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Author: admin
उत्तरप्रदेश. हमीरपुर में हुए रेत के अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने आज तत्कालीन डीएम बी चन्द्रकला के लखनऊ आवास पर छापा मारा है।जानकारी के मुताबिक, यहां से सीबीआई टीम ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। फिलहाल, चंद्रकला डेप्यूटेशन पर हैं।यूपी में उनकी छवि एक कड़क और ईमानदार अफसर की रही है।आईएएस बी चन्द्रकला पर आरोप हैं कि साल 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे।ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार बना लेने के बाद कांग्रेस बिना देर किए लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है। कांग्रेस अपने चुनावी घोषणा पत्र को जन आवाज नाम देने जा रही है। घोषणा पत्र कैसा होना चाहिए पर राय मशविरा करने कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया राजधानी रायपुर की एक होटल में बैठक ले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव का घोषणा पत्र तैयार करने पी. चिदम्बरम की अध्यक्षता में मेनिफेस्टो समिति का गठन किया गया है। मेनिफेस्टो समिति के सदस्य पूरे देश का दौरा कर रहे हैं और यह जानने कि कोशिश कर रहे हैं कि कौन से बिन्दु घोषणा पत्र का हिस्सा होना चाहिए। इसी सिलसिले में सुश्री बिंदू कृष्ण, अमोद देशमुख एवं के राजु राय दिल्ली से रायपुर पहुंचे हुए हैं। बैठक में इन नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया व महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया मौजूद हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र का आज पहला दिन कई मायनों में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बरसों केन्द्र की राजनीति में रहे डॉ. चरणदास महंत ने आज विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी सम्हाल ली। दो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी एवं डॉ. रमन सिंह इस बार विपक्ष में बैठे नजर आए। दो पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे एवं टी.एस. सिहंदेव मंत्री वाली जगह पर आसीन हुए। शपथ चार भाषाओं हिन्दी, छत्तीसगढ़ी, संस्कृत एवं अंग्रेजी में ली गई। तीन राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस, भाजपा, बसपा के अलावा एक क्षेत्रीय दल जनता कांग्रेस इस विधानसभा का हिस्सा बन चुका है।
11 बजने को चार या पांच मिनट बाकी थे विधानसभा के गलियारे में सदन की कार्यवाही शुरु होने के लिए जोरों से घंटी बजी। चंद मिनटों में अधिकांश विधायक सदन के भीतर आ चुके थे। नहीं आए थे तो भाजपा के 15 विधायक। इधर, सत्ता पक्ष के विधायक डॉ. शिव कुमार डहरिया की भी कुर्सी खाली नजर आ रही थी। प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह आसंदी पर आए और शुरु हुआ शपथ का सिलसिला। लेकिन ये क्या, शपथ की प्रक्रिया शुरु हो जाने के बाद भी भाजपा के 15 विधायकों का पहुंचना नहीं हुआ था। कुछ देर बाद नजर आए तो एक ही भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले, जो कि व्हील चेयर पर सदन में पहुंचे। 11 दिसंबर की रात मोहले की जीत की घोषणा हुई ही थी कि उसके कुछ घंटे बाद उनका भयंकर रोड एक्सीडेंट हो गया। तब से वे बिस्तर पर ही हैं। शपथ की कार्यवाही चल रही थी और हर किसी के मन में यही सवाल घुमड़ रहा था कि आखिर नेता प्रतिपक्ष कौन होगा। उधर भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में खींचतान मचे रहने के कारण नेता प्रतिपक्ष के चुनाव में देर हो रही थी। तभी यह अफवाह उड़ी कि पुन्नूलाल मोहले नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। ये खबर सोशल मीडिया में तेज गति से दौड़ने लगी। चंद मिनटों में ही यह खबर टॉय-टॉय फिस्स हो गई और एकात्म परिसर से अधिकृत जानकारी छनकर बाहर आई कि धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष बनाए गए हैं। बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मोहले जिस जगह पर अपनी व्हील चेयर पर थे वहीं से दोनों ने शपथ ली। विधायकों की शपथ हो जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की बारी थी। न सिर्फ कांग्रेस बल्कि भाजपा व जनता कांग्रेस ने भी पहले ही डॉ. चरणदास महंत के नाम पर मुहर लगा दी थी,अतः प्रोटेम स्पीकर ने सर्वसम्मति से उन्हें अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे, डॉ. चरणदास महंत को स्पीकर की आसंदी तक लेकर गए। जहां प्रोटेम स्पीकर रामपुकार सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी डॉ. चरणदास महंत के हवाले की। डॉ. महंत के पदासीन होने के बाद सदन में वरिष्ठ विधायकों की तरफ से अभिव्यक्ति का दौर चल ही रहा था कि शेष 14 भाजपा विधायक एक-एक करके सदन में आए। फिर उन्हें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने शपथ दिलाई।
रायपुर। भारतीय जनाता पार्टी ने अपना नेता प्रतिपक्ष चुन लिया है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से धरमलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष चुना गया। धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ भाजपा के अध्यक्ष हैं और पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मनाए जाने वाले राज्योत्सव में अब बॉलीवुड एक्टरों को पर्यटन मंत्री ने बाय बाय कर दिया है। पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि राज्योत्सवों में अब मुंबई के कलाकारों को नहीं छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को महत्व दिया जाएगा।
मंत्री ताम्रध्वज साहू के छत्तीसगढ़ के कलाकारों को प्रमुखता के साथ काम दिए जाने वाले बयान से एक बार फिर छत्तीसगढ़ी कलाकारों के लिए आज जग गई है।
रायपुर– डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा- झीरम नक्सली घटना की जांच कर रही NIA को राज्य सरकार ने केस वापस लेने का लिखा पत्र, NIA से केस मिलने के बाद SIT शुरू करेगी जांच, अवस्थी ने कहा- झीरम घटना के सभी पहलुओं की SIT करेगी जांच, नान घोटाले की जांच के लिये जल्द बनेगी SIT| डीएम अवस्थी ने कहा- ACB IG एसआरपी कल्लूरी की नियुक्ति हो गई है, जल्द SIT का गठन हो जाएगा, पुलिस जवानों के साप्ताहिक अवकाश पर कहा- सरकार को जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करते समय डॉ. चरण दास महंत अपने पिता बिसाहू दास महंत की स्मृति को अपने साथ लिए रहे। उन्होंने नामांकन दाखिल करते समय पिता के पेन से दस्तखत किया।
रायपुर। झीरम घाटी मामले की एसआईटी जांच का आदेश जारी । जांच टीम गठित
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रायपुर, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शीर्ष विभागीय अधिकारियों की बैठक में विभाग की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी ली और विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा की। वन मंत्री श्री अकबर ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ वन सम्पदा के मामले में समृद्व राज्य है। प्रदेश के साल और सागोन वनों की पूरे देश में एक पहचान है। वनोपज वनवासियों, खासकर अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आय का महत्वपूर्ण जरिया है। वनों तथा वनोपज के माध्यम से वनवासियों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इनसे वनवासियों को मौसमी रोजगार मिलता है। विभाग को वनों के माध्यम से वनवासियों की आय बढ़ाने के लिए विशेष कार्य करना चाहिए। वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी हर संभव कोशिश होनी चाहिए। बैठक में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान ने कम्प्यूटर के जरिये वन विभाग और उससे जुड़ी संस्थाओं की गतिविधियों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।
बैठक में संरक्षित और आरक्षित वनों, छत्तीसगढ़ की वन सम्पदा, वनों के महत्व, वन सुरक्षा, वन प्रबंधन समिति व्यवस्था, वन क्षेत्रों के विकास, वृक्षारोपण, कैम्पा, हरियर छत्तीसगढ़ कोष, पर्यावरण एवं वानिकी, वन भूमि व्यवर्तन, वन संरक्षण 1980 के अंतर्गत स्वीकृत प्रकरणों, वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत वन प्राधिकार पत्र वितरण, छत्तीसगढ़ एकीकृत पर्यावरण परियोजना, वन प्राणी प्रबंधन, गजराज परियोजना, जामवंत परियोजना, लघु वनोपज, वन अनुसंधान परियोजना के क्रियान्वयन और प्रगति के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अलावा वन विकास निगम तथा औषधीय पादप बोर्ड की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गयी।
वन मंत्री श्री अकबर ने प्रदेश सरकार के जन घोषणा पत्र में शामिल विभाग से संबंधित बिन्दुओं पर अमल करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन घोषणा पत्र के बिन्दुओं पर अमल प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि वन प्राणियों से होने वाली जनहानि और फसल हानि के मामलों में मुआवजे की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई की जाए। लघु वनोपज के समर्थन मूल्य पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 13 लाख वनोपज संग्रहक परिवारों को फायदा होगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री खेतान ने बताया कि प्रदेश में हर साल होने वाले वृक्षारोपण की सही-सही जानकारी रखने तथा वृक्षारोपण की नियमित मॉनिटरिंग करने केे उद्देश्य से सेटेलाईट आधारित डेस्कबोर्ड स्थापित करने की कार्रवाई चल रही है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में साल के वृक्षारोपण के लिए विशेष अनुसंधान और प्रयोग का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि साल वन प्राकृतिक रूप से विकसित होते है। वन मंत्री श्री अकबर ने बैठक में बांस के उत्पादन और आपूर्ति के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने घोषणा पत्र में वन प्राधिकार पत्र वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए भी जरूरी विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
बैठक में वन विभाग के सचिव श्री जयसिंह म्हस्के, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री मुदित कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी प्रबंधन श्री कौशलेन्द्र सिंह, कैम्पा के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक श्री शिरीषचन्द्र अग्रवाल, छत्त्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.के. द्विवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री के.सी. यादव भी उपस्थित थे।
जगदलपुर। बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए बस्तर विकास प्राधिकरण का नए सिरे से गठन किया जाएगा. नए बस्तर विकास प्राधिकरण में आदिवासी विधायक ही इसके अध्यक्ष और उपाध्यक्ष होंगे. बस्तर दौरे में पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा की है. इसके साथ ही यह माना जा रहा है कि नए बस्तर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष लखेश्वर बघेल को बनाया जाएगा. लखेश्वर बघेल को मंत्री बनाए जाने की लगातार मांग क्षेत्र से उठ रही थी. उनके समर्थक मंत्री बनाए जाने को लेकर बस्तर में बड़ा प्रदर्शन तक कर चुके हैं. चूंकि बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है लिहाजा यह माना जा रहा है कि बस्तर विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन करके सीएम ने मास्टर स्ट्रोक खेला है और नाराज लखेश्वर व उनके समर्थकों को इससे मना लिया है. इस तरह बस्तर से मंत्री पद की उठ रही मांग भी शांत हो जाएगी.