
रायपुर । संकरी में बन रहे नए डंपिंग यार्ड को लेकर ग्रमीण लामबंद हो गए है। ग्रामीणों ने सरपंच कमलेश्वरी सिन्हा के नेतृत्व में जिला पंचायत सीईओ एसडीएम,नगर निगम रायपुर के महापौर और अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर कहा कि है कि पहले संकरी के नागरिकों को व्यवस्थापन करें उसके बाद ही संकरी को डंपिंग यार्ड में तब्दील करें। क्योंकि जब से संकरी में डंपिंग यार्ड बनाने सी प्रक्रिया शुरू हुई है तब से कचरा और प्रदूषण, जहरीली गैस से पूरा गांव अज्ञात बीमारी से ग्रसित हो गया है। सह पर्यवरण सरंक्षण अधिनियम का उल्लंघन तो है ही, नगरनिगम रायपुर शहर का 450 टन कचरा संकरी में डंप कर ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। राजधानी के आउटर में करीब 10 हजार की आबादी वाला सरोना दो दशक बाद बी कचरे के अभिशाप से मुक्त नहीं हो पाया है और अब दूसरा डंपिंग यार्ड संकरी में बनाकर ग्रामीणों को अज्ञात बीमारी की ओर धकेला जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद नगर निगम ने 1 जुलाई से संकरी को नया ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने का आदेश जारी कर दिया है। शहर में वेस्ट मैनेजमेंट का ठेका चला रही कंपनी रामकी ने अभी संकरी में ही कचरा डिस्पोज करने का प्लांट बना रही है। इतना ही नहीं सरपंच ने एसडीएम को पत्र लिखकर संकरी में कचरा डंप करने सेगांव में उत्पन्न हो रहे समस्याओं से अवगत करात हुए लिखा है साथ कि नगर निगम द्वारा वादाखिलाफी की जा रही है, पहले संकरी के रहवासियों को वहां वृक्षारोपण करने की बात कही थी, फिर कबाड़ में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा कहा गया, पर दोनों ही कार्य नहीं हुए। शहर का कचरा डंप करने से संकरी समेत आसपास के सभी रहवासी कॉलोनी, संस्कार सिटी ,हाउसिंग बोर्ड धनसुली, हाउसिंग बोर्ड ईडब्लूएस धनसुली, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा के साथ-साथ धनसुली, तुलसी बरडेरा के लोग हज़ारों रहवासी डंप वेस्ट के बदबू, दुर्गंध, संड़ांध से परेशान है। संकरी सरपंच ने पांच विधिसम्मत उल्ललघंन गिनाए है जिसमें नगर निगम के पास कचरा डंप करने की अथारिटी ही नहीं है, इसे तत्काल प्रभाव से रोकने जाए, दूसरी मांग एयरपोर्ट अथॉरिटी की नियमित अनुमति नगर निगम के पास नहीं। यहाँ तक निगम के पास ग्रामसभा की भी अनुमति नहीं, इसलिए यह पूरी प्रकिया गैर कानूनी है। वहां के लोगों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराने के साथ निगम आयुक्त, महापौर, निगम अभियंता को सहपरिवार आमंत्रित कर कहा कि जिस तरह की गंदगी और प्रदूषण में हम ग्रामीण जी रहे जी रहे है उसका अहसास आप भी यहां सहपरिवार रहकर बीताए और हमारी पीड़ा को महसूस करें। निगम के कर्ताधर्ता 24 घंटा रह कर बिताए जिससे उन्हें अनुभव होगा कि संकरी के गांव वाले किस तरह इस डंपिंग यार्ड के प्रदूषण से नारकीय जीवन जीते है। यदि वे मानते है कि उनका फैसला सही है तो पहले वे हमें यहां व्यवस्थापन करें उसके बाद संकरी को डंपिंग यार्ड बनाए। जहां तक सरोना का सवाल है, वहां सैकड़ों एकड़ खाली जगह पर कचरे की छोटी-छोटी पहाडिय़ां बन गई हैं। नगर निगम इस जगह को नए सिरे से डेवलप करने के लिए किसी कंपनी को ठेका देने की तैयारी में है। प्लान ये है कि निजी कंपनी यहां कचरे के पहाड़ गिराकर उसे नष्ट करेगी और पूरा मैदान क्लीयर होने के बाद पूरे एरिया में ग्रीनरी फैलाएगी। यह प्रोजेक्ट भी 5 से 10 साल से अधूरा पड़ा है।
