Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Author: admin
panchayattantra24.-रायपुर। देशभर में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का अभियान चला रही है. PM मोदी को ‘वोट चोर’ कहने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सबूत मांगे थे, लेकिन कांग्रेस कोई सबूत पेश नहीं कर सकी. जनता ने उन्हें एक लाइन में खारिज कर दिया है. मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास अब बोलने को कुछ नहीं है. पीएम मोदी को पहले ‘चौकीदार चोर’ कहा, अब ‘वोट चोर’ बोल रहे हैं. वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश और देश में उनका जनाधार खत्म हो चुका है. कांग्रेस के संगठन सृजन पर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में बूथ, मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोकतांत्रिक नियुक्ति होती है. कांग्रेस में पहले राष्ट्रीय नेताओं की नियुक्ति होती है, फिर उनके नीचे अन्य नेताओं की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि ऐसा बूथ अध्यक्ष बनाएंगे, जो उनके आदेश पर कुत्ते की तरह भौंके.
panchayattantra24.-बिलासपुर. हाईकोर्ट ने 2,621 बर्खास्त बीएड योग्य सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक (विज्ञान/लैबोरेटरी) पद पर समायोजित करने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया है. मामले में जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने कहा, कि यह निर्णय न तो अवैध है और न ही मनमाना. बता दें कि जांजगीर चांपा निवासी संजय कुमार और मुंगेली निवासी विजय कश्यप ने अप्रैल 2025 में लिए गए सरकार के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी . याचिका में कहा था कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत सहायक शिक्षक के पूरे पद सीधी भर्ती से भरे जाने हैं,लेकिन सरकार ने इन पदों पर बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित कर नियमों का उल्लंघन किया है.
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि 4422 रिक्त पदों में से 2621 बर्खास्त शिक्षकों को समायोजित किया,जो अप्रैल 2024 में हाईकोर्ट के आदेश से बर्खास्त हुए थे . ये तमाम शिक्षक बीएड धारक थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डीएड योग्यता जरूरी होने से उनकी सेवाएं समाप्त हुई . सभी दलीलों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि सरकार का यह कदम नियमों के अनुरूप है और इसमें कोई मनमानी नहीं है. इसलिए याचिका को खारिज कर राज्य सरकार के समायोजन फैसले को बरकरार रखा गया.
panchayattantra24.-बिलासपुर। CM विष्णुदेव साय सेंदरी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां लोकार्पण एवं मेधावी छात्र अलंकरण व प्रांतीय संस्कृति महोत्सव उद्घाटन समारोह का आयोजन हो रहा है। यह भी पढ़े छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के 25 साल पूरे हो गए है। इस अवसर पर शनिवार (27 सितंबर) को हाइकोर्ट परिसर में रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में शिरकत की और न्यायिक महोत्सव का उद्घाटन किया। समारोह में शामिल हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीते 25 साल में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। इस बीच पेंडेसी को कम किया गया और आधारभूत संरचना में भी हमने बड़ी कामयाबी हासिल की है।
panchayattantra24.-दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा उड़ीसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के 8 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में विभिन्न अधोसंचरना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। जिसमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना के कार्य भी शामिल है। इसके अलावा अन्य सात आईआईटी, आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू के फेस-2 का उद्घाटन शामिल है। समारोह का सीधा प्रसारण नालंदा व्याख्यान कक्ष, आईआईटी भिलाई परिसर में आयोजित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसुचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा भी उपस्थित थे। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लिए यह गौरव की बात है कि देश के 8 आईआईटी में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास देश के प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के साथ प्रदेश में भी तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में तकनीकी ज्ञान को प्राथमिकता देते हुए इसके विस्तार हेतु पहल कर रही है। आईआईटी भिलाई में फेस-2 परियोजना पूर्ण होने पर यहां शोधार्थी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने शिलान्यास के अवसर पर सभी को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। आईआईटी भिलाई के निर्देशक प्रो. डॉ. राजीव प्रकाश ने आईआईटी की उपलब्धियों पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि फेस-2 निर्माण की आधारशिला रखने के साथ, आईआईटी भिलाई बुनियादी ढांचे के विकास के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये मंजूर किए, जिसमें से 1092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण के लिए हैं। इस परिसर के साथ निर्मित क्षेत्र को अतिरिक्त 1,51,343 वर्ग मीटर तक बढ़ाया जाएगा। यह नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभागों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्षों और उपकरण और प्रोटोटाइप सुविधाओं को जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। फेस-2 के दायरे में भवन और सुविधाओं में छात्रावास, मेस हॉल, इनडोर खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, क्रिकेट, फुटबॉल और हॉकी मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन और स्वास्थ्य केंद्र और खरीदारी परिसर का विस्तार भी शामिल है। छात्रों की संख्या भी 1500 से बढ़कर 3000 हो जाएगी। फेस-2 के प्रमुख विकासों में से एक परिसर में 96 करोड़ रुपये की लागत से एक अनुसंधान पार्क की स्थापना होगी, जो छत्तीसगढ़ राज्य में पहला होगा। अनुसंधान पार्क का उद्देश्य अकादमिक उद्योग के सहयोग का महत्वपूर्ण लाभ उठाना और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी विकास के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2016 में स्थापित, आईआईटी भिलाई को भारत सरकार द्वारा फेस-2 निर्माण के लिए 1090.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। इस चरण के तहत, आईआईटी भिलाई परिसर की स्थापना कुटेलभाटा, दुर्ग जिले में 1,34,450 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र के साथ की गई थी। आईआईटी भिलाई ने अकादमिक कठोरता, व्यक्तिगत विकास और एक स्थायी जीवन शैली के लिए डिज़ाइन किया गया एक स्मार्ट, छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया। इस संस्थान को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। आईआईटी भिलाई परिसर स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, पूरी तरह से वाई-फाई सक्षम परिसर जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन को एकीकृत करता है। परिसर को भविष्य की पीढ़ियों को प्रकृति के साथ रहने के आनंद की सराहना करने के लिए प्रेरित करने, युवा स्नातकों को पर्यावरणीय स्थिरता के साथ-साथ प्रौद्योगिकी में उन्नति की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करने के लिए एक दृष्टि के साथ डिजाइन किया गया है। पर्यावरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, आईआईटी भिलाई का मास्टर प्लान अधिकांश पेड़ों और जल निकायों को बनाए रखते हुए मौजूदा प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल के साथ तैयार किया गया है।
आईआईटी भिलाई के मास्टर प्लान को कई अनुकरणीय प्रदर्शन पुरस्कारों के साथ-साथ लार्ज डेवलपमेंट (एलडी) खंड में पांच सितारा रेटिंग के साथ सर्वाेच्च जीआरआईएचए पुरस्कार मिला है। आईआईटी भिलाई ने जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 के तहत पैसिव आर्किटेक्चर डिजाइन और ऊर्जा प्रबंधन जैसे कई अन्य पुरस्कार जीते हैं। गोंड आदिवासी कला से प्रेरित, प्रवेश गलियारों में सांस्कृतिक रूप से निहित प्रतिष्ठान हैं जो छत्तीसगढ़ की विरासत का जश्न मनाते हैं। वर्तमान में आईआईटी भिलाई लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है और 30 पेटेंट दायर किए गए हैं। आई.आई.टी. भिलाई विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (एन.एम.आई.सी.पी.एस.) पर राष्ट्रीय मिशन के तहत स्थापित एक सेक्शन 8 कंपनी, आई. आई. टी. भिलाई नवाचार और प्रौद्योगिकी फाउंडेशन (आई. बी. आई. टी. एफ.) की भी मेजबानी करता है। अपने उत्कृष्ट कार्य की मान्यता में, आईबीआईटीएफ को हाल ही में ष्वित्तीय क्षेत्र के लिए प्रौद्योगिकी (फिनटेक)-प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार के माध्यम से हाशिए पर रहने वाले समुदायों को सशक्त बनानाष् शीर्षक के तहत श्रेणी ए हब के रूप में नामित किया गया है। आईआईटी भिलाई की सबसे उल्लेखनीय पहलों में से एक विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्य भर के स्कूलों, शिक्षकों, छात्रों और वितरण प्रणाली के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। छात्रों और पाठ्यपुस्तक डेटा को मानकीकृत और प्रमाणित करके, मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान की और उन्हें समाप्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप रु 40 करोड़ की 60 लाख पाठ्यपुस्तकों की बचत हुई। इसके अलावा, गहन तकनीक समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता में, आईआईटी भिलाई द्वारा देश भर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका कुल परिव्यय 19 करोड़ रुपये है। वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बीटेक, एमटेक, एमएससी और पीएचडी कार्यक्रमों के तहत 1525 छात्र नामांकित हैं। फेस-2 के विकास के पूरा होने के साथ, संस्थान न केवल अपने शिक्षण और अनुसंधान विकास कार्यक्षेत्रों में अपने दायरे और भूमिका का विस्तार करेगा, बल्कि सहयोगी परियोजनाओं में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में और राज्य के तकनीकी रूप से सहायता प्राप्त विकास को बढ़ावा देगा।
panchayattantra24.-राजनांदगांव। डोंगरगढ़ क्षेत्र के मूंदगांव में अब से करीब आधा घंटा पहले डीआई और बाइक में भिड़ंत में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसे में मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। डीआई चालक मौके से फरार हो गया है। जोरदार टक्कर के चलते डीआई गाड़ी भी अनियंत्रित होकर पलट गई। वहीं मौके पर बाइक सवार युवकों की जान चली गई। डोंगरगढ़ थाना से पहुंची पुलिस की सहायता टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। गाडिय़ों की भिड़ंत में मृतकों का शव काफी वीभत्स हो गया है। टकराने की घटना के बाद डीआई भी कुछ दूर जाकर पलट गई। जबकि सडक़ के बीच क्षतिग्रस्त हो गई। डोंगरगढ़ पुलिस घटना की जांच कर रही है। मृत युवकों की शिनाख्ती अब तक नहीं हुई है। डीआई चालक की पुलिस तलाश कर रही है।
panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के 25 साल पूरे हो गए है। इस अवसर पर शनिवार (27 सितंबर) को हाइकोर्ट परिसर में रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में शिरकत की और न्यायिक महोत्सव का उद्घाटन किया। समारोह में शामिल हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीते 25 साल में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। इस बीच पेंडेसी को कम किया गया और आधारभूत संरचना में भी हमने बड़ी कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा पिछले 25 साल में हमने न्याय को आम लोगों तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की है। देश की न्याय व्यवस्था के प्रति जनता की आस्था अटूट है। इसके साथ ही कार्यक्रम में तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पी सैम कोशी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व जज मनींद्र मोहन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
समारोह में केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल होने वाले थे। पर किसी कारण वे शामिल नहीं हो पाए। इस दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया। रजत जयंती समारोह समारोह के बाद अतिथियों और हाईकोर्ट के वकीलों के लिए लंच का भी आयोजन किया गया है।
panchayattantra24.-सुकमा। जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां सूरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जवानों ने नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है। जवानों ने फैक्ट्री से हथियार बनाने, विस्फोटक तैयार करने की मशीन भी बरामद की है। मिली जानकारी के अनुसार, सुकमा के कैंप मेट्टुगुड़ा में स्थित नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सुरक्षाबलों ने ध्वस्त कर दिया है।
इस कार्रवाई के दौरान जवानो ने हथियार बनाने और विस्फोटक तैयार करने की मशीन भी बरामद की है। फैक्ट्री को ध्वस्त करने के बाद जवानों ने इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, जिला बल सुकमा और कोबरा 203 वाहिनी ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
panchayattantra24.-बिलासपुर। बिलासपुर के आदर्श दुर्गोत्सव समिति के 50 वें वर्ष पर भव्य उत्सव मनाया जा रहा है. जहां गुरुवार को सीएम विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय पहुंची. इस दौरान जसगीत की धुन पर कौशल्या साय महिलाओं के साथ जमकर थिरकीं. गरबा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आदर्श दुर्गोत्सव समिति ने कौशल्या साय का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया. उन्होंने महिलाओं नवरात्रि पर्व पर गरबा और डांडिया के दौरान अपनी गरिमा व मर्यादा का ध्यान रखने और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होने से अपील की. इसके बाद महिलाओं के संग कौशल्या साय जसगीत और गरबा की धुन पर जमकर झूमती नजर आई.
panchayattantra24.-जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के दौरान शुक्रवार 26 सितम्बर को फूल रथ की तीसरी परिक्रमा पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरी की गई। इस भव्य आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की।फूल रथ की तीसरी परिक्रमा शहर के जगन्नाथ मंदिर, गोल बाजार चौक, गुरु नानक चौक से होते हुए वापस दंतेश्वरी मंदिर तक की गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उपस्थित रहे। यह परिक्रमा बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है, जो माँ दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं के प्रति आस्था को दर्शाता है। फूल रथ में मां दंतेश्वरी के छत्र के विराजमान होते ही पुलिस के जवानों ने हर्ष फायर कर सलामी दी।
परिक्रमा के दौरान जगदलपुर विधायक किरण देव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही बस्तर संभाग कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी मौजूद रहकर रथ खींचने वाले ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए तैनात पुलिस एवं प्रशासन की टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रशासन के सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो इस अनूठे पर्व को विश्व मंच पर पहचान दिलाता है।
panchayattantra24.-बस्तर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 4 अक्टूबर को बस्तर दौरा लगभग तय माना जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने जगदलपुर के लाल बाग मैदान में तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे। साथ ही वे लाल बाग मैदान में भी आम सभा को संबोधित करेंगे। दरअसल, बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप समेत अन्य सदस्यों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दशहरा में शामिल होने न्योता दिया था। शाह ने इस पर्व में आने की हामी भरी थी। अब प्रशासन भी तैयारियों में जुट चुका है। हालांकि, बस्तर में शाह का और कौन-कौन सा कार्यक्रम होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है।
लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों और सरेंडर्ड नक्सलियों से मिल सकते हैं। अंदरूनी इलाके के कुछ ग्रामीणों से भी मुलाकात कर सकते हैं। शाह के अलावा छत्तीसगढ़ के CM समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद भी बस्तर दशहरा में शामिल हो सकते हैं। अमित शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा नक्सलवाद से मुक्त और शांति की ओर अग्रसर बस्तर अपने पर्व-त्योहार धूम-धाम से मना रहा है। आदिवासी संस्कृति और विरासत का प्रमाण 75 दिनों तक मनाया जाने वाला बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में आने का निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।