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panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से अंकुश लगाने और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संचालित विशेष डिजिटल पहल के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य सरकार ने सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार कम करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों को मुख्य माध्यम बनाया है। अब भूमि रिकॉर्ड, निर्माण परियोजनाओं के ट्रैकिंग सिस्टम, खरीदारी और ठेका प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी। इससे न केवल प्रक्रियाओं में देरी कम होगी, बल्कि हर लेन-देन का रिकॉर्ड सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध रहेगा, जिससे गड़बड़ी करना लगभग असंभव होगा। राज्य सरकार ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी बढ़ावा दिया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान करने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि सरकारी धन समय पर और सही तरीके से लाभार्थियों तक पहुँच रहा है। इससे भ्रष्टाचार और धन का दुरुपयोग दोनों घटे हैं। 
 छत्तीसगढ़ सरकार ने JAM (Jan Dhan-Aadhaar-Mobile) पोर्टल का उपयोग करके सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाई है। अब धनराशि सीधे लाभार्थियों और विक्रेताओं के बैंक खातों में ट्रांसफर होती है, जिससे बिचौलियों और अनियमितताओं की संभावना न्यूनतम हो गई है। इसके परिणामस्वरूप सरकारी खरीदी में तेजी और विश्वसनीयता आई है, और योजनाओं का लाभ सीधे और सही तरीके से जनता तक पहुंच रहा है। JAM पोर्टल के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है। सरकारी धन का सीधा लाभार्थियों तक पहुँचने से धन के दुरुपयोग की संभावना कम हुई है। इससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं की प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है। 
 ई-गवर्नेंस और मोबाइल एप्लिकेशन शुरू सरकार ने नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को तुरंत दर्ज करने के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किए हैं। इन एप्लिकेशन के माध्यम से लोग भ्रष्टाचार, विलंब और अन्य शिकायतों की सूचना सीधे संबंधित विभागों तक पहुंचा सकते हैं। रिपोर्टिंग के बाद त्वरित कार्रवाई और नतीजों की जानकारी भी नागरिकों को मिलती है। ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाएं : राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे भ्रष्टाचार के अवसर कम हुए हैं, क्योंकि सेवाएं सीधे और पारदर्शी तरीके से प्रदान की जाती हैं। 
 डिजिटल भुगतान प्रणाली : ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दिया गया है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और सरकारी धन सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। डेटा एनालिटिक्स और निगरानी : सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है। इससे अनियमितताओं की पहचान जल्दी हो रही है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी अभियान : राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में आबकारी विभाग के 22 अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया है, जिससे यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
 डेटा विश्लेषण और निगरानी छत्तीसगढ़ सरकार ने विभागीय कामकाज पर निगरानी रखने के लिए डेटा एनालिटिक्स का सहारा लिया है। सरकारी खर्च, ठेका वितरण और परियोजना प्रगति की रिपोर्टिंग को डिजिटल रूप में ट्रैक किया जा रहा है। इससे भ्रष्टाचार की पहचान में तेजी आई है और अनियमितताओं का पता पहले ही चरण में चल जाता है। सफलताएँ और प्रभाव सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में डिजिटल निगरानी और ई-गवर्नेंस सिस्टम लागू होने के बाद भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों में लगभग 35% की गिरावट आई है। इसके अलावा, परियोजनाओं के समय पर पूर्ण होने की दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। भविष्य की योजना छत्तीसगढ़ सरकार आने वाले समय में ब्लॉक और पंचायत स्तर तक डिजिटल निगरानी प्रणाली को विस्तारित करने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक तक सुशासन और पारदर्शिता की गारंटी पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए तकनीकी नवाचारों को लगातार और व्यापक रूप से लागू करेगी।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। शराब घोटाला मामले में संलिप्तता के आरोप में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज प्रवर्तन निदेशालय के विशेष न्यायलय की तरफ से राहत की उम्मीद है। आज उनके जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें कि, चैतन्य बघेल फिलहाल रायपुर सेन्ट्रल जेल में ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। उन्हें इसी साल के 18 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि इस मामले में लगभग 1,000 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का मुख्य आरोपी चैतन्य बघेल ही हैं।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। रायपुर निगम के भाजपा पार्षद दल ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मुलाकात की। मेयर मीनल चौबे ने फेसबुक में मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, आज भाजपा पार्षद दल के साथ नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निवास में सौजन्य भेंट कर दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शहर के समग्र विकास, जनसुविधाओं के विस्तार एवं निगम कार्यों की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम के प्रयासों की सराहना की एवं हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
 


 

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 panchayattantra24.-खैरागढ़। खैरागढ़ पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है. इंस्टाग्राम पर साड़ी बेचने के नाम पर हुई एक छोटी-सी ऑनलाइन ठगी के मामले ने पुलिस को 50 करोड़ रुपए के बड़े साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह तक पहुंचा दिया. मामला खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा की शिकायत से शुरू हुआ. छात्रा ने पुलिस को बताया था कि उसने इंस्टाग्राम पर एक ऑनलाइन पेज से साड़ी खरीदी और पेमेंट करने के बाद उसके साथ ₹64,000 की ठगी हो गई. पहली नज़र में यह एक छोटा मामला लग रहा था, लेकिन खैरागढ़ साइबर सेल ने जब इंस्टाग्राम पेज, पेमेंट ऐप और बैंक खातों की गहन जांच शुरू की, तो ठगी के एक बड़े जाल का पता चला. 
 जांच में सामने आया कि इस फ्रॉड के पीछे मुंबई के डोम्बिवली और कल्याण में सक्रिय एक बड़ा गैंग काम कर रहा था. ये शातिर ठग इंस्टाग्राम पर साड़ी बेचने के फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे. चौंकाने वाली बात यह है कि ये लोग “100 बुक” नाम का एक ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप भी चला रहे थे, जिसके जरिए ठगी के इस काले कारोबार को और बड़ा किया जा रहा था. साइबर सेल ने जब आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया, तो सामने आया कि गिरोह ने ठगी के लिए 100 से अधिक फर्जी सिम कार्ड और बैंक खाते बना रखे थे. इन खातों के माध्यम से ही करीब ₹50 करोड़ का बड़ा लेन-देन हुआ था. गिरोह की धरपकड़ के लिए खैरागढ़ पुलिस की टीम ने 7 दिन तक मुंबई में डेरा डाला. टीम ने आरोपियों की पहचान और ठिकाने की पुष्टि के लिए खुद को ‘डिलीवरी ब्वॉय’ बताकर इलाके में रेकी की. सही मौका देखकर, पुलिस ने डोम्बिवली के दो फ्लैटों में एक साथ छापा मारा और 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
 

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panchayattantra24.- रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज अटल नगर नवा रायपुर में आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर देश के इस पहले डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। राज्यपाल डेका ने लोकार्पण के तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया। राज्यपाल डेका ने परिसर में स्थापित आदिवासी संग्रहालय का भी अवलोकन किया जहां प्रदेश के विभिन्न जनजातियों की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन, आभूषण, उनकी आजीविका के साधन सहित उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया है। राज्यपाल ने संग्रहालय की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातियों की परंपरा, संस्कृति, असम राज्य के जनजातियों से मिलती जुलती है। 
 राज्यपाल ने डिजिटल संग्रहालय के अवलोकन के दौरान एआई तकनीक से कियोस्क पर क्लिक कर अपनी जनजातीय फोटो भी निकलवाई साथ ही एआई तकनीक से प्रधानमंत्री के साथ फोटो भी खिंचवाए। अवलोकन के दौरान के अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने दोनों संग्रहालयों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्मारक सह-संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर गहराई से अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स तकनीक और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया जा रहा है। दर्शक संग्रहालय में आकर जनजातीय विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेंगे। 
 राज्यपाल डेका ने परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर महुवा के पौधे लगाए। राज्यपाल को छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी जननायकों पर आधारित आदि विद्रोह पुस्तक की प्रति एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित पेंटिंग भेंट की गई। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेेष नेताम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 

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 panchayattantra24.-रायपुर। नारायणपुर में ईरकभट्टी से कच्चापाल तक पक्की सड़क बन गई है, राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने वीडियो शेयर कर लिखा, नारायणपुर के ईरकभट्टी से कच्चापाल तक बन रही सड़क का यह दृश्य अपने आप में परिवर्तन की कहानी कहता है। जहां कभी लाल आतंक के साए में लोग यह सोचते थे कि क्या यहां कोई कदम रख भी पाएगा, आज वहां सड़क बन रही है — विकास की राह खुल रही है। यह सब हमारी सुरक्षा बलों की वीरता, समर्पण और बस्तर के लोगों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने न सिर्फ नक्सलवाद पर विजय पाई है, बल्कि बस्तर की जनता दिल भी जीता हैं।
 

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*‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025/‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।

श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।

*मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा*

‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

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*छठ मइया की उपासना सूर्य आराधना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री  साय*

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि छठ पूजा आस्था, पवित्रता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है, जो सूर्यदेव और छठ मइया की उपासना के माध्यम से मानव और प्रकृति के मधुर संबंध का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छठ पर्व का प्रत्येक अनुष्ठान – अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने से लेकर उदीयमान सूर्य की आराधना तक – जीवन में अनुशासन, संयम और स्वच्छता के महत्व को दर्शाता है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, पवित्रता और पारिवारिक एकता की भावना को सशक्त बनाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस अवसर पर सूर्योपासना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोतों की स्वच्छता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लें।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में हुए शामिल*

रायपुर 26 अक्टूबर 2025/शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान — जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट — छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए हैं, जिनसे राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आपके समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में भी आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह निश्चित ही पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मूलमंत्र है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने अन्नदाताओं के हित में कृषक उन्नति योजना, पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना, तथा दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम उठाए हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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panchayattantra24.- बस्तर। छग शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी।उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। 
 इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे। 
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
 

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