सुशासन, गरीब कल्याण और विकास की यात्रा में प्रधानमंत्री के योगदान को सराहा; पूर्व अग्निवीरों की भर्ती और विभाग के नाम परिवर्तन को भी मंजूरी
Panchayattantra24. Com – रायपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के कर्मयोग, जनसेवा, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा की कामना की।
प्रस्ताव में राष्ट्र प्रथम, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित प्रधानमंत्री की कार्ययात्रा को ऐतिहासिक बताया गया। मंत्रिपरिषद ने जनधन-आधार-मोबाइल व्यवस्था, वस्तु एवं सेवा कर, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई जैसे विषयों का उल्लेख किया। साथ ही, सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को मिले केंद्रीय सहयोग और जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
गुजरात मॉडल से छत्तीसगढ़ में सुशासन को मिली प्रेरणा
अभिनंदन प्रस्ताव के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने शासन में तकनीक, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया। इन प्रयोगों से छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिली। प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के माध्यम से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को तकनीक से जोड़ा गया है। प्रदेश के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांवों का भू-संदर्भांकन किया जा चुका है।
निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य में भी कई सुधार किए गए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के माध्यम से औद्योगिक अनुमतियों की प्रक्रिया सरल बनाई गई है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः स्वीकृति का प्रावधान तथा एकल खिड़की व्यवस्था लागू की गई है। दो जनविश्वास अधिनियमों के तहत 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। इन सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
गरीब कल्याण और जनसुविधाओं पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 36 लाख घरेलू शौचालय और 14,970 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन मिले हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं। इसके माध्यम से 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये के निःशुल्क उपचार का लाभ मिलने की जानकारी दी गई। वहीं, 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के 73 लाख परिवारों यानी लगभग 1.99 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिला संबल
कृषि क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रदेश के 26.57 लाख किसानों को लाभ मिला है। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की जानकारी दी गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। बिहान योजना के अंतर्गत 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं। वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से 70 हजार से अधिक जनजातीय महिलाएं भी आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए आठ जिलों में खेलो इंडिया के अंतर्गत 48 करोड़ रुपये की सहायता और 33 मिनी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी और एथलेटिक्स के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्वीकृति भी दी गई है।
जनजातीय विकास और बस्तर में शांति की नई राह
जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित करने, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहलों का उल्लेख किया गया। प्रदेश के 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित होने तथा लघु वनोपज के माध्यम से छह लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई।
बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षाबलों के साहस और विकास योजनाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रेस वार्ता में 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिलने का उल्लेख करते हुए कहा गया कि शांति की स्थापना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 विद्यालयों को दोबारा खोला गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।
बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश
छत्तीसगढ़ को पिछले 12 वर्षों में केंद्रीय करों के हिस्से के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी गई। खनिज क्षेत्रों के विकास के लिए जिला खनिज न्यास व्यवस्था के तहत 17,887 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनसे 81 हजार से अधिक विकास कार्य किए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों, रेल परियोजनाओं, मोबाइल नेटवर्क और बिजली व्यवस्था के विस्तार पर भी जोर दिया गया। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और रायपुर-दुर्ग बायपास जैसी परियोजनाओं को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित होने की जानकारी भी दी गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा, संस्कृति और वैश्विक प्रतिष्ठा
प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया गया। अनुच्छेद 370 की समाप्ति, रक्षा क्षेत्र में सुधार और नए आपराधिक कानूनों को भी महत्वपूर्ण निर्णयों के रूप में रेखांकित किया गया।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संदर्भ में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, मां बम्लेश्वरी मंदिर के विकास और जनजातीय पर्यटन सर्किट जैसी पहलों का उल्लेख किया गया। चंपारण में संत श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य की मूर्ति और परिसर की स्थापना के लिए 73.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति तथा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री एकता मॉल बनाने की योजना को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के संदर्भ में जी-20 की अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और श्रीअन्न को वैश्विक पहचान दिलाने जैसी पहलों का उल्लेख किया गया।
विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का संकल्प
प्रेस वार्ता में कहा गया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प में भागीदारी के लिए छत्तीसगढ़ ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधन, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति और समृद्ध जनजातीय संस्कृति प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं। मंत्रिपरिषद ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प दोहराया।
पूर्व अग्निवीरों की भर्ती और विभाग के नाम परिवर्तन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
पूर्व अग्निवीरों के लिए 36 आरक्षक पदों पर भर्ती: राज्य की सेवाओं में पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ लेने के उद्देश्य से गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलेगा: मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन, जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा।
