
रायपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दो दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर आए हुए हैं। इस दौरे के दूसरे दिन उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ गोबरा-वनापारा और भिलाई-चरौदा में किसान सम्मेलन को संबोधित किया।
मंच साझा करते हुए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किसानों के साथ खेती-किसानी में तरक्की की बात की। सीएम अशोक गहलोत मुख्य तौर पर यहां राज्य सरकार के मॉडल गौठान देखने, यहां नरवा-गरवा-घुरुआ और बारी मॉडल को समझने और किसानों से मिलने आए हैं।
गोबरा-नवापारा में किसानों को संबोधित करते सीएम भूपेश बघेल ने यहां एक महत्वपूर्ण घोषणा की। इस घोषणा के तहत अब गोबरा-नवापारा को तहसील का दर्जा मिलेगा। अभी इसे उप तहसील का दर्जा प्राप्त है।
अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के गोबरा नवापारा में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ के किसान-मजदूर खुशहाल हुए हैं। सभी वर्ग की खुशहाली के लिए नीतियां बनाई गई हैं। जनसंख्या के आधार पर आरक्षण लागू किए हैं। देश में सबसे ज्यादा 82 प्रतिशत आरक्षण छत्तीसगढ़ में लागू किए हैं।
सभी वर्ग को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए नरवा-गरवा-घुरवा-बारी योजना लागू की गई है। उन्होंने गोठान मॉडल को समझाते हुए बताया कि राज्य के सभी गांवों में सरकार गोठान बनाकर गांव स्तर की समितियों को इसके संचालन की जिम्मेदारी देगी। यहां एक और महत्वपूर्ण घोषणा में सीएम भूपेश ने कहा कि आने वाले बजट में नई तहसील के मुख्यालय में कन्या महाविद्यालय बजट सत्र में पूरा करेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ में सुराजी ग्राम योजना के तहत बनाए गए गोठान और इससे संचालित आर्थिक गतिविधियों की प्रसंशा की। उन्होंने कहा कि गांवों में गौवंश के संरक्षण के लिए बनाई गई राज्य सरकार की यह योजना देश के लिए अनुकरणीय है। गहलोत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास का सपना साकार हो रहा है। गोमाता को संरक्षित करने का छत्तीसगढ़ सरकार का काम सराहनीय है। राज्य में आदर्श गोठान योजना के तहत 1500 गोठान बनाए गए हैं।
