
रायपुर । प्रदेश में गर्मी से राहत के लिए लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा. मानसून के पहुंचने में वायु तूफान और मॉइश्चर के नहीं बढ़ पाने से देरी हो रही है. अब ऐसे में 23 जून के बाद मानसून पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. मानसून नॉर्थ ईस्ट इंडिया में तेजी से बढ़ रहा है।
अभी मानसून कर्नाटक और तमिलनाडु के पास है. आगामी दिनों में छग के अंदर तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. छत्तीसगढ़ में लगातार गरज चमक के साथ हल्की बारिश होती रहेगी. मध्य पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती घेरा बना है. इसके वजह से खासकर साउथ छत्तीसगढ़ में बारिश होगी. बता दें कि सोमवार को दुर्ग, गरियाबंद, बस्तर और महासमुंद के अच्छी बारिश हुई है।
वर्तमान में तापमान की स्थिति
रायपुर – 38.4, बिलासपुर -40.7, अम्बिकापुर -37.6, जगदलपुर -30.1, दुर्ग – 39.2, राजनांदगांव – 37.1 डिग्री है.
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि जो वायु चक्रवात बना था उसके वजह से विंड और मॉइश्चर आना चाहिए वो नहीं आ रहा था. इसलिए मानसून का पोजिशन काफी ज्यादा आगे नहीं बढ़ा है, फिर भी केरल को कवर कर लिया है और कर्नाटक और तमिलनाडु भी पहुंच गया है. नॉर्थ ईस्ट में मानसून काफी तेजी से बढ़ रहा है. इधर संभावना है कि जैसे ही कोई सिस्टम बंगाल की खाड़ी बनेगा तो फिर तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है. संभावना का एक विज्ञान है इसलिए निश्चित तारीख देना संभव नहीं है लेकिन फिर भी उम्मीद करते है कि पांच से छह दिनों में छग को प्रवेश कर सकता है।
उन्होंने बताया कि मानसून का यह फायदा होता है कि सभी जगह विस्तृत बारिश होती है. यह बारिश ऐसी होती है कि कहीं पे ज्यादा गिर जाता है और कहीं पर गिरता ही नहीं है. इससे खेती किसानी का काम थोड़ा प्रभावित हो जाता है. इसके साथ ही किसी दिन गर्मी है और किसी दिन ठंड है तो इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. अभी चार पांच दिनों तक बारिश छग के अलग अलग इलाकों में होने की उम्मीद बहुत ज्यादा है. इसी कारण से तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
