रायपुर | पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज एक दिलचस्प ट्वीट किया है. डॉ रमन सिंह ने लिखा है कि 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से हमने प्रदेश के गरीब परिवारों व आदिवासी भाइयों-बहनों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य किए हैं. यदि भूख से व्याकुल गरीब परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करना कांग्रेस की नज़र में अपराध है तो हो, यह काम मैं आगे भी करूँगा. इस ट्वीट के साथ एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है |
वीडियो में स्टील फोटो की श्रृंखला के साथ गीतनूमा शब्द गूँजते है जिसमें यह कहा जा रहा है.. नही कहा नही जा रहा बल्कि शायद यूँ कहे ललकारा जा रहा है. चित्र के साथ गूँजते शब्द गीत जो कहते हैं वह कुछ यूँ है |
बदले की इस जाँच से भला सच को आँच कहाँ आई है. संख्या में अधिक हो जाने से भला..क्या सियारों ने सिंह पर विजय पाई है. ग़रीबों को चावल देना तुम्हारी नजर में अपराध है. मेरे आदिवासी भाईयों का क्या सरई का बीजा खाना याद है. भूखोंको खाना देना अगर मेरे अपराध में गिना जाएगा. तो लाख डिगा ले क़दम मेरे ..यह अपराध फिर से किया जाएगा. अपने द्वेष के तराज़ू में मेरे कर्मों को क्या तौलोगे. वर्षों सेवा किया है हमने क्या उस पर भी कुछ बोलोगे. झूठे वादों से तूम पहुँचे हो अब उन्हे पूरा करने की बारी है. मेरे हौसलों को तोड़ने की चेष्टा ना कर |
मेरे साथ मेरी छत्तीसगढ महतारी है.”
ज़ाहिर है सियासत में यूँ ही नही होता.
वह भी पंद्रह बरस सीएम रह चुका शख़्स यूँ ही नही लिखता.
यह आग्रह नही चुनौती है. सीधी चुनौती है.
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.