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 K.W.N.S.-बूस्ट इंटरनेट स्पीड: हम हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन देखते हैं। इंटरनेट इस स्मार्टफोन की आत्मा है। बिना इंटरनेट के महंगा फोन भी बेकार है। इसलिए अच्छे नेटवर्क वाला सिम कार्ड लेने का चलन है। लेकिन कभी-कभी, एक अच्छे नेटवर्क कार्ड के साथ भी, आपको वह गति नहीं मिलती जो आप चाहते हैं। वीडियो देखते समय बफरिंग होने पर इसे बीच में ही बंद कर देना चाहिए। वहीं चुटकी में किया गया काम भी रुक जाता है। हो सकता है कि आपके स्मार्टफोन में भी इंटरनेट की स्पीड उतनी अच्छी न हो जितनी आप चाहते हैं। आज हम आपको कुछ आसान से स्टेप्स बताने जा रहे हैं। इससे आपके स्मार्टफोन में इंटरनेट स्पीड बढ़ जाएगी। वीडियो देखने से लेकर डाउनलोड करने तक इसमें तेजी आएगी। आज के स्मार्टफोन में डुअल सिम कार्ड स्लॉट होते हैं। तो सिम कार्ड आपकी पसंद के स्लॉट में डाला जाता है। लेकिन इससे आपके इंटरनेट की स्पीड प्रभावित होती है। शायद आप इस बात से सहमत न हों। लेकिन जिस सिम कार्ड का आप नेट इस्तेमाल करते हैं उसे स्लॉट नंबर एक में डालें। जब इस सिम स्लॉट में कार्ड डाला जाएगा, तो इंटरनेट बहुत तेजी से चलेगा और कॉलिंग भी सुचारू रूप से होगी। सिम कार्ड को स्लॉट में डालने के बाद, उसकी स्थिति को ठीक से जांचें। इसके कारण अगर सिम कार्ड को थोड़ा इधर-उधर घुमाया जाए तो सिम कार्ड ठीक से नहीं पढ़ा जाएगा। इसलिए इंटरनेट की समस्या बनी हुई है। आपको सिम कार्ड की स्थिति की जांच करनी चाहिए और विशेष ध्यान रखना चाहिए। स्लो इंटरनेट की समस्या आपके फोन में ही हो सकती है। डिफ़ॉल्ट सेटिंग आपके इंटरनेट की गति को धीमा कर देती है। इसके लिए आपको नेटवर्क सेटिंग को रीसेट करना होगा। सबसे पहले आपको सेटिंग >> मोबाइल नेटवर्क >> नेटवर्क ऑपरेटर >> ऑटोमैटिक >> टर्न ऑफ को चुनना होगा। इसके बाद आपको मैन्युअल रूप से नेटवर्क प्रोवाइडर को सेलेक्ट करना होगा। कैश आपके फ़ोन के आंतरिक संग्रहण को भर देता है। इससे इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है। यदि आपने लंबे समय से अपने फोन का कैशे साफ नहीं किया है, तो गति प्रभावित होगी। आज के स्मार्टफोन मल्टी टास्किंग हैं। यह इंटरनेट की गति को प्रभावित करता है। उन ऐप्स को बंद करें जिनका आप उपयोग नहीं कर रहे हैं। क्योंकि बैकग्राउंड में चलने वाले ये ऐप्स आपके इंटरनेट की स्पीड को स्लो कर सकते हैं।
 

 
K.W.N.S.-विश्व की शीर्ष मुद्रा 2022: दुनिया के हर देश की अपनी मुद्रा होती है। उसके माध्यम से देश में और वैश्विक बाजार में मुद्रा लेनदेन किया जाता है। इसलिए, हर देश की अर्थव्यवस्था को कम करके आंका जाता है। दुनिया के कुछ देशों की मुद्राएं इतनी महंगी हैं कि उनके बारे में पढ़कर आप चौंक जाएंगे। इन मुद्राओं की कीमत दुनिया के बाकी देशों की मुद्राओं से भी ज्यादा है। इस मुद्रा की तुलना में भारतीय रुपये का मूल्य बहुत कम है। तो आइए जानें कि इस मुद्रा के मुकाबले भारतीय रुपया कहां खड़ा है। कुवैती दिनार: clacified.com के अनुसार, कुवैती दिनार दुनिया की सबसे महंगी मुद्रा है। इसका मुद्रा कोड KWD है। एक कुवैती दीनार की कीमत वर्तमान में 3.26 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय मुद्रा की तुलना में एक कुवैती दिनार की कीमत 259.52 रुपये है। बहरीन दिनार: दूसरा बहरीन दिनार है। एक बहरीन दीनार 2.65 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। भारतीय रुपये की बात करें तो इसकी कीमत 211.7 रुपये है। ओमान रियाल: ओमान रियाल दुनिया की तीसरी सबसे महंगी करेंसी है। इस करेंसी का कोड OMR है। ओमानी रियाल की कीमत 2.60 अमेरिकी डॉलर है। भारतीयों को एक ओमान रियाल के लिए 206.96 रुपये देने होंगे।जॉर्डन दिनार: जॉर्डन दिनार दुनिया की चौथी सबसे महंगी मुद्रा है। जॉर्डन के एक दीनार की कीमत 1.41 अमेरिकी डॉलर है। जॉर्डन के एक दीनार के लिए भारतीय मुद्रा की कीमत 112.24 रुपये है। ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग: ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे महंगी मुद्रा है। मुद्रा कोड GBP है और एक ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग की कीमत 1.21 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। भारतीय रुपये की कीमत 96.30 रुपये है।
 

नई दिल्ली। अगर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों को हाई  रकम वाले चेक के समाशोधन के लिए एक दिन पहले ही जानकारी देने होगी। बैंक ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने इस संबंध में पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) तैयार की थी। इसके तहत एक उच्च मूल्य का चेक जारी करने वाले ग्राहकों को चेक नंबर, चेक राशि, तिथि और लाभार्थी के नाम की फिर से पुष्टि करनी होती है।
चार अप्रैल को लागू किया गया था नियम
पीएनबी ने 10 लाख रुपये और उससे अधिक मूल्य वाले चेक के लिए पीपीएस प्रणाली को चार अप्रैल, 2022 को लागू किया था। बैंक के मुताबिक, यदि ग्राहक बैंक ब्रांच या डिजिटल चैनल के जरिए ₹10 लाख और उससे ऊपर चेक जारी करते हैं तो PPS कंफर्मेशन अनिवार्य होगा। ग्राहकों को अकाउंट नंबर, चेक नंबर, चेक अल्फा, चेक डेट, चेक अमाउंट और लाभार्थी का नाम देना पड़ेगा।”
एक दिन पहले देनी होगी जानकारी
बैंक ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्राहकों को सुचारू वेरिफिकेशन प्रोसेस और चेक की वापसी से बचने के लिए समाशोधन से कम से कम एक कार्य दिवस पहले अपने चेक की जानकारी देनी होगी।’’
क्या है पॉजिटिव पे सिस्टम?
पॉजिटिव पे सिस्टम एक प्रकार से फ्रॉड को पकड़ने वाला टूल है। इस सिस्टम के तहत कोई भी जब चेक जारी करेगा तो उसे अपने बैंक को पूरी डिटेल देनी होगी। इसमें चेक जारी करने वाले को SMS, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम या मोबाइल बैंकिंग के जरिए इलेक्ट्रॉनिकली चेक की डेट, बेनेफिशियरी का नाम, अकाउंट नंबर, कुल अमाउंट और अन्य जरूरी जानकारी बैंक को देनी होगी। इस सिस्टम से चेक से पेमेंट जहां सुरक्षित होगा, वहीं क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। इसमें जारी किए गए फिजिकल चेक को एक जगह से दूसरी जगह घूमना नहीं पड़ता है। यह काफी आसान और सुरक्षित प्रोसेस है।

नई दिल्ली। अगर आप भी आने वाले त्योहारी सीजन में सस्ता हवाई सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके बजट को जोरदार झटका लग सकता है। हवाई जहाज में इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में आज यानी 16 जून को 16.3% की बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में एटीएफ का दाम बढ़कर 1,41,232.87 प्रति किलोलीटर हो गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में एयर फेयर (हवाई किराए) में देखने को मिल सकता है
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार स्पाइसजेट के CMD अजय सिंह ने कहा कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरते भाव के कारण घरेलू एयरलाइंस के सामने जल्द से जल्द किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि हवाई किराये में कम से कम 10 से 15% के इजाफे की जरूरत है। 
रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। एटीएफ की कीमतों में इजाफे की सबसे बड़ी वजह यही है। स्पाइसजेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह बताते हैं, ‘जून 2021 से अब तक एटीएफ की कीमतों में 120% का इजाफा देखने को मिला है। यह भारी वृद्धि टिकाऊ नहीं है। केन्द्र और राज्य सरकारों को एटीएफ पर  रखने वाले टैक्स में कटौती करने की जरूरत है। 
कोविड-19 की वजह से पिछली कई तिमाही में घरेलू एयरलाइंस कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। महंगे होते एटीएफ ने 30 से 40% तक का खर्च एयरलाइंस का बढ़ा दिया है। जिसका असर सीधे तौर मुनाफे पर पड़ रहा है। बता दें, लगातार एटीएफ की कीमतों में हो रहे इजाफे की वजह से लोकप्रिय रास्तों पर मई 2021 तुलना में मई 2022 में घरेलू हवाई सफर करने वाले लोगों को 50 से 75% अधिक किराया देना पड़ा है।
 

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्थिति के कारण दुनिया के बाजारों में खाने के सामान के दाम अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई का दबाव बना रह सकता है। यानी आगे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
बिना किसी तय कार्यक्रम के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की दो-चार मई को हुई बैठक के बाद आरबीआई ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो को तत्काल प्रभाव से बढ़ाने की घोषणा की। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इस साल अप्रैल में मौद्रिक नीति समीक्षा में मुद्रास्फीति को लेकर जो अनुमान जताया था, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई दर 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति मार्च महीने में बढ़कर करीब सात प्रतिशत पर पहुंच गयी। मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि  लगातार ऊंची मुद्रास्फीति से बचत, निवेश और प्रतिस्पर्धी क्षमता तथा उत्पादन वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ता है। ऊंची मुद्रास्फीति से सबसे ज्यादा गरीब लोगों पर असर पड़ता है क्योंकि इससे उनकी क्रय शक्ति प्रभावित होती है।
दास ने कहा, वैश्विक स्तर पर गेहूं की कमी से घरेलू कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। कुछ प्रमुख उत्पादक देशों के निर्यात पर पाबंदियों और युद्ध के कारण सूरजमुखी तेल के उत्पादन में कमी से खाद्य तेल के दाम मजबूत बने रह सकते हैं। पशु चारे की लागत बढ़ने से पॉल्ट्री, दूध और डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं।’दास ने अपने बयान में कहा, ”कीमतों के बारे में जानकारी देने वाले उच्च आवृत्ति के संकेतक खाद्य पदार्थों के दाम को लेकर दबाव बने रहने का संकेत देते हैं। साथ ही मार्च के दूसरे पखवाड़े से घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते दाम मुख्य मुद्रास्फीति को बढ़ा रहे हैं तथा अप्रैल में इसके और तेज होने की आशंका है। गवर्नर ने कहा कि कच्चे माल की लागत में वृद्धि से खाद्य प्रसंस्करण, गैर-खाद्य विनिर्मित वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक बार फिर बढ़ सकते हैं।


नई दिल्ली। सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2,61,767.61 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। शेयर बाजारों में तेजी के रुख के बीच सप्ताह के दौरान सबसे अधिक लाभ एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,914.49 अंक या 3.33 प्रतिशत चढ़ गया।
समीक्षाधीन सप्ताह में एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 41,469.24 करोड़ रुपये बढ़कर 8,35,324.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्यांकन में 39,073.7 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 17,95,709.10 करोड़ रुपये रहा। हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत 29,687.09 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये तथा भारती एयरटेल की 27,103.16 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 4,16,625.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
एचडीएफसी का बाजार पूंजीकरण 26,851.9 करोड़ रुपये बढ़कर 4,44,363.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बजाज फाइनेंस के बाजार मूल्यांकन में 26,672.18 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 4,48,810.74 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ICICI बैंक की बाजार हैसियत 25,975.05 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 5,11,777.01 करोड़ रुपये रही।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार मूल्यांकन 18,088.37 करोड़ रुपये बढ़कर 13,89,678.12 करोड़ रुपये पर और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मूल्यांकन 15,930.43 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 4,53,548.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समीक्षाधीन सप्ताह में इन्फोसिस की बाजार हैसियत 10,916.49 करोड़ रुपये के उछाल के साथ 8,00,268.93 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा।

नई दिल्ली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2022 में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जो 12 करोड़ से अधिक किसानों पर सीधा असर डालेगा। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 8 बदलाव हो चुके हैं। कुछ दिन पहले लाभार्थियों के लिए को e-KYC करना जरूरी हो कर दिया गया था। अब जो बदलाव हुआ है, उससे अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसानी से हो जाएगी।
क्या बदला है?
पीएम किसान के तहत लााखों किसानों ने फर्जी तरीके से 2000-2000 रुपये की कई किस्तें डकार लीं। कोई आयकरदाता होते भी किस्त पा रहा है तो किसी के परिवार में पति-पत्नी दोनों किस्त उठा रहे हैं। भले से खेत पति और पत्नी के नाम हों, लेकिन अगर एक ही साथ रहते हैं और परिवार में बच्चे नाबालिग हैं तो केवल एक ही व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार ने ऐसे अपात्रों पर शिकंजा कसने के लिए वसूली का नोटिस भेजना श्ुरू कर दिया है। कई जगहों पर तो लोगों के जेल जाने की भी नौबत आ गई है। अगर आप जेल नहीं जाना चाहते हैं तो गलत तरीके से लिए गए पीएम किसान का पैसा वापस कर दें। इसके लिए सरकार ने पीएम किसान पोर्टल पर एक सुविधा दी है। आप ऑनलाइन पैसा रिफंड कर सकते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त आने से ठीक पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है।
सातवां बदलाव: 
मोदी सरकार ने इस योजना में एक बड़ा बदलाव करके किसानों को तोहफा दिया था। वह बदलाव था कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता था।
इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल नंबर से स्टेटस चेक करने में बहुत अधिक सहूलियत थी। वहीं, इसके नुकसान भी बहुत थे। दरअसल बहुत से लोग किसी का भी मोबाइल नंबर डालकर स्टेटस चेक कर लेते थे। ऐसे में किसानों की बहुत सारी जानकारी दूसरे लोग हासिल कर लेते थे। अब ऐसा होना मुश्किल है। 
छठा बदलाव: e-KYC अनिवार्य
सरकार ने PM KISAN योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए e-KYC  आधार अनिवार्य कर दिया है। पोर्टल पर कहा गया है कि आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण के लिए किसान कॉर्नर में ईकेवाईसी विकल्प पर क्लिक करें और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए निकटतम सीएससी केंद्रों से संपर्क। वैसे आप घर बैठे ही अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की मदद से इसे पूरा कर सकते हैं।
पांचवां बदलाव: जोत की सीमा खत्म
योजना की शुरुआत में केवल उन किसानों को इसका पात्र माना गया, जिनके पास कृषि योग्य खेती 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ थी। अब मोदी सरकार ने यह बाध्यता खत्म कर दी है ताकि इसका लाभ 14.5 करोड़ किसानों को मिल सके।
चौथा बदलाव: आधार कार्ड अनिवार्य
अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। 
तीसरा बदलाव: खुद रजिस्ट्रेशन की सुविधा
पीएम किसान योजना का लाभ अधिक से अधकि किसानों तक पहुंचे, इसके लिए मोदी सरकार ने लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी के चक्कर लागाने की बाध्यता ही खत्म कर दी। अब किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं वो भी घर बैठे। अगर आपके पास खतौनी,  आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर है तो  pmkisan.gov.in  पर फामर्स कॉर्नर में जाकर खुद अपना रजिस्ट्रेशन कर लें।
दूसरा बदलाव: स्टेटस जानने की सुविधा
सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता है।
पहला बदलाव: किसान क्रेडिट कार्ड और मानधन योजना का लाभ
पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को भी जोड़ दिया गया है। पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी बनवाना आसान हो गया है।  केसीसी पर 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक किसानों को लोन मिलता है। वहीं  पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान को पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं।
 

दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आज सोने-चांदी के रेट में बंपर उछाल देखने को मिला है। सोना अपने ऑल टाइम हाई से केवल 1843 रुपये प्रति 10 ग्राम ही सस्ता रह गया है। जबकि, चांदी दो साल पहले के अपने उच्चतम रेट से 4122 रुपये किलो सस्ती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं में कल रात की तेजी के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 427 रुपये की बढ़त के साथ 54,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 53,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 710 रुपये की बढ़त के साथ 72,028 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 71,318 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट के साथ 2,045 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, वहीं चांदी 26.43 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ”बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोने का हाजिर भाव गिरावट दर्शाता 2,045 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था जिससे सोने की कीमतों में मामूली नरमी देखी गई। पिछले सत्रों में निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में और मुद्रास्फीतिक आशंकाओं के कारण सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर के आसपास मंडरा रही थी।” डॉलर के कमजोर होने तथा अमेरिकी बांड आय में गिरावट ने सोने की कीमतों को रोकने में काफी मदद की।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस शोध) नवनीत दमानी ने कहा, ”यूक्रेन के मौजूदा संकट और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने मुद्रास्फीतिक चिंताओं को बढ़ाने के अलावा हाल के सप्ताह में जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों के रुझान को प्रभावित किया है।”
बुधवार को सर्राफा बाजारों में भी 24 कैरेट शुद्ध सोना 725 रुपये उछलकर खुला, जबकि चांदी के रेट में 988 रुपये की उछाल दर्ज की गई है। बता दें डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाले एक रुपये के बदलाव से सोने की 10 ग्राम की कीमत में 250-300 रुपये का अंतर आता है।
इंडिया बुलियंस एसोसिएशन द्वारा बुधवार को जारी हाजिर रेट के मुताबिक आज 24 कैरेट शुद्ध सोना  54283 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला । इस पर 3 फीसद जीएसटी जोड़ लिया जाय तो यह करीब 55911 रुपये बैठ रही है। वहीं चांदी पर जीएसटी जोड़ने के बाद यह 74034 रुपये प्रति किलो मिलेगी। आज चांदी 71878  रुपये प्रति किलो की दर से खुली।
अगर 23 कैरेट गोल्ड की बात करें तो आज यह 54066 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से खुला। इस पर भी 3 फीसद जीएसटी अलग से लगेगा यानी आपको मिलेगा 55687  रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से। वहीं,  22 कैरेट सोने का भाव  49723 रुपये प्रति 10 ग्राम पर  खुला। 3 फीसद जीएसटी के साथ यह 51214 रुपये का पड़ेगा। इससे बने जेवरों पर मेकिंग चार्ज और ज्वैलर्स का मुनाफा अलग से है।
सबसे ज्यादा बिकने वाले 18 कैरेट गोल्ड की कीमत अब 40712 रुपये है।  3 फीसद जीएसटी के साथ यह 41933 रुपये प्रति 10 ग्राम का पड़ेगा। वहीं, अब 14 कैरेट सोने का भाव 31756 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। जीएसटी के साथ यह 32708 रुपये प्रति 10 ग्राम पड़ेगा।

नई दिल्ली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त आने से पहले इस योजना में दो महत्वपूर्ण बदलाव हो चुके हैं।  कुछ दिन पहले लाभार्थियों के लिए को e-KYC करना जरूरी कर दिया गया था और अब स्टेट चेक करने का तरीका भी बदल चुका है। बता दें पीएम किसान योजना के तहत मोदी सरकार हर साल किसानों के खातों में 6000 रुपये की रकम 2000-2000 की तीन किस्तों में भेजती है। अब तक 10 किस्तें जारी हो चुकी हैं और 11वीं किस्त 1 अप्रैल के बाद कभी भी जारी की जा सकती है। अब तक इस योजन में 12.48 से अधिक किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
अब मोबाइल नंबर से नहीं देख पाएंगे स्टेटस
पहले पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता था।अब ताजा बदलाव के कारण पीएम किसान पोर्टल पर आप मोबाइल नंबर से अपना स्टेटस नहीं देख पाएंगे। अब आप केवल अपने आधार नंबर अथवा बैंक अकाउंट नंबर से ही स्टेटस जान पाएंगे। 
बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
इसमें कोई शक नहीं कि मोबाइल नंबर से स्टेटस चेक करने में बहुत अधिक सहूलियत थी। वहीं, इसके नुकसान भी बहुत थे। दरअसल बहुत से लोग किसी का भी मोबाइल नंबर डालकर स्टेटस चेक कर लेते थे। ऐसे में किसानों की बहुत सारी जानकारी दूसरे लोग हासिल कर लेते थे। अब ऐसा होना मुश्किल है। 
 अब स्टेटस चेक करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें..
पहले पीएम किसान (PM Kisan) की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
यहां आपको राइट साइड पर ‘Farmers Corner’ का विकल्प मिलेगा
यहां ‘Beneficiary Status’ के ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां नया पेज खुल जाएगा।
नए पेज पर आधार नंबर, बैंक खाता संख्या में से किसी एक विकल्प को चुनिए। इन 2 नंबरों के जरिए आप चेक कर सकते हैं कि आपके  अकाउंट में पैसे आए या नहीं।
आपने जिस विकल्प का चुनाव किया है, उसका नंबर भरिए। इसके बाद ‘Get Data’ पर क्लिक करें।
यहां क्लिक करने के बाद आपको सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी मिल जाएगी। यानी कौनसी किस्त कब आपके खाते में आई और किस बैंक अकाउंट में क्रेडिट हुई। 
e-KYC कंप्लीट करना जरूरी
सरकार ने PM KISAN योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए e-KYC  आधार अनिवार्य कर दिया है। पोर्टल पर कहा गया है कि आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण के लिए किसान कॉर्नर में ईकेवाईसी विकल्प पर क्लिक करें और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए निकटतम सीएससी केंद्रों से संपर्क। वैसे आप घर बैठे ही अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की मदद से इसे पूरा कर सकते हैं।
जोत की सीमा खत्म
योजना की शुरुआत में केवल उन किसानों को इसका पात्र माना गया, जिनके पास कृषि योग्य खेती 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ थी। अब मोदी सरकार ने यह बाध्यता खत्म कर दी है ताकि इसका लाभ 14.5 करोड़ किसानों को मिल सके।
आधार कार्ड अनिवार्य
अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। 
खुद रजिस्ट्रेशन की सुविधा
पीएम किसान योजना का लाभ अधिक से अधकि किसानों तक पहुंचे, इसके लिए मोदी सरकार ने लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी के चक्कर लागाने की बाध्यता ही खत्म कर दी। अब किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं वो भी घर बैठे। अगर आपके पास खतौनी,  आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर है तो  pmkisan.nic.in  पर फामर्स कॉर्नर में जाकर खुद अपना रजिस्ट्रेशन कर लें।
स्टेटस जानने की सुविधा
सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता है।
किसान क्रेडिट कार्ड और मानधन योजना का लाभ
पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को भी जोड़ दिया गया है। पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी बनवाना आसान हो गया है।  केसीसी पर 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक किसानों को लोन मिलता है। वहीं  पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान को पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं।
नहीं मिली किस्त तो मिलाएं ये हेल्पलाइन नंबर
पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर:155261
पीएम किसान लैंडलाइन नंबर्स: 011—23381092, 23382401
पीएम किसान की नई हेल्पलाइन: 011-24300606
पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन है: 0120-6025109
ई-मेल आईडी: pmkisan-ict@gov.in

नई दिल्ली। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर उतार-चढ़ाव रहा। हालांकि, कारोबार के अंत तक बाजार में बिकवाली ही हावी रही। अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 104.67 अंक या 0.18 फीसदी लुढ़क कर 57,892 अंक पर बंद हुआ। सप्ताह में तीसरी बार है जब सेंसेक्स 58 हजार अंक के नीचे बंद हुआ है। इससे पहले सोमवार और बुधवार को भी बाजार में बिकवाली हावी रही। निफ्टी की बात करें तो ये 17.60 अंक के नुकसान के साथ 17,304 अंक के स्तर पर ठहरा।
बीएसई इंडेक्स के टॉप 30 शेयर की बात करें तो बैंकिंग में गिरावट है। आईसीआईसीआई बैंक में 2 फीसदी का नुकसान रहा। वहीं, अल्ट्राटेक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। नेस्ले, टीसीएस, सनफार्मा, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एयरटेल के स्टॉक भी लाल निशान पर बंद हुए। बढ़त वाले स्टॉक में एचडीएफसी, रिलायंस, एचयूएल, पावरग्रिड, एलएंडटी, टाइटन और एशियन पेंट शामिल हैं।
तीस शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक- सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 800 अंकों का उतार-चढ़ाव आया। अंत में यह 145.7 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,996.68 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी लाभ-हानि के बीच घूमते हुए अंत में 30.25 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,322.20 अंक पर बंद हुआ। 
सेंसेक्स के शेयरों में एनटीपीसी, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 नीचे आए। यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका कम होने के साथ एशिया के अन्य बाजारों में तेजी रही। वैश्विक कच्चा तेल मानक ब्रेंट वायदा 0.19 प्रतिशत गिरकर 93.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक मंगलवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 2,298.76 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।