रायपुर । वर्दीवालों का फिटनेस हमेशा से पुलिस विभाग में चिंता का विषय रहा है। रायपुर जिला पुलिस बल के लिए फिटनेस के नाम पर लचर व्यवस्था अपनाए जाने से लोवर स्टाफ में नाराजगी है। इधर पुलिस बल के फिटनेस बनाने की कवायद पर प्रभावी प्लान पिछड़ता दिख रहा है।
जरूरत के हिसाब से जूते भेजने के बजाए खानापूर्ति करके सीमित कर्मचारियों के लिए इंतजाम किए गए हैं। इसे लेकर लोवर स्टाफ में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। जिले में तीन हजार जूतों की आवश्यकता बताए जाने पर मुख्यालय ने केवल पांच सौ बीस जूते ही भेजे हैं, जिससे स्टाफ के जरूरतमंद कर्मचारी रक्षित केंद्र की व्यवस्था पर ही अब सवाल उठा रहे हैं।
जूते की मांग लेकर रक्षित केंद्र पहुंचने वाले कर्मचारियों को यहां से वापस लौटाया जा रहा है। जबकि जिले के कई कर्मचारियों को नए जूते बांट दिए गए हैं। लोवर स्टाफ के कर्मचारियों का कहना है फिटनेस और खेल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यालय ने नई व्यवस्था लागू कर प्रत्येक जवान को जूते देने का फैसला किया है।
ड्यूटी बूट से अलग स्पोर्ट्स शूज आवंटित होना है, लेकिन रक्षित केंद्र में कुछ एक कर्मचारियों को जूते मिलने के बाद बाकी जवानों के लिए दरवाजा बंद कर दिया गया है। रक्षित केंद्र के मुताबिक पुलिस मुख्यालय से केवल 520 जूते ही मिले हैं, जिन्हें जवानों को आवंटित किया गया है। आइजी रायपुर रेंज आनंद छाबड़ा ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर अगर पॉलिसी बनी है तो सभी जवानों को लाभ मिलेगा। कई बार अलग-अलग समय में सामग्री मिलती है। लाइन से संपर्क कर व्यवस्था सही तरीके से सुनिश्चित करने को कहा जाएगा।
वजनदार जूते दिनभर पांव में
जिला पुलिस बल के पांव में वजनदार बूट दिनभर पहने रहने से भी फिटनेस पर असर पड़ता है। हालांकि पुलिस को पीटी शूज दिया जाता है लेकिन पुलिस मुख्यालय की तरफ से अब स्पोर्ट्स शूज देने की योजना पर बड़ी मात्रा में खरीदारी की गई है। इसी के तहत जिला बलों को जूते आवंटित किए जा रहे हैं। दिनभर वजनदार जूतों की जगह में यह जूते भी आराम दे सकेंगे।
2900 कीट के हिसाब में बंटवारा
रायपुर जिले में 2900 पुलिस कर्मचारियों की कीट बॉक्स है। इसी के हिसाब से जवानों को शूज का आवंटन किया जाना है, लेकिन केवल 520 जूते ही रक्षित केंद्र को मिले हैं। यह जूते भी बंट गए हैं। जूता आवंटन की सूचना मिलने पर थानों से जवान अब रक्षित केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें स्टॉक नहीं होने की जानकारी देकर वापस जाने कहा जा रहा है। केंद्र में नए जूते आने पर ही उन्हें दिया जाएगा। ब्रांडेड जूतों की खरीदारी हुई है।
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