रायपुर। स्वाइन फ्लू का वायरस ठंड में तो इस साल सक्रिय रहा ही, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि जब मौसम बदला तो इसकी सक्रियता बढ़ी यानी ठंड कम होना, हल्की गर्मी से इसके वायरस अधिक प्रभावी होते हैं। यही वजह है कि दिसंबर और जनवरी में राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू ने दो मरीजों की जान ले ली।
इनमें से महावीर नगर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग और आमा सिवनी निवासी 58 वर्षीय महिला शामिल हैं। इनके अलावा अब तक नौ मरीजों में एच1एन1 वायरस पॉजिटिव मिला है। सूत्रों की मानें तो शहर के पचपेड़ी नाका स्थित निजी अस्पताल में अभी दो मरीजों का इलाज जारी है, जो क्रिटिकल हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भी नवंबर में आइसोलेटेड वार्ड को दुरुस्त किया गया था। यहां कोई मरीज भर्ती नहीं है।
गौरतलब है रायपुर के इन दो मरीजों के अलावा भिलाई निवासी एक महिला मरीज की शहर के निजी अस्पताल में मौत हुई है। इस सीजन में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या का तीन हो गई है। डॉ. आंबेडकर अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. आरके पांडा कहते हैं कि यह अब साधारण फ्लू की तरह ही है।
हां, हमें इसे लेकर सावधानी बरतने की जरुरत है। चिकित्सकों को समय रहते दिखाएं, ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके। डॉ. पांडा मानते हैं कि यह वायरस कभी भी सक्रिय हो सकता है, पूर्व के वर्षों में 45 डिग्री तापमान में भी केस रिपोर्ट हुए हैं।
– स्वाइन फ्लू के वायरस का लेकर पूर्व में अलर्ट जारी किया गया है। सतर्क रहने की आवश्यकता है। बीते कुछ वर्षों का ट्रेंड है कि बदलते मौसम में ही इसकी सक्रियता होती है। फिलहाल जो मरीज पॉजिटिव मिले हैं, वे ठीक हैं। उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। – डॉ. आरके चंद्रवशीं, जिला नोडल अधिकारी, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम
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