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रायपुर। दीपावली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के लैलूंगा तहसील के ग्राम भुईयांपानी पहुँचे। यहाँ उन्होंने गुरुधाम में आयोजित दीप महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आराध्य संत गुरुदेव स्वामी धनपति पंडा जी एवं प्रेमशीला पंडा की प्रतिमाओं के समक्ष नमन कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री साय ने दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह दीपोत्सव हर घर में उजियारा और हर जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं प्रेम का प्रकाश फैलाए। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सदैव हम सब पर बना रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया तथा हनुमान मंदिर एवं वटवृक्ष की पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह संतों और प्रदेश की जनता का ही आशीर्वाद है कि एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के 22 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के विकास के लिए राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। धान खरीदी की सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। धान का मूल्य 3,100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। ई-गवर्नेंस प्रणाली की शुरुआत हो चुकी है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। भूमिहीन मजदूर सहायता योजना, तेंदूपत्ता खरीदी 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा, रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना जैसी अनेक जनहितकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुधाम में एक करोड़ रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण, महतारी सदन के लिए 29 लाख रुपए के साथ ही गुरुधाम परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना, तालाब का सौंदर्यीकरण, बोर खनन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए घोषणा की।

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने उपस्थित सभी लोगों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस संसार में गुरु से बढ़कर कोई नहीं है। गुरु ही वह प्रकाशस्तंभ हैं जो हमें अंधकारमय जीवन से निकालकर ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता के पथ पर अग्रसर करते हैं। गुरु की प्रेरणा ही जीवन में सच्चा आनंद, आत्मिक शांति और सर्वाेच्च सुख प्रदान करती है। उनका मार्गदर्शन जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, संत सनातन धर्मदेवी संत समाज के अध्यक्ष श्री सहदेव पंडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री सत्यानंद राठिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में प्रावधानित 4 नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना फरसाबहार (जिला-जशपुर), करडेगा (जिला-जशपुर), नगरनार (जिला-बस्तर) तथा किलेपाल (जिला-बस्तर) में की जाएगी।

मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर एवं बस्तर जैसे जनजाति बहुल एवं भौगोलिक रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उनके इलाके में ही उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। दूरस्थ अंचलों की बेटियों और बेटों को अब कॉलेज की पढ़ाई के लिए अब अपने घरों से दूर अन्यत्र नही जाना पड़ेगा। उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 एवं प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं की शिक्षा, रोजगार एवं कौशल वृद्धि के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी।

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रायपुर। भारत सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत 10.33 करोड़ से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने के उपरांत एक बार फिर दीपावली के पूर्व लोगों को उपहार देते हुए पीएमयूवाय अंतर्गत 25 लाख नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान करने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 23 हजार नवीन घरेलू एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु लक्ष्य प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत् नवीन कनेक्शन दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति अभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार नवीन उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

हितग्राहियों को 15 दिनों में दिए जाएंगे नवीन कनेक्शन

विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश अनुसार सभी जिलो में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला उज्जवला समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति द्वारा जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन एवं प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण हेतु नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। योजनांतर्गत पात्र परिवारों से नवीन गैस कनेक्शन हेतु आगामी 07 दिनों में आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। जिले की गैस एजेंसियों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं सत्यापन कराकर 15 दिनों में नवीन गैस कनेक्शन जारी करने की कार्यवाही की जाएगी।

नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाएगी प्राथमिकता

नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत आने वाले बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा जिलों में सर्वप्रथम हितग्राहियों को चिन्हांकित कर इन ग्रामों को विशेष प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत चिन्हांकित हितग्राहियों को उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन दिए जाएंगे। पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाये जाने हेतु ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करते हुए सुगम नेटवर्क कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर आयोजित किये जाएंगे। योजनांतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्ति हेतु शेष सभी 34 हजार 425 परिवारों के आवेदन चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर लिए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों के ई-केवाईसी के लिये कनेक्टीविटी वाले क्षेत्रों का चयन कर विशेष शिविर द्वारा उन्हें लाभांवित किया जायेेगा।

जिला स्तरीय उज्जवला समिति के कलेक्टर होंगे अध्यक्ष

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से कम से कम 05 प्रतिशत आवेदनों का सत्यापन एवं परीक्षण जिला उज्जवला समिति द्वारा किया जाएगा। इस हेतु जिले के सभी गैस एजेंसियों की बैठक कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नवीन गैस कनेक्शन जारी करने हेतु जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय उज्जवला समिति में अध्यक्ष, जिला कलेक्टर या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरिष्ठ अधिकारी होंगे तथा समन्वयक सदस्य के रूप में जिला नोडल अधिकारी होंगे जो तेल विपणन कंपनी से होंगे। दो सदस्य अन्य दो तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी होंगे। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी एवं दो गैर-आधिकारिक सदस्य भी समिति में सदस्य होंगे।

योजनांतर्गत नवीन कनेक्शन हेतु जारी किए गए मापदंड निर्धारित

पीएमयूवाय के अंतर्गत नवीन गैस कनेक्शन हेतु पात्रता के लिए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिसके अनुसार यदि परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रूपए प्रति माह से अधिक कमाता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम वाले परिवारों को शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रूपए से अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या अधिक सिंचित भूमि के स्वामी, कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वामी जिनके पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट क्षेत्र वाले मकान के स्वामी, स्वयं की मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मछली पकड़ने वाली नाव अथवा यंत्रीकृत तीन या चार पहिया कृषि उपकरण के मालिक एवं ऐसे परिवार जिनके पास पूर्व से ही एलपीजी कनेक्शन हों योजनांतर्गत लाभ पाने हेतु अपात्र होंगे।

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रायपुर। देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ऑन आदि कर्मयोगी अभियान’ में छत्तीगसढ के कोरिया जिले ने एक बार फिर अपनी विकास यात्रा से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए कोरिया जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम एवं राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा को भी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।

154 जनजातीय ग्रामों में विकास की नई मिसाल

‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के अंतर्गत कोरिया जिले के 154 जनजाति बहुल ग्रामों, बैकुंठपुर ब्लॉक के 138 और सोनहत ब्लॉक के 16 ग्रामों में लगभग 38 हजार जनजातीय परिवारों को शासन की 17 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। शिविरों और डोर टू डोर अभियानों के माध्यम से लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, पीएम जन धन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्जवला, जाति-निवास प्रमाण पत्र, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम आवास योजना, सिकल सेल टेस्टिंग, सुकन्या समृद्धि योजना तथा पीएम विमान बीमा योजना जैसे योजनाओं से जोड़ा गया। समयबद्ध क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर नवाचारों के चलते यह पहल जनसहभागिता का प्रतीक बनी है।

राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना

छत्तीसगढ के कोरिया जिले के जनजातीय अंचलों में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास की दिशा में कोरिया की उपलब्धियों का प्रतीक है।

बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए-साय*

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा श्यह सम्मान हमारे उन कर्मयोगियों की पहचान है जिन्होंने जनजातीय सशक्तीकरण को धरातल पर साकार किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर से सरगुजा तक हर जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उन्हें हर स्तर पर सशक्त किया जाए।

योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुंचाना ही सुशासन

छत्तीसगढ़ शासन में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा यह उपलब्धि हमारे अधिकारियों, फील्ड स्टाफ और जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योजनाओं की रोशनी को जन-जन तक पहुँचाया है, उन्होंने कहा कि जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाना व लाभ मिलना ही सुशासन है।

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 रायपुर। । मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री  साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।

*सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान*

सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

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panchayattantra24.-रायपुर। बस्तर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कल ही सरकार की तारीफ की थी, और बधाई दी थी। मगर वन मंत्री केदार कश्यप के बयान के बाद आज उनके तेवर बदल गए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, तो वह कांग्रेस सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति, और हमारे विश्वास, विकास और सुरक्षा सूत्र के कारण संभव हो पाया है। 
पूर्व सीएम ने शुक्रवार को नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर कहा था कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस लड़ाई में सहयोग रहा और हमने इसे देश की साझा चुनौती के तौर पर लिया। उन्होंने साय सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा था कि इस बात पर मुझे आज ख़ुशी है कि केंद्रीय गृहमंत्री जी के साथ प्रदेश सरकार पहले की तरह हमारी विश्वास-विकास-सुरक्षा की नीति को सूत्र बनाकर आगे बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा था कि बस्तर में नक्सलियों के बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण से हम सबको संतोष है कि देश की यह लड़ाई जल्द खात्मे की ओर बढ़ेगी। मगर वन मंत्री केदार कश्यप के बयान पर पूर्व सीएम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।कश्यप ने पूर्व सीएम को तारीफ के लिए शुक्रिया कहा, साथ ही यह भी पूछ लिया कि आपकी यह निजी राय है या कांग्रेस का अधिकृत बयान है? आपके पार्टी का प्रवक्ता इसे कल ‘इवेन्ट’ कह रहे थे। फिर आपकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष असली-नकली नक्सली का प्रश्न पैदा कर हमेशा की तरह इस लड़ाई को कमजोर करने में भूमिका निभा रहे थे। 
 उन्होंने देश के आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर इस तरह की सस्ती, और हल्की और दोहरी राजनीति करने से बाज आने की नसीहत दी। इस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तीखा पटलवार करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब माओवाद कमजोर हो रहा है, तब भी आप कांग्रेस को नक्सलवाद से जोडक़र जो छींटाकशी कर रहे हो, वह दिखाता है कि आपके लिए देश की आंतरिक सुरक्षा से ज्यादा विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने में रूचि है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर को खुशहाल बनाने का काम कांग्रेस ने शुरू किया था, और इस आगे भी जारी रखेगी। पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि नक्सल मुक्ति के नाम पर हम आपको बस्तर बेचने नहीं देंगे। ये भी सनद रहे।
 

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panchayattantra24.-बिलासपुर: बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्र को निष्कासित किए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। शुक्रवार (17 अक्टूबर) को एनएसयूआई नेताओं ने कुलपति निवास के सामने धरना-प्रदर्शन कर जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि ढाई साल बाद सरकार बदलेगी न तब गुजरात से कब्र से निकालकर कुलपति को लेकर आएंगे। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि कुलपति को चड्‌डी पहनाकर घूमाएंगे। 
 इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, अब एनएसयूआई और कांग्रेस के बैनर तले यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ 4 नवंबर को प्रदेश व्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और एनएसयूआई ने कुलपति निवास के सामने जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग पूरी नहीं होने, उन्हें निष्कासित करने व भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बात नहीं सुनने पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया।
 कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी छात्रों की है। बाबा गुरु घासीदास के नाम पर यूनिवर्सिटी बनी है। यहां किसी की ज्यादती नहीं चलेगी। अब यहां के छात्र जाग रहे हैं। विधायक ने कहा कि यूनिवर्सिटी के अधिकारी छात्रों की औकात की बात करने वाले होते कौन हैं। अगर छात्र सुदीप शास्त्री का निष्कासन यूनिवर्सिटी वापस नहीं लेगी तो प्रदेश का सबसे बड़ा आंदोलन 4 नवंबर को यहां होगा। यहां हो रही भर्ती में गड़बड़ी की जानकारी ली जाएगी।
ढाई साल बाद भर्ती में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को गुजरात के कब्र से निकालकर लाएंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए हम सभी जेल गए हैं। लेकिन, छात्रों के साथ ज्यादती हुई तो यूनिवर्सिटी में आग भी लगा सकते हैं। इधर, विरोध-प्रदर्शन और हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले की शिकायत कोनी थाने में की। पुलिस ने एनएसयूआई नेता, छात्र सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, एफआईआर में केवल नीरज पांडे, लक्की मिश्रा, सुदीप शास्त्री, सार्थक मिश्रा के खिलाफ नामजद और 30 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 
जबकि, बड़े नेताओं को नामजद नहीं किया गया है। जबकि, प्रदर्शन में विधायक अटल श्रीवास्तव के साथ कांग्रेस नेता प्रमोद नायक, सुद्धांशु मिश्रा, लक्की मिश्रा, रंजीत सिंह, अर्पित केसरवानी, विकास सिंह सहित कई कांग्रेसी नेता और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यूनिवर्सिटी में जब से आलोक चक्रवाल कुलपति बनकर आए हैं, तब से प्रोफेसर्स, छात्र और स्टॉफ के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी विचारधारा से सहमत नहीं होने पर दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे ही एक छात्र को निष्कासित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी की छवि को कुलपति आलोक चक्रवाल धूमिल कर रहे हैं। लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। यहां केवल बाहरी लोगों की नियुक्ति की जा रही है। जबिक, स्थानीय लोगों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति ने यूनिवर्सिटी को अय्याशी का अड्‌डा, अवैध नियुक्ति और भ्रष्टाचार का अड्‌डा बना लिया है। एनएसयूआई और कांग्रेस ने कुलपति आलोक चक्रवाल के खिलाफ चार नवंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन कर मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद दबाव बनाने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
 

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panchayattantra24.-गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मैनपुर थाना क्षेत्र के भालू डिग्गी जंगल में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। यह सामग्री प्रतिबंधित माओवादी संगठन एसडीके एरिया कमेटी द्वारा पुलिस और ग्रामीणों को नुकसान पहुंचाने तथा क्षेत्र में दहशत फैलाने के उद्देश्य से डंप की गई थी। 
 स्थानीय सूचना तंत्रों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 अक्टूबर को संयुक्त अभियान शुरू किया। इस अभियान में कुल्हाड़ीघाट 65(एफ) बटालियन सीआरपीएफ, बिंद्रानवागढ़ 65(जी) बटालियन सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल थी। टीम ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग किया। सघन तलाशी के दौरान पुलिस को मैगजीन पोच, मेडिकल टैबलेट, फोल्डिंग स्टूल, तिरपाल सहित नक्सलियों द्वारा उपयोग की जाने वाली अन्य सामग्री मिली। 
 पुलिस के अनुसार, यह सामग्री नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने और सुरक्षाबलों पर हमले की योजना बनाने के लिए जमा की गई थी। बरामद सामग्री से नक्सलियों के मंसूबों को बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। जिला पुलिस और सीआरपीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई से न केवल नक्सलियों की योजनाओं को नाकाम किया गया, बल्कि ग्रामीणों में भी सुरक्षा की भावना को मजबूत किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी खुफिया सूचनाओं के आधार पर नक्सलियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से सहयोग की अपील कर रहे हैं। 
यह सफलता छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय और रणनीति का परिणाम है। नक्सलियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां न केवल उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद करती हैं, बल्कि क्षेत्र में विकास और शांति के लिए भी मार्ग प्रशस्त करती हैं। सुरक्षाबलों का यह अभियान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है।
 

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कांग्रेस के संगठन चुनाव में फ़र्ज़ी कांग्रेसियों की बाढ़, रसूखदारों को तवज्जों दी जा रही
 बिल्डर, भू माफ़िया, सट्टा, फार्म हाउस औऱ नंगी पार्टी कराने वाले माफ़िया बढ़ा रहे है कांग्रेस का फंड 
कांग्रेस की राति नीति को फर्जी कांग्रेसियों ने कर लिया है हाईजेक 
कांग्रेस की लुटिया डुबाने वाले, कांग्रेस के बन गए है खैरख्वाह 
 
 
panchayattantra24.-रायपुर। देश में कांग्रेस प्रचार करती है, वोट चोरी हो रहा है, कभी EVM में गड़बड़ी कभी चुनाव हाईजेक हो गया तरह तरह के चुनाव पर सवाल विभिन्न माध्यमों से करते आ रही है, लेकिन अपना ही आंतरिक चुनाव पूरी तरीके से फर्जी बेबुनियाद कांग्रेस संगठन को छोड़कर माफियों के हाथों बनाया जा रहा है, कांग्रेस का संगठन चुनाव पूरी तरह से फर्जी लोगों को तवज्जों दी जा रही है औऱ पुराने कार्यकर्ता निष्ठावान कार्यकर्ताओ् के मायूस होकर घर बैठने की ख़बर आ रही है, वहीं बिल्डर माफ़िया, भू माफ़िया, सट्टा माफ़िया, फार्म हाउस माफ़िया, नंगी पार्टी कराने वाले माफ़िया अपने-अपने गुर्गों को पैसे के बल पर दावेदार खड़े कर दिए है। फर्जी कांग्रेसी पार्टी में अपने-अपने जिले में जिलाध्यक्ष बनाने में क़ामयाब हों जाएंगे। उसी तर्ज़ गए फर्जी तरीक़े से कांग्रेस का संगठन चुनाव अभियान चल रहा है और हमारी ख़बर सच निकल रही है । 
 चुनाव मात्र औपचारिकता कांग्रेस का संगठन चुनाव मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है कांग्रेस के अधिकांश कार्यकर्ता जो कांग्रेस की रीढ़ की हड्डी थे वे मायूस होकर घर बैठ गए है पैसा बाहुबल, माफ़िया गिरी के आगे उनकी कुछ भी नहीं चल रही है। कांग्रेस के कुछ माफ़िया नेताओं ने पूरे चुनाव को अपने हाथ में लेकर फर्ज़ी तरीक़े से निष्पादन कराने का प्लान बनाया है और सफल भी हो गए है। देखा गया है कि सामाजिक संगठनों से अपने ही ख़ास और क़रीबी सामाजिक संगठन और नौकर जो अलग-अलग संगठन में फर्जी लेटर पेड के माध्यम से संगठन के प्रमुख बने हुए है। कुछ इसी तरीक़े से डॉक्टरों , वकीलों को अपने अपने रिश्तेदारों को दिल्ली से आए ऑब्ज़र्वर के साथ मुलाक़ात कराई गई और कांग्रेस संगठन को गुमराह किया गया । 
 कांग्रेस में माफिया राज पूरे चुनाव को फर्जी तरीक़े से पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में घुसपैठ करने वाले नेता वर्तमान में संचालित कर रहे है इससे तो पुराना ही सिस्टम संगठन चुनाव का बेहतर था । इस तरह की हठधर्मिता फर्जी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कर रहे हैं । ये पूरी तरीक़े से माफ़िया चुनाव है और पूरी तरह फर्जी है इसकी शिकायत विभिन्न स्तरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने और नेताओं ने अपने अपने स्तर पर की है आगे अब देखना है कि फर्जी माफ़ियाओं का चुनाव को कांग्रेस पार्टी किस तरीक़े से देखती है । ग़ौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी देश में अलग अलग नारा देकर मतदाताओं को रिझाने का कार्य करती है लेकिन अब नहीं पार्टी में पूरा चुनाव फर्जी हो रहा है और माफ़ियाओं के हाथ में है उसका ध्यान या संज्ञान नहीं ले रही है। ये ग़ज़ब का संयोग है कि कांग्रेस संगठन चुनाव हमेशा फ़र्ज़ी तरीक़े से होते हैं और अलग अलग फर्जी तरीक़ा अपनाया जाता रहा है।
छग बीजेपी ने वीडियो जारी कर टिकट बेचने का आरोप लगाया है
 

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panchayattantra24.-सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के सरकारी स्कूलों में साइकिलों की बदहाली देखकर विधायक रामकुमार टोप्पो ने वितरण करने से मना कर दिया। साइकिलों की सही तरीके से फिटिंग नहीं की गई थी। अधिकांश साइकिलों के टायरों में हवा भी नहीं था। गुणवत्ता भी तय मानकों के अनुरूप नहीं थी। साइकिलों की स्थिति देखकर विधायक ने न सिर्फ वितरण से मना कर दिया बल्कि सरकारी साइकिलों के लिए निर्धारित मानकों के दस्तावेज भी मंगवाए। विधायक ने कहा कि तय मानक के अनुरूप साइकिल है या नहीं इसका भी परीक्षण करा रहे हैं। 
राज्य सरकार की सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा नवमीं में अध्ययनरत छात्राओं को वितरित की जाने वाली साइकिलों की गुणवत्ता हमेशा से ही विवादों में रही है। शासन स्तर से होने वाली निविदा में सप्लायरों द्वारा निर्धारित गुणवत्ता की साइकिल वितरित नहीं करने का आरोप लगता रहा है। साइकिलों का वजन कम होने, गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर का होने की शिकायतें आम हैं लेकिन सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा कभी भी साइकिलों की स्थिति को लेकर सवाल नहीं उठाया गया था।
 

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