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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर शामिल होंगे। यह बैठक नए मुख्य सचिव विकासशील गुप्ता के शामिल होने के बाद पहली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस होगी। बता दें कि कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान जिलों में रजत जयंती समारोह, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, सुशासन की स्थिति और जनसेवा की गुणवत्ता पर विशेष समीक्षा की जाएगी।

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*कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन*

रायपुर, 12 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया। बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं। 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

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रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश सहप्रभारी विजय जांगिड़ आज तखतपुर और मुंगेली जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पहले तखतपुर में वोट चोर गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान में शामिल होंगे। इसके बाद मुंगेली में वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान में शामिल होंगे। इसके बाद बिलासपुर लौटकर रात्रि विश्राम करेंगे।

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जशपुर। किसानों और कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत, फल, सब्जी, फूल, मसाले, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए केन्द्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान सुनील भगत ने टमाटर की खेती की। किसान सुनील भगत ने कुल लागत राशि काटकर शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों को केन्द्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा है ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सके इसी कड़ी में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर किसान सुनील भगत द्वारा टमाटर की खेती की गई।

उद्यानिकी विभाग से परामर्श बाद टमाटर का जीके देशी किस्म लगाया, जिसमें प्रति एकड़ 9 टन उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि सीजन अनुसार सब्जी की खेती करते हैं। इस सीजन में लगभग 85 हजार 500 रूपए का टमाटर ब्रिकी किया। कुल लागत राशि राशि काटकर किसान भगत को 55 हजार 500 रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। किसान द्वारा अन्य योजनाओं का लाभ लेकर खेती किया जा रहा है। अब वे ड्रीप, मिल्चिंग को लेकर खेती की उन्नत विधि से जुड़ने की ओर अग्रसर है।

अन्य किसानों पर कृषक की सफलता का प्रभाव

खेती की प्रक्रिया को आधुनिक बनाकर, राष्ट्रीय बागवानी मिशन का मुख्य लक्ष्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक, प्राकृतिक उर्वरकों, पर्यावरण-अनुकूल कीटनाशकों और अन्य उपकरणों का उपयोग करना आवश्यक है जो किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं। किसान समूहों द्वारा किए जाने वाले प्राथमिक कार्यों में कृषि उत्पादों की खरीद, बाज़ारों से संपर्क स्थापित करना, इनपुट की आपूर्ति और प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान करना शामिल है। ग्राम पंचायत टेम्पू एवं आस-पास के ग्राम पंचायत के किसान सुनील भगत की खेती देख कर, उन्नत खेती करना शुरू कर दिया है। कृषि तकनीक हेतु विभागीय योजनाओं से निरंतर जुड़ रहे हैं,ताकि अधिक लाभ लें सके।

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रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ते ही जा रहा है। यहां आए दिन चोरी, लूट, मारपीट, हत्या जैसी कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस की सख्ती के बाद भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र के खम्हारडीह सरकारी शराब भट्टी का है। यहां शराब दूकान में गार्ड के पद पर पदस्थ एक युवक ने दूसरे युवक की हत्या कर दी। दरअसल, संदीप पटेल नामक युवक आधी रात शराब दूकान बंद होने के बाद शराब की मांग कर रहा था। इसी बात को लेकर शराब दूकान के गार्ड भींगराज बघेल और संदीप के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बहस बढ़ गई और भींगराज बघेल ने संदीप पटेल पर रॉड से वार कर दिया।

इस वारदात में संदीप की मौके पर मौत हो गई। मृतक संदीप भी प्राइवेट गार्ड की नौकरी करता है। इस वारदात के बाद पुलिस ने शराब भट्टी के गार्ड भींगराज बघेल को गिरफ्तार कर लिया है।

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महासमुंद। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद हेमंत नंदनवार ने ग्राम पंचायत बांसकुड़ा के सचिव जगदीश ध्रुव को अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता, लापरवाही तथा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। पंचायत कार्यों की निरंतरता बनाए रखने हेतु ग्राम पंचायत छपोराडीह के सचिव किशोर कुमार ध्रुव को ग्राम पंचायत बांसकुड़ा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक 1206.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1626.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 549.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1158.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 1000.5 मि.मी., गरियाबंद में 1226.4 मि.मी., महासमुंद में 1050.4 मि.मी. और धमतरी में 1147.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1200.8 मि.मी., मुंगेली में 1171.3 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1406.8 मि.मी., सक्ती में 1271.8 मि.मी., कोरबा में 1179.1 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1111.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 883.9 मि.मी., राजनांदगांव में 1008.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1458.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 907.6 मि.मी. और बालोद में 1315.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 798.7 मि.मी., सूरजपुर में 1177.7 मि.मी., बलरामपुर में 1579.3 मि.मी., जशपुर में 1105.3 मि.मी., कोरिया में 1248.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1134.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 1206.4 मि.मी., कांकेर में 1415.2 मि.मी., नारायणपुर में 1472.6 मि.मी., दंतेवाड़ा जिले में 1622.4 मि.मी., सुकमा जिले में 1302.6 मि.मी. और बीजापुर जिले में 1615.0 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

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जगदलपुर। भारत आज उस दिशा में तेज़ी से अग्रसर है, जहां आत्मनिर्भरता केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का आधार बन चुका है। इस संदर्भ में आज आयोजित प्रेसवार्ता में केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” विज़न पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, उत्पादन और नवाचार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। भाजपा जिला कार्यालय में पत्रवार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारत को रक्षा क्षेत्र में मिली आत्मनिर्भरता को सशक्त प्रतीक के रूप में स्थापित किया है। इस ऑपरेशन में भारतीय निर्मित हथियारों, स्वदेशी तकनीक और आधुनिक सैन्य उपकरणों ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर नहीं है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा संरचना में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्हाेने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं और नवप्रवर्तकों से भारत में ही जेट इंजन विकसित करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही अपना “मेड इन इंडिया” सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च करेगा, जो 2025 तक तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। केदार कश्यप कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में भारत अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाने जा रहा है।

मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि भारत ने 2030 के लक्ष्य को पांच वर्ष पहले ही पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि हम सौर, परमाणु, जलविद्युत और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुके हैं। यह न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि युवाओं और किसानों के भविष्य को भी सुरक्षित करता है। प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र की भागीदारी से परमाणु ऊर्जा क्षमता को भारत की आज़ादी के 100वें वर्ष तक दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। केदार कश्यप कहा कि ऊर्जा, रक्षा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए भारत ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है। इसके तहत 1200 नए खनिज स्थलों की खोज जारी है। श्री कश्यप ने कहा कि खनिजों पर नियंत्रण से भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और औद्योगिक स्वायत्तता और भी मज़बूत होगी। भारत ने अपने गहरे समुद्री क्षेत्रों से ऊर्जा संसाधनों की खोज और दोहन का निर्णय लिया है। इससे विदेशी ईंधन आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नया आयाम मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को सशक्त करने के लिए घरेलू स्तर पर उर्वरकों के उत्पादन पर बल दिया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र स्वतंत्र रूप से फलता-फूलता रहेगा और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की है कि वे भारत के अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल सिस्टम विकसित करें। उन्होंने कहा कि भारत अब डिजिटल डेटा, संचार और साइबर सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि भारत दुनिया की “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” है। अब ज़रूरत है कि भारत अपनी ही प्रयोगशालाओं में नई दवाएँ और वैक्सीन विकसित करे।श्री कश्यप ने कहा कि कोविड काल में जब पूरी दुनिया कोरोना की विभीषिका का दंश झेल रही थी, तब भारत के स्वदेशी टीके को-वैक्सीन एवं कोविशील्ड ने दुनिया को नई दिशा दी, अब यही मॉडल स्थायी आत्मनिर्भरता की नींव बनेगा।

केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के नागरिकों और व्यवसायियों से अपील की गयी है कि वे भारतीय वस्तुओं का उपयोग करें और “स्वदेशी” को गर्व से अपनाएं। केदार कश्यप ने कहा – अब समय है कि हर दुकान के बाहर ‘स्वदेशी अपनाएँ, भारत बढ़ाएं’ जैसे बोर्ड लगें। यही आत्मनिर्भर भारत की पहचान बने। पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर तक स्वदेशी को बढ़ावा देने जन जन को स्वदेशी उत्पाद का उपयोग हेतू प्रेरित करने भारतीय जनता पार्टी विशेष कार्यक्रम भी चला रही है। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने “मिशन सुदर्शन चक्र” की शुरुआत की घोषणा की है। यह मिशन दुश्मन की रक्षा घुसपैठ को निष्प्रभावी करेगा और भारत की आक्रामक रक्षा क्षमताओं को मज़बूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह मिशन श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित है, जो भारत की सैन्य क्षमता और सांस्कृतिक परंपरा दोनों का प्रतीक है।

वनमंत्री केदार कश्यप का संदेश

प्रेसवार्ता के अंत में केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता के उस युग में प्रवेश कर चुका है, जहां स्वदेशी नवाचार, तकनीकी श्रेष्ठता और सांस्कृतिक गर्व ये तीनों एक साथ भारत को विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।

आज की प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे, पूर्व विधायक लच्छूराम कश्यप, विद्याशरण तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, योगेंद्र पाण्डेय, नरसिंह राव, महापौर संजय पाण्डे, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, आर्येन्द्र सिंह आर्य, आलोक अवस्थी, पश्चिम नगर मंडल अध्यक्ष प्रकाश झा, दिनेश के.जी., प्रकाश रावल एवं ब्रिजेश शर्मा उपस्थित रहे।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की नौ (9) क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की मान्यता अब ख़तरे में है। इन दलों पर वित्तीय अनियमितताओं और चुनावी खर्च का ब्यौरा समय पर जमा न करने का गंभीर आरोप है। राज्य निर्वाचन आयोग में इन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद, अब अंतिम निर्णय के लिए यह मामला केंद्रीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) को भेज दिया गया है। केंद्रीय आयोग अगले एक महीने के भीतर यह तय करेगा कि इन दलों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) बरकरार रखा जाए या उन्हें पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाए।

खतरे में इन 9 पार्टियों की मान्यता

जिन क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द होने की तलवार लटक रही है, उनकी सूची इस प्रकार है:

भारत भूमि पार्टी

भारतीय जनता सेक्युलर पार्टी

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच

छत्तीसगढ़ विकास गंगा राष्ट्रीय पार्टी

छत्तीसगढ़ समाज पार्टी

छत्तीसगढ़िया पार्टी

पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड

राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी

वित्तीय अनियमितता और खर्च रिपोर्ट में चूक मुख्य कारण

निर्वाचन आयोग की कार्रवाई का मुख्य आधार इन दलों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन न करना है। इन पार्टियों पर मुख्य रूप से दो बड़े आरोप हैं:

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य की नौ (9) क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की मान्यता अब ख़तरे में है। इन दलों पर वित्तीय अनियमितताओं और चुनावी खर्च का ब्यौरा समय पर जमा न करने का गंभीर आरोप है। राज्य निर्वाचन आयोग में इन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद, अब अंतिम निर्णय के लिए यह मामला केंद्रीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) को भेज दिया गया है। केंद्रीय आयोग अगले एक महीने के भीतर यह तय करेगा कि इन दलों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) बरकरार रखा जाए या उन्हें पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाए।

खतरे में इन 9 पार्टियों की मान्यता

जिन क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द होने की तलवार लटक रही है, उनकी सूची इस प्रकार है:

भारत भूमि पार्टी

भारतीय जनता सेक्युलर पार्टी

भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच

छत्तीसगढ़ विकास गंगा राष्ट्रीय पार्टी

छत्तीसगढ़ समाज पार्टी

छत्तीसगढ़िया पार्टी

पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड

राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी

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