
रायपुर । कोर्ट में शपथपत्र देकर अंतागढ़ कांड में कथित डील करने वालों का नाम उजागर करने वाले मंतूराम पवार अब खुद जांच के घेरे में आ सकते हैं। प्रदेश के प्रधान आयकर आयुक्त पीके दास ने कहा है कि इस मामले में पूर्व मंत्री राजेश मूणत समेत सभी की जांच होगी। उन्होंने नाम लेकर कहा कि मंतूराम पवार के खिलाफ भी विभाग जांच करेगा। कांग्रेसी इससे पहले मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय में भी शिकायत कर चुके हैं।
रायपुर पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गुस्र्वार को दोपहर एक बजे प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय पहुंचा। कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपते हुए प्रधान आयकर आयुक्त से कहा कि अंतागढ़ के 2014 के उपचुनाव में रमन सरकार ने कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार को सत्ता और पैसे के बल पर नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया था।
कुछ समय बाद वायरल हुए ऑडियो में लेन-देन की बात उजागर हुई थी। उन्होंने कहा कि ऑडियो में कथिततौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता की बातचीत थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खरीद-फरोख्त के इस मामले को भाजपा सरकार ने दबा दिया था।
कुछ दिन पहले पवार ने कोर्ट में शपथपत्र साढ़े सात करोड़ रुपए में डील होने की बात कही है। इस राशि में से पवार को कुछ भी नहीं मिला। विधायक उपाध्याय ने कहा कि साढ़े करोड़ स्र्पये मूणत के आयकर रिटर्न में दिखाए गए आय से अधिक है। यह राशि जिन लोगों के बीच बांटी गई, उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में दिखाया या नहीं नहीं।
इसकी जांच कर मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस पर प्रधान आयकर आयुक्त ने कहा कि उनका विभाग न केवल मूणत, बल्कि मंतूराम और हर उस शख्स की जांच करेगा, जिनका नाम इस मामले से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। उपाध्याय के साथ विधायक कुलदीप जुनेजा, इदरीश गांधी, रमेश वर्ल्यानी समेत अन्य नेता भी आयकर कार्यालय पहुंचे थे।
कोर्ट में वाइस सैम्पल देने को हुए राजी
मंतूराम अपना वाइस सैम्पल देने को राजी हो गाए हैं। मंतूराम ने पहले वाइस सैम्पल नहीं देने का आवेदन कोर्ट में लगाया था। गुस्र्वार को पेशी के दौरान उन्होंने वह आवेदन वापस ले लिया। साथ ही अगली पेशी में वाइस सैम्पल देने की बात कही है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की है।
