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Author: admin
रायपुर। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त तेवर दिखे। उन्होंने तीन जिलों के एसपी के काम पर नाराजगी जताई। धमतरी में लगातार हो रही हत्या और चोरी, कोरबा में अवैध खदान और महासमुंद में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सीएम ने तीनों जिलों के एसपी को फटकार लगाई। साथ ही ला एंड ऑर्डर नहीं संभालने वाले जिलों को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस (Collector-SP Conference) में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है। इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें। साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है। आज बैठक का दूसरा दिन है। बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई। नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई। कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो। साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो।
साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा
बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए। अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो। साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए।
सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा। बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
*कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस — कानून-व्यवस्था, मादक पदार्थ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश*
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
जशपुर। पत्थलगांव की बागबहार पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत गांजा तस्करी के मामले में फरार तीन आरोपियों को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जो सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं।
मामला थाना बागबहार क्षेत्र के ग्राम कुकरगांव मोहनीपूरी का है। पुलिस ने बताया कि 24 अगस्त को निगरानी बदमाश रामप्रताप यादव के घर में छापा मारने पर पुलिस को देख आरोपी परिवार घर में ताला लगाकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली, जिसमें सोफे, कूलर और स्कॉर्पियो में छिपाकर रखा 16 किलो अवैध गांजा मिला, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई। साथ ही एक स्कॉर्पियो और स्कूटी को भी जब्त किया गया था।
मुख्य आरोपी रामप्रताप यादव को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। वहीं उसकी पत्नी गुलाबी यादव, बेटा नूरपति यादव और बहू शांति उर्फ नूरो बाई घटना के बाद से फरार थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों आरोपी उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम वलींगा में छिपे हुए हैं। इस पर बागबहार पुलिस के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा उन्हें रायगढ़ जिले के एक व्यक्ति ने बिक्री के लिए दिया था। पुलिस ने उस व्यक्ति को भी चिन्हित कर लिया है, जो फिलहाल फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। फरार मुख्य सप्लायर की तलाश जारी है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
रायपुर। मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कोरबा जिले के प्रदर्शन की विशेष सराहना की गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कोरबा में योजना का क्रियान्वयन प्रभावशाली रहा है और इसे अन्य जिलों के लिए उदाहरण माना जा सकता है। बता दें कि पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने कोरबा कलेक्टर के काम पर सवाल उठाते हुए सरकार से उन्हें हटाए जाने की मांग की थी। कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा के दौरान सरकार ने अब उनकी पीठ थपथपाई है।
दरअसल कलेक्टर्स कांफ्रेंस के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा और कोरवा समुदायों के बीच प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को प्राथमिकता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ (जिला खनिज फाउंडेशन) के सहयोग से योजना की प्रगति सुनिश्चित की जा रही है।
कांफ्रेंस के दौरान कोरबा कलेक्टर ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों से जुड़े 700 घर जो पीएम जनमन योजना के तहत बनाये जा रहे हैं, उन घरों में हम सूर्य घर योजना का लाभ दे रहे हैं। कुल 60 हज़ार रुपए की राशि डीएमएफ से दी जाएगी। इसमें से 45 हज़ार रुपए सरकारी सब्सिडी है और 15 हज़ार रुपए डीएमएफ की राशि है।
मुख्यमंत्री साय ने सभी कलेक्टरों से कहा कि “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।” साथ ही ग्रामीण हितग्राहियों के लिए बैंक फाइनेंस की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए।
धान खरीदी पर सख्त निर्देश
कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी जिले में गड़बड़ी या अनियमितता मिलने पर संबंधित कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जांजगीर जिले में किसानों के कम पंजीयन पर नाराजगी जताई और जल्द पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होनी चाहिए, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएम किसान सम्मान निधि में 100 प्रतिशत पंजीयन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को एक माह के भीतर शत-प्रतिशत पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा — “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कोई पात्र किसान छूटना नहीं चाहिए। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस मंत्रालय में शुरू हुआ। रोजमर्रा के प्रशासकीय कार्य प्रभावित न हो इसलिए अवकाश के दिन आयोजित कॉन्फ्रेंस पहली बार समय से पहले शुरू हुआ, जिसमें मुख्य सचिव सहित सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रहे हैं। खाद्य विभाग की समीक्षा के साथ बैठक में चर्चा शुरू हुई। आगामी धान खरीदी को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी।
मुख्यमंत्री ने किसान पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर पूरा करने की बात कहते हुए दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर पंजीयन करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ किसान पंजीयन में धीमी प्रगति वाले जिलों से आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली।