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रायपुर । आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो।

योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।

डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे।

राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा।

आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।

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रथ जिले के शहरों और गांवों में भ्रमण कर लोगों को योजना से मिलने वाले लाभों की देगा जानकारी
 
 
panchayattantra24.-रायपुर। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज सर्किट हाउस परिसर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरों और गांवों में भ्रमण कर लोगों को योजना की जानकारी देगा और इसके लाभों से अवगत कराएगा। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री ओम प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, अधीक्षण यंत्री श्री के वी मैथ्यू, कार्यपालन यंत्री जशपुर श्री विनोद पंडित, कार्यपालन यंत्री कुनकुरी श्री एस. पी. मरकाम, कार्यपालन यंत्री परियोजना श्री मकेश्वर साय  सहित जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि यह योजना उपभोक्ताओं को बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा दाता बनने का अवसर प्रदान करती है। इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी बचत होगी, बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना के  अंतर्गत 01 से 03 किलोवाट तक रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कर हर महीने 100 से 360 यूनिट तक बिजली उत्पादन किया जा सकता है।  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 01 किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 30 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से 15 हजार की सब्सिडी मिलती है। इसी तरह 02 किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 60 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से  30 हजार की सब्सिडी और 03 किलोवाट सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र सरकार की तरफ से  78 हजार तो राज्य सरकार की तरफ से 30 हजार की सब्सिडी मिलती है। इस योजना अंतर्गत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को बैंक के द्वारा 6 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान किस्तों में 10 वर्षों के लिए ऋण की सुविधा दी गई है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता
, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, इच्छुक उपभोक्ता नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं। सौर प्लांट स्थापना हेतु वेंडर का चयन उपभोक्ता स्वयं ऑनलाइन कर सकते हैं।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। शासन की एक छोटी सी मदद से दिव्यांगों के जीने की राह आसान हो गई है। इससे दैनिक कार्यों के संपादन में उन्हें बड़ी सहूलियत हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर प्रवास के दौरान ऐसे ही दिव्यांगजनों से मिलकर उनका दर्द साझा किया। 
    समाज कल्याण विभाग और श्री महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम आड़ावाल में सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांगों को जयपुर कृत्रिम पैर एवं हाथ, ट्रायसिकल और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस दौरान ग्राम साडगुड़ से कक्षा 6वीं की छात्रा कु. पुलम बघेल जो पैर से दिव्यांग है, को जयपुर कृत्रिम पैर वितरित किया गया। कु. पुलम के पिता श्रीधर बघेल ने बताया कि 5 साल की आयु में बेटी का बायां पैर साइकल में फंस जाने के कारण उसमें सेप्टिक हो गया। यहां तक कि बच्ची का पैर कटवाना पड़ गया। उन्होंने  बताया कि आज मुख्यमंत्री के समक्ष कृत्रिम पैर मिलने से बिटिया का जीवन आसान हो जाएगा। कृत्रिम पैर मिलने से उसे चलने फिरने, कहीं आने जाने में दिक्कत नहीं होगी। साथ ही वह खुद से अपने कामों को निष्पादित करने में सक्षम होगी।
      इसी तरह तोकापाल ब्लॉक के ग्राम कुरेंगा से आई 23 वर्षीया कु. कलावती मंडावी ने बताया कि जब वह कक्षा आठवीं में अध्ययनरत थीं, तभी उनका बायां पैर करेंट की चपेट में आ गया था और इस घटना से उन्हें अपना पैर खोना पड़ा। मजदूरी करके जीवन चलाने वाली मां देवती बाई के लिए यह दोहरी मार थी। आज कलावती से मिलकर मुख्यमंत्री ने चर्चा की तथा हालचाल जाना। दिव्यांग कलावती ने बताया कि कृत्रिम पैर मिलने से अब उनका जीवन बेहद सुगम और सुविधापूर्ण हो जाएगा। 
यहां पहुंचे श्री राजू नाग के 07 वर्षीय बेटे देवा को भी समाज कल्याण विभाग और समिति के द्वारा कृत्रिम पैर प्रदान किया गया। श्री राजू ने बताया कि जब उनकी पत्नी गर्भवती थी तो शारीरिक कमजोरी के चलते सात माह में ही देवा का जन्म हो गया। इसके चलते वह पैदाइशी दिव्यांग हो गया। उन्होंने बताया कि देवा को कृत्रिम पैर मिलने से उसका रोजाना का क्रियाकलाप काफी आसान हो जाएगा। इसी तरह श्री प्रभु सहाय, सुशील कश्यप, अर्खित रॉय ने भी अलग अलग दुर्घटनाओं में अपने हाथ और पैर खो दिए थे, जिन्हें आज मुख्यमंत्री की उपस्थिति में निःशुल्क कृत्रिम पैर और हाथ प्रदान किए गए। इन सभी के जीवन में उम्मीद की नई किरण आलोकित हुई है।
 

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 panchayattantra24.-रायपुर। राजधानी रायपुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग को बाल पकड़कर घसीटा गया और चप्पलों से जमकर पिटाई की गई। मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत ईदगाह भाटा मोहल्ले का है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब नाबालिग ने मोहल्ले की एक युवती द्वारा मजाक किए जाने का विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ता गया और युवती ने गुस्से में आकर नाबालिग पर हमला कर दिया। इस घटना में नाबालिग के सिर में चोट आई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 
 घटना का विवरण- पीड़ित नाबालिग की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनका परिवार ईदगाह भाटा क्षेत्र में रहता है। 30 अगस्त की शाम करीब चार बजे उनका 14 वर्षीय बेटा लाखे नगर के पास अपने दोस्तों के साथ बैठा था। उसी दौरान मोहल्ले की रहने वाली सादिया नामक युवती नाबालिग के साथ मजाक करने लगी। जब नाबालिग ने मजाक करने से मना किया तो युवती गुस्से में आ गई और अचानक उसके बाल पकड़कर उसे घसीटने लगी। इसके बाद उसने चप्पलों से उसे पीटना शुरू कर दिया। 
 पीड़िता ने बताया कि आरोपी युवती ने नाबालिग का सिर दीवार से टकरा दिया, जिससे उसके सिर में चोटें आईं। घटना के बाद नाबालिग को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार चोटें गंभीर नहीं लेकिन दर्दनाक हैं, फिर भी निगरानी में रखा गया है। नाबालिग की माँ ने कहा, “हमारा बच्चा बस मजाक से बचना चाहता था। इसके बावजूद उस पर हमला किया गया। हम न्याय चाहते हैं ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।” परिवार इस घटना से सदमे में है और आरोपित युवती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पुलिस की कार्रवाई आजाद चौक थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग का बयान लिया गया है और आरोपी युवती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर धारा 323, 341, 506 सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल आरोपी युवती के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं के बीच मजाक और छोटे विवादों को लेकर गंभीर घटनाएँ सामने आ रही हैं। मोहल्ले में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों। साथ ही बच्चों और किशोरों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।
 

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 panchayattantra24.-रायपुर। बस्तर आज विकास की स्वर्णिम सुबह का प्रतीक बनकर उभर रहा है। जो क्षेत्र कभी उपेक्षा और अभाव की पहचान से जूझता था, वह अब निवेश, अवसर और रोजगार का नया केंद्र बन रहा है। यहाँ हर क्षेत्र—उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन—में समावेशी विकास की गूंज सुनाई दे रही है। यह बदलाव न केवल बस्तर की तस्वीर बदल रहा है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिख रहा है। रेल–सड़क परियोजनाओं से आएगा बड़ा बदलाव 
बस्तर के विकास को गति देने के लिए सरकार ने ₹5,200 करोड़ की रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन (₹3,513.11 करोड़) और केके रेल लाइन (कोत्तवलसा–किरंदुल) के दोहरीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। ये परियोजनाएँ न केवल बस्तर में यात्रा, पर्यटन और व्यापार को नई दिशा देंगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार और औद्योगिक अवसर भी सृजित करेंगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयास और मजबूत होंगे तथा बस्तर विश्वसनीय निवेश और समावेशी विकास का केंद्र बनकर उभरेगा। 
 इसके साथ ही, बस्तर में ₹2300 करोड़ की सड़क विकास परियोजनाएँ भी स्वीकृत की गई हैं। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाने वाला यह संभाग अब छत्तीसगढ़ के सबसे विकसित और समृद्ध क्षेत्रों में से एक बनने की राह पर है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर धमतरी–कांकेर–कोंडागांव–जगदलपुर मार्ग का एक वैकल्पिक रास्ता बना रही हैं, जो कांकेर, अंतागढ़, नारायणपुर के अबूझमाड़ होते हुए दंतेवाड़ा के बारसूर और आगे बीजापुर तक पहुँचेगा। इन परियोजनाओं से बस्तर के सभी जिलों तक पहुँचने के लिए कई रास्ते उपलब्ध होंगे, जिससे दूरियाँ कम होंगी और योजनाओं व विकास कार्यों की पहुँच और अधिक प्रभावी होगी। यह आधुनिक सड़क नेटवर्क न केवल आवागमन की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रगति के नए द्वार भी खोल रहा है। इस प्रकार, बस्तर अब संघर्ष की भूमि से आगे बढ़कर संपर्क, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक बन रहा है। 
 बड़े सार्वजनिक निवेश से बदलता बस्तर बस्तर में एनएमडीसी द्वारा ₹43,000 करोड़ तथा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल हेतु ₹200 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। ये निवेश बस्तर की आधारभूत संरचना को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। निजी निवेश और समावेशी विकास बड़े सार्वजनिक निवेशों के साथ-साथ लगभग ₹1,000 करोड़ का निजी निवेश भी सेवा क्षेत्र और एमएसएमई में किया जा रहा है। यह विविधीकृत विकास रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा और समावेशी व सतत विकास को सुनिश्चित करेगा। कुल मिलाकर लगभग ₹52,000 करोड़ की प्रतिबद्धताओं के साथ बस्तर औद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का नया केंद्र बन रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति: बस्तर को मिला पहला 350 बेड का निजी अस्पताल जगदलपुर में पहली बार 350 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए रायपुर स्टोन क्लिनिक प्रा. लि. को “इनविटेशन टू इन्वेस्ट” पत्र जारी किया गया है। 550 करोड़ रुपये के निवेश और 200 रोजगार अवसरों के साथ यह परियोजना बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई देगी और इसे मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाएगी। इसके अतिरिक्त, जगदलपुर में 33 करोड़ रुपये के निवेश से एक और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल तथा नवभारत इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा 85 करोड़ रुपये के निवेश से 200 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। ये पहल न केवल आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करेंगी, बल्कि सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेंगी। खाद्य प्रसंस्करण में नई शुरुआत बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर और कोंडागांव में आधुनिक राइस मिल और फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित की जा रही हैं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए अनेक रोजगार अवसर सृजित होंगे। एग्रीटेक और वैल्यू एडिशन नारायणपुर जिले में पार्श्वा एग्रीटेक प्रतिवर्ष 2,400 टन परबॉयल्ड चावल का उत्पादन करेगी। 8 करोड़ रुपये के निवेश और नए रोजगार के साथ यह परियोजना बस्तर की कृषि उपज को वैल्यू एडिशन का नया आधार देगी। वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रगति जगदलपुर में नमन् क्लब एंड वेलनेस सेंटर 7.65 करोड़ रुपये के निवेश और 30 रोजगार अवसरों के साथ स्थापित हो रहा है। वहीं पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में एएस बिल्डर्स एंड ट्रेडर्स तथा सेलिब्रेशन रिजॉर्ट्स एंड होटल्स बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेंगे। डेयरी और कृषि-आधारित उद्योग बस्तर डेयरी फार्म प्रा. लि. 5.62 करोड़ रुपये का निवेश कर दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को गति देगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। निर्माण सामग्री और औद्योगिक विकास पीएस ब्रिक्स और महावीर माइन्स एंड मिनरल्स जैसी कंपनियाँ ईंट और स्टोन क्रशर क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं, जिससे निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बुनियादी ढांचा सशक्त होगा। वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और कोल्ड स्टोरेज कांकेर, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव में नए वेयरहाउसिंग केंद्र स्थापित हो रहे हैं। दंतेश्वरी कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाएँ किसानों की उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, बर्बादी घटाने और लाभ बढ़ाने में मदद करेंगी। वुड, फर्नीचर और कृषि मशीनरी माँ दंतेश्वरी वेनियर्स और अली फर्नीचर जैसी इकाइयाँ बस्तर की पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक बाजारों से जोड़ेंगी। आधुनिक उद्योगों की एंट्री शंकरा लेटेक्स इंडस्ट्रीज 40 करोड़ रुपये के निवेश से सर्जिकल ग्लव्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे 150 रोजगार अवसर सृजित होंगे। यह भारत की स्वास्थ्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पीएमएफएमई योजना के तहत सहयोग पीएमएफएमई योजना अंतर्गत कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के हितग्राहियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। कांकेर जिले के श्री मुकेश खटवानी (मेसर्स रूद्रा फूड्स एंड बेवरेजेस) को ₹35 लाख, बस्तर जिले की योगिता वानखेडे (मेसर्स माँ गृह उद्योग) को ₹5 लाख तथा कोंडागांव जिले की श्रीमती रागिनी जायसवाल (मेसर्स फिटनेस फ्यूल) को ₹5 लाख एवं ₹9.50 लाख की स्वीकृति मिली। कुल मिलाकर योजना के अंतर्गत ₹49.50 लाख से अधिक की सहायता दी गई। पीएमईजीपी योजना से सशक्तिकरण पीएमईजीपी योजना अंतर्गत कांकेर जिले के हरीश कोमरा (रेडीमेड गारमेंट्स – ₹9 लाख), सुरेश बघेल (हार्वेस्टर – ₹20 लाख), बस्तर जिले के चंद्रशेखर दास (मेसर्स दीक्षा टेंट हाउस – ₹8.80 लाख) और रेवेन्द्र राणा (मेसर्स राणा मोबाईल रिपेयरिंग – ₹7.50 लाख) को सहायता दी गई। वहीं कोंडागांव जिले के सुरेश कुमार देवांगन (मेसर्स किसान मितान एग्रो) को ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण हेतु ₹50 लाख का अनुदान स्वीकृत हुआ। इस प्रकार योजना के अंतर्गत ₹94.50 लाख की राशि वितरित की गई। औद्योगिक नीति से नए अवसर राज्य सरकार की औद्योगिक नीति के तहत स्थायी पूंजी निवेश हेतु भी अनुदान दिया गया। कांकेर जिले की श्रीमती साधना शर्मा (मेसर्स महावीर वेयरहाउस) को वेयरहाउस स्थापना के लिए ₹90 लाख की स्वीकृति मिली। इन पहलों से बस्तर संभाग में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को गति मिल रही है और स्थानीय युवाओं व महिलाओं को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसर मिल रहे हैं। कुल मिलाकर बस्तर में अब तक ₹967 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे 2100 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, पर्यटन, निर्माण और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में यह निवेश लहर बस्तर को एक सच्चे “निवेश गंतव्य” के रूप में स्थापित कर रही है। बस्तर में औद्योगिक विस्तार के अवसर बस्तर में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं। स्टील प्लांट के समीप समर्पित सीमेंट प्लांट, मोटर रिपेयर एवं वाइंडिंग, मशीन एवं फैब्रिकेशन शॉप्स, पंप रिपेयर जैसी सहायक इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही लोहा और इस्पात उद्योग से जुड़े पिग आयरन, टीएमटी बार, एंगल/चैनल, वायर रॉड्स और ब्राइट बार के उत्पादन की भी बड़ी संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री के 20 माह में 100+ दौरे: विश्वास और विकास का संकल्प मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले 20 महीनों में बस्तर के 100 से अधिक स्थानों का दौरा कर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद और विश्वास का संचार किया है। “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ दूरस्थ इलाकों तक पहुँची हैं। सुरक्षा शिविरों के 10 किमी दायरे में अब तक 81,090 आधार कार्ड, 49,239 आयुष्मान कार्ड, 5,885 किसान सम्मान निधि लाभ, 2,355 उज्ज्वला कनेक्शन और 98,319 राशन कार्ड जारी किए गए। 21 सड़कों, 635 मोबाइल टॉवर, 18 उचित मूल्य दुकानों और 9 उप-स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण हुआ। अब तक 54 सुरक्षा शिविर स्थापित हुए हैं। पहली बार 28 गाँवों (जैसे जगारगुंडा, पामेड) में बैंक खुले हैं और 50 से अधिक बंद स्कूल फिर से शुरू हुए हैं। नई पुनर्वास नीति: आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए जीवन की नई राह नई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है। इसमें तीन वर्षों तक ₹10,000 मासिक सहायता, शहरी क्षेत्रों में 4 डिसमिल प्लॉट या ग्रामीण क्षेत्रों में एक हेक्टेयर जमीन दी जाएगी। साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण, पूर्ण इनामी राशि और सामूहिक आत्मसमर्पण (80% से अधिक) पर दुगुना इनाम तथा नक्सल-मुक्त गाँवों के लिए ₹1 करोड़ तक की विकास योजनाएँ स्वीकृत होंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 15,000 घर आत्मसमर्पित नक्सलियों और हिंसा प्रभावित परिवारों को मंजूर किए गए हैं। मोदी की गारंटी: तेंदूपत्ता संग्राहकों को अधिक दर राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता खरीदी दर को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा कर दिया है। इससे बस्तर के 52 लाख संग्राहक (13 लाख परिवार) सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। कौशल विकास से युवाओं को अवसर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 90,273 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 39,137 को रोजगार मिला। वर्ष 2024–25 में ही आईटी, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में 3,296 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नक्सल उन्मूलन में बड़ी सफलता दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 453 नक्सली मारे गए, 1,611 गिरफ्तार हुए और 1,636 ने आत्मसमर्पण किया। बीते 20 महीनों में 65 से अधिक नए सुरक्षा शिविर स्थापित हुए हैं। सड़क, पुल और मोबाइल नेटवर्क जैसे ढाँचागत विकास ने भी इस प्रक्रिया को मजबूती दी है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन सुनिश्चित करना है, जिसके साथ-साथ सतत विकास और शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। औद्योगिक नीति 2024–30: बदलाव का सूत्रधार छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 ने बस्तर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में निवेश, नवाचार और रोजगार के नए द्वार खोले हैं। “बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट” संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह नीति रोजगार सृजन, उद्यमिता संवर्धन और सामुदायिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करती है, साथ ही बस्तर की जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित रखती है। 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश या 1,000 से अधिक रोजगार देने वाली परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। फार्मा, एग्रो-प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल्स, आईटी व डिजिटल टेक, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस-डिफेंस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसमें होटलों, ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और खेल सुविधाओं पर 45% तक सब्सिडी मिलेगी। बस्तर के 88% ब्लॉक ग्रुप-3 श्रेणी में आते हैं, जिससे निवेशकों को अधिकतम लाभ मिलेगा।समावेशिता को नीति का केंद्र बनाया गया है: एससी/एसटी उद्यमियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त 10% सब्सिडी दी जाएगी। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने वाली इकाइयों को 40% वेतन सब्सिडी (5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक, पाँच वर्षों के लिए) प्रदान की जाएगी।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की रहने वाली श्रीमती सोहागा बाई साहू आज आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।
कुछ वर्ष पहले तक संघर्षों से भरा उनका जीवन अब योजनाओं के संबल से खुशहाल बन गया है। खेती-बाड़ी और गृहस्थी की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक चुनौतियों का सामना करने वाली श्रीमती सोहागा बाई को महतारी वंदन योजना से हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस सहयोग से वे घर-गृहस्थी के छोटे-मोटे खर्च आसानी से पूरा कर पा रही हैं।
श्रीमती सोहागा बाई बताती हैं कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि अब उन्हें खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। साथ ही उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में भी स्वीकृत हो गया है, जिसके तहत जल्द ही उन्हें अपना पक्का घर मिलने वाला है।खेती-किसानी उनका प्रमुख सहारा है। थोड़ी सी जमीन पर मेहनत करके वे अनाज और सब्ज़ियों की पैदावार से परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रही हैं। परिवार में बेटा और बहू भी सहयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी बहू को भी महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ हो गई है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीमती सोहागा बाई जैसी सफलता की कहानियां इस योजना की वास्तविक उपलब्धि को दर्शाती हैं।
श्रीमती सोहागा बाई साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बदौलत आज ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और सम्मानपूर्वक जीवन जी पा रही हैं।
 

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जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का बना विश्वास का केंद्र

 

 

panchayattantra24.-रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण के लिए स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया में ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के साथ ही उनका त्वरित समाधान भी किया जाता है। आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता और जनसमस्याओं के निराकरण की त्वरित पहल की वजह से आशा और विश्वास का केंद्र बन चुके कैंप कार्यालय में समय के साथ लोगों का विश्वास और भी गहरा होता जा रहा है।
फरसाबहार तहसील के ग्राम अंकिरा के ग्रामीण बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या से जूझ रहे थे। ग्रामीणों ने अपनी यह समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी।कैंप कार्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया था।जिस पर विभाग ने दूसरे ही दिन त्वरित कार्यवाही कर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया, जिससे पूरा गांव रोशन हो गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना सीएम कैंप कार्यालय बगिया
सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। यहां लोगों की समस्या को गंभीरता से उसका निराकरण किया जाता है। चाहे वह बिजली की परेशानी हो, सड़क की समस्या, पेयजल की मांग या फिर अन्य विकास कार्य सभी मामलों पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है कि उनकी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही हैं और तत्काल हल भी हो रहा है।

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panchayattantra24.-रायपुर। बंधुत्व की शुरूआत अपने घर से होनी चाहिए, तभी विश्व में बंधुत्व का भाव होगा। राज्यपाल श्री डेका ने आज विश्व बंधुत्व दिवस पर संगोष्ठी में यह विचार व्यक्त किया।
स्वामी विवेकानंद कन्याकुमारी केंद्र शाखा रायपुर के सौजन्य से दुर्गा कॉलेज रायपुर के सभागार में यह संगोष्ठी आयोजित की गई थी, जिसमें श्री डेका बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। स्वामी विवेकानंद द्वारा वर्ष 1893 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में आज के दिन ही ऐतिहासिक वक्तव्य के माध्यम से भारत की उज्जवल संस्कृति एवं परंपरा को दुनिया के समक्ष रखा गया था। इस विशेष दिन को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जो दीपक 1883 में प्रज्जवलित किया था, उसकी लौ आज भी जगमगा रही है। हम उस लौ को भाईचारे, सेवा और सकारात्मक सोच से अपने जीवन में जलाएं रखें। स्वामी विवेकानंद ने भारत की महान संस्कृति और आध्यात्म को संसार के सामने प्रस्तुत ही नहीं किया बल्कि पूरे विश्व को यह संदेश दिया की मानवता से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
 डेका ने कहा कि आज मानवता के समक्ष बड़ी-बड़ी चुनौतियां है। सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन, जल संकट और माइक्रो प्लास्टिक का है। इन तीनों के चीजों के दुष्प्रभाव से बचेंगे तभी हमारी सभ्यता भी बचेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में अच्छी वर्षा के बावजूद भू-जल के गिरते स्तर को गंभीर समस्या बताते हुए इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। वर्षा जल के संरक्षण के लिए अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग, किसानों के खाली पड़े जमीनों पर डबरी निर्माण जैसे कदम उठाने पर जोर दिया।
 डेका ने युवकों से आव्हान किया कि वे यह न सोचे कि समाज उन्हें क्या दे रहा है बल्कि यह विचार करें कि वे समाज को क्या दे रहे हैं। जीवन मे सफलता के लिए अनुशासन और समय का पाबन्द होना आवश्यक है। परिवार के बुजुर्गों का सम्मान, भाई-बहन के बीच स्नेह व मित्रता समाज में बंधुत्व की भावना बढ़ाने में मदद करती है। मानव जीवन अनुपम है। हर एक क्षण का आनंद लें। इस पृथ्वी और प्रकृति का आनंद लें। आज कृत्रिम बुद्धिमता के इस युग में कृत्रिम जीवन के बजाय प्राकृतिक जीवन जीने की कोशिश करें। उन्होेंने युवाओं से कहा कि यह सोने का समय नहीं है उठो और जो काम तुम्हारा है उसे पूरा करने में जुट जाओ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता दुर्गा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रोतिभा मुखर्जी साहूकार ने की। मुख्य प्रवक्ता के रूप में जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष एवं सेवा निवृत्त मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, कार्यो एवं उनके आदर्शो पर विस्तृत प्रकाश डाला। श्री संजीव गुप्ता ने भी अपने विचार रखें। स्वागत भाषण श्री सुभाष चंद्राकर ने दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शजिन्ता शुक्ला और आभार प्रदर्शन श्री चेतन तारवानी ने किया। इस अवसर पर विवेकानंद केन्द्र के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 

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panchayattantra24.-बिलासपुर। पुलिस कप्तान ने कहा कि छात्रों से पुलिस का कोई पूर्वाग्रह नहीं है। यदि कोई छात्र या अन्य व्यक्ति अपराध में शामिल पाया जाएगा तो उसे कानून का सामना करना ही होगा। उन्होंने दोहराया कि पुलिस का लक्ष्य छात्रों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। एसपी ने बताया कि अब तक 300 से अधिक मामलों में आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। 276 चाकू ऑनलाइन तस्करी के दौरान जब्त किए गए हैं, वहीं 36 चाकू अन्य जिलों से आए अपराधियों से बरामद किए गए। सभी मामलों की जानकारी आवश्यक दस्तावेजों सहित न्यायालय को दी गई है और अदालत पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। 
 उन्होंने यह भी कहा कि रोजाना सैकड़ों लोग एसपी ऑफिस पहुंचते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान भीड़ या नारेबाजी से नहीं हो सकता। “5–6 प्रतिनिधियों के माध्यम से ज्ञापन देना ही बेहतर तरीका है। समस्या का समाधान संवाद से ही होगा,” एसपी रजनेश सिंह ने कहा। पुलिस अधीक्षक ने अपील की कि नागरिक किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मीडिया में चाकूबाजी की घटनाओं को अपेक्षा से अधिक उछाला जा रहा है, जबकि पुलिस ने हालात नियंत्रण में कर लिए हैं। उन्होंने कहा, “नशा, अवैध हथियार और अपराध पर रोक लगाना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस और जनता मिलकर ही समाज की सुरक्षा कर सकते हैं।”
 

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panchayattantra24.-दंतेवाड़ा। जिला के मालेवाही थाना क्षेत्र में आज सुबह सातधार पुल से आगे नक्सलियों द्वारा लगाए प्रेशर आईईडी के चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए. स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, आज सुबह सीआरपीएफ 195 वाहिनी की कम्पनी, 195 वाहिनी मुख्यालय से सातधार एवं मालेवाही के मध्य नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत एरिया डोमिनेशन एवं डिमाइनिंग की कार्रवाई के लिए रवाना हुए थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में इंस्पेक्टर दीवान सिंह गुर्जर और आरक्षक आलम मुनेश घायल हो गए.
 

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