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panchayattantra24.com,नई दिल्ली। दिल्ली के दौरे पर गईं राज्यपाल अनुसुईया उइके ने गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ की बस्तर कला से जुड़ा प्रतीक चिन्ह भेंट किया। 
इसके पहले राज्यपाल अनुसुईया उइके ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को ‘कोरोना काल में राज्यपाल की रचनात्मक भूमिका’ पुस्तिका के अलावा प्रतीक चिन्ह भेंट किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यपाल से छत्तीसगढ़ में वर्षा और कृषि की स्थिति की जानकारी ली राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद, पांचवी अनुसूची, परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण इत्यादि विषयों पर चर्चा की। 
राज्यपाल ने निजी एवं सरकारी क्षेत्रों में स्थापित होने वाली उत्खनन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बदले भूमिस्वामी को उस परियोजनाओं के लाभांश में शेयर होल्डर बनाने या भूमि के उपयोग के लिए वार्षिक या मासिक किराया देने के संबंध में भी चर्चा की। 

panchayattantra24.com,बेमेतरा। छ.ग. शासन के महत्वाकांक्षी योजना नरवा, घुरवा व बाड़ी विकास अंतर्गत रोका-छेका अभियान में शासन के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन पर रोका-छेका कार्यक्रम में जिला बेमेतरा में संचालित 178 गौठानों में प्रतिदिन 08 से 09 पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें वर्षा ऋतु में होने वाले बिमारियों के बचाव हेतु टीकाकरण एवं अन्य विभागीय कार्यो का सम्पादन किया जा रहा है, तथा साथ ही ग्रामिणों को रोका-छेका से होने वाले फायदे जैसे फसल चराई से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव के बारे में समझाईश भी दी जा रही है।
    01 जुलाई से रोका-छेका शिविर का आयोजन डाॅ. राजेन्द्र भगत उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें जिला बेमेतरा एवं डाॅ. साधना कुर्रे जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन पर किया जा रहा है जिसमें अब तक कुल 131 गौठानों में शिविर का आयोजन किया जा चूका है जिसके अंतर्गत गलघोटू एवं एकटंगिया बिमारी के बचाव हेतु 213403 पशुओं में टीकाकरण एवं साथ ही उनका पंजीयन व टैगिंग का कार्य किया गया। इसके साथ ही 2975 पशुओं का उपचार, 6487 पशुओं को कृमीनाशक दवा पान कराया गया, 7253 पशुओं के लिए औषधी वितरण किया गया 20 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान व 42 बछड़ों का बधियाकरण भी किया गया इसके अतिरिक्त गौठान ग्राम में 87 बैकयार्ड कुक्कुट इकाई 04 नर बकरा, 06 नर सूकर एवं 01 डेयरी पालन के प्रकरण तैयार किये गये व 06 पैरा यूरिया उपचार प्रदर्शन किया गया।
विभाग द्वारा 01  अप्रैल 2021 से अभी तक जिले में 14537 पशुआंेे का उपचार एवं कृमिनाशक दवापान किया गया है। साथ ही 114721 गलघोटू, 126614 एकटंगिया का टीकाकरण, 669 गौ-वंशीय व भैंस- वंशीय  मादा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान किया गया एवं 342 वत्सोत्पादन है।
 

 
 
panchayattantra24.com,रायपुर। स्कूली शिक्षा से पहले आंगनबाड़ी के नन्हे मुन्ने बच्चे बाल-वाटिकाओं में पढ़ाई करेंगे। बाल-वाटिकाओं में बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य में बाल वाटिकाएं प्रारंभ करने के संबंध में विस्तृत-विचार विमर्श मंत्रालय में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के एकीकरण हेतु गठित विशेष संयुक्त कार्य बल की बैठक किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित नवीन स्ट्रक्चर 5़3़3़4 को लागू करने के लिए सभी व्यवस्थाओं और संसाधनों का आंकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
    स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. शुक्ला ने संयुक्त कार्य बल की बैठक में बाल-वाटिका एवं कक्षा पहली में बच्चों को सीखने के लिए पाठ्यक्रम, पाठ्य साम्रगी, शाला तैयारी मोड्यूल एवं प्रशिक्षण मोड्यूल तैयार करने कहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी स्तर पर यू-डाईस डाटा और समग्र शिक्षा को उपयोगी डाटा को मर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए छोटे-छोटे सब टास्क फोर्स गठित कर आपस में मंत्रणा एवं ब्रेन-स्टोर्मिंग सत्रों का आयोजन करने का सुझाव दिया।  
    डॉ. शुक्ला ने शिक्षकों के सतत् क्षमता विकास के लिए आदिवासी विकास विभाग में वर्षों से कार्यरत कुशल एवं अनुभवी प्राचार्यों की सेवा लिए जाने का सुझाव भी दिया, उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने भी कहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर स्कूल एप्रोच को प्राथमिकता के तौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एजुकेशन हब मॉडल के रूप में तैयार किए जाने पर विचार किया जा सकता है। इसी प्रकार उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थी के लिए एक कार्यक्रम तैयार कर प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए।
    बैठक में प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों में विषयवस्तु को विद्यार्थियों तक पहुंचाने में आ रही समस्या और शिक्षकों के पेशेवर विकास में पूर्ण गुणवत्ता को फोकस कर स्थिति में सुधार किए जाने का सुझाव दिया गया। आदिवासी विकास विभाग द्वारा शुरूआती वर्षों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में अध्यापन एवं स्थानीय भाषा में सामग्री बनाने का सुझाव दिया गया। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक एससीईआरटी श्री राहुल वेंकट, सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल प्रो. व्ही.के. गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
 

इस गोदाम की कुल क्षमता 7200 टन होगी

panchayattantra24.com,रायपुर। आधुनिक तकनीक से खाद्यान्न का भंडारण करने ट्रसलेस गोडाउन बनाए जाएंगे. पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सूरजपुर में प्रदेश का पहला सेल्फ सपोर्टेड ट्रसलेस गोदाम 4 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से बनेगा. इस गोदाम की कुल क्षमता 7200 टन होगी. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने दी।
अरुण वोरा ने बताया कि भविष्य में स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के सभी गोडाउन ट्रसलेस तकनीक से बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदामों में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए ट्रसलेस तकनीक काफी बेहतर मानी गई है. इस तकनीक से अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान में कमी आएगी. साधारण गोदामों की तुलना में ट्रसलेस गोडाउन में अधिक अनाज भंडारण किया जा सकता है।
गेल वैल्यूम शीट फायदेमंद
अनाज भंडारण गोदामों को कवर करने के लिए छतों पर लगाई गई गेल वैल्यूम शीट को केंद्रीय एजेंसियों भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) द्वारा काफी सराहा गया है. एफसीआई ने नए बनने वाले गोदामों में इस शीट को लगाने कहा है. छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन ने भी इसी तकनीक से गोडाउन का निर्माण करने का प्लान तैयार किया है. इसकी शुरुआत सूरजपुर के गोडाउन से की जा रही है. इससे पहले प्रदेश में सेंट्रल वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा तिफरा में इसी तकनीक से गोडाउन बनाया गया है।
सेल्फ सपोर्टेड रूफिंग के फायदे
साधारण गोडाउन में वॉशर खराब होने पर बारिश का पानी बोल्ट के माध्यम से लीक होने लगता है. गोडाउन में धूल भी प्रवेश करती है और गोडाउन के भीतर जमा होने लगती है. गोडाउन के भीतर पक्षी घोसला बनाते हैं. ट्रसलेस गोडाउन रखरखाव मुक्त होते हैं. गोडाउन के भीतर रखी वस्तुओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं. अज्वलनशील होने के साथ ही आग और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने में ये ज्यादा सहायक होते हैं।

 

 
panchayattantra24.com, रायपुर। राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर मनरेगा के सभी वर्गों के श्रमिकों का मजदूरी भुगतान एकरूपता से किए जाने का आग्रह किया है. दरअसल, मनरेगा के तहत एक ही ग्राम पंचायत में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य वर्ग के श्रमिकों को मजदूरी भुगतान के लिए एफटीओ जारी किया गया था, लेकिन इनमें से केवल अन्य वर्ग को ही भुगतान हो रहा है. अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के श्रमिकों का भुगतान नहीं हो रहा है। 
राज्य शासन ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजे पत्र में बताया है कि भारत सरकार द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए नए नियम लागू करने के कारण यह समस्या हो रही है. भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से मजदूरी भुगतान के लिए राशि वर्गवार (सामान्य, अजा एवं अजजा) जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए राज्य शासन ने अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति वर्ग के लिए दो पृथक-पृथक खाते मार्च के महीने में खोले गए हैं. सामान्य वर्ग के श्रमिकों के भुगतान के लिए भारत सरकार से 26 अप्रैल को 241 करोड़ 80 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं, जो उनके खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। 
वहीं अनुसूचित जाति के श्रमिकों के लिए 5 मई को पांच करोड़ 26 लाख रुपए और अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों के लिए 11 मई को 122 करोड़ नौ लाख रुपए प्राप्त हुए हैं. लेकिन इन श्रमिकों के खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं हो रहा है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में राज्य में मनरेगा के नोडल बैंक भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति मद के नए खुले खातों को पीएफएमएस में मैपिंग करने का कार्य चल रहा है, इसलिए इस मद में राशि प्राप्त होने के बाद भी क्रेडिट नहीं हो पा रहा है. बैंक ने बताया है कि मैपिंग का कार्य 14 मई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। 
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत प्राप्त राशि से भुगतान नहीं हो पाने के संबंध में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अवर सचिव से चर्चा हुई है. उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया में वर्गवार भुगतान संबधी परिवर्तन के कारण ग्रामीण विकास मंत्रालय स्तर पर राज्यों के लिए नामित डीडीओ को एक दिन में ही बहुत अधिक एफटीओ पर डिजिटल हस्ताक्षर करने पड़ रहे हैं. इसके अलावा वर्तमान में लॉकडाउन के कारण उन्हें यह कार्य सीमित संसाधनों के साथ घर से करना पड़ रहा है, इसलिए इसमें अधिक समय लग रहा है। 
 

panchayattantra24.com, रायपुर। नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है. नवरात्रि में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग अवतारों की पूजा की जाती है. नवरात्रि के चौथे दिन कुष्मांडा देवी की पूजा का विधान है. नवरात्रि का चौथा दिन माता कुष्मांडा को समर्पित होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। 
मां कुष्मांडा की विधि विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्त होते हैं. मान्यता है कि मां कुष्मांडा संसार को अनेक कष्टों और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं. इस दिन लाल रंग के फूलों से पूजा करने की परंपरा है, क्योंकि मां कुष्मांडा को लाल रंग के फूल अधिक प्रिय बताए गए हैं. मां कुष्मांडा की पूजा विधि पूर्वक करने के बाद दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा की आरती जरूर करनी चाहिए। 
अष्ट भुजा हैं कुष्मांडा देवी
कुष्मांडा देवी को अष्टभुजा भी कहा जाता है. इनकी आठ भुजाएं हैं. मां ने अपने हाथों में धनुष-बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल धारण किया हुआ है. वहीं एक और हाथ में मां के हाथों में सिद्धियों और निधियों से युक्त जप की माला भी है. इनकी सवारी सिंह है। 
मां कुष्मांडा की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार मां कुष्मांडा का अर्थ होता है कुम्हड़ा. मां दुर्गा असुरों के अत्याचार से संसार को मुक्त करने के लिए कुष्मांडा का अवतार लिया था. मान्यता है कि देवी कुष्मांडा ने पूरे ब्रह्माण्ड की रचना की थी. पूजा के दौरान कुम्हड़े की बलि देने की भी परंपरा है. इसके पीछे मान्यता है ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और पूजा सफल होती है। 
मां कुष्मांडा की पूजा विधि
नवरात्रि के चौथे दिन सुबह स्नान करने के बाद मां कुष्मांडा स्वरूप की विधिवत करने से विशेष फल मिलता है. पूजा में मां को लाल रंग के फूल, गुड़हल या गुलाब का फूल भी प्रयोग में ला सकते हैं, इसके बाद सिंदूर, धूप, गंध, अक्षत् आदि अर्पित करें. सफेद कुम्हड़े की बलि माता को अर्पित करें. कुम्हड़ा भेंट करने के बाद मां को दही और हलवा का भोग लगाएं और प्रसाद में वितरित करें। 
मां कुष्मांड को प्रसन्न करने का मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नम:॥
 

 
 
 panchayattantra24.com, रायपुर। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने अव्‍यवस्‍था का आरोप लगाते हुए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। कोरोना संकट काल में इस घोषणा से हड़कंप मच गया है। इससे अस्‍पताल की व्‍यवस्‍था चरमरानी तय है। मरीजों का उपचार भी प्रभावित हो जाएगा। नाराज चिकित्‍सकों ने अस्पताल के सीएमओ को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। चिकित्‍सकों का आरोप है कि न तो पीपीई किट मिल रही है और न ही ग्लब्स। फेस मास्क सहित अन्य जरूरी सामान नहीं मिल रहे हैं। सारी दिक्कतों से कई बार अधीक्षक और डीन को अवगत कराया गया है। इसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
 

 
panchayattantra24.com, पेंड्रा। गौरेला थाना क्षेत्र में बारातियों से भरी पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें बैठे 5 लोगों को गम्भीर चोट पहुंची है. सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
गौरेला पुलिस को सूचना मिली कि निवासखार (अचानकमार) से गौरेला के आमानाला (ठाड़पथरा)  बरातियों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें सवार कुछ लोगों को मामूली चोट तो 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।  सूचना मिलने के तत्काल बाद पुलिस के साथ सामाजिक संस्था हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन की टीम भी तत्काल सक्रिय होकर घटना स्थल पहुंची, और घायलों को लेकर तत्काल जिला अस्पताल लाया गया. अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है. फिलहाल, गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
 

 
panchayattantra24.com, रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई. उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में कोरोना वैक्सीन लगवाई है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने रायपुर निवास परिसर में यूनिसेफ की ‘रोको अउ टोको’ परियोजना के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिवरेणु जी. पिल्लै, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आर.के. सिंह, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अजय यादव, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु दत्त, डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल मौजूद थीं।
 

 
panchayattantra24.com, पथरिया। पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते पर ग्रामीणों ने मुक्तिधाम और शासकीय निस्तार भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है. पूर्व विधायक ने रुतबा दिखाते हुए शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर अपनी पत्नी अनार बाई के नाम पर कर दिया. इसके बाद धान खरीदी केंद्र ककेड़ी में जमीन पंजीकृत कराकर धान बेच दिया। 
पूरा मामला ग्राम पंचायत उमरिया का है, जहां पटवारी ने शासकीय निस्तारी भूमि, मुक्तिधाम एवं पड़ती जमीन का गिरदावरी कर गलत जानकारी दिया, जिसे खेमसिंह बारमते ने गौचर पड़ती भूमि को अपना निजी खेतिहर जमीन बताकर 56 क्विंटल धान बेच दिया। 
पड़ती भूमि निस्तार पत्रक पर खसरा नम्बर 383/6 एवं 383/7 पर शासकीय जमीन मुक्तिधाम बता रहा है, जिसमें ग्रामीण कफ़न दफन का कार्य करते हैं. उसी भूमि पर ग्राम पंचायत के द्वारा शासकीय मद से कच्ची सड़क का निर्माण कराया गया है। 
सरकारी मद से हुआ बोर खनन
इसके अलावा भू नलजल सरकारी योजना से बोर खनन का कार्य किया गया है और पानी निकासी की व्यवस्था सरकारी मद से किया गया है. उसी जमीन पर दो परिवारों द्वारा बेजा कब्जा कर मकान बनाकर निवास कर रहे है. इससे पहले भी इसी पड़ती जमीन को खेती बताकर 120 कट्टी धान को बेचा गया था, जिसे तत्कालीन कलेक्टर ने कार्यवाही करते हुए धान की जब्ती कर स्थल निरीक्षण के लिए टीम गठित की थी, जिस पर जांच समिति के द्वारा मौका जांच पर उक्त जमीन को पड़ती गौचर भूमि पाया गया था। 
पहले हो चुकी है शिकायत
ग्राम पंचायत उमरिया के सरपंच संतोष बंजारे ने कहा कि ग्राम निस्तारी की जमीन जिस पर गांवों के सभी दफन कफ़न का कार्य करते हैं, उसी जमीन पर दो अन्य लोगों का कब्जा भी है, जिस पर पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते ने पटवारी रिपोर्ट में अपना धान उपजाऊ जमीन बता रिपोर्ट तैयार कराया गया है, जो गलत है. पूर्व में भी इनके द्वारा धान बेचने की शिकायत की थी, जिस पर जब्ती की कार्रवाई की गई थी. उक्त जमीन को पड़ती भूमि बताया गया था। 
सात दिन में होगी मामले की जांच
एसडीएम प्रिया गोयल ने बताया कि शिकायत मिली है. जांच टीम गठित कर 7 दिन के भीतर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। 
शिकायत वापस लेने का बनाया दबाब
शिकायतकर्ता राजीव मनहर बोले कि पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते ने 3.80 एकड़ जमीन को निजी जमीन बता धान बेच दिया, जो गलत है. मुक्तिधाम के लिए निस्तार पत्रक में दर्ज जमीन को अपना निजी जमीन बताया जा रहा है. पूर्व विधायक के द्वारा मेरे से शिकायत वापस लेने दबाव बना धमकी दी जा रही है।