रायपुर । नक्शा, खसरा, बी-वन और ऋण पुस्तिका जैसे सरकारी दस्तावेजों से पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर गायब कर दिया गया है। नतीजा यह कि लोगों को च्वाइस सेंटरों में अपनी जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन नहीं मिल पा रहे हैं। पटवारियों के पास फिर चक्कर लगाने मजबूरी हो गई है। डिजिटल हस्ताक्षर के बजाय मैन्युअल हस्ताक्षर की स्थिति बनने से तहसीलों में डिजिटलीकरण की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पटवारियों का कहना है कि यह बात सही है कि डिजिटल हस्ताक्षर नहीं आ रहा है। एक साल पहले पूरे प्रदेश में डिजिटल हस्ताक्षर दिया गया था, लेकिन अभी राज्य शासन ने खरीफ फसल की एंट्री करने के लिए कहा है। इस एंट्री के दौरान डिजिटल हस्ताक्षर खुद ही समाप्त हो गया है, जो भी आवेदक आ रहे हैं उनकी ऋण पुस्तिका मिला रहे हैं और फसल लिख रहे हैं इसके बाद फिर डिजिटल हस्ताक्षर कर रहे हैं। डिजिटल हस्ताक्षर नहीं होने से अब च्वाइस सेंटरों में काम नहीं हो पा रहा है। पटवारियों का तर्क है कि सामान्य किसान सिर्फ पटवारी को ही जानता है। च्वाइस सेंटरों में किसानों को लूटा जाता है। च्वाइस सेंटर वाले किसानों के रकबे की जानकारी ले लेते हैं। इसमें मिस यूज होने की शिकायतें आती हैं।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया था सिस्टम
पिछली सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया था। दावा किया गया था कि फर्जी सील और हस्ताक्षर की बात कहकर दस्तावेजों से पटवारी अपना पल्ला नहीं झाड़ पाएंगे। इससे जमीन के फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। नए सिस्टम से डिजिटल हस्ताक्षर पटवारी के अलावा और कोई व्यक्ति कर भी नहीं सकता। फर्जीवाड़ा करने पर वे पकड़े जाएंगे और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जमीन की नापजोख में गड़बड़ी की शिकायतों को रोकने के लिए भी यह सिस्टम लागू किया गया था। डिजिटल हस्ताक्षर के लिए पटवारियों को आइडी, पासवर्ड दिया जा रहा है।
यह सही है पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर नहीं आ रहा है। एक साल पहले पूरे प्रदेश में डिजिटल हस्ताक्षर सिस्टम लागू किया गया था। अभी राज्य शासन ने खरीफ फसल की एंट्री करने की जिम्मेदारी दी। एंट्री करने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर खुद ही समाप्त हो गया। अब जो भी आवेदक आ रहे हैं तो उनकी ऋण पुस्तिका मिला रहे हैं और खरीफ फसल लिख रहे हैं फिर डिजिटल हस्ताक्षर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले साल से बेहतर व्यवस्था करेंगे। डिजिटल डाटा करने के लिए पटवारियों को न ही लैपटॉप दिया गया न ही कंप्यूटर, इससे परेशानी हो रही है। – अश्वनी कुमार वर्मा, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पटवारी संघ
नक्शा-खसरा में डिजिटल हस्ताक्षर की तकनीकी दिक्कत
पूरे प्रदेश में पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर हो रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कते आती हैं। वैसे जब नक्शा-खसरा अपडेट होता है तब डिजिटल सिग्नेचर नहीं आ पाता है। तकनीकी दिक्कतें आती रहती हैं। – प्रणव सिंह, एसडीएम, रायपुर