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Author: admin
अंबिकापुर। झारखंड सीमा से सटे बलराममपुर जिले में गुरुवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगे दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान बड़ी तादात में वहां नक्सली पहुंचे और काम में लगे मजदूरों को पीटकर वहां से भगा दिया। इसके बाद नक्सलियों ने वाहनों में आग लगा दी। बलरामपुर जिले का यह इलाका पूर्व में नक्सल प्रभावित रहा है। कुछ दिन पहले भी नक्सलियों ने बॉक्साइट माइन्स में धावा बोलकर तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
बस्तर में हुई मुठभेड़
उधर दूसरी ओर बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में नक्सलियों और पुलिस पार्टी के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाते हुए वहां से भाग खड़े हुए। घटना स्थल से बड़ी तादात में नक्सल सामग्री बरामद की गई है।
जिले के पुलिस अधीक्षक ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चिंतागुफा क्षेत्र के दुब्बाकोंटा और पेंटापाड के जंगलों में नक्सलियों के जमावड़े की खबर मिली थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त पार्टी उक्त स्थल पर पहुंची। यहां 20 की संख्या में नक्सली नजर आए जिनमें से करीब 8 नक्सली वर्दी में नजर आए। फायरिंग करने पर नक्सली पेड़ों की आढ़ लेकर वहां से फरार हो गए। क्षेत्र में सघन सर्चिंग जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। मौका एनएसयूआई के कार्यक्रम का था, लेकिन उसमें भी भूपेश बघेल ने रमन सिंह पर जमकर निशाना साधा। यहां तक की उन्होंने रमन सिंह को छत्तीसगढ़ का नवाज शरीफ तक कह डाला।
सीएम बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तुलना पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कर दी। शरीफ और उनका बेटा विकिलीक्स मामले में नाम आने के बाद इस समय जेल में है।
राजधानी रायपुर में एनएसयूआई के कार्यक्रम के दौरान सीएम भूपेश ने कहा कि पाकिस्तान के नवाज शरीफ अभी जेल में है, लेकिन छत्तीसगढ़ के नवाज शरीफ अभी भी खुले में घूम रहे हैं। अभी तो फाइलों से थोड़ी धूल हटाई तो कई लोग इतना तिलमिलाए गए। अभी तो मेरे पास और भी बहुत सी फाइलें हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। सीएम भूपेश ने आगे कहा कि अभी तो सिर्फ डेढ़ महीने हुए है। हम लोगों ने किसानों की कर्जमाफी की, समर्थन मूल्य बढ़ाया, अभी तो बहुत कुछ करना है। शिक्षक के 54 हजार पड़ खाली हैं, उन्हें भरना है। शिक्षा कर्मियों के लिए काम करना है।
लोरमी । जूनापारा धान खरीदी केंद्र की पोल बेमौसम बारिश ने खोलकर रख दी है. इसका खामियाजा मासूम किसानों को भुगतना पड़ा है, जिनका बिना तौलाई के खुले में रखा धान बारिश में भीग गया है ।
बता दें कि खरीदी केंद्र में दर्जनभर किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए टोकन कटाने के बाद सप्ताह भर पहले ही केंद्र में आ गए थे, लेकिन धान खरीदी केंद्र प्रभारी के द्वारा बारदाने की कमी होने का हवाला देते हुए धान की तौलाई नहीं की गई. अब बेमौसम बारिश से उनका सैकड़ों क्विंटल धान पानी में डूब गया है. इससे परेशान किसानों के चेहरे में बिक्री को लेकर पशोपेश में पड़ गए हैं ।
किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र में लगातार बारदाने की कमी का हवाला देते हुए उन्हें प्रभारी चक्कर लगवाया रहे हैं, शुक्रवार को हुई बेमौसम बारिश से जहां खरीदी केंद्र परिसर पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गया, और किसानों के खून-पसीने की मेहनत से पैदा हुआ सैकड़ों क्विंटल धान पानी में डूब गया. किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्र में बिचौलिए सक्रिय हैं, जिनका काम कमीशन के चक्कर में पहले किया जाता है. अगर व्यवस्था सही रहती तो उन्हें यह मुसीबत नहीं उठानी पड़ती ।
इस पूरे मामले को लेकर धान खरीदी प्रबंधक रामचंद्र जायसवाल ने धान खरीदी केंद्र, जूनापारा में बारदाने की कमी होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया, वहीं धान खरीदी केंद्र में बदहाली को लेकर जब कोटा के एसडीएम कीर्तिमान राठौर से बात की गई तो उन्होंने खाद्य निरीक्षक को जांच करने निर्देश देने की बात कही है ।
नई दिल्ली, जेएनएन। भारत में इस बार गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा मुख्य अतिथि होंगे। रामफोसा परिवार सहित दिल्ली पहुंच चुके हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनका स्वागत किया।राष्ट्रपति रामफोसा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।
बता दें कि ये दूसरी बार है जब गणतंत्र दिवस में किसी अफ्रीकी नेता को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जा रहा है।इससे पहले साल 1995 के गणतंत्र दिवस समाहोर में अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था।
गार्ड ऑफ ऑनर
दक्षिणी अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को यहां पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद रामफोसा राजघाट पर पहुंचे। जहां उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे।
पिछले साल ही बने हैं राष्ट्रपति
बता दें कि 75 वर्षीय जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद 65 वर्षीय नेता सिरिल रामफोसा को पिछले साल अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) का नया अध्यक्ष चुना गया था और फरवरी में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
ट्रंप के आने की थी चर्चा
वहीं, इस बार रामफोसा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने की चर्चा थी। बताया जाता है कि डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के तौर पर सरकार तीन देशों के राष्ट्राध्यक्षों के नाम पर विचार कर रही थी। इसमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा का नाम सबसे ऊपर था और अंत में उनके नाम पर ही सहमति बनी।
हर साल खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा
गौरतलब है कि भारत में हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर खास मेहमानों को बुलाने की परंपरा चलती आई है। साल 2015 में बराक ओबामा (तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति), 2016 में फ्रांस्वा ओलांद (फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति), 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और 2018 में आसियान के सभी 10 नेता गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि थे।
भोपाल। आप लोग सोच रहे होंगे कि अभी तो चुनाव हारा है और फिर आ गया, लेकिन हमें चुनाव परिणामों से फर्क नहीं पड़ता। यह सरकार भी लगड़ी है। विधायक धमकी दे रहे हैं कि मंत्री नहीं बनाया तो सरकार गिरा देंगे। बैसाखी पर चलने वाली सरकार बनानी होती तो हम भी बना लेते। पहले हम ताकत से काम करते थे। अब लड़ाई से काम करेंगे। संबल बंद की तो सरकार चलाना मुश्किल कर दूंगा।
गुरुवार को यह बात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वल्लभ भवन के सामने स्थित भीम नगर में संवाद कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का आयोजन जन कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर हितग्राहियों से संवाद के लिए आयोजित किया गया।
चौहान ने खुले मंच से कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों के हित के लिए कई योजनाओं को जमीन पर उतारा गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार की नीयत इन योजनाओं को लेकर खराब है। उन्होंने कहा कि संबल के कार्ड में मेरे फोटो छपे थे। इसी कारण लोगों से कार्ड वापस लिए जा रहे हैं।
प्रदेश में चलाएंगे जनजागरण अभियान
संबल योजना को लेकर शिवराज ने कहा कि बल्लभ भवन के सामने बस्ती से जनजागरण अभियान की शुरूआत की गई है। उन्होंने ऐलान किया कि पूरे प्रदेश में इस योजना को बचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार के जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में जल्द ही बड़े आंदोलन करने की बात कही।
हर बस्ती में टीम बनाओ, तार काटें तो फिर जोड़ लेना
चौहान ने कहा कि संबल योजना में 200 रुपए बिजली बिल का प्रावधान किया गया था। उधर, कांग्रेस सरकार ने बिजली के बिल आधे करने की बात अपने वचन पत्र में कही है। मतलब 100 रुपए से एक रुपए भी ज्यादा मत देना। यदि कोई बिजली तार काटे तो जोड़ लेना, लेकिन डरना मत। योजनाओं को बचाने बस्ती स्तर पर टीम तैयार करने का आह्वान उन्होंने किया।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए कांग्रेस सरकार के पास पैसा नहीं है। इसलिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह, तीर्थ दर्शन, संबल योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की नीयत खराब है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से सरकार बदली है उस दिन से एक दिन भी चैन से नहीं बैठा। मैं भी लड़ाई का मास्टर हूं, कांग्रेस तो 15 साल में ट्रेनिंग भी सही से नहीं ले पाई।
एडजेस्टमेंट में लगी है सरकार
चौहान ने प्रदेश में हो रहे अधिकारियों के तबादलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को जनता की चिंता नहीं है। इसी कारण ताबड़तोड़ तबादले कर एडजेस्टमेंट किए जा रहे हैं। मंत्री हों, अधिकारी हों या विभागों की बंदरबाट हो सिर्फ रखने-हटाने में ही इनका फोकस है। सरकार कौन चला रहा है यह भी समझ नहीं आता। जबाव किसी से मांगता हूं और देता कोई और है।
इन मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन
-वर्ष 2022 तक वर्तमान स्थान पर ही लोगों को पक्के आवास बनाकर देना।
-केजी से पीजी तक गरीबों के बच्चों के लिए मुफ्त पढ़ाई की योजना जारी रखना।
-गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराना।
-बच्चे के जन्म के पहले 4 व बाद में 12 हजार रुपए परिवार को आर्थिक सहायता जारी रखना।
– कन्यादान योजना के तहत विवाह में 51 हजार रुपए देना जारी रखना।
– सामान्य मौत पर 2 लाख, दुर्घटनाओं में 5 लाख व अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार की सहायता जारी रखना।
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि समाज में हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं और प्रगति कर रही हैं। प्रगतिशील समाज के निर्माण में बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हें सशक्त बनाने के लिए सामाजिक जागरूकता और सहयोग जरूरी है। उन्होंने बालिकाओं के प्रति भेद-भाव को दूर करने के लिए सामाजिक जागरूकता पर बल देते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की। श्रीमती भेंड़िया ने 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थी। श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि बालिकाएं अपना अधिकार समझें और अपना हौसला बनाए रखें। राज्य सरकार बेटियों साथ है, उनकी हर संभव मदद को तैयार है, इसलिए निडर होकर किसी भी परेशानी में आगे आएं। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा और समानता के लिए कार्य कर रही समाजिक संस्थाओं का अच्छे काम के लिए हौसला बढ़ाया और शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा मठपुरैना में संचालित दृष्टिबाधित स्कूल की ‘मोर-रायपुर‘ थीम गीत गाने वाली छात्राओं, साइबर विशेष मोनाली गुहा स्लोगन प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों सहित कई स्कूलों के बच्चों को पुरस्कृत किया।
महिला एवं बाल विकास की आयुक्त सह सचिव डॉ. एम. गीता ने बताया कि राज्य सरकार स्कूल जाने से किन्ही कारणों से छूट गई बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी चिंता कर रही है। इसलिए इस वर्ष से वजन त्यौहार में किशोरी बालिकाओं के वजन और स्वास्थ्य परीक्षण को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अब नन्हें बच्चों के साथ-साथ राज्य सरकार समाजिक जागरूकता के लिए यूनिसेफ के सहयोग से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सुरक्षित पारा सुरक्षित लइका मन‘ कार्यक्रम चलाएगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनमें हीमोग्लोबिन के स्तर, सिकिल सेल एनीमिया और बीएमआई इनडेक्स का परीक्षण किया गया। सामाजिक जागरूकता के लिए रंगसागर कला जत्था, रायपुर के कलाकारों ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ और आरंग की ‘उपकार पंथी लोक नृत्य कल्याण सेवा समिति‘ ने ‘झन मारो बेटी ला‘ पर अपनी प्रस्तुति दी। यहां बालिकाओं को न्यूट्रिशन इंटरनेशनल संस्था द्वारा एनीमिया और एविडेन्स एक्शन संस्था द्वारा कृमि नाशकों पर जानकारी दी गई। इस के साथ यहां दुर्गा कॉलेज की एनएसएस की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या के परिणामों के बारे में बताया। इस अवसर पर विभिन्न स्कलों के विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, बालिका गृहों की बालिकाएं, विभागीय अधिकारी और सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेतृत्व वाली भूपेश सरकार के पहले सालाना बजट का खाका तैयार हो गयाह ै। यह पहला बजट कांग्रेस के जन घोषणापत्र पर केंद्रित होने की संभावना है।
वित्त विभाग ने बजट की तैयारियों के लिए कुछ दिन पहले मंत्री स्तरीय चर्चा शुरू की थी, इसका समापन गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा के साथ हुआ। अब प्रस्तावित बजट राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में रखा जाएगा। यह बैठक 28 या 29 जनवरी को संभावित है। बजट प्रस्तावों को मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री के रूप में विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करेंगे।
बताया गया है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने विभागों से संबंधित बजट प्रस्ताव तथ नवीन मद के प्रस्ताव पेश किए। इस संबंध में वित्त विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद प्रस्तावों कों अंतिम रूप दिया गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वित्त विभाग ने 21 जनवरी से 24 तक मंत्री स्तरीय बजट चर्चा रखी थी। सरकार के सभी मंत्रियों ने अपने अपने विभागों से संबंधित प्रस्ताव रखे। मंत्रियों ने अपने क्षेत्र तथा विभाग की मांग तथा समस्या के आधार पर प्रस्ताव पेश किए। इस प्रक्रिया के बीच मुख्यमंत्री की मंत्रियों से बजट प्रस्तावों को लेकर मंत्रणा भी हुई है।
जन घोषणापत्र पर रहेगा फोकस
कांग्रेस सरकार का पहला सालाना बजट जन घोषणापत्र पर आधारित होगा। बजट निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि अधिकतर बड़े प्रस्ताव घोषणापत्र के वादों को पूरा करने वाले हैं। घोषणापत्र में शामिल मुद्दों को पूरा करने के हिसाब से ही नवीन मद की योजना के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन प्रस्तावों को ही सरकार ने प्राथमिकता के साथ मंजूरी दी है।
बताया गया है कि कई वादों को पूरी करने के लिए एकमुश्त राशि जारी करना कठिन होने पर विचार करने के बाद जितना संभव हो सका, उतने प्रावधान किए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जन घोषणापत्र का क्रियान्वयन अगले पांच साल में किया जाना है, इसलिए योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है।
नए मंत्रियों ने दिलचस्पी दिखाई
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार सरकार में शामिल नए मंत्रियों ने बजट की प्रक्रिया में गंभीरता से हिस्सा लिया। अपने अपने क्षेत्र की समस्याएं, मांग तथा सुधार के हिासब से सुझााव दिए गए। बजट की चर्चा में शामिल होने से पहले मंत्रियों ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बहुत सी चीजों को देखा तथा समझा है। इसके विपरीत सरकार में मंत्री रहे हैं, ने बेहद सधे हुए अंदाज में अपने विमानों की मांगे रखी तथा बजट में नवीन प्रावधान शामिल कराए है।
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। डॉ. रमन ने पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर साहू द्वारा भाजपा को किसानों से माफी मांगने की बात पर कहा अभी इनके ज्ञान चक्षु खुलने लगे हैं। अभी ऐसे बयान आते रहेंगे। डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा है।
डॉ. रमन ने कहा कि हर बड़े मामले की जांच ईओडब्लू से कराना इनका शौक है। बजट से कोई उम्मीद नही हैं। मुझे नहीं लगता हमने जो विकास का बजट बनाया था, वो इस बजट में दिखेगा। वो सोच और वो विजन तो होना चाहिए, वो इनके पास नहीं है। छत्तीसगढ़ के आने वाले 15 साल के लिए जनता के सामने प्रस्तुत करें, तो लगेगा कि कुछ विकास हो सकता है। अभी तो सिर्फ और सिर्फ वाह-वाही लेने का काम हो रहा है। बजट में पता चल जाएगा कि इनकी सोच क्या है। अधिकारियों के कम्पलसरी रिटायरमेंट के मामले को लेकर डॉ. रमन ने कहा- हर सरकार की अपनी पॉलिसी होती है। नई सरकार आई है, तो उसने एक नीति। बनाई है। इसमें क्या दिक्कत है।
अम्बिकापुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में इसी साल अक्टूबर के महीने से यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का लाभ प्रदेशवासियों को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सितंबर महीने तक की राशि बीमा कंपनी के पास जमा है। उक्त अवधि तक छत्तीसगढ़ सरकार यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम को व्यवस्थित तरीके से लागू करने उप स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों तक सारी व्यवस्था सुनिश्चित कर लेगी।
अंबिकापुर में चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में लगभग 500 प्रकार के बीमारियों के इलाज के लिए जो दर निर्धारित की गई है उससे चिकित्सक संतुष्ट नहीं है। यदि वे उक्त योजना के तहत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं तो यह उनका अपना आउटलुक है।
राज्य सरकार को जनता के हित का दायरा बढ़ाना है। हमारा मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाना है। इसे एक दायरे तक बांध कर नहीं रखना है। आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जारी स्मार्ट कार्ड चलायमान हैं।
सरकार की मंशा यह है कि प्राथमिक स्तर पर ही लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। यह बात निकलकर सामने आई है कि पचासी से 90 फीसद लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर साधारण बीमारियों की दवाइयां और डायग्नोस्टिक सुविधा मिलनी चाहिए।
इस व्यवस्था को सरकार मितानिन से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शेष गम्भीर मरीजों के लिए बड़े अस्पताल में व्यवस्था होगी। इसमें इलाज के खर्चे की कोई सीमा निर्धारित नहीं रहेगी। जिसे 10 रुपये की दवा की जरूरत होगी वह भी मिलेगी और जिनके इलाज में 20 लाख खर्च होगा उस खर्चे की भरपाई भी सरकार करेगी।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमा कंपनी को 184 करोड़ से अधिक की राशि देनी पड़ रही है। इसके बावजूद चिकित्सक योजना की सफलता की दर को लेकर असंतुष्ट हैं।
