गवर्नर ने कहा कि कच्चे माल की लागत में वृद्धि से खाद्य प्रसंस्करण, गैर-खाद्य विनिर्मित वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक बार फिर बढ़ सकते हैं।

नई दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2,61,767.61 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। शेयर बाजारों में तेजी के रुख के बीच सप्ताह के दौरान सबसे अधिक लाभ एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,914.49 अंक या 3.33 प्रतिशत चढ़ गया।
समीक्षाधीन सप्ताह में एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 41,469.24 करोड़ रुपये बढ़कर 8,35,324.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्यांकन में 39,073.7 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 17,95,709.10 करोड़ रुपये रहा। हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 29,687.09 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये तथा भारती एयरटेल की 27,103.16 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 4,16,625.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
एचडीएफसी का बाजार पूंजीकरण 26,851.9 करोड़ रुपये बढ़कर 4,44,363.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बजाज फाइनेंस के बाजार मूल्यांकन में 26,672.18 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 4,48,810.74 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ICICI बैंक की बाजार हैसियत 25,975.05 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 5,11,777.01 करोड़ रुपये रही।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार मूल्यांकन 18,088.37 करोड़ रुपये बढ़कर 13,89,678.12 करोड़ रुपये पर और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मूल्यांकन 15,930.43 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 4,53,548.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समीक्षाधीन सप्ताह में इन्फोसिस की बाजार हैसियत 10,916.49 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 8,00,268.93 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा।

दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आज सोने-चांदी के रेट में बंपर उछाल देखने को मिला है। सोना अपने ऑल टाइम हाई से केवल 1843 रुपये प्रति 10 ग्राम ही सस्ता रह गया है। जबकि, चांदी दो साल पहले के अपने उच्चतम रेट से 4122 रुपये किलो सस्ती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं में कल रात की तेजी के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 427 रुपये की बढ़त के साथ 54,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 53,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 710 रुपये की बढ़त के साथ 72,028 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 71,318 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ 2,045 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, वहीं चांदी 26.43 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ”बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोने का हाजिर भाव गिरावट दर्शाता 2,045 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था जिससे सोने की कीमतों में मामूली नरमी देखी गई। पिछले सत्रों में निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में और मुद्रास्फीतिक आशंकाओं के कारण सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर के आसपास मंडरा रही थी।” डॉलर के कमजोर होने तथा अमेरिकी बांड आय में गिरावट ने सोने की कीमतों को रोकने में काफी मदद की।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस शोध) नवनीत दमानी ने कहा, ”यूक्रेन के मौजूदा संकट और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने मुद्रास्फीतिक चिंताओं को बढ़ाने के अलावा हाल के सप्ताह में जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों के रुझान को प्रभावित किया है।”
बुधवार को सर्राफा बाजारों में भी 24 कैरेट शुद्ध सोना 725 रुपये उछलकर खुला, जबकि चांदी के रेट में 988 रुपये की उछाल दर्ज की गई है। बता दें डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाले एक रुपये के बदलाव से सोने की 10 ग्राम की कीमत में 250-300 रुपये का अंतर आता है।
इंडिया बुलियंस एसोसिएशन द्वारा बुधवार को जारी हाजिर रेट के मुताबिक आज 24 कैरेट शुद्ध सोना 54283 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला । इस पर 3 फीसद जीएसटी जोड़ लिया जाय तो यह करीब 55911 रुपये बैठ रही है। वहीं चांदी पर जीएसटी जोड़ने के बाद यह 74034 रुपये प्रति किलो मिलेगी। आज चांदी 71878 रुपये प्रति किलो की दर से खुली।
अगर 23 कैरेट गोल्ड की बात करें तो आज यह 54066 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से खुला। इस पर भी 3 फीसद जीएसटी अलग से लगेगा यानी आपको मिलेगा 55687 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 49723 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। 3 फीसद जीएसटी के साथ यह 51214 रुपये का पड़ेगा। इससे बने जेवरों पर मेकिंग चार्ज और ज्वैलर्स का मुनाफा अलग से है।
सबसे ज्यादा बिकने वाले 18 कैरेट गोल्ड की कीमत अब 40712 रुपये है। 3 फीसद जीएसटी के साथ यह 41933 रुपये प्रति 10 ग्राम का पड़ेगा। वहीं, अब 14 कैरेट सोने का भाव 31756 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। जीएसटी के साथ यह 32708 रुपये प्रति 10 ग्राम पड़ेगा।

