
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को अविभाजित मध्यप्रदेश के सदस्य रहे संतोष अग्रवाल, दिवंगत विधायक भीमा मंडावी और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य बलराम सिंह ठाकुर को श्रद्धांजलि दी गई। सबसे पहले मुख्यमंत्री भूपेष बघेल ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, संतोष अग्रवाल के निधन से अपूर्णीय क्षति हुई है। वहीं विधायक भीमा मंडावी के जाने से न सिर्फ आदिवासी समाज बल्कि प्रदेश के लिए भी अपूर्णीय क्षति है।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, संतोष कुमार अग्रवाल जनसरोकारों के प्रति सजग थे। वे बेहद लोकप्रिय व्यक्ति थे, उनका निधन दुखद है। भीमा मंडावी को श्रद्धांजलि देते कहा, मैं हमेशा उनकी वीरता का कायल रहूंगा। भीमा मंडावी नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई के नायक के रूप में भीमा मंडावी जाने जाएंगे। उन्होंने सामाजिक दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन किया है।
पूर्व सीएम और जेसीसीजे प्रमुख अजीत जोगी ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, भीमा मंडावी मेरे पास ही बैठा करते थे इस सदन में, आदिवासियों के प्रति जो उनकी गहन सोच और जुड़ाव था वह स्मरण किया जाएगा। ठाकुर बलराम सिंह जी के जाने से बिलासपुर जिले की राजनीति का मजबूत स्तंभ गिर गया। उनके बगैर राजनीति को सोचना समझना भी मुश्किल है। स्थानीय चुनाव से लेकर लोकसभा और विधानसभा तक उनकी भूमिका होती थी।
