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Author: admin
रायगढ़। अवैध खनन रोकने पहुंचे सहायक कलेक्टर (ट्रेनी आईएएस अफसर) और उनकी टीम को मारने का प्रयास करने वाले खनन माफिया अमृत पटेल को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी को ओडिशा से पकड़ा। वारदात के बाद करीब एक माह से आरोपी अमृत अलग-अलग राज्यों में छिपता फिर रहा था। सारंगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन होता देख मौके पर पहुंचे आईएएस अफसर को जेसीबी से कुचलने का प्रयास किया था। शहर के कोतरा रोड में गजानंदपुरम का रहने वाला अमृत पटेल कई सालों से सारंगढ़ टिमरलगा में पत्थरों की अवैध खदान चलाता था। सारंगढ़ के टिमरलगा, गुड़ेली इलाके में अवैध खनन की शिकायतों के बाद 11 अप्रैल की रात सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी माइनिंग की टीम के साथ जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। दूर से खदान में काम होता देख चतुर्वेदी टीम के साथ वहां पहुंचे। यहां अमृत पटेल जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ पत्थर की खुदाई और परिवहन में लगा था। अमृत ने सहायक कलेक्टर चतुर्वेदी और डिप्टी डायरेक्टर माइनिंग एसएस नाग को देखा तो भड़क गया। वह गालियां देता हुआ जेसीबी से दोनों को कुचलने का प्रयास किया।अफसर वहां से हट गए और बड़ी मुश्किल से जान बचा पाए। हमले में डिप्टी डायरेक्टर नाग को चोट भी लगी। अफसरों ने पुलिस को बुलाया तब तक अमृत वहां से भाग निकला। आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। पुलिस ने आरोपी अमृत पटेल और उसके साथी कन्हैया पटेल को गुरुवार को कनकतुरा-रेंगालपाली में पकडऩे की बात कही।
शाम को प्रेस कांफ्रेंस करके मीडिया को आरोपी के गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमृत के हर लोकेशन की जानकारी थी लेकिन वह घेराबंदी करने से पहले ही वहां से भाग जाता था। उस पर खनिज अधिनियम के तहत पहले भी कई बार मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि खनन माफिया अमृत का करीब 10 सालों से क्षेत्र में आतंक था।
पांच राज्यों के अलावा नेपाल में छिपा
रायगढ़ से पुरी में जाकर रुक गया। कुछ दिनों बाद भुवनेश्वर से बरगढ़। यहां से सड़क मार्ग से रायपुर। रायपुर से ट्रेन रूट से दिल्ली। दिल्ली से नेपाल। नेपाल के अलग-अलग गांवों में घूमने के बाद यहां से गोरखपुर। गोरखपुर से प्रयागराज। प्रयागराज से बिलासपुर। यहां से दोबारा पुरी। पुरी से भुवनेश्वर से नासिक से शिरडी। शिरडी से दोबारा नासिक। नासिक से रायपुर। इसके बाद बिलासपुर से कोलकाता। कोलकाता से भुवनेश्वर और यहीं से टीम ने इसका पीछा करते हुए बरगढ़ के रास्ते रेंगालपाली के पास पकड़ा।
शातिर है लेकिन पहले सख्त कार्रवाई नहीं हुई
ऐसा नहीं है कि अमृत पटेल अब माफिया बना है। उसके हौसले कई सालों से बुलंद हैं। दो साल पहले भी उसने कार्रवाई करने गई माइनिंग की टीम को बंधक बना लिया था। अवैध खनन और परिवहन उसकी आदत बन चुकी है। कई बार कार्रवाई हुई लेकिन पुलिस या प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं दिखाई इसलिए हौसले इतने बढ़े कि अफसर को कुचलने की कोशिश कर दी। आरोपी के विरुद्ध सारंगढ़ में पहले से कई मामले दर्ज हैं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के आम आमदी की कमाई को लूटने वाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। अब तक प्रदेश में चिटफंड में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ 163 मामले दर्ज किये गये हैं। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को अनियमित वित्तीय कंपनियों (चिटफंड कंपनी) के द्वारा किए गए अपराधों की विवेचना के दौरान संबंधित कंपनियों के ज्ञात संपत्ति की कुर्की न्यायालय के माध्यम से कराये जाने के संबंध में एडीजी अशोक जुनेजा ने बैठक ली। इसमें सभी 27 जिलों के नोडल अधिकारियों को चिटफंड कपंनियों की संपत्ति को कुर्क करने का निर्देश दिया गया। जुनेजा ने अधिकारियों से कहा कि पीडि़तों की धन वापसी की कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जुनेजा ने कहा कि ऐसी कंपनियां जिनकी चल-अचल संपत्ति ज्ञात नहीं है, उनके संबंध में टीम गठित कर उनकी संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जाए। छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत जुलाई 2015 से अब तक 163 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। अधिनियम में विशेष न्यायालय के माध्यम से संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान है। अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अब तक 65 प्रकरणों में संबंधित कंपनियों की संपत्ति को चिन्हित कर संपत्ति की कुर्की के अंतरिम आदेश जिला कलेक्टर के माध्यम से जारी किया गया है। अंतिम आदेश के लिए न्यायालय के समक्ष प्रकरण पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई करें
लोन दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े की लगातार आ रही खबरों के बीच डीजीपी ने सभी स्क्क को सख्त निर्देश जारी किया है। सभी स्क्क को संबोधित पत्र में डीजीपी ने लिखा है कि लोन दिलाने के नाम पर आ रही शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाये। दरअसल बस्तर में दो किसानों को जेल भेजे जाने के बाद लगातार इस बात की खबरें मीडिया में आ रही थी कि कुछ ऐसे ठग गिरोह हैं, जो किसानों को अंधेरे में रखकर लोन दिलाने के नाम पर हजारों रुपये वारे न्यारे कर रहे हैं। गिरोह के ये लोग अनपढ़ और मजबूर किसानों को ऋण दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ऋण राशि खुद ही हजम कर जाते हैं और बाद में मुश्किल में किसान पड़ जाते हैं। डीजीपी ने एसपी को इस बात का निर्देश दिया है कि वो अपने ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित थाना प्रभारी को अभियान चलाने का आदेश दें और ऐसे ठग गिरोह पर कार्रवाई सुनिश्चित करायें। साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर किसानों की तरफ से ठगी की कोई घटना की शिकायत दर्ज करायी जाती है, तो उस पर भी गहराई से जांच कराकर कार्रवाई की जाये। डीजीपी ने इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी खुद भी मंगायी है ।

नई दिल्ली- सातवें और अंतिम चरण का चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. मोदी ने हमारे सवालों का जवाब नहीं दे सके. साथ ही राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मीडिया के पक्षपात पूर्ण रवैये पर दुख जताया. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका पूछपात पूर्ण रहा है. नरेंद्र मोदी जो बोलना चाहता है उसे बोल देते हैं, लेकिन उसी बात को अगर कोई बोलता है तो उसे रोक दिया जाता है ।
ये पूरा चुनाव का जो शेड्यूल है, नरेंद्र मोदी की प्रचार के लिए बनाया गया है. ये बात पूरी तरह सामने है, इसे देशवासी भी समझ चुके हैं. हम सिर्फ चुनाव आयोग पर भरोसा कर सकते हैं. उससे ज्यादा हम कुछ नहीं कर सकते हैं ।
मीडिया पक्षपात, मुझसे न्याय और मोदी से बालाकोट के बारे में सवाल
नरेंद्र मोदी ने बताया कि आम कैसे खाते हैं. शर्ट कैसे फाडते हैं. मीडिया से सवाल है कि मुझसे कठिन सवाल करते हैं, लेकिन मोदी से सरल. मुझसे पूछते है कि न्याय योजना में पैसे कहा से आएंगे, लेकिन मोदी से पूछते हैं साहब
आप आम कैसे खाते है. कपड़े कैसे पहनते हैं. ये हाफ शर्ट का आईडिया कहा से आया. नरेंद्र मोदी से पूछा कि बालाकोट के बारे में बताइए. जवाब में मोदी ने कहा कि मैंने एयरफोर्स के जवानों से कहा मौसम खराब है, बादल रडार पर हवाई जहाज नहीं दिखेगा ।
मोदी का दर्शन हिंसा
प्रधानमंत्री आपने रफाल पर जवाब क्यों नहीं दिया. आपने रफाल पर मुझसे डिबेट क्यों नहीं किया. अनल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए हिन्दूस्तान के एयरफोर्स का पैसा क्यों दिया. साध्वी प्रज्ञा सिंह के सवाल पर कहा कि मैंने ट्वीट कर अपनी बात रख दी है. इसके बाद उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का दर्शन हिंसा का है. महात्मा गांधी का दर्शन नहीं है ।
बीजेपी के पास अकूत धन, हम जनता के मुद्दे उठाए
हमारी रणनीति रही है कि हम जनता के मुद्दे को उठाए, हमने असरदार तरीके से मुद्दे को उठाया. बेरोजगारी, किसानों का हाल, रफाल मुद्दे, इकोनॉमी की हालत, गब्बर सिंह टैक्स, नरेंद्र मोदी इन बातों का जवाब नहीं दिया ।
बीजेपी के पास, नरेंद्र मोदी के पास हमारे से बहुता ज्यादा पैसा है. इसमें कोई शक की बात नहीं है. उनके पास अनलिमिटेड मार्केटिंग, अनलिमिटेड पैसा, अनलिमिटेड टीवी विज्ञापन था, हमारे पास जनता के मुद्दे थे ।

दिल्ली । साध्वी प्रज्ञा ठाकुर गोडसे को देशभक्त कहने के बाद से न सिर्फ विपक्षी दलों और आमलोगों के निशाने पर हैं, बल्कि अब उन्हें अपनी पार्टी भाजपा की नाराजगी झेलनी पड़ रही है. वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी भी महात्मा गांधी के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर प्रज्ञा पर भड़के हुए हैं. वे अपनी पार्टी की प्रत्याशी साध्वी से बेहद नाराज हो गए हैं. उन्होंने यहाँ तक कहा दिया है कि वे प्रज्ञा ठाकुर कभी माफ नहीं करेंगे. क्योंकि उन्होंने जो बातें कही है वो भयंकर ही खराब है ।
पीएम मोदी के इस बयान को भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया है. इस ट्वीट में आगे पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि PM मोदी ने दो टूक कहा कि ये बातें पूरी तरह से घृणा के लायक हैं, सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की बातें नहीं चलती हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भले ही इस मामले में उन्होंने (साध्वी प्रज्ञा, अनंत हेगड़े) माफी मांग ली हो, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा ।
आपको बता दे कि साध्वी प्रज्ञा ने भोपाल में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा था. साध्वी के इस बयान के बाद से सियासी बवाल मचा हुआ है ।

रायपुर । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) के अध्यक्ष अमित जोगी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को पहली प्रज्ञा कहते हुए अपने अमरीकी नागरिकता छोड़ने पर विवश होने की बात कह दी. अमित जोगी के इस बयान के बाद सियासी बवाल मचना लाजिमी है. क्योंकि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को जहां पागल कहा है तो वहीं अमेरिकी नागरिकता छोड़ने पर एक तरह अफसोस भी जता है ।
दरअसल अमित जोगी यह बातें साध्वी प्रज्ञा के उस बयान टिप्पणी करते हुए कहा जिसमें साध्वी ने नाथूराम गोडसे को देश भक्त कहा था. इसे लेकर अमित जोगी ने भाजपा और आरएसएस को ट्वीट करते हुए साध्वी प्रज्ञा को पगली प्रज्ञा लिखा है. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है ।
देश के बाकि लोगों को छोड़िए, मुझे नहीं लगता कि @BJP4India& @RSSorg वाले भी #पगली_प्रज्ञा @PragyaThakoor को #बापू_के_हत्यारे को महिमामंडित करने के लिए कभी माफ़ कर पाएँगे।अगर भोपाल से वो भूलवश जीत जाती है, जिसकी सम्भावना कम ही है, तो भारतवासियों के लिए इससे ज़्यादा शर्म की कोई दूसरी बात नहीं हो सकती और पिछले 16 साल में पहली बार मुझे अपनी अमरीकी नागरिकता छोड़ने के बारे में सोचने पर विवश होना पड़ेगा।

कोटा । मुस्लिम-समाज के त्योहारों में रमजान का महीना बहुत ही मुबारक और अफजल वाला महीना कहलाता है. रमजान-उल-मुबारक की मुकद्दस माह में मुस्लिम-समाज के लोग पूरे एक माह तक रोजा (उपवास) रखते हैं. 1 माह तक रोजा रखने के बाद उपहार के रूप में मुस्लिम-समुदाय को अल्लाह-ताला त्योहार के रूप में ईद-उल-फितर की खुशियां देता है, शाबान महीने की एक तारीख से शुरू हुए रमजान का मुबारक महीने का दूसरा असरा जुमा (शुक्रवार) से शुरू हो गया है. पहला असरा जहां रहमत का था, तो दूसरा असरा बरकत का है ।
रमजान का महीना गर्मी के दिनों में शुरू हुआ 42 से 45 डिग्री तापमान होने के बावजूद 14 घंटा बिना खाए पिए बिना पानी के रहना बहुत मुश्किल है, बावजूद उसके मुस्लिम-समुदाय के लोग रोजा रख रहे हैं, सूरज की तेज गर्मी से भी मुस्लिम-समुदाय के लोगों का जज्बा कम नहीं हो रहा है, सूरज उगने से पहले से लेकर सूरज डूबने तक भूखा-प्यासा रहना काफी मुश्किल भरा होता है, वह भी इस भीषण गर्मी में इसके बावजूद भी मुस्लिम-समाज के मुस्लिम भाइयों द्वारा पूरे एहतियात और पूरे एहतराम के साथ इबादत में लगे हुए हैं ।
मस्जिदे-ताहा के पेश इमाम हाफिज गुलजार ने बताया कि शाबान के महीने में शुरू हुए रमजान के पाक रोजे मुसलमानों के लिए बेहद ही खास होते हैं. रमजान के महीने में पूरे एक माह तक रोजा रखना पड़ता है, इस दौरान तीन असरा पड़ता है. इन तीनों असरों में पहला असरा रहमत, दूसरा बरकत और तीसरे असरे में मगफिरत होती है. इस दौरान अल्लाह-ताला अपने नेक बंदों पर रहमत बरसाता है, उनकी दुआएं मकबूल फरमाता है, गलत बातों से बुराइयों से दूर फरमाता है ।
उन्होंने बताया कि दिन भर रोजा रखने और पांचों वक्त की नमाज पढ़ने के बाद रमजान में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसके लिए बाहर से हाफिज व कारी हाफिज-ए-कुरान मस्जिदों में इस विशेष तराबीह की नमाज़ पढ़ाते हैं. मस्जिद-ए ताहा कोटा में हाफिज-ए-कुरान बिलासपुर फैजुर-रज़ा मदरसे से मोहम्मद सादिक साहब विशेष नमाज-तरावीह को पढ़ा रहे हैं. तरावीह की नमाज के लिए आसपास गांव से नवागांव, बिल्लीबंद, बरर, नवापारा, छेरकाबांधा, लखोदना सहित अन्य गांव से भी मुस्लिम-धर्मावलंबी के लोग आते हैं ।

गरियाबंद । जिले में प्याज की खेती उपज के मामले में प्रदेश में सबसे आगे हैं. यहां की मिट्टी और तापमान प्याज की फसल के लिए पूरी तरह अनुकूल है, लेकिन जिले के किसान भाई अभी परम्परागत खेती करने पर मजबूर है.उद्यानिकी विभाग और कृषि विभाग की अनदेखी की वजह से यहां के किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है ।
बता दें कि जिले में 10 से भी ज्यादा गांव के ढाई सौ किसान पिछले 40-50 सालों से प्याज की किफायती खेती करते आ रहे हैं,इन्हें सरकारी प्रोत्साहन नही मिलातो इनमे से कुछ ने सब्जी की खेती शुरू कर दी ।
तो कुछ परम्परागत तरीके से अब भी प्याज की खेती करते आ रहे हैं, क्योकि गर्मी के दिनों में खेत का सदुपयोग हो जाता है,और परिवार को मजदूरी भी मिल जाता है.दहीगाव, झिरिपानी,निष्टीगुड़ा,माडागाव, कोदोबेड़ा,माहूलकोट,सुपेबेड़ा, बरकानी,कैठपदर,सिनापाली प्याज की खेती के लिये अपनी अलग पहचान बनाए हुए है ।
जानकारी के अनुसार यहां करीबन 180 एकड़ रकबे पर हर साल प्याज की खेती की जाती है,लेकिन इसका रिकॉर्ड न तो कृषि विभाग के क्षेत्राछादन रिपोर्ट में होता है, ना ही उद्यानिकी के लाभार्थी हितग्राहियों की सूची में इनका कोई जिक्र है ।
इस मामले पर उद्यानिकी विभाग के प्रभारी उपसंचालक एच मेश्राम से बात करने की कोशिश की गई तो वे मोबाइल रिसीव नही किये,वही कृषि विभाग के प्रभारी उपसंचालक एन के ध्रुव ने कहा कि इसकी खेती उद्यानिकी विभाग के अंर्तगत आती है,रवि सीजन में तैयार होने वाले रिपोर्ट में सब्जी बॉडी के रकबे के अंर्तगत इसका जिक्र होता है ।
प्याज के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अगर वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया जाए तो किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही गरियाबंद जिला प्याज के उत्पादन में अव्वल क्षेत्र बन सकता है. इसके लिये किसानों को रासायनिक खाद के इस्तेमाल,रोग ब्याधि से निपटने के तरीके के अलावा लघु सिचाई योजना उपलब्ध कराई जाए तो प्याज के दूसरे उत्पादक राज्य की तरह यंहा भी बेहतर संभावना बन सकती हैं ।

कोरबा । दीपका क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा ने दीपिका क्षेत्र के भाजपा नेता द्वारका प्रसाद शर्मा पर शादी का झांसा देकर लगातार दैहिक शोषण का आरोप लगाया है. मामले में महीने भर पहले पाली थाना में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं तो पीड़िता ने शुक्रवार को अनुसूचित जाति जनजाति थाना में शिकायत दर्ज कराई है ।
जानकारी के अनुसार, महिला के पति की कुछ साल पहले तालाब में डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद भाजपा नेता द्वारिका प्रसाद ने उससे नजदीकी बढ़ाई और शादी करने का झांसा देते हुए उसका दैहिक शोषण करने लगा. द्वारिका महिला को अलग-अलग स्थानों में भी ले गया. लेकिन जब महिला ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो पहले से ही विवाहित द्वारिका ने उसकी अश्लील तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया ।
पीड़ित महिला की माने तो उसने करीबन महीनेभर पहले इस संबंध में पाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने पर उसे आजाक थाने में शिकायत की है. आजाक थाना प्रभारी डीएस दीवान ने बताया कि पीड़ित महिला दीपका की रहने वाली है, और उसने भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है ।

रायपुर । स्वास्थ्य विभाग में अपने पूरा जीवन बिताने के बाद कर्मचारी आज अपने ही इलाज और मदद के लिए दर-दर भटक रहा है. उसे मदद भी वो चाहिए जो उसके खून-पसीने की कमाई की है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन्हें पिछले 9-10 महीने से चक्कर लगवा रहे है. इतना ही नहीं पीड़ित रिटायर्ड कर्मचारी की पत्नी ने इसकी कई बार शिकायत स्वास्थ्य अधिकारियों से भी की, लेकिन कही से भी उन्हें न्याय नहीं मिला. दरअसल सिमगा पीएससी रोहरा में नॉन मेडिकल असिस्टेंट पद पर कार्यरत योगेश कुमार शर्मा पिछले एक साल पहले से लकवा ग्रस्ति है और उन्होंने अपनी नौकरी से शारीरिक अस्वस्थता के चलते स्वेक्षिक सेवानिवृति ली ।
वे 1 अगस्त 2018 से रिटायर्ड हो गए है. लेकिन तब से लेकर आज दिनांक तक उनके पेंशन की कोई भी राशि उन्हें अब तक नहीं मिली है. इतना ही नहीं अधिकारी उन्हें ये भी नहीं बता रहे है कि इसके पीछे हो रही देरी की वजह क्या है. पीड़ित कर्मचारी की पत्नी का दावा है कि बीएमओ को 5 माह पहले पेंशन के प्रकरण लंबित होने की जानकारी दी गई. हालांकि 1 मई को छुट्टियों की राशि 3,0000 प्राप्त हुए, लेकिन ये पैसे मिलते ही लिया कर्जा उन्होंने चुकाया. पीड़ित की पत्नी का कहना है कि घर में उनके पति एक मात्र कमाने वाले थे जो अब अस्वस्थ्य है और वेतन और अन्य राशि न मिलने के कारण घर चलना तो दूर बच्चों की पढ़ाई के पैसों के लिए भी रिश्तेदारों से मदद मांगनी पड़ रही है ।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उक्त कर्मचारी की विभाग के एक बाबू की गड़बड़ी के कारण रिकवरी निकली है, लेकिन इसकी कोई भी जानकारी रिटायर्ड कर्मचारी और उसकी पत्नी को नहीं दी जा रही है न ही प्रकरण आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में ध्यान दिया जा रहा है ।

रायपुर । जिला एवं सत्र न्यायालय में आज जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव हो रहा है। इसके लिए आज सुबह 11 बजे से वोटिंग शुरु हो गई है जो शाम 5 बजे तक चलेगी लगभग 2 हजार अधिवक्ता बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। चुनाव की सरगर्मी में अधिवक्ता जो कल तक सहकर्मी थे आज आमने-सामने कड़ी टक्कर देने के लिए खड़े है, तो वही न्यायालय में भी अन्य अधिवक्ता कल शाम तक अपने-अपने दल के प्रत्याशियो के लिए वोट और सपोर्ट मांगते हुए नजऱ आये। इसी बीच अधिवक्ता आनंद मोहन ठाकुर जो की निर्वाचन अधिकारी की भूमिका मे है उन्होंने बताया कि , जिले में 2500 से भी अधिक अधिवक्ता आज इस चुनाव में मतदाता के रूप में अपना कीमती वोट देंगे इसके साथ ही प्रत्याशियों और मतदाताओं के परिचय पत्र लाने को अनिवार्य किया गया है वरना वे नहीं दे सकेंगे वोट। इसके साथ ही यह चुनाव जिला न्यायलय के पुराने भवन के भूतल के हाल में होगा साथ ही 23 पोलिंग बूथ भी बनाये गए है जिससे मतदाताओं को किसी भी प्रकार से तकलीफ न हो सके।
अध्यक्ष सहित 54 पदों के लिए हो रहे इस अधिवक्ता संघ चुनाव में जहाँ सभी अपने द्वन्द्वियो से आगे बढऩे का सोच रहे है तो वही इस टक्कर में महिलाये भी पीछे नहीं हैं 7 वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए महिला अधिवक्तायें जोर-शोर से मेहनत कर रही हैं 7 वही इस चुनाव की गहमा -गहमी के बीच में देखना अब यह हैं कि़ किसके हिस्से में जीत होती है और किसे हार का सामना करना पड़ेगा
मोबाइल व अन्य उपकरण बैन
बता दे कि , जहाँ पोलिंग बूथ बनाया गया है वह मतदाताओं व किसी को भी तकनीकी से जुड़े सामान जैसे मोबाइल व् अन्य उपकरण लेने जाने से मना किया गया है , ताकि किसी भी प्रकार से चुनाव की गोपनीयता भंग न हो पाए।
ये है उम्मीदवार
अधिवक्ता संघ चुनाव में 11 पद के लिए 54 दावेदारी कर रहे है ये है वो अधिवक्ता : अध्यक्ष पद के लिए तो हितेंद्र तिवारी ,आशीष कुमार सोनी ,लोकेश गर्ग ,प्रदीप कुमार गिरी है ,वही सचिव पद की बात करे तो भुवन लाल साहू ,जय शिव दर्शन गिरी ,कमलेश पांडेय ,नारायण महोबिया ,शरद प्रकाश यादव ,श्रीकांत मिश्रा तो वही वरिष्ठ उपाध्यक्ष की दावेदारी में रीति सोनपिपरे, ऋतु बुन्देला, रुपाली शर्मा शशि शर्मा व् सुचित्रा वर्धन जैसे प्रत्याशी आमने सामने है।