रायपुर । कलेक्टर रजत बंसल ने आज सुबह राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। डायवर्सन के पुनर्निर्धारण के प्रकरणों में अभिमत प्रेषित करने में विलम्ब करने वाले पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों तथा संबंधित लिपिकों को भी कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व के प्रकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले होते हैं तथा इसमें लापरवाही बरतने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर ने राजस्व के तहसीलवार प्रगति की समीक्षा की।गत दो माह में राजस्व वसूली की धीमी गति पर कलेक्टर ने नाराजगी इसमें तेजी लाने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने जाति, आय, निवास प्रमाण-पत्र बनाए जाने, भू-अर्जन, आबादी सर्वेक्षण, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी पट्टा वितरण, नामांतरण, विवादित एवं अविवादित बंटवारा, बी-वन, खसरा, नक्शा अद्यतीकरण, अभिलेख दुरूस्तीकरण, किसान-किताब निर्माण एवं वितरण सहित विभिन्न राजस्व मामलों की अनुभागवार समीक्षा की। साथ ही प्रकरणों के निराकरण के उपरांत अनिवार्य रूप से उनकी आनलाइन प्रविष्टि कराने के निर्देश दिए। इसकी वजह से प्रविष्टि नहीं कराने की दशा में निराकृत प्रकरण भी अनावश्यक रूप से लंबित दर्शित होते हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल, तीनों अनुभाग के एसडीएम सहित डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
