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रायपुर । वर्दीवालों का फिटनेस हमेशा से पुलिस विभाग में चिंता का विषय रहा है। रायपुर जिला पुलिस बल के लिए फिटनेस के नाम पर लचर व्यवस्था अपनाए जाने से लोवर स्टाफ में नाराजगी है। इधर पुलिस बल के फिटनेस बनाने की कवायद पर प्रभावी प्लान पिछड़ता दिख रहा है।
जरूरत के हिसाब से जूते भेजने के बजाए खानापूर्ति करके सीमित कर्मचारियों के लिए इंतजाम किए गए हैं। इसे लेकर लोवर स्टाफ में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। जिले में तीन हजार जूतों की आवश्यकता बताए जाने पर मुख्यालय ने केवल पांच सौ बीस जूते ही भेजे हैं, जिससे स्टाफ के जरूरतमंद कर्मचारी रक्षित केंद्र की व्यवस्था पर ही अब सवाल उठा रहे हैं।
जूते की मांग लेकर रक्षित केंद्र पहुंचने वाले कर्मचारियों को यहां से वापस लौटाया जा रहा है। जबकि जिले के कई कर्मचारियों को नए जूते बांट दिए गए हैं। लोवर स्टाफ के कर्मचारियों का कहना है फिटनेस और खेल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू कर प्रत्येक जवान को जूते देने का फैसला किया है।
ड्यूटी बूट से अलग स्पोर्ट्स शूज आवंटित होना है, लेकिन रक्षित केंद्र में कुछ एक कर्मचारियों को जूते मिलने के बाद बाकी जवानों के लिए दरवाजा बंद कर दिया गया है। रक्षित केंद्र के मुताबिक पुलिस मुख्यालय से केवल 520 जूते ही मिले हैं, जिन्हें जवानों को आवंटित किया गया है। आइजी रायपुर रेंज आनंद छाबड़ा ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर अगर पॉलिसी बनी है तो सभी जवानों को लाभ मिलेगा। कई बार अलग-अलग समय में सामग्री मिलती है। लाइन से संपर्क कर व्यवस्था सही तरीके से सुनिश्चित करने को कहा जाएगा।
वजनदार जूते दिनभर पांव में
जिला पुलिस बल के पांव में वजनदार बूट दिनभर पहने रहने से भी फिटनेस पर असर पड़ता है। हालांकि पुलिस को पीटी शूज दिया जाता है लेकिन पुलिस मुख्यालय की तरफ से अब स्पोर्ट्स शूज देने की योजना पर बड़ी मात्रा में खरीदारी की गई है। इसी के तहत जिला बलों को जूते आवंटित किए जा रहे हैं। दिनभर वजनदार जूतों की जगह में यह जूते भी आराम दे सकेंगे।
2900 कीट के हिसाब में बंटवारा
रायपुर जिले में 2900 पुलिस कर्मचारियों की कीट बॉक्स है। इसी के हिसाब से जवानों को शूज का आवंटन किया जाना है, लेकिन केवल 520 जूते ही रक्षित केंद्र को मिले हैं। यह जूते भी बंट गए हैं। जूता आवंटन की सूचना मिलने पर थानों से जवान अब रक्षित केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें स्टॉक नहीं होने की जानकारी देकर वापस जाने कहा जा रहा है। केंद्र में नए जूते आने पर ही उन्हें दिया जाएगा। ब्रांडेड जूतों की खरीदारी हुई है।
रायपुर । रायपुर से चेन्नई जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब वे इस रुट में भी फ्लाइट सेवा का आनंद ले सकते हैं। जानकारी के मुताबिक रायपुर से चेन्नई के लिए पहली फ्लाइट जल्द ही शुरु होने जा रही है। एयर पोर्ट प्रबंधन ने इस बात की जानकारी दी है कि 7 अप्रैल से इसकी शुरुआत होगी। आपको बात दें कि लंबे समय से मांग हो रही थी कि इस रुट में भी विमान सेवा बहाल की जाए। जिसके बाद इंडिगो ने यह निर्णय लिया है।
प्लाइट का समय इस प्रकार रहेगा – चेन्नई से रायपुर – सुबह 10ः20 – दोपहर 12ः2
रायपुर से चेन्नई – दोपहर 12ः50 – दोपहर 2ः25
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उद्यमियों के लिए इनाम जीतने का मौका है। आंत्रप्रोन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड के लिए छत्तीसगढ़ के मूलत: वे उद्यमी जो अपने स्वयं का बिजनेस करते हैं, आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए नाम आमंत्रित करने की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरु हो गई है। आवेदन की आखिरी तारीख 31 मार्च तक चलेगी। बता दें कि रायपुर में लगातार दूसरी बार यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुरस्कार वितरण समारोह 4 मई को होगा। पुरस्कार का चयन एक्सपर्ट द्वारा किया जाएगा।
आंत्रप्रोन्योर्स ऑर्गेनाइजेशन के बारे में –
आंत्रप्रोन्योर्स संगठन (ईओ) एक वैश्विक और गैर लाभकारी संगठन है। जिसके साथ 13000 से भी अधिक इंटरप्रेनर्स जुड़े हुए है। संगठन का कामकाज 181 चेप्टर के माध्यम से 57 देशों में फैला हुआ है। 1987 में स्थापित ईओ, अग्रणी आंत्रप्रोन्योर्स को सीखने एवं बढऩे के लिए उत्प्रेरक के तौर पर काम करता है जिससे वे ना सिर्फ व्यवसाय बल्कि उससे परे भी बेहतर सफलता हासिल कर सकें।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के सीएम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फेसबुक पर एक खुला पत्र लिखा है। सीएम ने यह पत्र छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए लिखा है। सीएम ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने लगभग 60 दिन से अधिक हो चुके हैं. इन 60 दिनों में मैंने अपना हर एक पल छत्तीसगढ़ की जनता के लिए उपलब्ध रहने और ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने के संकल्प को पूरा करने की प्रक्रिया में समर्पित करने का प्रयास किया है.मैं भी आप सभी की तरह एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखता हूं
छत्तीसगढ़ के युवा साथियो
आज आप सबसे अपनी दिल की बात साझा कर रहा हूं. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बने लगभग 60 दिन से अधिक हो चुके हैं. इन 60 दिनों में मैंने अपना हर एक पल छत्तीसगढ़ की जनता के लिए उपलब्ध रहने और ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने के संकल्प को पूरा करने की प्रक्रिया में समर्पित करने का प्रयास किया है.मैं भी आप सभी की तरह एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखता हूं. एक किसान का बेटा होने के कारण मैंने भी युवा अवस्था में कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है. कॉलेज में दाखिले से लेकर अच्छे अंक प्राप्त करने तक, किसी भी प्रतिस्पर्धा में शामिल होकर उसमें सफलता प्राप्ति के प्रयास तक एवं अध्ययन उपरांत अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष से लेकर, पारिवारिक जिम्मेदारी को सम्भालने तक, लगभग हर स्तर पर संघर्ष से मेरी मुलाकात होती रही है. इसलिए आप सबके दर्द और संघर्ष को मैं बखूबी समझता हूँ और मुझे ऐसा लगता है कि बदलते सामाजिक परिवेश के चलते आपका संघर्ष और समर्पण मेरी उस समय की परिस्थितियों की तुलना में और भी कठिन होगा.
साथियो, हमारे महान छत्तीसगढ़ प्रदेश का जन्म वर्ष 2000 में हुआ. यह छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद ही था जिसने कि नवजात शिशु रुपी प्रदेश को प्रारम्भिक 3 साल के लिए कांग्रेस पार्टी के द्वारा इसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी को पूरा किया जाना आदेशित किया. उसके उपरांत लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप प्रदेश में 15 साल तक भाजपा की सरकार रही है. उनके कार्यकाल में जिस तरह से आप सबके अधिकारों का दोहन हुआ है, उससे न केवल मैं वाकिफ हूं, बल्कि आप सब भी भली भांति जानते एवं समझते हैं.
वर्ष 2018 प्रदेश में बदलाव की एक नई उम्मीद लेकर आया. यह वो वक्त था जब हमारा नवजात शिशु रुपी प्रदेश 18 वर्ष की आयु को पूर्ण कर वयस्क अवस्था में आ रहा था. वयस्क होने के साथ साथ जिस प्रकार से हर मनुष्य की नई आशाएं, नये सपने, नई आकांक्षाएं होतीं हैं, ठीक उसी प्रकार से हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश को भी नये बदलाव की आवश्यकता थी.
इस बार पुनः उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ने वयस्क छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी के कन्धों पर दी. जनादेश इतना प्रचंड था कि मानों छत्तीसगढ़ महतारी का संदेश स्पष्ट हो कि इस नये छत्तीसगढ़ की आकांक्षाएं, आशाएं एवं सपने केवल कांग्रेस पार्टी ही पूरा कर सकती है.
नवा छत्तीसगढ़ की नयी सरकार अपने प्रथम दिन से ही युवाओं के सशक्तिकरण हेतु गंभीरता से दिन-रात काम कर रही है. हम जल्द ही प्रोफेसर,चिकित्सक, शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं. युवा खिलाड़ियों को भी उत्तम सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हमने नयी नीति पर काम करना शुरू किया है. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रवेश परीक्षा में सुधार हेतु आपसे लिए गए सुझावों का हमने क्रियान्वयन प्रारम्भ कर दिया है. इतना ही नहीं देश एवं विश्व पटल पर हमारा नवा छत्तीसगढ़ चिकित्सा, कृषि एवं तकनीकी क्षेत्र में सफलता के नये आयाम स्थापित कर सके, इसके लिए भी हमने प्रदेश में सॉफ्टवेयर पार्क, औषधि प्लांट एवं फूड पार्कों को स्थापित करने का निर्णय लिया है. मेरा आप सभी से वादा है कि देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की प्रमुख नींव किसान एवं प्रकृति के रक्षक आदिवासियों की मजबूरी भरे जीवन को मजबूती भरे जीवन में बदलने की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के बाद अब आगे का पूरा समय प्रदेश के युवाओं को सशक्त एवं सक्षम बनाने की दिशा में समर्पित होगा.
लेकिन इन सबके बीच मेरी आपसे अपील है कि आप उनलोगों की राजनीति में ना फंसे जिन्होंने आपके हक़ एवं अधिकार पर पिछले 15 सालों तक डाका मारा है. जिन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं को मजदूर बनाने का काम किया हो, वो किस मुंह से आज हम पर सवाल उठा रहे हैं? क्या वे योगेश साहू को भूल गये??
और जहां तक आदिवासियों के हक़ की लड़ाई लड़ते-लड़ते नक्सलियों की गोली से शहीद हुए महेन्द्र कर्मा के पुत्र आशीष कर्मा की बात है तो मैं आप सभी को यह बताता चलूं कि हमने किसी भी सामान्य युवा का अधिकार छीनकर उन्हें नहीं दिया है. शहीद पुत्र को अनुकंपा पर नौकरी देने का वादा भाजपा की सरकार ने ही किया था. हमने बस उसे पूरा किया है. इसके कारण छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आगामी प्रवेश परीक्षा में सीटों में कोई कटौती नहीं होने वाली है.
अंत में यही कहना चाहूंगा कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की चुनौती बहुत बड़ी है और यह मैं अकेले आप सबके सहयोग के बिना नहीं कर सकता. मेरा सपना है कि नवा छत्तीसगढ़ में किसान कर्जमुक्त रहें, आदिवासी आत्मनिर्भर बनें ताकि वे अपनी जरूरत के सामान चप्पल, टिफिन, साड़ी खुद खरीद सकें और युवाओं को कोई भी सरकार मोबाइल देकर उन्हें अपमानित करने की जुर्रत न कर सके. मैं छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं से आह्वाहन करता हूं कि वे आरोप-प्रत्यारोप छोड़ कर आगे आएं और नवा छत्तीसगढ़ के सपने को हम सब मिलकर साकार करें. किसी भी प्रदेश के विकास के लिए वहां के युवाओं में एक फौलादी जिगर, दृढ इच्छा शक्ति, पराक्रम, धैर्य और संयम की सख्त जरूरत होती है. कृपया आप मुझे अपना धैर्य और संयम प्रदान करें.मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूं कि सरकार संविधान के अनुरूप सबको समान अधिकार देकर सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की दिशा में कार्य करना जारी रखेगी.
जय जोहार
जय छत्तीसगढ़
आपका अपना
भूपेश बघेल
रायपुर । झीरम कांड में मारे गए कांग्रेसी नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने का मामले में मचे बवाल के बाद सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पिछली सरकार में शहादत को अपमानित करने का काम हुआ था. महेंद्र कर्मा और नद कुमार पटेल के परिवार को पिछली सरकार ने चतुर्थ श्रेणी में नौकरी देने का पत्र डाक से भेजा था.
सीएम भूपेश ने कहा कि सिर्फ आशीष कर्मा को ही नहीं, नक्सल हमले में शहीद पूर्व आईजी मरावी के परिजनों को भी हमने अनुकम्पा राज्य प्रशासन में दिया है. ये दूसरी नियुक्ति है. उन्होंने इस मामले में भाजपा द्वारा आपत्ति दर्ज कराने पर कहा कि शहीदों की वर्दी को कूड़ा में फेंकने वाले शहीदों का सम्मान क्या जाने.
आपको बता दें महेन्द्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का फैसला कैबिनेट की बैठक में भूपेश सरकार ने लिया था. इस मामले को लेकर भाजपा ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था. पूर्व आईएएस और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने भी सरकार के इस निर्णय पर कई सवाल उठाए थे.
रायपुर । महाशिवरात्रि के मौके पर देशभर में भगवान शिव शंकर की पूजा-अर्चना हो रही है। श्रद्धालु अपने घरों और मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर देशभर में भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। इस मौके पर सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने ट्टिटर पर लिखा है ” समस्त प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की अनंत शुभकामनाएं। भगवान महादेव की कृपा आप सब पर बनी रहे।
वहीं पूर्व सीएम रमन सिंह ने भी प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी है। रमन सिंह ने ट्विटर पर लिखा है ” सौराष्ट्र से काशी तक अनेक नाम एवं रूप में विराजित त्रिकालदर्शी प्रभु भोलेनाथ अपने नाम के अनुरूप निश्छल हैं। आज महाशिवरात्रि के अवसर पर कैलाशपति भगवान शंभू से प्रार्थना करता हूँ कि अपना आशीष सदैव छत्तीसगढ़ पर बनाए रखें। हर हर महादेव।
रायपुर । राजधानी के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय में आज 24वां दीक्षांत समारोह पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडोटोरियम में आयोजित किया गया। जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्रों को उनकी डिग्री दी। दीक्षांत समारोह में 105 से ज्यादा विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 340 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाद्यि दी गई।
अपने नियत समय सुबह 10 बजे आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, पूर्व गवर्नर गोपाल कृष्ण गांधी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल शामिल हुए।
वहीं दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा, भगवान शिव ने जहां योग, संगीत और नृत्य सिखाया वहीं उद्यमिता की भी सीख दी है। उन्होंने कहा गांधी जी ग्रामीण भारत की बात करते थे, यह देश गांव में बसता है। इसलिए हमने चार चिन्हारी नरवा-गरुवा-घुरुवा-बारी का नारा दिया है।
सीएम बघेल ने कहा डिग्री मिलने के बाद सबसे बड़ी समस्या रोजगार की होती है। युवाओं के सामने रोजगार बढ़ी चुनौती है। इसलिए एक साल के अंदर सॉफ्टवेयर पार्क, फुड पार्क प्रदेश में खोलेंगे। इतना ही नहीं युवाओं को स्वालंबन बनाने और रोजगार देने के लिए औषधी प्लांट खोला जाएगा ताकि यहां के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। जो लोग स्वरोजगार करना चाहते हैं उनके लिए भी आगे संभावनाएं लाए जाएंगी।
बता दें वहीं दोपहर 3 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर का दीक्षांत समारोह शुरू होगा। जिसमें राज्यपाल के साथ उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, रायपुर ग्रामीण के विधायक शसत्यनारायण शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी और महापौर नगर पालिक निगम रायपुर प्रमोद दुबे भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रायपुर । रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र स्थित तोड़गांव में धमाके की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि सोमवार की सुबह यहां एक बड़ा धमाका हुआ। धमाके की वजह से जमीन में गहरा गड्ढा हो गया। धमाके की आवाज सुनकर मौके पर सभी ग्रामीण पहुंच गए और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। धमाके के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार धमाका जिस दौरान हुआ उस दौरान वहां से हेलीकॉप्टर काफी नीचे से गुजरा था। ग्रामीणों को शक है कि कहीं ऊपर से बम तो नहीं गिरा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर । बेरोजगारी देश की बड़ी समस्या है। सरकारें, शासन- प्रशासन, संस्थाएं, संगठन सभी इसके लिए काम कर रही हैं, लेकिन सारे प्रयास नाकाफी हैं। ऐसे में एक सामान्य नौकरी करने वाले रायपुर निवासी देवेंद्र पटेल ने सराहनीय पहल की है।
एक वाट्सएप ग्रुप बनाकर वह उसका उपयोग जॉब प्लेसमेंट के मंच के रूप में कर रहे हैं। खास बात यह कि इस ग्रुप में शामिल युवा एक-दूसरे के लिए नौकरी तलाशते हैं और ग्रुप के जरिए सूचित करते हैं।
सरकारी हो या निजी, हर प्रकार की नौकरियों की जानकारी ग्रुप में लगातार अपडेट होती रहती है। इतना ही नहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ढेरों जानकारियां भी होती हैं। इस ग्रुप को बने अभी छह महीने ही हुए हैं। इस बीच करीब दो सौ युवाओं को इसके जरिए नौकरी मिल चुकी है।
आज जब हम आए दिन बेरोजगारी के चलते युवाओं द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की खबरें पढ़ते व सुनते हैं, ऐसे में यह मामूली आंकड़े भी देवेंद्र की पहल को सलाम करने को कहते हैं। रायपुर के देवेंद्र साधारण परिवार से हैं।
पिता मिलापराम पटेल मजदूरी करके उन्हें किसी तरह पढ़ाया। कला में स्नातक करने के बाद देवेंद्र नौकरी तलाशने लगे, ताकि घर में कुछ मदद कर सकें, लेकिन निराशा ही हाथ लगती रही। इसी दौरान उन्हें एक विभाग में संविदाकर्मी की नौकरी मिल गई। इस कठिन संघर्ष ने देवेंद्र को उनके जैसे और युवाओं के लिए कुछ करने को प्रेरित किया। यहीं से उनके वाट्सएप ग्रुप की नींव डली।
आज उनके ग्रुप में सैकड़ों युवा जुड़े हुए हैं। चैनल सिस्टम के चलते यह ग्रुप तेजी से बढ़ रहा है। देवेंद्र बताते हैं कि इसमें कई विशेषज्ञों को भी जोड़ा गया है, जो लगातार मार्गदर्शन करते रहते हैं। नौकरी से जुड़ी सूचनाएं प्रसारित करते रहते हैं। गृहणियों भी उनके ग्रुप से जुड़ी हैं, जिनके लिए रोजगार के रास्ते में मिल रहे हैं।
इस तरह मिल रही मदद
वेब पोर्टेल, रोजगार समाचार के ई-पेपर और उसके लिंक वाट्सएप में भेजते हैं, जिसके जरिए सोश्ाल साइट्स से मिलती है जानकारी। य सरकार द्वारा अखबारों में जारी किए गए विज्ञापनों की कतरन और तिथिवार परीक्षाओं के आयोजनों व नतीजों की पूरी जानकारी समय पर उपलब्ध रहती है।
जिला रोजगार में पंजीयन की प्रक्रिया, प्लेसमेंट कैंप आयोजन की जानकारियां, शिक्षा-परीक्षा संबंधी काउंसिलिंग-कार्यशाला आदि हमेशा अपडेट होता रहता है।
आवश्यक परीक्षाओं में फार्मूले सभी विषयों में दक्ष लोगों द्वारा आदानप्रदान। संबंधित विभागों-मंचों की फोन डायरेक्टरी भी इस ग्रुप में उपलब्ध है।
खुद के लिए लंबे समय से रोजगार की तलाश करते हुए औरों के दर्द को समझा। अच्छी शिक्षा और मेहनतकश होने के बावजूद मायूस होकर बहुतों को लौटते देखा। यहीं से यह सोच आई कि कुछ किया जाए। बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। आज मेरे ग्रुप से जुड़ा हर कोई एक-दूसरे की चिंता करता है। यह छोटी उपलब्धि नहीं है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की जीत ने कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के दावेदारों की लंबी लाइन कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उन पर न केवल सूची छोटी कराने की जिम्मेदारी है, बल्कि उन पर अधिक से अधिक सीटों पर पार्टी को जिताने का जिम्मा भी है। पूरा खेल प्रत्याशी चयन पर ही टिका होगा। यह बात उन्हें पता है, इसलिए सूची छोटी करना, बघेल के लिए बड़ी चुनौती है।
हर सीट पर 17 से 20 दावेदार
विधानसभा चुनाव में बम्पर जीत से नेताओं को लग रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की लहर है। चुनाव में टिकट किसे भी दे दिया जाए, वह जीत जाएगा। यही वजह है कि हर लोकसभा सीट से 17 से 20 दावेदारों का नाम सामने आ गया है। दूसरी तरफ, पार्टी के वरिष्ठ नेता सभी 11 लोकसभा सीटों पर जीत का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी पता है कि लोकसभा चुनाव की परिस्थितियां विधानसभा चुनाव से अलग होती हैं। छत्तीसगढ़ बनने के बाद यहां हुए तीन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हर बार केवल एक-एक सीट से संतुष्ट होना पड़ा है।
संतुष्ट करना बड़ी चुनौती
11 सीटों के लिए केवल एक-एक नाम तय करना बड़ी चुनौती है। नाम फाइन करने के लिए न केवल मंत्रियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों को संतुष्ट करना होगा, बल्कि बाकी दावेदारों को भी समझाना होगा, ताकि सूची आने के बाद दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री के पास सूची छोटी करने के लिए समय भी कम है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने उनके समेत चुनाव समिति के सदस्यों को सात मार्च को दिल्ली बुलाया है। पुनिया पहले समिति के अध्यक्ष व सदस्यों से स्क्रूटनी वाली सूची मांगेगे। उसके बाद ही वे आगे चर्चा शुरू करेंगे।