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Author: admin
panchayattantra24.-रायपुर। भूपेश सरकार ने श्रमिक हेल्प लाइन में 60 करोड़ का घोटाला किया था, बीजेपी नेता ने यह दावा X के माध्यम से किया है, उन्होंने कहा, भूपेश सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री “श्रमिक हेल्प लाइन” के नाम पर छत्तीसगढ़ में जमकर लूटमारी की गई। सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा बाकायदा सेटिंग करके सुनियोजित तरीके से नियमों को ताक में रख कर दीपीजा टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड को 20 करोड़ प्रतिवर्ष के हिसाब से तीन वर्ष का काम 60 करोड़ रुपए जनता की गाढ़ी कमाई को लूट कर दिया गया। जो काम सिर्फ 2-3 करोड़ में हो जाना था उसके लिए 60 करोड़ की राशि में जमकर कमीशखोरी भाई बटवारा किया गया।बहुत जल्द इस पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
panchayattantra24.-महासमुंद। नगरपालिका महासमुंद के नियमित कर्मचारियों ने नवनियुक्त अधिकारी-कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। करीब 80 कर्मचारी अपनी एक सूत्रीय मांग नियमित वेतन भुगतान को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि शासन द्वारा प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद भी तीन-तीन माह तक वेतन नहीं मिल रहा है जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ के अध्यक्ष ने बताया कि जून माह से अब तक वेतन नहीं मिला है जिसके कारण कर्मचारियों को बच्चों की फीस जमा करने बैंक लोन की किस्तें भरने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ आज प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देगा। यदि निर्धारित समयसीमा में वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी क्रमबद्ध रूप से सभी नगरपालिका सेवाओं को बंद करने के लिए विवश होंगे। यह हड़ताल नगर की स्वच्छता, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सेवाओं पर प्रभाव डाल सकती है।
panchayattantra24.-कोरबा। जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां सीएम विष्णुदेव साय के आगमन से पहले एक बड़ी घटना हुई है। दरअसल, सीएम साय के दौरे से पहले एक CAF जवान ने पत्नी और ससुर पर फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है।
बता दें कि, प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय आज कोरबा जिले के दौरे पर है। उनके दौरे से पहले CAF के एक जवान ने अपनी पत्नी और ससुर को गोली मार दी। जवान की ड्यूटी सीएम साय के कार्यक्रम में लगी थी, लेकिन जवान ड्यूटी छोड़कर अपने ससुराल उमेंदी भांठा पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हरदी बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से महिला और उसके पिता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है। वहीं पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
panchayattantra24.-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय अपने रजत जयंती वर्ष में है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, इसलिए इस वर्ष को सरकार ने अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में हिस्सा लेने के लिए कोरबा रवाना हुए है। इस दौरान स्टेट हैंगर में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि इस साल छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 साल पूरे करने जा रहा है। 1 नवंबर को होने वाला राज्योत्सव इस बार रजत जयंती के रूप में मनाया जाएगा और इसे यादगार बनाने के लिए सरकार ने विशेष तैयारियां की हैं।
CM साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, इसलिए इस साल को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया गया है। यह उत्सव अगले 25 हफ्तों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है और इसके लिए पत्र भी भेजा गया है।
panchayattantra24.-बलरामपुर। जिले के जिला अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है और लापरवाही के कारण एक 3 महीने के बच्चे की मौत हो गई है। बच्ची की मौत होने के बाद परिजनों ने देर रात जमकर हंगामा किया है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी लापरवाही की बात स्वीकार की है। दरअसल, ग्राम पंचायत पिंडरा से बच्ची के परिजन तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे हुए थे।
पर्ची बनवाने के बाद उसे अस्पताल में एडमिट किया गया और ऑक्सीजन भी दिया गया था, लेकिन जब उसकी हालत खराब होने लगी तो डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया था। रेफर करने के बाद एंबुलेंस में उसे ऑक्सीजन नहीं दिया गया और रास्ते में मासूम में दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद परिजन बेहद आकर्षित हो गए और उन्होंने जिला अस्पताल जाकर जमकर हंगामा मचाया। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव भी मौके पर पहुंचे। परिजनों के आक्रोश को देखने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लापरवाही की बात स्वीकार करते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है।

panchayattantra24.-रायगढ़। जिले के किसानों को इस सीजन में धान की फसल पर कई कीटों के बढ़ते हमले से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को जागरूक करने और फसल की रक्षा के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र रायगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. राजपूत के कुशल मार्गदर्शन में केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. के.के. पैकरा एवं डॉ. के.एल.पटेल द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ की टीम ने जिले के कई ग्रामों में भ्रमण कर धान की फसल में कीट प्रकोप का निरीक्षण किया। जिसमें तना छेदक, भूरा माहों, गंधी कीट एवं पेनिकल माईट आदि कीट का किसानों के धान खेत में आक्रमण पाया गया। इन कीटों के पहचान एवं समन्वित प्रबंधन इस प्रकार है।
तना छेदक-इस कीट की इल्ली फसल की सभी अवस्था को नुकसान पहँुचाती है। इल्ली कंसे वाली अवस्था मे मुख्य तने पर आक्रमण करती है जिससे तना खुल नहीं पाता है और भूरेपन में बदलकर सुखा तना बनाती है। बाली अवस्था में यही इल्ली बाली के निचले हिस्से को काटकर सुखी बालीयॉ बनाती हैं जिसमे पोंचे दाने हातेी है जो खीचंनें पर असानी से बाहर निकल जाती है वयस्क मादा कीट के आगे पंख पीलापन लिए बीच में गहरा काला निषान होता है जबकि नर कीट छोटे भरूे रगं के होते है जो 31-40 दिन में अपना एक जीवन चक्र पूर्ण कर लेती है एवं वर्ष में 4-5 पीढिय़ॉं पनपती है।
समन्वित प्रबंधन- प्रकाश प्रपंच लगाकर कीटों की उपस्थिति व संख्या सतत् निगरानी रखते हुए वयस्क कीटों को नष्ट कर दे। फिरोमोन ट्रेप 25 नग प्रति हेक्टेयर की दर से लगाएं व हर तीसरे सप्ताह पष्चात् सेप्टा बदलते रहें। अडंा समहू प्रति वर्ग मीटर या 10 प्रतिशत सूखा तना या 1 तितली प्रति वर्ग मीटर कीट प्रकोप होने पर दानेदार दवाईं फिपरोनिल 0.3 जी 20 किलो प्रति हेक्टेयर या क्लोरेटे्रनिलीप्रोल 4 जी 10 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से रेत मे मिलाकर धान की नर्सरी/कंसा/गभोट अवस्था के समय डाले या क्लोरेटे्रनिलीप्रोल 18.5 एस.सी को 150 मि.ली या फ्लबूेन्डामाइड 480 एस.सी को 250 मि.ली या फिपरोलिन 5: एस.सी को 1000 मि.ली प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में मिला कर छिडक़ ाव करे।
भूरा माहों-विपरीत परिस्थितियों मे इस कीट से 20-40 प्रतिशत तक फसल नुकसान का आंकलन किया गया है। इस कीट का प्रकोप कंसा अवस्था से बाली निकलने की अवस्था तक कीट के शिशु तथा व्यस्क पौधों के निचली सतह से रस चुसकर नुकसान पहँुचाती है। कीट प्रकोप की तीव्रता होने पर फसल गोलाई मे झुलसा हुआ सा प्रतित होता है। समन्वित प्रबंधन-संतुलित मात्रा में भूमि के प्रकार एवं किस्मों की अवधि के अनुसार नत्रजन, स्फुर एवं पोटाष उर्वरकों को 3:2:1 में देवें। 10-20 भूरा माहों प्रति पौध गुच्छा कीट प्रकोप होने पर इमिडाक्लोप्रीड 17.8 एस. एल. को 250 मि.ली प्रति हेक्टेयर या ब्यूप्रोफेजिन 25: एससी को 1000 मि.ली. प्रति हेक्टेयर या डाइनेटोफ्यरू ान 20: एस.जी. 150-200 ग्राम प्रति हेक्टेयर या एसीटामिप्रिड 20: एस.पी. प्रति हेक्टेयर या ट्राइफ्लूमेजोपायरिम 10 एस.सी. का 235 मिली/हेक्टेयर या फ्लोनिकामिड 50 डब्लू. जी. का 150 ग्राम/हेक्टेयर की दर से 400-500 लीटर पानी में मिला कर, नोजल नीचे करते हुए सीधे कीटों (संपर्क विष) पर शाम के समय डालें।
गंधी कीट:-इस कीट की शिशु व प्रौढ़ अवस्था दोनों ही कोमल पत्तियों, तने एवं दध्ूिायावस्था में धान की बाली का रस चूसने के कारण धान की बालियों के दाने खोखले तथा हल्के हो जाते हैं एवं छिलके का रंग सफेद हो जाता है। धान की फसल को दुग्धावस्था (सितबंर-अक्टूबर) में सर्वाधिक 20-25 प्रतिषत नुकसान होता है। इस कीट का आक्रमण होने पर खेतों से अवांछित गंध निकलती है जिसके कारण इसे गंधी कीट के नाम से जानते हैं। समन्वित प्रबंधन:-फसल क्षेत्र में प्रकाष प्रपंच लगाकर कीटों की उपस्थिति व संख्या सतत् निगरानी रखते हुए वयस्क कीटों को नष्ट कर दें। 15-20 बग या कीट प्रति वर्ग मीटर कीट प्रकोप होने पर एबामेंक्टिन 500 मिली या कार्बोरिल चूर्ण 30 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से भुरकाव करें। पेनिकल माईट:- पेनिकल माईट नग्न ऑखों से दिखाई नहीं देता हैं। पर्णच्छद के अंदर इसे देखने के लिए न्यनूतम 20 हाथ के लेस की आवश्यकता होती है तापमान के आधार पर 7-21 दिन मे एक सपंणर््ूा जीवन चक्र पूरा कर लेते हैं। यह कीट अंकुर से लेकर फसल पकने तक प्रत्यक्ष रूप से पत्ती षिरा, पर्णच्छद व दाने को नुकसान करता है एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोगजनकों को बढ़ावा देती है जिससे बॉझ अनाज सिड्रोंम ढीला एवं भुरा पर्णच्छद मुड़ा हुवा गर्दन, खाली या आंषिक भरे दाने के साथ भूरे रगं के धब्बे के साथ विकृत दाने का विकास होता है।
पर्णच्छद के नुकसान से पौधे की प्रकाश संश्लेषण एवं प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समन्वित प्रबंधन:- ग्रसित क्षेत्र मे फसल कटाई के बाद जुताई करें जिससे सर्दियों में फिर से नये पौधे न निकल पायें। ग्रसित क्षेत्रों मे धान के अलावा अन्य वैकल्पिक फसल को बदलकर लगायें। इसके लिए पहला छिड़काव गभोट आने के समय व दूसरा छिड़काव 2-3 बाली आने के स्थिति में हेक्साथियोजोक्स 5.45 प्रतिशत ईसी का 250 मि.ली. या प्रोपरजाइट 57 प्रतिशत ईसी का 500 मि.ली. या स्पायरोमेसिफेन 22.9 प्रतिशत एस.सी. का 150 मि.ली.या एबोमेक्टिन 1.8 प्रतिशत 100 मि.ली. प्रति एकड उपयोग करें। इनमें से किसी भी एक मकड़ीनाशक के साथ प्रोपीकोनाजोल 25 ईसी का 2 मि.ली. प्रति लीटर पानी के साथ मिलाकर सुबह या शाम के समय छिड़काव करना चाहिए।
panchayattantra24.-कोरबा। उर्जाधानी कोरबा में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11 बजे कलेक्टोरेट सभागार में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें प्रदेश सरकार के लगभग आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ मंत्री, दो उप मुख्यमंत्री और प्राधिकरण के सभी सदस्य शामिल होंगे। बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, आदिवासी विकास मंत्री गुरु खुशवंत, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और वन मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इनके साथ ही शासन स्तर के अन्य मंत्री 51 सदस्य और 24 विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल होकर अपने सुझाव, विचार और शिकायत रखेंगे।
गौरतलब है कि इस प्राधिकरण के अंतर्गत कोरबा, गोरेला- पेंड्रा – मरवाही, मोहला मानपुर – अंबागढ़ चौकी, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, सारंगढ़ – बिलाईगढ़, बालोद, खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई, कबीरधाम, बिलासपुर, रायगढ़ और सक्ती जिले आते हैं। बैठक में इन जिलों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के साथ नई प्राथमिकताओं और प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने अधिकारियों की बैठक लेकर सभी तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टोरेट परिसर में पार्किंग, बेरिकेडिंग, पेयजल, विद्युत, रोड क्लीयरेंस, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स जैसी व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया है। साथ ही विभागीय स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां हितग्राही अपनी बातें सीधे मुख्यमंत्री तक रख पाएंगे।
panchayattantra24.-बिलासपुर। डीजे और साउंड बॉक्स के शोर से आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने बताया कि कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य के कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन की जरूरत है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने आज सुनवाई करते हुए बलरामपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर नाचते समय एक नाबालिग की मौत को भी गंभीरता से लिया है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में शासन से जवाब मांगा है. आज मंगलवार को जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि, कोलाहल अधिनियम में इतने कड़े प्रावधान है ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपए पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है, ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कड़े नियम बनाए गए हैं. इसी वजह से इन मामलों में कड़ाई करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया की जाएगी. लल्लूराम को मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने मामले में सरकार को इसकी कार्रवाई के संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
मालूम हो कि, कोलाहल मामले में विधि विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसमें चर्चा हुई कि 1985 के अधिनियम और 2000 के नियमों के बीच टकराव की स्थिति में किस अधिनियम का पालन किया जाना चाहिए. 1985 के अधिनियम में लाउडस्पीकर के उपयोग पर दंड, 2000 के नियमों की तुलना में बहुत कम है. केंद्रीय कानून, राज्य के कानून पर प्रबल होता है, चूंकि 1985 का अधिनियम एक राज्य अधिनियम है और 2000 के नियम केंद्रीय अधिनियम हैं, इसलिए 2000 एक्ट के नियम प्रबल होंगे. इन नियमों में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए उपयुक्त प्राधिकारी से अनुमति लेने और ध्वनि सीमा निर्धारित करने का प्रावधान है. प्रावधानों में संशोधनः पूर्व में हुई सुनवाई में महाधिवक्ता ने कहा था कि, राज्य द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 और कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की जांच की गई है और यह बताया गया कि, ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के प्रावधान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की तुलना में अधिक कठोर हैं, इसलिए राज्य प्रावधानों में संशोधन करने जा रहा है.

panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे।यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह
प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा।
गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा। राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।
panchayattantra24.-सूरजपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धरसेड़ी पहुंचीं। उन्होंने यहां आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजवाड़े ने केंद्र में बच्चों को प्रदत्त पोषण आहार की गुणवत्ता और उपलब्धता का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी परिसर की स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति, खेल-खेल में सीखने की व्यवस्था तथा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की भी जानकारी प्राप्त की।
मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से नियमित रूप से बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और केंद्र में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की बुनियाद हैं, इसलिए यहां दी जाने वाली सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को समय पर पूरक पोषण आहार, टीकाकरण और अन्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए। मंत्री राजवाड़े ने ग्रामीणों से भी संवाद कर केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें बच्चों की शिक्षा व पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला और बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण को लेकर प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सतत प्रयास जारी हैं। निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।