रायपुर। अगर इंसान के इरादे बुलंद हों तो मंजिल उसके कदम चूमती है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की रहने वाली 19 साल की टिकेश्वरी साहू ने यह बात साबित की। अक्सर लोग इस बात की शिकायत करते हैं कि पारिवारिक में आर्थिक कमजोरी की वजह से वे किसी मुकाम को हासिल नहीं कर पाए, लेकिन टिकेश्वरी ने अभावों से लड़ना सीखा और अब देश में खेल के खेल के क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। 1 से 3 फरवरी तक गोवा में आयोजित होने जा रही वर्ल्ड कप थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 44 किलोग्राम वजन वर्ग में टिकेश्वरी देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
रायपुर के दुर्गा कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत टिकेश्वरी यहां श्री गुजराती स्कूल देवेंद्र नगर रायपुर में खेल प्रशिक्षक के तौर पर भी काम करती हैं। 4 बहनों में सबसे बड़ी टिकेश्वरी की मां नीरा साहू आरा मिल में मजदूर करती हैं। टिकेश्वरी के पिता सुरेश साहू का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। थाई बॉक्सिंग के साथ ही टिकेश्वरी मार्शल आर्ट और किक्रेटर भी हैं। टिकेश्वरी ने कोच अनिस मेमन के मार्गदर्शन में कराते, म्यू थाई, योग व थाई बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया है। वे राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता सहित मार्शल आर्ट की विभिन्न ओपन प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं।
मनचलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था
टिकेश्वरी आत्मरक्षा में भी दक्ष हैं। 2 वर्ष पूर्व 3-4 शरारती लड़कों ने स्कूल से साईकिल से लौटते वक्त छेड़छाड़ का प्रयास किया था। तब टिकेश्वरी ने सभी को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। जिसके गवाह स्वयं श्री गुजराती शाला के सचिव जयंती भाई थे। तब से जयंती भाई इस बालिका के साहस से अत्यंत प्रभावित थे।
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