जशपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने कहा है कि अंतर्जातीय विवाह करने वाले युवकों को जेल में डाल देना चाहिए। साय ने कहा है कि दलित और आदिवासी से विवाह करने वाले युवक पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। नंदकुमार साय ने एक धर्म विशेष को लेकर यह टिप्पणी की है। बता दें कि भारत सरकार सामाजिक एकीकरण में आने वाले जाति प्रथा के उन्मूलन के लिए अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहन देती है।
इसके तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ऐसे लोगों को जिनमें एक अनुसूचित जाति या जनजाति से और दूसरा युवक या युवती ओबीसी या सामान्य वर्ग से आता है, तो उसे आर्थिक रूप से प्रोत्साहन के साथ सरकारी सेवाओं में उम्र सीमा में छूट देती है। साय ने कहा है कि इसको बढ़ावा देने का फायदा धर्म विशेष के लोग उठा रहे हैं। वे जनजाति महिलाओं से विवाह कर उनकी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ सिर्फ हिन्दू समाज में आपसी विवाहों में दिया जाता है। अन्तर्धार्मिक विवाहों से इसका कोई सरोकार नहीं है।
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