
रायपुर । हार्डवेयर कारोबारी को ब्लैकमेल कर 1.38 करोड़ रुपये उगाही के मामले में गिरफ्तार युवती को जेल भेजने के बाद पुलिस अब उसके फरार मंगेतर रिखचंद शर्मा उर्फ रिंकू की तलाश कर रही है। रिंकू का मोबाइल स्वीच ऑफ है। उसके हरियाणा और दिल्ली में होने के इनपुट मिलते ही पुलिस टीम रवाना हुई है। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई स्थित उसके ठिकाने पर पुलिस ने दबिश दी ।
मूलत: हरियाणा निवासी रिखचंद शर्मा के खिलाफ वहां कई अपराध दर्ज होने का दावा पुलिस ने किया है। रिंकू के फेसबुक, वॉट्सएप ग्रुप से जुड़े लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। रिंकू के संबंध मुंबई, दिल्ली के गैम्बलर, दलालों से निकले हैं। उनके साथ कई तस्वीरें सोशल मीडिया में हैं। रिखचंद ने ही मंगेतर को हनीट्रैप के जरिए कारोबारी को फंसाकर पांच करोड़ रुपये वसूलने का प्लान बनाया था। शादी के बाद दोनों विदेश में बसने का सपना देख रहे थे। उसके पकड़े जाने से ब्लैकमेलिंग के खेल के कई राजफाश होंगे ।
कपड़ा दुकान में आगजनी में भी भूमिका
16 मार्च को खम्हारडीह स्थित कपड़े की दुकान में हुई आगजनी में भी युवती की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। दरअसल युवती ने आफताब फरिश्ता की दुकान को किराए पर लेकर कपड़ा दुकान खोली थी। दुकान में युवती द्वारा ही आग लगाने की शिकायत आफताब ने थाने में की थी। वहीं पप्पू फरिश्ता ने भी युवती और उसके मंगेतर के खिलाफ दुकान में आगजनी की घटना को अंजाम देकर ब्लैकमेल कर 40 लाख रुपये वसूलने की साजिश रचने की शिकायत थाने में की थी। कार्रवाई नहीं होने पर 4 अप्रैल को डीजीपी से शिकायत की। युवती ने पुलिस को दिए बयान में दुकान में हुई आगजनी में 40 लाख का सामान जलने की बात कही थी।
ब्लैकमेलर प्रीति तिवारी और उसके पिता को इंदौर उठा ले गई है पुलिस
हनी ट्रैप केस की जांच ने तेजी पकड़ ली है। एसआईटी प्रमुख संजीव शमी अब ताबड़तोड़ ऑपरेशन कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात ये कि शमी ने मीडिया में लीक हो रही खबरों पर रोक लगा दी है। ताकि, हनी ट्रैप में सामने आने वाले चेहरे इसका फायदा न उठा सकें। अभी तक मीडिया के ये पता नहीं चला है कि पांचों महिलाओं से असआईटी कहां-किस स्थान पर पूछताछ कर रही है? हालांकि, एक जांच टीम रायपुर से लेडी गैंग की छग मुखिया डेंटल छात्रा प्रीति तिवारी और उसके पिता को इंदौर उठा लाई है। लेकिन, इनको भी कहां रखा गया है और एसआईटी को कौनसा मेंबर इनसे पूछताछ कर रहा है, ये पता नहीं चल पा रहा है। एसआईटी जांच से जो खबरें छनकर आ रही हैं, वे बता रही हैं कि इस केस में अब तक 10 आईएएस और 6 आईपीएस के चेहरे एकदम साफ हो गए हैं। ये सभी मप्र काडर के हैं। छग काडर के कुछ संदिग्ध नौकरशाहों के चेहरे साफ होने हैं। प्रीति तिवारी से पूछताछ में यह स्पष्ट हो जाएगा कि छग से कितने नेता, अफसर इस खेल में शामिल थे।
