
रायपुर । राजधानी रायपुर में करीब दो साल पहले हुए दुष्कर्म के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश,फास्ट ट्रैक कोर्ट पूजा जायसवाल ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने दोस्त की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी पुरुषोत्तम साहू को सात साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय से मिली जानकारी के मुताबिक घटना दिनांक 26 सितंबर 2017 की है,जब दुष्कर्म पीड़िता ने पंडरी थाना पहुंचकर इस संबंध में लिखित शिकायत की थी. पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसका पति आर्थिक संकट से परेशान होकर किराये का मकान खाली कर रहा था,इसलिये उसने अपने दोस्त पुरुषोत्तम साहू से कहा कि वह उसके घर में कुछ समय के लिये रुकना चाहता है. पुरुषोत्तम के राजी होने के बाद पीड़िता अपने पति से साथ पुरुषोत्तम के घर आ गई. पीडिता ने बताया कि पुरुषोत्तम के साथ खाना खाने के बाद उसका पति सामान शिफ्ट करने के लिये चारपहिया वाहन खोजने निकला और पुरुषोत्तम को भी साथ चलने कहा,लेकिन पुरुषोत्तम ने तबियत खराब होने का बहाना करते हुए अपने दोस्त के साथ जाने से इंकार कर दिया और घर पर ही रुक गया. पति के चले जाने के बाद सूने पन का फायदा उठाते हुए पुरुषोत्तम ने अपने दोस्त की पत्नी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और पीड़िता को धमकाया कि रिपोर्ट करने पर तुम्हारे पति की हत्या कर दूंगा।
इस घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने पति को दी,इसके बाद पीड़िता ने पंडरी थाने में पुरुषोत्तम साहू के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई.इस मामले पर सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुरुषोत्तम साहू को आईपीसी की धारा 376 के तहत सात साल के कठोर कारावास और 1 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
