
रायपुर । प्रदेश के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने रायपुर जिले के आरंग में जिला स्तरीय किसान ऋण माफी तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) से खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पानी छोडऩे का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सक्त कार्यवाही की जाएगी। कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रदेश में पहली बार हरेली, तीज एवं कर्मा जयंती के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एक लाख करोड़ के बजट में लगभग 20 हजार करोड़ के धान की खरीदी की गई, लगभग 14 हजार करोड़ का कर्जमाफ किसानों की आर्थिक खुशहाली के लिए किया गया है। पहली बार किसान का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री बना और किसानों के हित में इतना बड़ा काम किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष रायपुर जिले में 250 करोड़ रूपए का किसानों का कर्जमाफ किया गया था और इस वर्ष जिले के 57 हजार 65 कृषकों को 203 करोड़ से अधिक का अल्पकालिक कृषि ऋण कृषकों को वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि राज्य के किसानों को खेती के लिए खाद, बीज एवं अन्य आदान सामग्री की किसी प्रकार कमी नहीं होनी चाहिए। प्रदेश में किसानों को नकली खाद एवं कीटनाशक बेचने की शिकायत पर 70 स्थानों में छापे मारकर विक्रेताओं के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। कृषि मंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी कारोबारी या व्यापारी नकली खाद एवं कीटनाशक दवाई की बिक्री करते पाये जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृृत्व में राज्य सरकार ने 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा निभाया। आगे भी 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी। कृषि मंत्री ने का कि इस वर्ष अल्प वर्षा की स्थिति है और गंगरेल बांध में 42 से 43 प्रतिशत जल का भराव हुआ है। ऐसे में किसानों की मांग जायज भी है कि अभी जमीन गीली है।
और फसल को कोई नुकसान न हो इसके लिए गंगरेल बांध का पानी किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए मिले इसके आदेश जारी करने की बात कहीं। उन्होंने किसानों को अगाह किया कि सिंचाई पानी की अपव्यय न हो, इस बात का ध्यान रखना चाहिए। विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की हितैषी सरकार है। किसानों की कर्जमाफी, 2500 रूपए दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और सिंचाई कर माफ किया है। विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल लगातार किसानों के भलाई के लिए काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, जिला पंचायत सी.ई.ओ. डॉ. गौरव सिंह एवं जिले के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा सहकारी बैंक के संचालक मंडल के पदाधिकारी तथा किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सिंचाई के लिए आज से छोड़ा जाएगा गंगरेल बांध का पानी
प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल से पानी देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने 17 अगस्त से जलाशय से नहरों में पानी छोडऩे के निर्देश महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को दिए है। जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे यहां रायपुर जिले के आरंग में आयोजित जिला स्तरीय किसान ऋण माफी तिहार में किसानों की मांग पर यह निर्देश जारी किए है। श्री चौबे ने कहा कि जलाशय में आरक्षित जल की मात्रा को संरक्षित रखते हुए 17 अगस्त से किसानों को खरीफ फसल की सिंचाई के लिए पानी छोडऩे की कार्रवाई की जाए। पानी का अपव्यय न हो इसके लिए आवश्यक इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाए। मुख्य अभियंता महानदी परियोजना रायपुर ने बताया कि निर्देशानुसार खरीफ फसल की सिंचाई के लिए किसानों को पानी मुहैया कराने की कार्यवाही शुरू की जा रही है। 16 अगस्त की स्थिति में महानदी परियोजना समूह के तीनों जलाशय रविशंकर सागर जलाशय, मुरूमसिल्ली जलाशय एवं दुधावा जलाशयों में क्रमश: 344.89 मि.घ.मी. , 51.74 मि.घ.मी. तथा 108.75 मि.घ.मी. जल भराव उपलब्ध है।
इस प्रकार तीनों जलाशयों में कुल 504.77 मि.घ.मी. जल भराव है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में उपरोक्त तीनों जलाशयों में कुल 815.88 मि.घ.मी. जल भराव था।
उन्होंने बताया कि महानदी जलाशय परियोजना के उपरोक्त तीनों बांधों में संचित जल की मात्रा में से प्रतिवर्ष पेयजल के लिए 140 मि.घ.मी., निस्तारी के लिए 71 घन.मी. औद्योगिक प्रयोजन के लिए 85 मि.घ.मी., वाष्पीकरण हेतु 60 मि.घ.मी. और अन्य स्थानीय उपयोग व मत्स्य पालन हेतु 40 घन मी. इस प्रकार कुल 396 मि.घ.मी. जल आरक्षित रखा जाता है। उपरोक्तानुसार आरक्षित जल के उपयोग के उपरांत सिंचाई के लिए मात्र 108.77 मि.घ.मी. जल ही शेष रहेगा। महानदी नहर प्रणाली अंतर्गत रायपुर, धमतरी, बालोद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिला शामिल है जहां 2 लाख 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए लगभग 1100 मि.घ.मी. जल की आवश्यकता होगी। मुख्य अभियंता ने बताया कि वर्तमान में जलाशयों में उपलब्ध जल भराव से इन जिलों में 8 दिनों तक पानी दिया जा सकेगा।
